मुंगावली रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं का अभाव आज हमने मुंगावली के रेलवे स्टेशन पर जाकर आगामी करीला मेला मेला की व्यवस्थाओं का जायजा किया और हमने देखा की रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए पानी पीने की व्यवस्था बिल्कुल भी नहीं है और ना ही सुरक्षा व्यवस्था का कोई इंतजाम है जिससे आगामी करीला मेला जो की बहुत बड़ा पर्व है लगभग 25 लाख लोग प्रतिवर्ष इस मेले में देश के अलग-अलग राज्यों से पधारते हैं उनमें से लगभग 25 परसेंट लोग ट्रेनों से आते हैं उनके लिए स्टेशन पर ना तो पानी पीने का इंतजाम है और ना ही धूप से बचने के लिए प्लेटफार्म नंबर दो पर ना टीम सेट है ना सफाई व्यवस्था है और ना ही शौचालय में सफाई व्यवस्था है हमने स्टेशन पर जाकर वॉल मन से बात की उनका कहना है कि वह अपना कार्य नियम अनुसार कर रहे हैं लेकिन स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण वहां के लोग पीने के लिए लगी हुई टोटी निकाल ले जाते हैं और उनको भी धमकी देते हैं कि अगर हमें पानी नहीं भरने दोगे तो आपको नौकरी नहीं करने देंगे प्रतिवर्ष रंग पंचमी पर बड़ी संख्या में लोगों का मुंगावली स्टेशन से आना-जाना होता है इन सुविधाओं के अभाव में लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा रेलवे का कोई भी अधिकारी कर्मचारी इस विषय में सही से जवाब देने को तैयार नहीं है
मुंगावली रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं का अभाव आज हमने मुंगावली के रेलवे स्टेशन पर जाकर आगामी करीला मेला मेला की व्यवस्थाओं का जायजा किया और हमने देखा की रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए पानी पीने की व्यवस्था बिल्कुल भी नहीं है और ना ही सुरक्षा व्यवस्था का कोई इंतजाम है जिससे आगामी करीला मेला जो की बहुत बड़ा पर्व है लगभग 25 लाख लोग प्रतिवर्ष इस मेले में देश के अलग-अलग राज्यों से पधारते हैं उनमें से लगभग 25 परसेंट लोग ट्रेनों से आते हैं उनके लिए स्टेशन पर ना तो पानी पीने का इंतजाम है और ना ही धूप से बचने के लिए प्लेटफार्म नंबर दो पर ना टीम सेट है ना सफाई व्यवस्था है और ना ही शौचालय में सफाई व्यवस्था है हमने स्टेशन पर जाकर वॉल मन से बात की उनका कहना है कि वह अपना कार्य नियम अनुसार कर रहे हैं लेकिन स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण वहां के लोग पीने के लिए लगी हुई टोटी निकाल ले जाते हैं और उनको भी धमकी देते हैं कि अगर हमें पानी नहीं भरने दोगे तो आपको नौकरी नहीं करने देंगे प्रतिवर्ष रंग पंचमी पर बड़ी संख्या में लोगों का मुंगावली स्टेशन से आना-जाना होता है इन सुविधाओं के अभाव में लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा रेलवे का कोई भी अधिकारी कर्मचारी इस विषय में सही से जवाब देने को तैयार नहीं है
- मुंगावली। माननीय अध्यक्ष महोदय तहसील विधिक सेवा समिति/ प्रथम जिला न्यायाधीश मुंगावली जिला अशोक नगर के आदेशानुसार ग्राम पंचायत बाडोली में श्रीमती पारूल चौकसे न्यायाधीश महोदय द्बारा आगामी नेशनल लोक अदालत के विषय में ग्राम पंचायत में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। उक्त शिविर में वर्तमान परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए उपस्थित लोगों को दीवानी प्रकरण एवं महिला संबंधी प्रकरणों में जागरूक किया उक्त शिविर में ग्राम पंचायत बाडोली से सरपंच पंचायत सचिव एवं अधिक संख्या में ग्राम पंचायत के निवासी उपस्थित रहे।4
- मुंगावली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की सूचना जिस मशीन से दी जाती है वह मुंगावली स्टेशन पर करीबन 2 साल से उपलब्ध होने के बावजूद भी उसका संचालन रेलवे द्वारा अभी तक नहीं किया गया है यही जानने के लिए आज हम मुंगावली के रेलवे स्टेशन पर जाकर रेलवे के रंग पंचमी परकर्मचारियों से पूछना चाह की आखिर उसे मशीन का संचालन क्यों नहीं किया जा रहा है जिस पर रेलवे कर्मचारियों द्वारा कोई भी स्पष्ट रूप से जवाब नहीं दिया गया जैसा कि हम सब जानते हैं है कि प्रतिवर्ष रंग पंचमी के अवसर पर करीला मेला का आयोजन किया जाता है जिसमें देशभर से लगभग 25 लाख श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं और ऐसी सुविधाओं के बीच मेला में आने वाले यात्रियों को कितनी सुविधाओं का सामना करना पड़ेगा मेरा रेलवे के अधिकारियों से विनम्र निवेदन है कि जल्द से जल्द मशीन का संचालन किया जाए जिससे यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिलने लगे1
- लोकल न्यूज श्री पंचमुखी सेवा समिति के तत्वाधान में उज्जवल विहार कॉलोनी में किया गया विशाल भंडारे का आयोजन1
- बीना के रामसागर में शादी के एक साल बाद नवविवाहिता ने दी जान,ससुराल पर गंभीर आरोप,नवविवाहिता की मौत से सनसनी, दहेज प्रताड़ना के आरोपों की जांच शुरू जानकारी के अनुसार ग्राम पातखेड़ा निवासी दीक्षा की शादी करीब एक वर्ष पूर्व रामसागर निवासी गोविंद अहिरवार के साथ हुई थी। बताया जा रहा है कि बीती रात दीक्षा ने अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों को घटना की सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे।1
- पाली में गड्ढे में गिरी गाय, गंभीर रूप से घायल — लोगों ने कड़ी मशक्कत कर बचाया पाली नगर पंचायत क्षेत्र में लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। नगर पंचायत द्वारा लाइन बिछाने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में एक गाय गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना पाली रेंज चौकी तिराहा के समीप स्थित विष्णु भैय्या पेट्रोल पंप के पास की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्षेत्र में पाइप/लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है, जिसके चलते सड़क किनारे गहरे गड्ढे खोदे गए हैं। सुरक्षा इंतजाम और बैरिकेडिंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण गाय अचानक गड्ढे में गिर गई। गिरने के दौरान उसे गंभीर चोटें आईं और वह बाहर निकलने में असमर्थ रही। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। लोगों ने रस्सियों और लकड़ी की सहायता से करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गाय को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल अवस्था में गाय को प्राथमिक उपचार दिलाने की व्यवस्था की गई। स्थानीय नागरिकों ने निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि गड्ढों के आसपास न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही पर्याप्त घेराबंदी की गई है, जिससे राहगीरों और मवेशियों की जान खतरे में पड़ रही है। लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए तथा खुले गड्ढों को तुरंत ढकने या चारों ओर मजबूत बैरिकेडिंग करने की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पर किया बड़ा प्रहार, AI Impact Summit में प्रदर्शन को बताया माँ भारती की अस्मिता पर चोट केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को उज्जैन में ग्रामीण डाक सम्मेलन को संबोधित करते हुए AI Impact Summit में किए गए प्रदर्शन के लिए कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा। केंद्रीय मंत्री ने इस प्रदर्शन को निंदनीय करार देते हुए कहा कि देश की छवि को धूमिल करने वाले कांग्रेस के इस कृत्य की आलोचना जितने शब्दों में की जाए, वो कम है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि यह मंच विश्व को भारत की AI क्षमता को दिखाने का अवसर था जिसमें लगभग 90 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि आए थे। ऐसे मंच पर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करना भारत माता की अस्मिता पर चोट है। यह दिखाता है कि कांग्रेस की मानसिकता में भारत विरोध गहराई तक भरा हुआ है। *केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उज्जैन की पावन धरा पर ग्रामीण डाक सेवकों का किया सम्मान* *कांग्रेस के प्रदर्शन को केंद्रीय मंत्री ने बताया निंदनीय और भारत की अस्मिता पर प्रहार* *प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप भारतीय डाक को विश्व की सबसे बड़ी लॉजिस्टिक्स शक्ति बनाने का संकल्प: सिंधिया* *मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में सर्वांगीण विकास के पथ पर अग्रसर है मध्य प्रदेश केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को उज्जैन में ग्रामीण डाक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्रामीण डाक सेवकों को सम्मानित किया और भारतीय डाक की बदलती भूमिका तथा भविष्य की दिशा पर विस्तार से प्रकाश डाला। सम्मेलन में प्रदेशभर से आए डाक सेवकों की उपस्थिति ने इसे एक प्रेरक और ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम सेवा, समर्पण और राष्ट्रनिर्माण की भावना से ओतप्रोत रहा। सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने AI Impact Summit में किए गए प्रदर्शन के लिए कांग्रेस पर भी सीधा निशाना साधा। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी उपस्थित रहे। *जब डाकिया चलता है तो देश चलता है:सिंधिया* केन्द्रीय संचार मंत्री सिंधिया ने कहा कि डाक सेवक केवल चिट्ठियाँ नहीं पहुँचाते, बल्कि वे राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत कड़ी और ग्रामीण भारत के भरोसे का जीवंत प्रतीक हैं। जब डाकिया चलता है, तो भारत चलता है कहते हुए उन्होंने डाक सेवकों को तकनीक और समाज के बीच सबसे विश्वसनीय सेतु बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि 1.6 लाख से अधिक पोस्ट ऑफिस और करोड़ों नागरिकों का अटूट विश्वास भारतीय डाक को वैश्विक स्तर पर एक अद्वितीय पहचान देता है। *मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश बन रहा है सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास का संगम* उज्जैन और मध्य प्रदेश के समग्र विकास का उल्लेख करते हुए सिंधिया ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में उज्जैन सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास का अद्भुत संगम बन रहा है। महाराजा विक्रमादित्य की गौरवगाथा को सहेजने से लेकर शिप्रा नदी की पवित्रता और वैदिक परंपराओं के पुनर्स्थापन तक, प्रदेश सरकार ने उज्जैन को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। *तीव्र परिवर्तनों के अग्रदूत बनें डाक सेवक* केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय डाक विभाग तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। आज पोस्ट ऑफिस केवल पारंपरिक सेवाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल बैंकिंग, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, ई-कॉमर्स पार्सल और सरकारी योजनाओं के वितरण के आधुनिक केंद्र बन चुके हैं। उन्होंने डाक सेवकों से आह्वान किया कि वे नई तकनीकों को अपनाते हुए इस परिवर्तन के अग्रदूत बनें। *दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत कर्मयोगियों का परिश्रम ही है भारतीय डाक की असली पूंजी* सम्मेलन के दौरान उत्कृष्ट सेवा देने वाले डाक सेवकों को सम्मानित करते हुए सिंधिया ने कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत इन कर्मयोगियों का परिश्रम ही भारतीय डाक की असली पूंजी है। उनका समर्पण ही ग्रामीण भारत में विश्वास की डोर को मजबूत बनाए रखता है। केन्द्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सेवा, समर्पण और नवाचार की इसी भावना के साथ भारतीय डाक विभाग ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा और देश को विश्व की सबसे बड़ी लॉजिस्टिक्स शक्ति के रूप में स्थापित करेगा।1
- Post by Devendra Ashoknagar Jay Shri R1
- आज हमने मुंगावली के रेलवे स्टेशन पर जाकर आगामी करीला मेला मेला की व्यवस्थाओं का जायजा किया और हमने देखा की रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए पानी पीने की व्यवस्था बिल्कुल भी नहीं है और ना ही सुरक्षा व्यवस्था का कोई इंतजाम है जिससे आगामी करीला मेला जो की बहुत बड़ा पर्व है लगभग 25 लाख लोग प्रतिवर्ष इस मेले में देश के अलग-अलग राज्यों से पधारते हैं उनमें से लगभग 25 परसेंट लोग ट्रेनों से आते हैं उनके लिए स्टेशन पर ना तो पानी पीने का इंतजाम है और ना ही धूप से बचने के लिए प्लेटफार्म नंबर दो पर ना टीम सेट है ना सफाई व्यवस्था है और ना ही शौचालय में सफाई व्यवस्था है हमने स्टेशन पर जाकर वॉल मन से बात की उनका कहना है कि वह अपना कार्य नियम अनुसार कर रहे हैं लेकिन स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण वहां के लोग पीने के लिए लगी हुई टोटी निकाल ले जाते हैं और उनको भी धमकी देते हैं कि अगर हमें पानी नहीं भरने दोगे तो आपको नौकरी नहीं करने देंगे प्रतिवर्ष रंग पंचमी पर बड़ी संख्या में लोगों का मुंगावली स्टेशन से आना-जाना होता है इन सुविधाओं के अभाव में लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा रेलवे का कोई भी अधिकारी कर्मचारी इस विषय में सही से जवाब देने को तैयार नहीं है1