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डॉक्टर संतोष गोयल की कहानी,उन्हीं की जुबानी वायरल होने के बाद इंडियन आर्मी ने रेस्क्यू कर के अपने साथ ले गई। अब डॉक्टर साब फिर से पढ़ाएंगे बच्चों को
रमेश सिंह
डॉक्टर संतोष गोयल की कहानी,उन्हीं की जुबानी वायरल होने के बाद इंडियन आर्मी ने रेस्क्यू कर के अपने साथ ले गई। अब डॉक्टर साब फिर से पढ़ाएंगे बच्चों को
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- डॉक्टर संतोष गोयल की कहानी,उन्हीं की जुबानी वायरल होने के बाद इंडियन आर्मी ने रेस्क्यू कर के अपने साथ ले गई। अब डॉक्टर साब फिर से पढ़ाएंगे बच्चों को1
- नागौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बिना नंबर प्लेट और काले शीशों वाले 8 वाहन जब्त, यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, शहर में चला विशेष नागौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बिना नंबर प्लेट और काले शीशों वाले 8 वाहन जब्त, यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, शहर में चला विशेष अभियान ।, नागौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बिना नंबर प्लेट और काले शीशों वाले 8 वाहन जब्त नागौर पुलिस ने यातायात नियमो ं की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। नागौर के कोतवाली थाना क्षेत्र में बिना नंबर प्लेट, काले शीशों तथा नंबर प्लेटो में छेड़छाड़ कर चलाए जा रहे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत कुल 8 वाहनों को जब्त किया गया। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देशन में की गई। अभियान के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी और वृत्ताधिकारी जितिन जैन के सुपरविजन मे थाना कोतवाली नागौर पुलिस टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों मे जांच अभियान चलाया। पुलिस ने ऐस ेवाहनों को रोका जो मोटर वाहन अधिनियम एवं यातायात नियमो का उल्लंघन करते पाए गए। पुलिस द्वारा जब्त किए गए वाहनो ं में दो महिंद्रा थार, दो कैंपर गाड़ियां, एक स्विफ्ट कार, एक स्कॉर्पियो, एक वेन्यू कार और एक ऑल्टो कार शामिल हैं। इनमें कुछ वाहन बिना नंबर प्लेट के थे, जबकि कई वाहनो पर काले शीशे और फैंसी नंबर प्लेट लगी हुई थीं।1
- रियान बड़ी में तेज बारिश के बाद ओलावृष्टि, यातायात ठप; ग्वार, टिंडा, लौकी, कद्दू और तरबूज की फसलों को भारी नुकसान की आशंका रियान बड़ी में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के साथ ओलावृष्टि शुरू होने से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ ही मिनटों में सड़कें सफेद ओलों से ढक गईं और यातायात की रफ्तार पूरी तरह थम गई। वाहन चालकों को सुरक्षित स्थानों पर रुकना पड़ा, वहीं राहगीरों ने दुकानों और मकानों में शरण ली। अचानक हुई इस ओलावृष्टि से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। तेज हवा के कारण आसपास के क्षेत्रों में कई पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा। खेतों और सड़कों के किनारे लगे छोटे पेड़ झुक गए, जबकि कई जगह डालियां टूटकर गिर गईं। ग्रामीणों के अनुसार पहले तेज बारिश शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर बाद बड़े आकार के ओले गिरने लगे, जिससे लोग घबराकर घरों में दुबक गए। ओलावृष्टि का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। इस समय क्षेत्र में जायद की फसलें तैयार अवस्था में हैं। ग्वार, टिंडा, लौकी, कद्दू और तरबूज जैसी फसलों को ओलों से भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि तेज बारिश से फसलों को अपेक्षाकृत कम नुकसान होता है, लेकिन ओले गिरने से फल और सब्जियां फट जाती हैं तथा पौधों को सीधा नुकसान पहुंचता है। तरबूज और लौकी के फलों के फूटने की संभावना भी बढ़ गई है। कई किसानों ने बताया कि अचानक हुई इस प्राकृतिक मार से उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है। खेतों में खड़ी सब्जियों और बेल वाली फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से फसल खराबे का सर्वे करवाकर किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। मौसम के अचानक बदले मिजाज ने पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।1
- *रियांबड़ी नागौर 87 वर्ष की आयु में ब्रह्मलीन हुए पीर श्री 1008 मंगलनाथ जी महाराज* श्री भूचरनाथ धाम बड़ा आसन में संत समाज और श्रद्धालुओं ने नम आंखों से दी विदाई । थांवला क्षेत्र के निकट स्थित ग्राम बड़ा आसन के प्रसिद्ध श्री भूचरनाथ जी धाम के मठाधीश पीर श्री श्री 1008 मंगलनाथ जी महाराज गुरुवार शाम ब्रह्मलीन हो गए। 87 वर्ष की आयु में उन्होंने मंदिर परिसर में अंतिम सांस ली। उनके देवलोकगमन की खबर फैलते ही आसपास के गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से श्रद्धालुओं और संतों का धाम में पहुंचना शुरू हो गया। संत समाज से मिली जानकारी के अनुसार पीर श्री मूल रूप से नेपाल के काठमांडू निवासी थे। करीब 35 वर्ष की आयु में उन्होंने भर्तहरी वैराग नाथ संप्रदाय को अपनाकर सांसारिक जीवन त्याग दिया था। इसके बाद उन्होंने विभिन्न धार्मिक स्थलों पर तपस्या और भक्ति साधना की। 14 नवंबर 1998 को वे बड़ा आसन स्थित श्री भूचरनाथ धाम पहुंचे और पिछले 28 वर्षों से लगातार यहां साधना और सेवा में लीन रहे। गुरुवार रात मंदिर परिसर में उनके पार्थिव शरीर को भक्तों के अंतिम दर्शन के लिए विराजित किया गया। पूरी रात भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा। शुक्रवार को भर्तहरी वैराग संत महापुरुषों और विभिन्न मठों के मठाधीशों के सानिध्य में अंतिम बैकुंठ यात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उन्हें भावभीनी विदाई दी। मंदिर परिसर में विधि-विधान के साथ उन्हें समाधि दी गई। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से पुष्पांजलि अर्पित कर माथा टेकते हुए अंतिम विदाई दी। संत समाज के अनुसार शनिवार को परंपरा के अनुसार इस गद्दी पर नए मठाधीश को चादर ओढ़ाकर विराजमान करने का निर्णय लिया जाएगा, जिस पर संत समाज और ग्रामीणों की सहमति से अंतिम मुहर लगेगी।3
- सीकर में सैनी समाज के लोगों ने बिना दहेज के सादगी पूर्ण सगाई के साथ-साथ शादी की रस्म भी पुरी की गई *यह लोग सगाई की रश्म पूरी करने के लिए आए थे पूरे परिवार एकत्रित होने के कारण रश्म पूरी हो गई उसके बाद शादी की भी रश्म पूरी हो गई जैतारण से राधेश्याम दाधीच की रिपोर्ट1
- पश्चिम बंगाल में TMC ने राज्य के सभी निजी टोल प्लाजा बंद करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है और वे बेहद प्रसन्न हैं।1
- नागौर जिले के मूंडवा में राजस्थान पैंशनर्स समाज ने ब्लॉक स्तरीय बैठक आयोजित की। इस दौरान पेंशनरों की समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ और सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। सभी सदस्यों ने 'एक सबके लिए, सब एक के लिए' के सिद्धांत पर काम करने का संकल्प लिया।1
- डॉक्टर संतोष गोयल आँखें खराब होने के कारण शिक्षक की नौकरी NDA ने निकाल दिया था। अब भारतीय सेना ने फिर से उनको शिक्षक की नौकरी दी,एक शिक्षक का खोया हुआ सम्मान वापस देकर भारतीय सेना को सलूट1