मीरजापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के गलरा गांव में शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे हरिहर प्रसाद पांडेय के घर के सामने आवारा कुत्तों के एक झुंड ने घड़रोज (नीलगाय) के मादा बच्चे पर हमला कर दिया। इस हमले में घड़रोज बुरी तरह जख्मी होकर खेत में गिर पड़ा। रास्ते से गुजर रहे ग्रामीणों ने शोरगुल मचाया और साहस दिखाते हुए खेत में पड़े ढेलों को फेंककर कुत्तों को भगाया, जिससे घड़रोज की जान बच सकी। ग्रामीणों में राम प्रसाद पांडेय की पत्नी अनारकली पांडेय ने सबसे पहले शोर मचाया, जिसके बाद ब्रह्मानंद मिश्र और मुद्रिका केसरवानी ने कुत्तों को भगाने में सक्रिय भूमिका निभाई। घायल घड़रोज के उपचार के लिए ग्रामीण ब्रह्मानंद मिश्र ने तत्काल वन विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर और हेल्पलाइन नंबर 1076 पर संपर्क साधा। ग्रामीणों की इस सूचना के तीन घंटे बाद वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। वन दारोगा अभिषेक सिंह और सर्वेश्वर पटेल ने ग्रामीणों की मदद से घायल घड़रोज को एक कार में लादा। घायल घड़रोज को ड्रमंडगंज स्थित वन रेंज कार्यालय ले जाया गया, जहाँ उसका उपचार किया जा रहा है। वन दारोगा अभिषेक सिंह ने बताया कि घड़रोज की हालत अब सामान्य है।
मीरजापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के गलरा गांव में शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे हरिहर प्रसाद पांडेय के घर के सामने आवारा कुत्तों के एक झुंड ने घड़रोज (नीलगाय) के मादा बच्चे पर हमला कर दिया। इस हमले में घड़रोज बुरी तरह जख्मी होकर खेत में गिर पड़ा। रास्ते से गुजर रहे ग्रामीणों ने शोरगुल मचाया और साहस दिखाते हुए खेत में पड़े ढेलों को फेंककर कुत्तों को भगाया, जिससे घड़रोज की जान बच सकी। ग्रामीणों में राम प्रसाद पांडेय की पत्नी अनारकली पांडेय ने सबसे पहले शोर मचाया, जिसके बाद ब्रह्मानंद मिश्र और मुद्रिका केसरवानी ने कुत्तों को भगाने में सक्रिय भूमिका
निभाई। घायल घड़रोज के उपचार के लिए ग्रामीण ब्रह्मानंद मिश्र ने तत्काल वन विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर और हेल्पलाइन नंबर 1076 पर संपर्क साधा। ग्रामीणों की इस सूचना के तीन घंटे बाद वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। वन दारोगा अभिषेक सिंह और सर्वेश्वर पटेल ने ग्रामीणों की मदद से घायल घड़रोज को एक कार में लादा। घायल घड़रोज को ड्रमंडगंज स्थित वन रेंज कार्यालय ले जाया गया, जहाँ उसका उपचार किया जा रहा है। वन दारोगा अभिषेक सिंह ने बताया कि घड़रोज की हालत अब सामान्य है।
- विंध्याचल क्षेत्र अंतर्गत रेहड़ा पुल से पहले स्थित वर्षों पुराना रुद्रेश्वर महादेव मंदिर शनिवार को एक क्रेन की टक्कर से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना के बाद, गाँव की बड़ी संख्या में महिला-पुरुष तत्काल मौके पर पहुँच गए और अपना कड़ा विरोध जताना शुरू कर दिया, जिससे क्षेत्र में धार्मिक आस्था से जुड़े लोगों में भारी नाराजगी फैल गई। सूचना मिलते ही, क्षेत्राधिकारी अमित कुमार, विंध्याचल थाना प्रभारी और धाम चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। क्षेत्राधिकारी अमित कुमार ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और उन्हें आश्वस्त किया कि मंदिर का पुनर्निर्माण कराया जाएगा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्रेन चालक सुजीत सिंह पुत्र गुलाब सिंह (50 वर्ष, देवरी) को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। क्षेत्राधिकारी अमित कुमार ने बताया कि मंदिर का निर्माण क्रेन मालिक द्वारा कराया जाएगा, और यदि क्रेन मालिक ऐसा करने में विफल रहता है, तो उनके नेतृत्व में मंदिर का पुनर्निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा। ग्रामीण अब इस घटना के दोषी चालक और क्रेन मालिक पर कड़ी कार्रवाई करने और मंदिर का निर्माण जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।1
- प्रयागराज में नवजीवन तैराकी क्लब द्वारा आयोजित तैराकी प्रशिक्षण शिविर में एक असाधारण उपलब्धि देखने को मिली। कीडगंज, प्रयागराज की निवासी तीन वर्षीय श्री विश्वकर्मा ने आज सुबह मात्र 14 मिनट 32 सेकंड में विशाल यमुना नदी को ब्रेस्ट स्ट्रोक से तैरकर पार कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। यह प्रदर्शन नवजीवन तैराकी क्लब के तत्वावधान में प्रशिक्षित तैराकों द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण के तहत किया गया। श्री विश्वकर्मा ने, जो परमेंद्र विश्वकर्मा और रश्मि विश्वकर्मा की पुत्री हैं, अपने प्रशिक्षक त्रिभुवन निषाद के साथ आज सुबह 6:45 बजे मीरपुर सिंधु सागर घाट (बरगद घाट) से तैरना शुरू किया। यमुना नदी में उतरने से पहले उन्होंने लेटे हुए हनुमान जी और शंकर जी के दर्शन भी किए। इस दौरान, राज्य ललित कला अकादमी, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के सदस्य विख्यात कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जिन्होंने इस असाधारण घटना को अपनी आँखों से देखा। नन्ही श्री विश्वकर्मा ने लगभग 500 मीटर की यह दूरी ब्रेस्ट स्ट्रोक से पूरी की। जब नन्ही श्री विश्वकर्मा यमुना नदी पर 'मछली की तरह' अपने छोटे-छोटे हाथों से आगे बढ़ रही थीं, तो उनके साथ चल रही नाव पर उनकी दादी अरुणा विश्वकर्मा, माता रश्मि, पिता परमेंद्र, मौसी निशा, मामा दीपक, बूआ शिल्पी, फूफा अमित, भाई आरव और बहन श्रीनिका विश्वकर्मा सहित दर्जनों नावों में सैकड़ों दर्शक मौजूद थे। सभी इस आश्चर्यचकित कर देने वाली उपलब्धि को देख रहे थे और 'गंगा मैया की जय', 'जमुना मैया की जय' और 'विश्वकर्मा भगवान की जय' के नारों से नदी गूँज उठी थी। यमुना नदी पार करने के उपरांत, श्री विश्वकर्मा ने अपनी प्रशिक्षिका कमला निषाद, प्रशिक्षक त्रिभुवन निषाद और मानस निषाद के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों के साथ मां यमुना की पूजा की और उपस्थित सभी लोगों को प्रसाद वितरित किया। इसके तुरंत बाद, मुख्य अतिथि रवीन्द्र कुशवाहा ने 'नन्ही जलपरी' श्री विश्वकर्मा को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस उपलब्धि के सम्मान में देखते ही देखते और भी कई लोगों ने उन्हें पुरस्कृत करने के लिए लाइन लगा दी। इस प्रकार, तीन वर्षीय श्री विश्वकर्मा ने विशाल यमुना नदी को तैरकर पार करते हुए एक नया और 'आश्चर्यजनक रिकॉर्ड' स्थापित किया।4
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- मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सचिन किशोर के निर्देश पर मीरजापुर स्थित एक संस्थान में अग्निशमन एवं अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के प्रति जागरूक करना था। इस प्रशिक्षण में चिकित्सक अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार सिंह, मैनेजर शिवांगी शुक्ला, मैनेजर पूजा और सहायक मातृका तारा देवी सहित अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया। अग्निशमन अधिकारी अनिल कुमार ने उपस्थित सभी कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्रों के सुरक्षित एवं सही उपयोग, आग लगने पर प्राथमिक बचाव, सुरक्षित निकासी (इवैक्यूएशन) तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली आवश्यक सावधानियों का विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के नियमित प्रशिक्षण से कर्मचारियों की आपदा प्रबंधन क्षमता मजबूत होती है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- मिर्ज़ापुर जिले के विभिन्न इलाकों से कुल 72 ताज़िए निकले, जिन्हें पूरे भाईचारे के माहौल के बीच कर्बला में सुपुर्दे-खाक कर दिया गया।1
- मीरजापुर के नगर विधायक पंडित रत्नाकर मिश्रा ने शुक्रवार को मंडलीय अस्पताल का दौरा कर शिवपुर वार्ड के एक सभासद का स्वास्थ्य हालचाल जाना। इस दौरान विधायक ने चिकित्सकों से सभासद के उपचार के संबंध में जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने सभासद के परिजनों से भी मुलाकात की, उन्हें ढाढस बंधाया और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। विधायक के अस्पताल पहुंचने पर सभासद अलंकार जायसवाल, किशन कसेरा, सतीश उपाध्याय, सभासद पति अजय मोदनवाल, इंद्रजीत, ऋषभ जायसवाल, रुपेश यादव और राजकुमार सहित नगर क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी मौजूद लोगों ने विधायक पंडित रत्नाकर मिश्रा की इस मानवीय पहल की सराहना की और सभासद के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।1
- मीरजापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के गलरा गांव में शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे हरिहर प्रसाद पांडेय के घर के सामने आवारा कुत्तों के एक झुंड ने घड़रोज (नीलगाय) के मादा बच्चे पर हमला कर दिया। इस हमले में घड़रोज बुरी तरह जख्मी होकर खेत में गिर पड़ा। रास्ते से गुजर रहे ग्रामीणों ने शोरगुल मचाया और साहस दिखाते हुए खेत में पड़े ढेलों को फेंककर कुत्तों को भगाया, जिससे घड़रोज की जान बच सकी। ग्रामीणों में राम प्रसाद पांडेय की पत्नी अनारकली पांडेय ने सबसे पहले शोर मचाया, जिसके बाद ब्रह्मानंद मिश्र और मुद्रिका केसरवानी ने कुत्तों को भगाने में सक्रिय भूमिका निभाई। घायल घड़रोज के उपचार के लिए ग्रामीण ब्रह्मानंद मिश्र ने तत्काल वन विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर और हेल्पलाइन नंबर 1076 पर संपर्क साधा। ग्रामीणों की इस सूचना के तीन घंटे बाद वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। वन दारोगा अभिषेक सिंह और सर्वेश्वर पटेल ने ग्रामीणों की मदद से घायल घड़रोज को एक कार में लादा। घायल घड़रोज को ड्रमंडगंज स्थित वन रेंज कार्यालय ले जाया गया, जहाँ उसका उपचार किया जा रहा है। वन दारोगा अभिषेक सिंह ने बताया कि घड़रोज की हालत अब सामान्य है।2
- मीरजापुर जिले में लालगंज-कलवारी संपर्क मार्ग पर शनिवार को रफ्तार के कहर से एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें तेज रफ्तार कार और बाइक की टक्कर हो गई। यह दुर्घटना इतनी भयानक थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और उस पर सवार दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए, जिससे घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। घायल युवकों की पहचान कुसुम्हा निवासी 19 वर्षीय विशाल पुत्र रमेश कोल और बघैला निवासी 18 वर्षीय विवेक कुमार पुत्र उदय प्रकाश के रूप में हुई है। बताया गया कि दोनों युवक बाइक से कलवारी से लालगंज की ओर जा रहे थे, तभी सामने से आ रही एक कार से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मड़िहान ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद एक युवक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया, जबकि दूसरे घायल का उपचार जारी है। हादसे की खबर मिलते ही पटेहरा पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।1