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चाकू लेकर घूम रहा था पुलिस ने पकड़ कर जेल भेजा
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चाकू लेकर घूम रहा था पुलिस ने पकड़ कर जेल भेजा
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- मेरठ में एक महिला ने प्रॉपर्टी डीलर और उसके भाई पर 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि फ्लैट बेचने के नाम पर उनसे पैसे लिए गए, लेकिन न तो फ्लैट का बैनामा किया गया और न ही रुपये लौटाए गए। आरोप है कि पैसे मांगने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और एक झूठा मुकदमा भी दर्ज कराया गया। शिकायतकर्ता महिला ने अपनी पढ़ाई बीडीएस कालका डेंटल कॉलेज, मेरठ से की थी। कॉलेज में उनकी मुलाकात अंकित शर्मा से हुई थी। अंकित ने उन्हें अपने भाई सुभाष शर्मा से मिलवाया, जो प्रॉपर्टी डीलर का काम करता है। सुभाष शर्मा 125, पंचवटी एन्क्लेव, शताब्दीनगर, परतापुर, मेरठ का निवासी है। शुरुआती दौर में सुभाष ने शिकायतकर्ता को एक फ्लैट किराए पर दिलवाया था। जब महिला ने मकान खरीदने की इच्छा जताई, तो सुभाष ने उन्हें शताब्दीनगर, मेरठ के सेक्टर-4बी स्थित मकान नंबर ए-38 को 25 लाख रुपये में बेचने की पेशकश की। महिला ने सुभाष की बातों पर विश्वास करते हुए अपने, अपने पति और परिवार के सदस्यों के खातों से कुल 25 लाख रुपये सुभाष के भाई अंकित शर्मा और सुभाष के पार्टनर प्रताप मिश्रा के खातों में ट्रांसफर कर दिए। पैसे भेजने के बाद शिकायतकर्ता ने सुभाष और अंकित से बैनामे की तारीख पूछी। सुभाष ने एक सप्ताह के भीतर बैनामा कराने का आश्वासन दिया। हालांकि, एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी बैनामा नहीं हुआ। जब शिकायतकर्ता ने बार-बार बैनामे के बारे में पूछा, तो सुभाष टालमटोल करता रहा। काफी समय बीत जाने के बाद जब शिकायतकर्ता ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी, तो आरोप है कि सुभाष और अंकित ने उनके खिलाफ एक झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि सुभाष ने उन्हें और उनके पति को धमकी दी है कि यदि उन्होंने दोबारा अपने रुपये मांगे तो उन्हें जिंदा नहीं छोड़ा जाएगा। इन धमकियों के बाद से शिकायतकर्ता और उनका परिवार भय के माहौल में जी रहा है। महिला ने बताया कि उन्होंने पहले भी इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पल्लवपुरम थाना पुलिस द्वारा उनके और उनके पति के खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमे में दबिश दी जा रही है। शिकायतकर्ता ने सुभाष, अंकित और प्रताप मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने और उनके खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।1
- “म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के?” बीच सड़क भिड़ीं आईटीआई की छात्राएं, वीडियो हो गई वायरल हरियाणा के करनाल में छात्राओं के बीच सरेआम मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ये सभी लड़कियां आईटीआई की छात्राएं हैं। किसी बात को लेकर शुरू हुआ आपसी विवाद देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया। घटना बीच सड़क की है, जहां छात्राएं एक-दूसरे को धक्का देती और मारपीट करती नजर आईं। मौके पर मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। फिलहाल झगड़े की असली वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है और वायरल वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है।1
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- BAGHPAT DESK:- कोतवाली बागपत निवाडा गांव स्थित एक निजी नर्सिंग होम में गलत उपचार किए जाने से एक युवक की मौत हो गई। आरोप है कि युवक को इलाज के लिए नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, जहां पर लापरवाही के चलते युवक ने दम तोड़ दिया। जनपद मेरठ के उख्लीना गांव निवासी शहादत अली के मुताबिक युवक गुलहसन को अचानक सीने में दर्द उठ गया था। परिचत ने युवक को कोतवाली बागपत निवाडा गांव स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। आरोप है कि नर्सिंग होम में गलत उपचार किए जाने से एक युवक की मौत हो गई। युवक को लेकर जिला अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां पर डाक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। इतना नहीं जब परिजन शव को अपने साथ ले जाने लगे, तो नर्सिंग होम से जुड़े युवक ने उनके साथ गाली-गलौच की और मारपीट भी की। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में आक्रोश फैल गया। उधर कोतवाली बागपत प्रभारी ब्रजेश कुमार का कहना है कि तहरीर के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।1
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- बच्चे के इलाज के नाम पर महिला से छेड़छाड़ करने वाले मौलवी को पुलिस ने पड़कर जेल भेजा1
- भारतीय किसान यूनियन (किसान सभा) की मेरठ जनपद कार्यकारिणी ने 22 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित आगमन के अवसर पर एक शांतिपूर्ण पदयात्रा का आयोजन किया था। यह पदयात्रा किसान-मजदूरों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर गंग नहर (सरधना) से सालावा खेल विश्वविद्यालय तक निकाली जानी थी। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री को किसानों और मजदूरों की गंभीर समस्याओं से अवगत कराते हुए एक विधिवत ज्ञापन सौंपना था। पदयात्रा जिलाध्यक्ष चौधरी निखिल राव के नेतृत्व में आयोजित की जा रही थी। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पदयात्रा शुरू करने के लिए सरधना नहर पर एकत्र हुए। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पदयात्रा रोके जाने के बाद जिलाध्यक्ष चौधरी निखिल राव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने वहीं पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज त्यागी भी धरना स्थल पर पहुंचे। मामला बिगड़ता देख उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सरधना ने तहसीलदार को मौके पर भेजा। पुलिस प्रशासन और तहसीलदार सरधना के अथक प्रयासों से स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित किया गया। इसके बाद संगठन की ओर से किसान-मजदूरों की समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन तहसीलदार सरधना को सौंपा गया। इस दौरान धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में मुंफरीद, सरफराज अंसारी, साबिर अंसारी, शराजुद्दीन, चेयरमैन सहरोज मलिक, रहीश खान, प्रमुख गुप्ता, मनोज पाल, वसीम, अश्वनी, अमित चौधरी सहित बड़ी संख्या में संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन में प्रमुख रूप से सरधना क्षेत्र की फैक्ट्रियों में आरडीएफ कचरे को जलाए जाने से फैल रहे भीषण प्रदूषण का मुद्दा उठाया गया, जिससे किसान-मजदूर और आम नागरिक गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, खेतों में आवारा पशुओं के आतंक से फसलों के नष्ट होने और किसानों पर हमलों की बढ़ती घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। तीसरी प्रमुख समस्या मेरठ जनपद में नकली कीटनाशक दवाइयों की खुलेआम बिक्री थी, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।1
- BAGHPAT DESK:- बागपत में पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर जहरीला पदार्थ खाने वाले फिरोज का एक नया वीडियो सामने आया है। तीन दिन पहले उसने पुलिस पर आरोप लगाते हुए जहरीला पदार्थ खाया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। अब नए वीडियो में फिरोज पुलिस की प्रशंसा कर रहा है और अपनी मानसिक स्थिति को ठीक नहीं बता रहा है। तीन दिन पूर्व फिरोज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया था। इस वीडियो में उसने आरोप लगाया था कि पुलिस उसे बार-बार थाने बुलाकर परेशान कर रही है और उसका उत्पीड़न किया जा रहा है। वीडियो में जहरीला पदार्थ खाने के बाद परिजनों ने उसे बागपत के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ के अस्पताल रेफर कर दिया गया था। अब सामने आए दूसरे वीडियो में फिरोज पुलिस प्रशासन की प्रशंसा कर रहा है। वह कह रहा है कि पुलिस उसका पूरा सहयोग कर रही है। इस वीडियो में फिरोज ने अपनी मानसिक हालत को ठीक नहीं बताया है। तीन दिन के भीतर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाने और फिर उसकी प्रशंसा करने वाले इन दो वीडियो के सामने आने से यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस विरोधाभासी स्थिति को लेकर विभिन्न तरह की बातें की जा रही हैं।1