पोकरण उपखंड अधिकारी (SDM) हीर सिंह चारण ने एक प्रेस वार्ता में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि एकमे सोलर कंपनी से जुड़े कार्मिक और अधिकारी उन पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने मीडिया के सामने स्वीकार किया कि उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ग्रामीणों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देंगे। SDM हीर सिंह ने आगे जानकारी दी कि गुड्डी और जैमला गांव के ग्रामीणों तथा सोलर कंपनियों के बीच चल रहे मामलों को लेकर उन्होंने जिला कलेक्टर को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने अनुरोध किया है कि इन मामलों की सुनवाई पोकरण उपखंड न्यायालय में न की जाए, बल्कि सभी प्रकरणों का निस्तारण जैसलमेर में किया जाए। प्रेस वार्ता के दौरान SDM हीर सिंह चारण ने यह भी दोहराया कि, "यह बिल्कुल सत्य है कि मेरे ऊपर दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन मैं ग्रामीणों के हितों से समझौता नहीं कर सकता। न्यायालय में आने वाले लोगों को निष्पक्ष न्याय मिलना चाहिए और मैं अपनी जिम्मेदारी उसी भावना से निभाऊंगा।" SDM के इस बयान के बाद क्षेत्र में सोलर परियोजनाओं और ग्रामीणों के बीच चल रहे विवादों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों ने भी SDM के इस रुख का स्वागत करते हुए निष्पक्ष सुनवाई की अपनी मांग को एक बार फिर दोहराया है।
पोकरण उपखंड अधिकारी (SDM) हीर सिंह चारण ने एक प्रेस वार्ता में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि एकमे सोलर कंपनी से जुड़े कार्मिक और अधिकारी उन पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने मीडिया के सामने स्वीकार किया कि उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ग्रामीणों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देंगे। SDM हीर सिंह ने आगे जानकारी दी कि गुड्डी और जैमला गांव के ग्रामीणों तथा सोलर कंपनियों के बीच चल रहे मामलों को लेकर उन्होंने जिला कलेक्टर को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने अनुरोध किया है कि इन मामलों की सुनवाई पोकरण उपखंड न्यायालय में न की जाए, बल्कि सभी प्रकरणों का निस्तारण जैसलमेर में किया जाए। प्रेस वार्ता के दौरान SDM हीर सिंह चारण ने यह भी दोहराया कि, "यह बिल्कुल सत्य है कि मेरे ऊपर दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन मैं ग्रामीणों के हितों से समझौता नहीं कर सकता। न्यायालय में आने वाले लोगों को निष्पक्ष न्याय मिलना चाहिए और मैं अपनी जिम्मेदारी उसी भावना से निभाऊंगा।" SDM के इस बयान के बाद क्षेत्र में सोलर परियोजनाओं और ग्रामीणों के बीच चल रहे विवादों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों ने भी SDM के इस रुख का स्वागत करते हुए निष्पक्ष सुनवाई की अपनी मांग को एक बार फिर दोहराया है।
- पोकरण उपखंड अधिकारी (SDM) हीर सिंह चारण ने एक प्रेस वार्ता में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि एकमे सोलर कंपनी से जुड़े कार्मिक और अधिकारी उन पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने मीडिया के सामने स्वीकार किया कि उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ग्रामीणों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देंगे। SDM हीर सिंह ने आगे जानकारी दी कि गुड्डी और जैमला गांव के ग्रामीणों तथा सोलर कंपनियों के बीच चल रहे मामलों को लेकर उन्होंने जिला कलेक्टर को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने अनुरोध किया है कि इन मामलों की सुनवाई पोकरण उपखंड न्यायालय में न की जाए, बल्कि सभी प्रकरणों का निस्तारण जैसलमेर में किया जाए। प्रेस वार्ता के दौरान SDM हीर सिंह चारण ने यह भी दोहराया कि, "यह बिल्कुल सत्य है कि मेरे ऊपर दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन मैं ग्रामीणों के हितों से समझौता नहीं कर सकता। न्यायालय में आने वाले लोगों को निष्पक्ष न्याय मिलना चाहिए और मैं अपनी जिम्मेदारी उसी भावना से निभाऊंगा।" SDM के इस बयान के बाद क्षेत्र में सोलर परियोजनाओं और ग्रामीणों के बीच चल रहे विवादों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों ने भी SDM के इस रुख का स्वागत करते हुए निष्पक्ष सुनवाई की अपनी मांग को एक बार फिर दोहराया है।1
- बिहार के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है, जिसमें यह मामला देश के सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया है। इस मुठभेड़ को 'फर्जी' करार देते हुए सीबीआई जाँच की माँग की गई है, जबकि बिहार सरकार ने पहले ही इस घटना की न्यायिक जाँच के आदेश दिए हैं। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गाँव के निवासी भरत भूषण तिवारी की 17 जून को पुलिस मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस का दावा है कि भरत तिवारी पर कई मामले दर्ज थे और गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान उन्होंने पुलिस टीम पर गोली चलाई थी। इसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में उन्हें गोली लगी और बाद में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। हालाँकि, इस घटना के बाद से ही उनके परिजन और कई राजनीतिक दल पुलिस के इन दावों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, बावजूद इसके उन्हें गोली मारी गई। इसी आधार पर इस पूरे एनकाउंटर को फर्जी बताया जा रहा है, और अब यह विवादित मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है।1
- पूर्व कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद ने देश और राज्य में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों तथा परीक्षा व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासनिक तंत्र पर तीखा हमला बोला है। जैसलमेर में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने के लिए हेलिकॉप्टर का सहारा लेना सीधे तौर पर प्रशासनिक खामियों और सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। पूर्व मंत्री ने परीक्षा आयोजक एजेंसियों, जिनमें देश की शीर्ष जांच एजेंसियां और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जैसी संस्थाएँ शामिल हैं, की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब ये संस्थाएँ निष्पक्ष और लीक-प्रूफ परीक्षा कराने का दावा करती हैं, तो ऐसी कौन सी कमियाँ रह जाती हैं कि अंततः सरकार को हेलिकॉप्टर से पेपर भेजने का रास्ता चुनना पड़ता है। उन्होंने इसे प्रशासनिक तंत्र की स्पष्ट विफलता का परिणाम बताया। शाले मोहम्मद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संदेश का हवाला देते हुए सभी संगठनों से युवाओं, किसानों, मजदूरों और महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई में राजनीति से ऊपर उठकर आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जहां कहीं भी गलत हो, हर संगठन को उसके खिलाफ प्रखर होकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य और उनके हक की लड़ाई हम सभी को मिलकर लड़नी है, क्योंकि यह किसी राजनीतिक लाभ-हानि का नहीं, बल्कि देश के भविष्य का सवाल है।1
- बाड़मेर जिले के शिव क्षेत्र स्थित सीता राम जी की ढाणी, ग्राम पंचायत धारवी खुर्द में सोलर कंपनियों के कथित तानाशाही रवैये को लेकर ग्रामीणों का विरोध जारी है। यह मामला शिव पंचायत समिति, जिला बाड़मेर का है, जहाँ गोचर भूमि में सोलर कंपनियों द्वारा जबरदस्ती हेवी वोल्टेज की बिजली लाइनें बिछाई जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ये कंपनियाँ नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। बिछाई जा रही तारों से कम दूरी पर ही एक विद्यालय, सड़क, गाँव का श्मशान घाट और लाइन के दोनों ओर तालाब भी स्थित हैं, जो सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दर्शाता है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि प्रशासन भी इन कंपनियों का सहयोग कर रहा है, जिससे उनकी मनमानी और बढ़ गई है।1
- जैसलमेर में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस नेता शाले मोहम्मद ने प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं, वहाँ लगातार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं और केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। शाले मोहम्मद ने विशेष रूप से NEET पेपर लीक मामले का जिक्र किया, जिसके कारण देशभर के लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने न तो इस्तीफा दिया है और न ही केंद्र सरकार की ओर से कोई बड़ी या प्रभावी कार्रवाई देखने को मिली है। पूर्व मंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि कांग्रेस के शासनकाल में भी कुछ पेपर लीक की घटनाएं हुई थीं, लेकिन तब सरकार ने ऐसे मामलों में तुरंत और सख्त कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि उस समय दोषियों को गिरफ्तार किया गया था और पेपर माफियाओं के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप पेपर लीक करने वाले गिरोहों में कानून का भय बना हुआ था। हालांकि, शाले मोहम्मद ने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार की ढिलाई के चलते पेपर माफियाओं के हौसले बुलंद हो रहे हैं, और इसी कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। उन्होंने मांग की कि इन पेपर लीक मामलों में जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि युवाओं को न्याय मिल सके।1
- राजधानी लखनऊ के अलीगंज में स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 14 लोगों की दुखद मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। आग लगते ही कोचिंग सेंटर में भारी अफरा-तफरी मच गई, और छात्रों को अपनी जान बचाने के लिए बिल्डिंग से नीचे कूदना पड़ा। इस घटना में कई छात्रों के घायल होने की जानकारी मिली है। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती तौर पर शार्ट सर्किट को इसकी वजह माना जा रहा है। कोचिंग सेंटर की इमारत से अचानक धुएं का गुबार निकलता देख आसपास के लोग तत्काल मौके पर जमा हो गए। देखते ही देखते आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई और धुएं के साथ लपटें निकलने लगीं, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। इस भयावह दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची हैं और आग बुझाने का प्रयास लगातार जारी है।1