मध्य प्रदेश के सतना जिले के रामपुर बाघेलान स्थित सांदीपनि विद्यालय में उस समय एक बड़ा हादसा टल गया जब सुबह करीब 10 बजे विद्यालय के एक कक्ष का प्लास्टर अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत यह रही कि इस दौरान सभी बच्चे प्रार्थना के लिए कक्षा से बाहर थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना ऐसे विद्यालय में हुई जिसका भवन कई वर्षों से जर्जर अवस्था में है, जबकि सरकार द्वारा यहाँ उच्च गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इस घटना ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावक अपने बच्चों को बड़ी उम्मीद के साथ शिक्षित करने के लिए विद्यालय भेजते हैं, ऐसे में यदि कोई हादसा होता तो उसकी जवाबदारी किसकी होती, यह एक गंभीर प्रश्न बन गया है। रामपुर बाघेलान के सांदीपनि विद्यालय में छात्रों की सुरक्षा को लेकर अब सवालिया निशान उठ गए हैं।
मध्य प्रदेश के सतना जिले के रामपुर बाघेलान स्थित सांदीपनि विद्यालय में उस समय एक बड़ा हादसा टल गया जब सुबह करीब 10 बजे विद्यालय के एक कक्ष का प्लास्टर अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत यह रही कि इस दौरान सभी बच्चे प्रार्थना के लिए कक्षा से बाहर थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना ऐसे विद्यालय में हुई जिसका भवन कई वर्षों से जर्जर अवस्था में है, जबकि सरकार द्वारा यहाँ उच्च गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इस घटना ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावक अपने बच्चों को बड़ी उम्मीद के साथ शिक्षित करने के लिए विद्यालय भेजते हैं, ऐसे में यदि कोई हादसा होता तो उसकी जवाबदारी किसकी होती, यह एक गंभीर प्रश्न बन गया है। रामपुर बाघेलान के सांदीपनि विद्यालय में छात्रों की सुरक्षा को लेकर अब सवालिया निशान उठ गए हैं।
- सतना जिले की रैगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली नागौद तहसील के छुलहा टोला गांव में करीब 900 मीटर सड़क की स्थिति बद से बदतर होने के कारण ग्रामीण आज सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने खराब सड़क पर पौधे रोपे और युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष वरुण गुर्जर "डिंकल" के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सड़क पर धरना दिया। ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और यह प्रदर्शन अभी भी जारी है।1
- मां शारदा शक्तिपीठ मैहर में 8 जुलाई 2026, बुधवार को काल भैरव के दिव्य और अलौकिक दर्शन के साथ-साथ उनकी आरती का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक अवसर मां शारदा शक्तिपीठ पर भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।1
- रीवा नगर निगम में एक महिला पार्षद ने शहर में हुई पहली बारिश के बाद की स्थिति को देखकर नाराजगी जताई है। इस घटनाक्रम में, उन्होंने महापौर और नगर निगम आयुक्त को चूड़ियां भेंट कीं, जो शहर के मौजूदा हालातों पर उनकी गहरी चिंता और प्रतीकात्मक विरोध को दर्शाता है।1
- रीवा जिले में कलेक्टर ने गूढ़ नयाब तहसीलदार और एक पटवारी के खिलाफ न्याय का डंडा चलाया है।1
- अपनी शानदार कार्यशैली के लिए खासे चर्चित रीवा संभाग के पुलिस महानिरीक्षक (IG) गौरव राजपूत से एक महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उनसे सीधे पूरी जानकारी सुनने का अवसर मिलेगा।1
- सतना जिले के मैहर स्थित लुधौंती ग्राम पंचायत की सड़क का हाल बेहद खराब है। इस संबंध में शिकायत भी की गई है, लेकिन समस्या को लेकर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।1
- रीवा के चिरहुला मंदिर में राष्ट्रीय बजरंग दल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय हिंदू दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एक भंडारे का भी आयोजन किया गया।2
- सतना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के महामाया होटल के सामने रात के समय अवैध शराब की बिक्री खुलेआम की जा रही है। जानकारी के अनुसार, एक आदमी और एक औरत झोले में शराब रखकर बेचते देखे गए हैं। यह घटना रात करीब 1 बजे की बताई जा रही है, और यह भी कहा गया है कि रोजाना इसी समय शराब बेची जाती है। पूछने पर पता चला कि यह शराब 'हौली की शराब ऋषि महाराज की शराब' है। इस अवैध कारोबार को लेकर पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। पोस्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि इतना बड़ा खेल बिना पुलिस के सहयोग के संभव नहीं है, और इसमें कहीं न कहीं पुलिस की मिलीभगत है। पुलिस को सूचना दिए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसी तरह, आबकारी विभाग को भी जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने भी कोई एक्शन नहीं लिया, जिससे दोनों विभाग कई प्रश्नों के घेरे में हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इन शराब बेचने वालों पर कितनी जल्दी कार्रवाई की जाती है।1
- मध्य प्रदेश के पन्ना जिला अस्पताल का हाल बारिश के साथ ही बेहद खराब हो गया है, जहाँ अब यह 'स्विमिंग पूल' में तब्दील हो गया है। हाल ही में हुई बारिश के बाद अस्पताल के भीतर पानी भर गया है। खासकर सर्जिकल और डिलीवरी वार्डों में जलभराव के कारण मरीज बेहद परेशान हैं, उन्हें अपने बिस्तर से उतरना भी मुश्किल हो गया है। इस जलभराव के चलते अस्पताल में संक्रमण फैलने का खतरा भी काफी बढ़ गया है, जिससे मरीजों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं।1