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सतना जिले के मैहर स्थित लुधौंती ग्राम पंचायत की सड़क का हाल बेहद खराब है। इस संबंध में शिकायत भी की गई है, लेकिन समस्या को लेकर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
Maihar operator Opretor
सतना जिले के मैहर स्थित लुधौंती ग्राम पंचायत की सड़क का हाल बेहद खराब है। इस संबंध में शिकायत भी की गई है, लेकिन समस्या को लेकर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- सतना के कलेक्ट्रेट परिसर से रघुराजनगर ग्रामीण शाखा के बाबू शिवांक त्रिपाठी की स्कूटी चोरी हो गई है। चोरी हुई स्कूटी का क्रमांक MP19 MJ 9952 बताया गया है। यह पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है।1
- सतना जिले के मैहर स्थित लुधौंती ग्राम पंचायत की सड़क का हाल बेहद खराब है। इस संबंध में शिकायत भी की गई है, लेकिन समस्या को लेकर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।1
- मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "SAFE CLICK 2.0" अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन में जनपद कार्यालय मैहर में एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, डिजिटल सुरक्षा में सतर्कता बढ़ाना और महिला एवं बालिका सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधीक्षक कार्यालय की साइबर सेल में पदस्थ महिला आरक्षक राजश्री नायडू ने महिलाओं को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। इसमें फर्जी कॉल, फर्जी निवेश योजनाएं, डिजिटल अरेस्ट, OTP और UPI फ्रॉड, संदिग्ध लिंक तथा APK फाइल के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी जैसी जानकारियां शामिल थीं। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करके राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। कई महिलाओं ने अपने व्यक्तिगत साइबर ठगी के अनुभव साझा किए और उपस्थित महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी निवेश योजना या बैंक संबंधी जानकारी के झांसे में न आएं, और OTP, UPI PIN, CVV तथा पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर जागरूकता के साथ-साथ, उपनिरीक्षक लक्ष्मी बागरी ने बालिकाओं की सुरक्षा पर भी विशेष मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि छोटी बच्चियों को कभी अकेला न छोड़ें, उन्हें अपनी निगरानी में रखें, किसी भी व्यक्ति पर आवश्यकता से अधिक विश्वास न करें, और बच्चों को उनकी आयु के अनुरूप अच्छे एवं बुरे स्पर्श (Good Touch–Bad Touch) के बारे में अवश्य जागरूक करें। उन्होंने पॉक्सो एक्ट के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि सतर्कता, संवाद और अभिभावकों की निरंतर निगरानी ही बालिकाओं की सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम में आरक्षक मुकेश द्विवेदी, रोहित तिवारी, महिला आरक्षक अल्का तिवारी और NRML अमित शुक्ला व उनकी टीम भी उपस्थित रही।4
- आज, 08/07/2026 दिन बुधवार को प्रातः काल जगत जननी माँ शारदा भवानी जी के मैहर स्थित श्री शारदा शक्तिपीठ में भक्तों को दिव्य दर्शन हुए।2
- रीवा संभाग के पुलिस महानिरीक्षक (IG) गौरव राजपूत, जो अपनी शानदार कार्यशैली के लिए विशेष रूप से चर्चित हैं, से पूरी जानकारी सुनने का उल्लेख किया गया है।1
- रीवा संभाग के IG गौरव राजपूत, जो अपनी शानदार कार्यशैली के लिए चर्चित हैं, से पूरी जानकारी सुनने का अवसर मिल रहा है। सभी नागरिकों को उनसे विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया गया है।1
- इंदौर शहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बीच सड़क पर एक तेंदुए ने एक बाइक सवार पर हमला कर दिया।1
- मध्य प्रदेश पुलिस के "SAFE CLICK 2.0" अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन में, जनपद कार्यालय मैहर में एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में विभिन्न स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसका उद्देश्य उन्हें साइबर खतरों और बालिका सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधीक्षक कार्यालय की साइबर सेल में पदस्थ महिला आरक्षक राजश्री नायडू ने महिलाओं को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों, जैसे फर्जी कॉल, फर्जी निवेश योजनाएँ, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी और यूपीआई धोखाधड़ी, संदिग्ध लिंक और एपीके फाइल के माध्यम से होने वाली ठगी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएँ। कई महिलाओं ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए, जहाँ वे स्वयं या उनके रिश्तेदार साइबर ठगी का शिकार हुए थे, और उन्होंने अन्य उपस्थित महिलाओं से अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या गोपनीय जानकारी जैसे ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करने की अपील की। इसके अतिरिक्त, उपनिरीक्षक लक्ष्मी बागरी ने बालिकाओं की सुरक्षा पर विशेष मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि छोटी बच्चियों को कभी भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए और उन्हें अपनी निरंतर निगरानी में रखना चाहिए। बागरी ने किसी भी व्यक्ति पर अत्यधिक विश्वास न करने और बच्चों को उनकी आयु के अनुसार अच्छे एवं बुरे स्पर्श (Good Touch–Bad Touch) के बारे में जागरूक करने की सलाह दी। उन्होंने महिलाओं को पॉक्सो एक्ट के प्रमुख प्रावधानों से अवगत कराते हुए जोर दिया कि सतर्कता, संवाद और अभिभावकों की निरंतर निगरानी ही बालिकाओं की सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम में आरक्षक मुकेश द्विवेदी, आरक्षक रोहित तिवारी, महिला आरक्षक अल्का तिवारी, NRML अमित शुक्ला और उनकी टीम भी उपस्थित रही, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को साइबर अपराधों से बचाने के लिए डिजिटल सतर्कता बढ़ाना और उन्हें महिला व बालिका सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान करना था।1