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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने के संबंध में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि प्रदेश में UCC को लागू करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, समान नागरिक संहिता जल्द ही राज्य में लागू की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत, प्रदेश सरकार ने सभी धर्मों के नागरिकों से सुझाव लेने का निर्णय लिया है और इसके लिए संबंधित प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने के संबंध में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि प्रदेश में UCC को लागू करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, समान नागरिक संहिता जल्द ही राज्य में लागू की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत, प्रदेश सरकार ने सभी धर्मों के नागरिकों से सुझाव लेने का निर्णय लिया है और इसके लिए संबंधित प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने के संबंध में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि प्रदेश में UCC को लागू करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, समान नागरिक संहिता जल्द ही राज्य में लागू की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत, प्रदेश सरकार ने सभी धर्मों के नागरिकों से सुझाव लेने का निर्णय लिया है और इसके लिए संबंधित प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।1
- रीवा में एक महिला जनपद सदस्य से जुड़ा मामला इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। इस प्रकरण को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह एक अपहरण का मामला है या इसके पीछे कोई राजनीतिक साजिश है।1
- रीवा जिले के देवतालाव स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल शासकीय महाविद्यालय में भीषण गर्मी और परीक्षा के दौर में छात्रों को कथित तौर पर चिड़ियों की बीट और कीड़ों से युक्त पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। छात्रों ने इस संबंध में एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज परिसर में रखी पानी की टंकियों और पेयजल व्यवस्था की नियमित साफ-सफाई नहीं की जाती, जिसके कारण पानी में गंदगी, कीड़े और पक्षियों की बीट स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। विद्यार्थियों ने कई बार कॉलेज के प्राचार्य से इस समस्या की शिकायत की, लेकिन उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और पेयजल व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे छात्रों में काफी नाराजगी है। दूषित पानी का सेवन छात्रों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकता है, खासकर चिलचिलाती गर्मी के बीच। गंदे पानी से पेट संबंधी बीमारियां, संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका है, जो परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए और भी चिंताजनक है क्योंकि वे दिनभर कॉलेज में रहते हैं। छात्रों ने जिला प्रशासन, उच्च शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों से इस मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा कॉलेज में स्वच्छ पेयजल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर परीक्षा के दौरान छात्रों को स्वच्छ पानी क्यों नहीं मिल पा रहा और शिकायत के बाद भी कॉलेज प्रशासन ने क्या कदम उठाए। छात्रों के स्वास्थ्य के साथ यह लापरवाही कब तक जारी रहेगी, यह देखना होगा। अब वायरल वीडियो के बाद जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर क्या कार्रवाई करते हैं, इस पर सबकी निगाहें हैं।1
- मऊगंज की एक बेटी, आकांक्षा, के डॉक्टर बनने के सपनों को कथित तौर पर ‘सिस्टम’ ने गला घोंट दिया है, जिसके परिणामस्वरूप उसके परिवार का भरोसा पूरी तरह टूट गया है। पहले से ही कर्ज में डूबा यह परिवार अपनी बेटी को खो चुका है और इस गहरे दुख से जूझ रहा है। इस दुख की घड़ी में कांग्रेस आकांक्षा के परिजनों के आंसू पोंछने और उनका हाथ थामने पहुंची। कांग्रेस ने परिवार को 3.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी सौंपी है।1
- लखनऊ पुलिस के एक दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। यह घटना लखनऊ में हुई, जहाँ रिश्वतखोरी के आरोप में इस दरोगा को गिरफ्तार किया गया।1
- मध्य प्रदेश के सीधी जिले की बेलाढ ग्राम पंचायत में मनरेगा का कार्य जेसीबी मशीन का उपयोग करके किया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले के जावा इलाके में अचानक तेज हवा और आंधी-तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई। यह बारिश ऐसे समय में हुई जब मौसम को देखकर इसके आने का कोई अनुमान नहीं था। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो गढ़ा 138 से सामने आया है, जिसमें अचानक हुए मौसम बदलाव को देखा जा सकता है।1
- मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गिरीश गौतम के विधानसभा क्षेत्र में स्थित एक गांव, जो चारों ओर से नदी से घिरा है, आज भी सड़क और पुलिया जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। मऊगंज जिले का यह गांव आज भी विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच मूलभूत सुविधाओं के इंतजार में है। सबसे हैरानी की बात यह है कि वर्ष 1990 की तरह ही, यहां के ग्रामीण आज भी नदी पार करने के लिए लकड़ी और बांस के अस्थायी पुल का सहारा लेने को मजबूर हैं। इन सुविधाओं के अभाव के कारण, बरसात आते ही गांव का संपर्क बाहरी दुनिया से लगभग कट जाता है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है। गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले मजबूरन अपने मायके या अन्य सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है। साथ ही, गर्मी के अलावा किसी अन्य मौसम में शादी-विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करना भी मुश्किल हो जाता है। यह स्थिति यह सवाल खड़ा करती है कि इस गांव को आज तक सड़क और पुलिया जैसी सुविधाएं क्यों नसीब नहीं हो सकी हैं।1