Shuru
Apke Nagar Ki App…
लोहरदगा जिले के किस्को प्रखंड में आज एक विशाल विधिक सशक्तिकरण शिविर और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
Altamas Rja
लोहरदगा जिले के किस्को प्रखंड में आज एक विशाल विधिक सशक्तिकरण शिविर और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
More news from Jharkhand and nearby areas
- Post by Altamas Rja1
- उच्च न्यायालय के न्यायधीश निजी चतुर्थ वर्गीय कर्मी झारखंड राज्य के लिए बनी मिशाल मिला संपूर्ण योजना का लाभ1
- Post by AAM JANATA1
- लोहरदगा जिला के पेशरार प्रखंड में वन विभाग के द्वारा कराया जा रहा है चेक डैम निर्माण जांच का विषय1
- थाना क्षेत्र पूर्वी पंचायत अंतर्गत कंचन नगरी (धोबी टोला) निवासी विजय कुमार उर्फ संतोष प्रसाद जन वितरण प्रणाली दुकानदार की तीन मंजिला पक्की मकान की रेलिंग एवं छज्जा पूरी तरह से भरभरा कर गिर गया। बताते चले कि गुरुवार दोपहर लगभग 3:00 बजे तेज आंधी तूफान ने संतोष प्रसाद की तीन मंजिला पक्का मकान की छत की रेलिंग एवं छज्जे गिर गए। गनीमत यह रही की किसी प्रकार से जान माल की क्षति नहीं पहुंची। अन्यथा बहुत ही हृदय विदारक घटना घट सकती थी। संतोष प्रसाद ने बताया कि गुरुवार दोपहर तेज आंधी तूफान से मेरा घर का छत की रेलिंग एवं छज्जे गिर गए। बताते चले कि संतोष प्रसाद चंदवा मेन रोड गेराज लेन स्थित लैंपस के जन वितरण प्रणाली दुकान के विक्रेता है और वे दुकान चलाकर घर की भरण पोषण करते हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से तत्काल मुआवजे की मांग की है।4
- “ *महुआडांड़ की जनता की हुंकार” — अब स्वास्थ्य सुविधाओं पर नहीं होगा समझौता, बड़े अस्पताल की मांग ने पकड़ी रफ्तार* *महुआडांड़ एक सशक्त, सुरक्षित और आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का उदाहरण बनेगा—और तब यह हुंकार एक नई पहचान में बदल जाएगी।* महुआडांड़ (लातेहार)महुआडांड़ की शांत वादियों में इन दिनों एक नई गूंज सुनाई दे रही है—यह गूंज है बदलाव की, यह आवाज है अधिकार की, और यह हुंकार है एक बेहतर भविष्य की। वर्षों से बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रही महुआडांड़ की जनता अब पूरी मजबूती के साथ अपने हक की मांग को लेकर खड़ी हो गई है। यह सिर्फ मांग नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसमें हर वर्ग, हर उम्र और हर तबके के लोग एकजुट नजर आ रहे हैं।भौगोलिक दृष्टि से दूरस्थ और चुनौतियों से घिरे इस प्रखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय रही है। छोटी से छोटी जांच के लिए भी लोगों को दूर-दराज के शहरों का सहारा लेना पड़ता है। समय, पैसा और जोखिम—तीनों का बोझ आम लोगों के कंधों पर पड़ता है। ऐसे में अब यह स्पष्ट हो गया है कि महुआडांड़ को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और स्थायी समाधान की आवश्यकता है। “ *जनता की मांग, विकास की राह” — स्पष्ट और ठोस अपेक्षाएं* महुआडांड़ की जनता ने अपनी मांगों को बेहद स्पष्ट और संगठित रूप से सरकार के सामने रखा है। लोगों का कहना है कि प्रखंड में स्थानीय स्तर पर पोस्टमार्टम की सुविधा शुरू की जाए, ताकि आवश्यक प्रक्रियाएं यहीं पूरी हो सकें और अनावश्यक देरी से बचा जा सके।इसके साथ ही, अस्पताल में एक्स-रे एवं अल्ट्रासाउंड मशीन की व्यवस्था को प्राथमिकता देने की मांग की गई है। यह केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि समय पर सटीक जांच और उपचार का आधार है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसी बुनियादी मशीनों की उपलब्धता से मरीजों को तत्काल राहत मिल सकेगी और अनावश्यक रेफरल की स्थिति में कमी आएगी।फ्रैक्चर जैसे मामलों में तत्काल उपचार के लिए प्लास्टर सुविधा सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। वर्तमान में ऐसी सुविधाओं के अभाव में मरीजों को तत्काल राहत नहीं मिल पाती, जिससे उनकी स्थिति और जटिल हो जाती है।इन सभी मांगों के केंद्र में सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक मांग है—महुआडांड़ में एक भव्य, आधुनिक, पूर्ण सुविधाओं से युक्त बड़े अस्पताल का निर्माण। ऐसा अस्पताल, जो केवल इलाज का केंद्र न हो, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक भरोसेमंद स्वास्थ्य तंत्र का प्रतीक बने। “ *अब वादे नहीं, परिणाम चाहिए” — जनता का साफ संदेश* महुआडांड़ की जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है। लोगों का कहना है कि वर्षों से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर योजनाएं बनती रही हैं, लेकिन उनका प्रभाव जमीन पर नजर नहीं आता। अब समय आ गया है कि सरकार इन मांगों को गंभीरता से ले और शीघ्र ठोस कदम उठाए।जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाया है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवा किसी भी क्षेत्र के विकास की रीढ़ होती है, और यदि यह व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तो अन्य विकास योजनाएं भी अधूरी रह जाएंगी। महुआडांड़ के लिए एक सुसज्जित अस्पताल न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा देगा, बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। *एकजुटता बनी ताकत* इस पूरे मुद्दे की सबसे खास बात है—जनता की अभूतपूर्व एकजुटता। गांव-गांव से लोग इस मांग के समर्थन में आगे आ रहे हैं। युवा वर्ग सोशल प्लेटफॉर्म पर अपनी आवाज बुलंद कर रहा है, तो बुजुर्ग और महिलाएं भी खुलकर इस पहल का समर्थन कर रही हैं।यह एकजुटता यह संकेत देती है कि अब महुआडांड़ की जनता अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुकी है और किसी भी प्रकार की अनदेखी को स्वीकार करने के मूड में नहीं है। यदि समय रहते इन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। *सरकार के लिए सुनहरा अवसर* *महुआडांड़ की यह आवाज* सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। यदि इन मांगों को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं को जमीन पर उतारा जाता है, तो यह न केवल क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा, बल्कि जनता का भरोसा भी मजबूत करेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि एक बड़े अस्पताल का निर्माण इस क्षेत्र के लिए “गेम चेंजर” साबित हो सकता है। इससे आसपास के कई गांवों और प्रखंडों को भी सीधा लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा व्यापक होगा। *महुआडांड़ की जनता की हुंकार* अब एक ऐसी आवाज बन चुकी है, जिसे नजरअंदाज करना संभव नहीं है। यह केवल सुविधाओं की मांग नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है।1
- सिसई (गुमला)। प्रखंड क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पंडरानी, सिसई में योगगुरु गजराज महतो द्वारा योगाभ्यास कराते हुए विभिन्न आसान बताये गये। विद्यालय परिसर में योग गुरु गजराज जी ने ऋषियों की अनमोल योग परंपरा को अपने दिनचर्या में शामिल करने की बात कही। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले 21 जून 2026 दिन रविवार को 12 वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जायेगा। इस दिन योग प्रोटोकॉल के तहत पुरा विश्व के लोग योगाभ्यास करेंगे। वहीं 21 जून को आयुष मंत्रालय भारत सरकार के प्रोटोकॉल के तहत पूरे देश में योग कराया जाएगा। लेकिन एक दिन ही योग करने से कुछ नहीं होगा हमें सपरिवार मिलकर नियमित रूप से प्रतिदिन योगाभ्यास करना होगा तभी हम सभी निरोगी व खुशहाल जीवन का आनंद उठा पाएंगे। योग गुरु ने विद्यालय के सभी छात्राओं को ध्यान शक्ति के विकास हेतु सुखासन मुद्रा में बैठने का अभ्यास कराया। साथ ही तीन जीवन दायिनी प्राणायाम का अभ्यास कराते हुए बताया कि इनके नियमित अभ्यास से आज्ञा चक्र में ध्यान केंद्रित रहता है और अंदर के सात कोमल अंग हमेशा स्वस्थ व दिर्घायु बने रहते हैं। कमर व मेरुदंड को स्वस्थ रखने के लिए चक्की आसन का अभ्यास कराया गया।साथ ही हाथ व पैरों के सुदृढ़ता के लिए सूक्ष्म व्यायाम का अभ्यास कराया गया। और थायराइड के बीमारी से छुटकारा हेतु उज्ययी प्राणायाम का विधि पूर्वक अभ्यास कराया गया। वहीं मन को पवित्र व निर्मल रखने के लिए ईश वंदन कराया गया। अंत में शांति पाठ कराते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया। इस योग सत्र में सभी छात्राओं के साथ साथ विद्यालय की प्रधानाध्यापिका व शिक्षिकाओं ने भी योगाभ्यास किया।4
- Post by Altamas Rja1