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उत्तर प्रदेश के आगरा में आरपीएफ पुलिसकर्मियों की दबंगई का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिसवाले रेलवे स्टेशन के डिप्टी एसएस (SS) को ही घसीटते हुए ले गए। दरअसल, स्टेशन पर एक ट्रेन रुकी थी और एक महिला यात्री नीचे उतरकर सामान खरीदने लगी। इसी बीच ट्रेन चल दी, जिसे देखकर डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर ने तुरंत अपने वॉकी–टॉकी से बोलकर ट्रेन रुकवा दी। इसके तुरंत बाद आरपीएफ पुलिसकर्मियों ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में रोक लिया। जब डिप्टी एसएस ने आरपीएफ की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया, तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें घसीटते हुए ले गए। इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए आरपीएफ के चार पुलिसकर्मियों मेघराज, बालकिशन मीणा, बदन सिंह और जितेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया है।
Subodh kumar
उत्तर प्रदेश के आगरा में आरपीएफ पुलिसकर्मियों की दबंगई का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिसवाले रेलवे स्टेशन के डिप्टी एसएस (SS) को ही घसीटते हुए ले गए। दरअसल, स्टेशन पर एक ट्रेन रुकी थी और एक महिला यात्री नीचे उतरकर सामान खरीदने लगी। इसी बीच ट्रेन चल दी, जिसे देखकर डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर ने तुरंत अपने वॉकी–टॉकी से बोलकर ट्रेन रुकवा दी। इसके तुरंत बाद आरपीएफ पुलिसकर्मियों ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में रोक लिया। जब डिप्टी एसएस ने आरपीएफ की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया, तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें घसीटते हुए ले गए। इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए आरपीएफ के चार पुलिसकर्मियों मेघराज, बालकिशन मीणा, बदन सिंह और जितेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया है।
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- नोएडा के थाना फेस वन पुलिस ने 'ऑपरेशन साइबर वज्र' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पाइसजेट कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में नोएडा के सेक्टर-2 से रविवार को चार अभियुक्तों सुदेश सिंह, बृजेश भदौरिया, अर्जुन और संदीप कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया। पकड़े गए अभियुक्तों के पास से पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए आठ मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, नौ डेबिट कार्ड, 13 सिम कार्ड, तीन बैंक पासबुक (म्यूल खाता) और चार यूपीआई साउंड बॉक्स बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने थाना स्तर पर प्राप्त करीब 159 संदिग्ध खातों से जुड़े बैंकों को हॉट स्पॉट और रेड जोन के रूप में चिन्हित किया था। इनमें से 19 रेड जोन में करीब 2500 मोबाइल फोन और एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर मिली शिकायतों की गहन जांच के बाद इस फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे नौकरी की तलाश कर रहे लोगों का डेटा 'क्विकर डॉट कॉम' (Quikr.com) और अन्य वेबसाइटों से हासिल करते थे। इसके बाद वे लोगों को स्पाइसजेट कंपनी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर कॉल करते थे और जाल में फंसने पर फर्जी जॉब ऑफर लेटर भेज देते थे। आरोपियों द्वारा रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर हजारों रुपये की रकम फर्जी बैंक खातों (म्यूल खातों) में ट्रांसफर करवा ली जाती थी। ठगी करने के बाद वे इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड को फेंक देते थे और पैसों का लालच देकर गरीब व अनजान लोगों के नाम पर नए सिम कार्ड हासिल कर लेते थे। इस गिरोह के खिलाफ विभिन्न राज्यों में एनसीआरपी पोर्टल पर 20 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं और इनके जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने सभी शातिर जालसाजों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।2
- गौतमबुद्ध नगर के थाना सूरजपुर पुलिस ने अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत मुठभेड़ के बाद 4 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान बदमाशों की घेराबंदी की, जिसके बाद दोनों तरफ से फायरिंग हुई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम तिलपता गोल चक्कर पर चेकिंग कर रही थी, तभी डी-पार्क की तरफ से आ रही एक संदिग्ध सफेद रंग की स्विफ्ट टैक्सी गाड़ी को रोकने का प्रयास किया गया। गाड़ी में सवार बदमाशों ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग कर दी और सूरजपुर वेटलैंड की तरफ भागने लगे। जवाबी फायरिंग में वीरपाल और विजयपाल नामक दो बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल भेजा गया है। मौके का फायदा उठाकर भागे दो अन्य बदमाशों, अर्जुन कश्यप और अवधेश, को भी पुलिस ने शॉर्ट कॉम्बिंग के बाद दबोच लिया। ये सभी मूल रूप से जनपद कासगंज के निवासी हैं। गिरफ्तार बदमाशों के पास से 4 अवैध तमंचे (.315 बोर), 4 खोखा, 4 जिंदा कारतूस, पैरामाउंट सोसाइटी में 4 जुलाई को की गई लूट का शत-प्रतिशत सोना, लगभग ₹15,000 की नकदी और विदेशी करेंसी बरामद हुई है। मुख्य आरोपी वीरपाल पर पहले से 17 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि अन्य आरोपियों पर भी आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस द्वारा इन सभी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के "वृक्षारोपण महाअभियान" के तहत बुलंदशहर के चोला और ककोड़ थाना परिसरों में रविवार को वृहद पौधा रोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चोला थाना परिसर में इस अभियान की शुरुआत थाना प्रभारी बलराम सिंह सेंगर के नेतृत्व में हुई, जिसके तहत थाना गेट, बैरक और परेड ग्राउंड में लगभग 300 पौधे लगाए गए। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नीम, पीपल, बरगद, अशोक और अमरूद के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। अधिकारियों ने बताया कि "एक थाना-एक उपवन" की तर्ज पर थाना परिसर को पूरी तरह हरा-भरा बनाया जाएगा और सभी पुलिसकर्मियों को इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है। इसी कड़ी में ककोड़ थाना परिसर में भी थाना प्रभारी सर्जेश कुमार यादव की अगुवाई में बड़े पैमाने पर पौधा रोपण किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय लेखपाल, ग्राम प्रधान और स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यहाँ 280 से अधिक फलदार और छायादार पौधे रोपे गए और बच्चों को "पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ" का संदेश दिया गया। इस अभियान के दौरान एसडीएम दिनेश चंद ने कहा कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं संभालती, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का काम भी करती है; थानों में इस तरह के पौधा रोपण से आम जनता को भी प्रेरणा मिलेगी। वहीं सीओ दीपक कुमार ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि लगाए गए सभी पौधों की 3 साल तक निरंतर देखभाल की जाए और गर्मियों में इनमें पानी देने की विशेष ड्यूटी तय की जाए। इस अवसर पर चोला और ककोड़ थानों के पुलिसकर्मियों ने प्लास्टिक का उपयोग कम करने और हर महीने कम से कम एक पौधा लगाने की शपथ ली। परिसर में "हरा-भरा थाना" बोर्ड भी लगाया गया। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने भी पूरे उत्साह के साथ पौधा रोपण किया और हरियाली की रक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी, नगर पंचायत कर्मी और स्थानीय ग्रामवासी मौजूद रहे।1
- बुलंदशहर के खुर्जा जंक्शन चौकी क्षेत्र में फ्लाईओवर के पास रहने वाले दीपक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस मामले में मृतक के भाई और मां पर ही हत्या का आरोप लगा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की पूरी जांच में जुट गई है। दीपक अपनी पत्नी राजकुमारी और दो बच्चों, छह वर्षीय अवि व चार वर्षीय मेघना के साथ रहता था। करीब 15 दिन पहले ही उसकी पत्नी राजकुमारी अपने दोनों बच्चों को लेकर अपने मायके अनूपशहर के गांव एचौरा चली गई थी। बताया जा रहा है कि लगभग 10 दिन पहले दोनों भाइयों ने अपनी जमीन बेची थी। इसके बाद बीती रात शराब पीने के दौरान इनके बीच आपस में कोई विवाद हुआ था। पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के बाद अस्पताल में एक अजीब स्थिति देखने को मिली, जहां लड़के पक्ष का कोई भी व्यक्ति पोस्टमार्टम के वक्त वहां मौजूद नहीं था। इसके विपरीत, लड़की पक्ष के लोग और उनके रिश्तेदार वहां पहुंच चुके थे। इस संवेदनशील मामले में मृतक की पत्नी राजकुमारी और उसकी साली रश्मि के बयान भी सामने आए हैं।3
- Post by Harendar rana1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में आरपीएफ पुलिसकर्मियों की दबंगई का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिसवाले रेलवे स्टेशन के डिप्टी एसएस (SS) को ही घसीटते हुए ले गए। दरअसल, स्टेशन पर एक ट्रेन रुकी थी और एक महिला यात्री नीचे उतरकर सामान खरीदने लगी। इसी बीच ट्रेन चल दी, जिसे देखकर डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर ने तुरंत अपने वॉकी–टॉकी से बोलकर ट्रेन रुकवा दी। इसके तुरंत बाद आरपीएफ पुलिसकर्मियों ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में रोक लिया। जब डिप्टी एसएस ने आरपीएफ की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया, तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें घसीटते हुए ले गए। इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए आरपीएफ के चार पुलिसकर्मियों मेघराज, बालकिशन मीणा, बदन सिंह और जितेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया है।1