हाथरस गेट क्षेत्र के गांव टुकसान में शनिवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने गांव के बाहर संचालित देसी शराब के ठेके के खिलाफ ज़ोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं ने सीधे ठेके पर पहुंचकर संचालक से इसे तुरंत बंद करने की मांग की। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव के बाहर यह देसी शराब का ठेका होने के कारण ग्रामीणों, विशेषकर मजदूर वर्ग के लोगों में शराब का सेवन काफी बढ़ गया है। उनके मुताबिक, सुबह से शाम तक मेहनत-मजदूरी करने के बाद कई लोग अपनी कमाई का अधिकांश हिस्सा शराब पर ही खर्च कर देते हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित हो रही है और घर के राशन-पानी तक की गंभीर समस्या खड़ी हो जाती है। महिलाओं ने यह भी बताया कि शराब पीकर घर लौटने के बाद कई लोग घरेलू विवाद और मारपीट करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप परिवारों में आए दिन झगड़े होते रहते हैं। उनका स्पष्ट कहना था कि इस स्थिति का सबसे अधिक बुरा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रशासन से पुरज़ोर मांग की है कि गांव के बाहर स्थित इस देसी शराब के ठेके को अविलंब बंद कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आगे भी अपना आंदोलन जारी रखने के लिए बाध्य होंगी।
हाथरस गेट क्षेत्र के गांव टुकसान में शनिवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने गांव के बाहर संचालित देसी शराब के ठेके के खिलाफ ज़ोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं ने सीधे ठेके पर पहुंचकर संचालक से इसे तुरंत बंद करने की मांग की। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव के बाहर यह देसी शराब का ठेका होने के कारण ग्रामीणों, विशेषकर मजदूर वर्ग के लोगों में शराब का सेवन काफी बढ़ गया है। उनके मुताबिक, सुबह से शाम तक मेहनत-मजदूरी करने के बाद कई लोग अपनी कमाई का अधिकांश हिस्सा शराब पर ही खर्च कर देते हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित हो रही है और घर के राशन-पानी तक की गंभीर समस्या खड़ी हो जाती है। महिलाओं ने यह भी बताया कि शराब पीकर घर लौटने के बाद कई लोग घरेलू विवाद और मारपीट करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप परिवारों में आए दिन झगड़े होते रहते हैं। उनका स्पष्ट कहना था कि इस स्थिति का सबसे अधिक बुरा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रशासन से पुरज़ोर मांग की है कि गांव के बाहर स्थित इस देसी शराब के ठेके को अविलंब बंद कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आगे भी अपना आंदोलन जारी रखने के लिए बाध्य होंगी।
- हाथरस गेट क्षेत्र के गांव टुकसान में शनिवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने गांव के बाहर संचालित देसी शराब के ठेके के खिलाफ ज़ोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं ने सीधे ठेके पर पहुंचकर संचालक से इसे तुरंत बंद करने की मांग की। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव के बाहर यह देसी शराब का ठेका होने के कारण ग्रामीणों, विशेषकर मजदूर वर्ग के लोगों में शराब का सेवन काफी बढ़ गया है। उनके मुताबिक, सुबह से शाम तक मेहनत-मजदूरी करने के बाद कई लोग अपनी कमाई का अधिकांश हिस्सा शराब पर ही खर्च कर देते हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित हो रही है और घर के राशन-पानी तक की गंभीर समस्या खड़ी हो जाती है। महिलाओं ने यह भी बताया कि शराब पीकर घर लौटने के बाद कई लोग घरेलू विवाद और मारपीट करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप परिवारों में आए दिन झगड़े होते रहते हैं। उनका स्पष्ट कहना था कि इस स्थिति का सबसे अधिक बुरा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रशासन से पुरज़ोर मांग की है कि गांव के बाहर स्थित इस देसी शराब के ठेके को अविलंब बंद कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आगे भी अपना आंदोलन जारी रखने के लिए बाध्य होंगी।1
- हाथरस गेट क्षेत्र में 18 जून को कैलाश ढाबे के सामने हुई फायरिंग की घटना के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने विशेष टीमें गठित की थीं और छह आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसी क्रम में, शनिवार देर रात एसओजी, थाना हाथरस जंक्शन और थाना हाथरस गेट पुलिस को सूचना मिली कि 25 हजार रुपये का इनामी आरोपी शानू अलीगढ़-आगरा हाईवे से अपने गांव गंगचौली की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर दयानतपुर नहर के पास घेराबंदी की गई, जहां पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस का दावा है कि आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी शानू के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने उसके पास से एक 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और बिना नंबर की एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी शानू पर मारपीट, धमकी और एससी-एसटी एक्ट समेत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। यह कैलाश ढाबा फायरिंग कांड में पुलिस की दूसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, क्योंकि इससे पहले इसी मामले में इनामी आरोपी मोना ठाकुर को भी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अब शेष फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।2
- पुलिस कर्मियों के लिए आधुनिक और हवादार बैरक का उद्घाटन किया गया है। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने फीता काटकर इस बैरक का लोकार्पण किया। लोकार्पण के बाद, एसपी सिन्हा ने बैरक का विस्तृत निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने इस अवसर पर जवानों के लिए बेहतर आवास सुनिश्चित करने और उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। पुलिस विभाग ने इस पहल को अपने कर्मियों के कल्याण और सुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।4
- हाथरस जिले की सासनी तहसील के इगलास क्षेत्र के गाँव पढी़ल में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ खेत में सिंचाई कर रहे 42 वर्षीय किसान किशन सिंह की पानी की कुंडी में डूबने से दुखद मौत हो गई। इस खबर से परिवार में गहरा कोहराम मच गया। मिली जानकारी के अनुसार, किसान किशन सिंह अपने बेटे टिंकू के साथ खेत में फसल को पानी दे रहे थे। इसी दौरान, जब किशन सिंह को भूख लगी तो बेटा टिंकू खाना लेने के लिए घर चला गया। थोड़ी देर बाद जब बेटा खाना लेकर खेत पर वापस आया, तो उसने अपने पिता को खेत में बनी पानी की कुंडी में गंभीर हालत में पड़ा पाया। बेटे के शोर मचाने पर आसपास काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुँचे। परिजनों ने तुरंत किशन सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सासनी पहुँचाया, जहाँ चिकित्सक डॉ. अनंत कुमार ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुँची और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के बेटे ने बताया कि किशन सिंह शुगर की बीमारी से ग्रसित थे। इस दुखद घटना के बाद उनकी पत्नी और बच्चों विकास, गौरव, टिंकू व भावना का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गाँव में शोक की लहर छा गई है।1
- हाथरस में पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश शानू को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान शानू के दोनों पैरों में गोली लगी है।2