Shuru
Apke Nagar Ki App…
🤣🤣🤣
सन ऑफ पासवान राज कुमार
🤣🤣🤣
More news from बिहार and nearby areas
- Post by Anil Paswan1
- निशांत के जदयू में आने से गिरिराज सिंह एवं जीतन राम मांझी ने क्या कहा1
- ड्राइवरों का बड़ा आंदोलन! बिहारशरीफ में 10 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार धरना, एंकर, बिहारशरीफ मुख्यालय में ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले चालकों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। श्रम कल्याण केंद्र मैदान में आयोजित इस धरने में बड़ी संख्या में चालक शामिल हुए और सरकार से अपनी मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की। धरना में शामिल चालकों ने कहा कि सड़क दुर्घटना में ड्राइवर की मृत्यु को आपदा श्रेणी में शामिल किया जाए और ड्राइवर आयोग का गठन किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि दुर्घटना में ड्राइवर की मृत्यु होने पर 20 लाख रुपये मुआवजा, अपंगता की स्थिति में 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा घायल होने पर समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। चालकों ने 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन योजना लागू करने और दुर्घटना में चालक की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को तत्काल पेंशन देने की भी मांग उठाई। साथ ही 1 सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित करने की मांग भी की गई। धरना में शामिल चालकों का कहना था कि कोविड काल के दौरान जब लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे थे, तब भी ड्राइवरों ने अपने परिवार से दूर रहकर ईमानदारी से काम किया। इसके बावजूद आज उन्हें सम्मान और सुरक्षा नहीं मिल रही है। चालकों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 90 दिनों के भीतर उनकी 10 सूत्री मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो देशभर के चालक स्टीयरिंग छोड़कर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- आप सभी को बुधवार श्री शीतला अष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं 🥀♥️2
- दानिश मलिक का संदेश – सभी धर्मों का सम्मान जरूरी1
- निशांत के जदयू में आने से गिरिराज सिंह एवं जीतन राम मांझी ने क्या कहा1
- Post by Ranjay Kumar1
- चेचक रोग से मुक्ति की आस्था! मां शीतला मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, ग्राउंड रिपोर्ट देखें, एंकर, नालंदा जिले के ऐतिहासिक मघड़ा गांव में स्थित प्रसिद्ध मां शीतला मंदिर में तीन दिवसीय मघड़ा मेले की शुरुआत हो चुकी है। हर साल की तरह इस बार भी आस्था का यह मेला हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। परंपरा और आस्था का संगम मां शीतला मंदिर के पुजारी बताते हैं कि प्राचीन काल से ही चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमी के दिन मघड़ा और आसपास के गांवों में बसिऔड़ा मनाने की परंपरा चली आ रही है। इस परंपरा के तहत मंगलवार की शाम गांव के लोग भोजन बनाकर अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं और अगले दिन यानी अष्टमी के दिन किसी भी घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता। लोग रात में बनाए गए भोजन को ही प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। मिट्ठी कुआं की खास मान्यता मघड़ा गांव के लोगों का कहना है कि यहां स्थित ‘मिट्ठी कुआं’ का पानी कभी नहीं सूखता और इसका स्वाद काफी मीठा होता है। मंदिर के पुजारी बताते हैं कि जिस दिन इस कुएं से मां शीतला की प्रतिमा निकाली गई थी वह दिन चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमी थी और अष्टमी के दिन मां की प्रतिमा की स्थापना की गई थी। उसी समय से यहां मेले की परंपरा शुरू हुई जो आज भी जारी है। रोगमुक्ति की आस्था ऐसी मान्यता है कि मंदिर की विभूति और तालाब के जल का सेवन करने से चेचक के रोगी पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं। रोगमुक्त होने के बाद श्रद्धालु पुनः मंदिर प्रांगण में स्थित तालाब में स्नान कर मां शीतला की पूजा-अर्चना करते हैं। दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु मघड़ा मेले में हर साल बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और झारखंड सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं और मां शीतला के दरबार में अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। आस्था, परंपरा और विश्वास से जुड़ा मघड़ा का यह ऐतिहासिक मेला आज भी लोगों की श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु मां शीतला के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।1