दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में बिरसा मुंडा स्टेडियम सरायकेला में बनेगी भव्य प्रतिमा* *"एक युग का अंत, विचारों की नई शुरुआत"* *सरायकेला:* झारखंड आंदोलन के प्रणेता, आदिवासी समाज के प्रेरणास्रोत और *"दिशोम गुरु" शिबू सोरेन* की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए *सरायकेला में उनकी भव्य प्रतिमा बिरसा मुंडा स्टेडियम में स्थापित की जाएगी। दिशोम गुरु के निधन को *"एक युग का अंत" झामुमो कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह प्रतिमा *"विचारों की नई शुरुआत"* का प्रतीक बनेगी। प्रतिमा के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को उनके जल, जंगल, जमीन, स्वाभिमान और अलग झारखंड राज्य के संघर्ष से जुड़े विचारों से प्रेरणा मिलती रहेगी। *प्रतिमा का उद्देश्य:* 1. दिशोम गुरु के आदर्शों, त्याग और संघर्ष को जन-जन तक पहुंचाना 2. आदिवासी-मूलवासी संस्कृति और अस्मिता को सम्मान देना 3. युवाओं को सामाजिक न्याय और राज्य निर्माण के मूल्यों के लिए प्रेरित करना दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जीवन झारखंड के हर आंदोलनकारी के लिए प्रेरणा रहा है। उनकी स्मृति में बनने वाली यह प्रतिमा सरायकेला ही नहीं बल्कि पूरे कोल्हान के लिए गौरव का प्रतीक बनेगी।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में बिरसा मुंडा स्टेडियम सरायकेला में बनेगी भव्य प्रतिमा* *"एक युग का अंत, विचारों की नई शुरुआत"* *सरायकेला:* झारखंड आंदोलन के प्रणेता, आदिवासी समाज के प्रेरणास्रोत और *"दिशोम गुरु" शिबू सोरेन* की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए
*सरायकेला में उनकी भव्य प्रतिमा बिरसा मुंडा स्टेडियम में स्थापित की जाएगी। दिशोम गुरु के निधन को *"एक युग का अंत" झामुमो कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह प्रतिमा *"विचारों की नई शुरुआत"* का प्रतीक बनेगी। प्रतिमा के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को उनके जल,
जंगल, जमीन, स्वाभिमान और अलग झारखंड राज्य के संघर्ष से जुड़े विचारों से प्रेरणा मिलती रहेगी। *प्रतिमा का उद्देश्य:* 1. दिशोम गुरु के आदर्शों, त्याग और संघर्ष को जन-जन तक पहुंचाना 2. आदिवासी-मूलवासी संस्कृति और अस्मिता को सम्मान देना 3. युवाओं को सामाजिक न्याय
और राज्य निर्माण के मूल्यों के लिए प्रेरित करना दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जीवन झारखंड के हर आंदोलनकारी के लिए प्रेरणा रहा है। उनकी स्मृति में बनने वाली यह प्रतिमा सरायकेला ही नहीं बल्कि पूरे कोल्हान के लिए गौरव का प्रतीक बनेगी।
- शुरू ऐप न्यूज़ चैनल ऐ रवि गुप्ता की रिपोर्ट दिनांक : 06 अगस्त 2026 सरायकेला जिले में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता, तीन इनामी नक्सली गिरफ्तार सरायकेला-खरसावाँ जिले में पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान के दौरान तीन इनामी नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे कोल्हान एवं सारंडा क्षेत्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। गिरफ्तार नक्सलियों में 15 लाख रुपये का इनामी मदन महतो उर्फ शंकर, 5 लाख रुपये का इनामी रवि सरदार उर्फ सागर उर्फ बीरन सिंह तथा 2 लाख रुपये की इनामी मीना पहाड़ियां उर्फ नीटू उर्फ मौरा शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इनकी गिरफ्तारी के बाद एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असित मंडल उर्फ आकाश के नेटवर्क को भी बड़ा नुकसान पहुँचा है। पुलिस का नक्सल विरोधी सर्च अभियान लगातार जारी है। पुलिस ने गिरफ्तार नक्सलियों के कब्जे से इंसास राइफल, ए.के.-47, पिस्टल, डिटोनेटर, ए.के.-47 की लगभग 250 जिंदा गोलियां तथा एक वॉकी-टॉकी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, मदन महतो उर्फ शंकर पिछले लगभग 25 वर्षों से नक्सली संगठन से जुड़ा हुआ था। उसके खिलाफ झारखंड एवं पश्चिम बंगाल के विभिन्न थानों में कुल 41 मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार वह पुलिस एवं सुरक्षा बलों के 62 जवानों की हत्या से जुड़े मामलों में भी आरोपी रहा है। इसके अलावा सांसद सुनील महतो हत्याकांड, बुरुडीह डैम आईईडी ब्लास्ट तथा सिलदा ईएफआर कैंप पर हमले जैसे कई चर्चित मामलों में उसकी संलिप्तता सामने आई है। वहीं रवि सरदार उर्फ सागर उर्फ बीरन सिंह को संगठन का मास्टरमाइंड माना जाता है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 43 मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार कुकड़ू क्षेत्र की कई बड़ी घटनाओं में उसकी अहम भूमिका रही है। वह संगठन के लिए नए युवाओं की भर्ती कराने का भी काम करता था। मीना पहाड़ियां उर्फ नीटू उर्फ मौरा को नक्सली संगठन की विस्फोटक विशेषज्ञ माना जाता है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 18 मामले दर्ज हैं। वह आईईडी एवं लैंडमाइन लगाने, विस्फोटक सामग्री पहुंचाने, संदेशों का आदान-प्रदान करने तथा संगठन के लिए रसद उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाती रही है। पुलिस की पूछताछ में यह भी जानकारी मिली है कि इन तीनों का नेटवर्क एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असित मंडल उर्फ आकाश से जुड़ा हुआ था। पूछताछ के दौरान हथियारों के ठिकानों तथा भूमिगत नक्सली दस्तों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां सुरक्षा एजेंसियों को प्राप्त हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से नक्सली संगठन की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। इस सफल अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी के निर्देशन में किया गया। अभियान में सीआरपीएफ 134 बटालियन के कमांडेंट पवन कुमार, एसडीपीओ सरायकेला अनुभव भारद्वाज, एसएसबी 26वीं वाहिनी के उप समादेष्टा शक्ति सिंह, कोबरा बटालियन 203 के उप समादेष्टा मोन आरिफ, कांड्रा थाना प्रभारी विनोद कुमार मुर्मू, चांडिल थाना प्रभारी संतन तिवारी, नीमडीह थाना प्रभारी डिलशन बिरुआ सहित पुलिस, सीआरपीएफ, एसएसबी एवं कोबरा के कई अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि जिले में नक्सल विरोधी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा शेष वांछित नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है।4
- सावन के शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर सीएम योगी ने कह दी बड़ी बात सावन में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर सीएम योगी ने कह दी बड़ी बात1
- दिल्ली से सकुशल बरामद हुई नाबालिग पीड़िता, मानव तस्करी की आरोपी रेणु तुरा गिरफ्तार चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम पुलिस को मानव तस्करी के एक मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने दिल्ली से एक नाबालिग पीड़िता को सकुशल बरामद कर चाईबासा वापस लाया। साथ ही मानव तस्करी के पुराने मामले में फरार चल रही आरोपी रेणु तुरा को भी दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी रेणु तुरा लंबे समय से फरार थी। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने बताया कि नाबालिग पीड़िता सुरक्षित है तथा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस ने मानव तस्करी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है। चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम पुलिस को मानव तस्करी के एक मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने दिल्ली से एक नाबालिग पीड़िता को सकुशल बरामद कर चाईबासा वापस लाया। साथ ही मानव तस्करी के पुराने मामले में फरार चल रही आरोपी रेणु तुरा को भी दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी रेणु तुरा लंबे समय से फरार थी। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने बताया कि नाबालिग पीड़िता सुरक्षित है तथा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस ने मानव तस्करी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।1
- चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की दूसरी बैठक, आंदोलन तेज करने का निर्णय चांडिल, 5 अगस्त। चांडिल स्थित द गोल्डन रिसोर्ट (आईबी परिसर) में बुधवार को चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की दूसरी बैठक आयोजित हुई। बैठक में 44 वर्षों से लंबित पुनर्वास, मुआवजा, भूमि अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक में तय किया गया कि 7 अगस्त को मंच का प्रतिनिधिमंडल जल संसाधन विभाग के सचिव और मंत्री हफीजुल हसन को मांग-पत्र सौंपेगा। वहीं 25 से 27 अगस्त तक ईचागढ़ से प्रभावित गांवों तक ग्रामीण संवाद सह जागरूकता यात्रा निकाली जाएगी। साथ ही 16 अगस्त को मंच की अगली बैठक आयोजित कर आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में विभिन्न विस्थापित संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा सामूहिक नेतृत्व के साथ सम्मानजनक पुनर्वास और अधिकार मिलने तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का1
- झारखण्ड जतरा 2026: मोरहाबादी मैदान में 9 अगस्त से बिखरेगी आदिवासी संस्कृति की छटा, 33 जनजातियों का होगा महासंगम रांची (06/08/2026): झारखण्ड की समृद्ध आदिवासी विरासत और लोक कला को वैश्विक मंच देने के लिए राजधानी रांची का ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान एक बार फिर पूरी तरह तैयार है। आगामी 9 और 10 अगस्त 2026 को यहाँ भव्य 'झारखण्ड जतरा 2026' (झारखण्ड आदिवासी महोत्सव) का आयोजन होने जा रही है। इस दो दिवसीय महाउत्सव को लेकर राज्य में "मांदर की गूंज, ढोल की थाप, झारखण्ड की संस्कृति की अमिट छाप..." का उत्साह चारों ओर देखा जा सकता है। 6,000 कलाकार बिखेरेंगे लोक कला का जादू प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस वर्ष आयोजन को अब तक का सबसे बड़ा स्वरूप दिया जा रहा है। महोत्सव में झारखण्ड की 33 जनजातियों का सांस्कृतिक संगम देखने को मिलेगा। इस ऐतिहासिक समागम में राज्यभर से आए 6,000 से अधिक लोक कलाकार अपनी पारंपरिक वेशभूषा में अद्भुत और मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे। कलाकारों द्वारा पेश किए जाने वाले पारंपरिक नृत्य और संगीत के माध्यम से आगंतुकों को सदियों पुरानी जनजातीय परंपराओं को करीब से महसूस करने का अवसर मिलेगा। प्रमुख आकर्षण जिन पर रहेंगी सबकी नजरें विरासत और आधुनिकता के इस मेल में दर्शकों के लिए कई खास इंतजाम किए गए हैं: सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: छऊ, संथाली, मुंडारी, और उरांव जैसे पारंपरिक लोक नृत्यों का भव्य प्रदर्शन। कला और शिल्प प्रदर्शनी: जनजातीय कलाकारों द्वारा निर्मित बांस कला, डोकरा मेटल क्राफ्ट और सोहराई पेंटिंग्स के लाइव स्टॉल्स। परंपरिक खान-पान (ट्राइबल फूड): आगंतुक यहाँ धुस्का-चना, छिलका रोटी, रुगड़ा और पारंपरिक पीठा जैसे लजीज स्थानीय व्यंजनों का स्वाद चख सकेंगे। साहित्यिक गोष्ठी: आदिवासी भाषा, साहित्य और उनकी समृद्ध ऐतिहासिक पहचान को सहेजने पर देश-विदेश के विशेषज्ञों की परिचर्चा। तैयारियों का जायजा, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम 9 अगस्त को मनाए जाने वाले 'विश्व आदिवासी दिवस' के विशेष अवसर पर आयोजित होने वाले इस मेले को लेकर मोरहाबादी मैदान में युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। बड़े-बड़े वाटरप्रूफ पंडाल और भव्य स्टेज का निर्माण अंतिम चरण में है। जिला प्रशासन ने दर्शकों की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात रूट में बदलाव और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। आयोजन समिति ने राज्य के साथ-साथ देश-विदेश के पर्यटकों को आमंत्रित करते हुए कहा है, "आइए और शामिल हो जाइए आदिवासी विरासत और परंपरा के इस महाउत्सव में"। यह आयोजन केवल एक मेला नहीं, बल्कि झारखण्ड की माटी की खुशबू और पहचान को महसूस करने का एक अभूतपूर्व जरिया है।1
- seraikella | chandil : 44 वर्ष के संघर्ष को नई दिशा : चांडिल डैम विस्थापितों ने सामूहिक नेतृत्व के साथ आंदोलन तेज करने का संकल्प.... #viral seraikella | chandil : 44 वर्ष के संघर्ष को नई दिशा : चांडिल डैम विस्थापितों ने सामूहिक नेतृत्व के साथ आंदोलन तेज करने का संकल्प.... बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa) चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की बैठक में 44 वर्षों से लंबित पुनर्वास, मुआवजा और भूमि अधिकार समेत विभिन्न मांगों पर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया। सात अगस्त को सरकार को ज्ञापन सौंपने तथा ग्रामीण जागरूकता यात्रा आयोजित करने की घोषणा की गई | jharkhandnews | chandilnews | chandildamdisplacement | suryodaysamvaad1
- *◆ विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 : मतदाता सूची के प्रारूप का हुआ प्रकाशन* *◆ मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें : उपायुक्त मो० जावेद हुसैन* *◆ विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 : मतदाता सूची के प्रारूप का हुआ प्रकाशन* *◆ मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें : उपायुक्त मो० जावेद हुसैन* खूंटी : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (Special Intensive Revision-2026) के तहत आज राज्य सहित खूंटी जिला के सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची के प्रारूप (Draft Electoral Roll) का प्रकाशन कर दिया गया है। उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी मो० जावेद हुसैन ने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे प्रकाशित मतदाता सूची के प्रारूप में अपना नाम, पता एवं अन्य विवरण का अवश्य मिलान कर लें। जिन पात्र भारतीय नागरिकों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है वे फॉर्म 6 एवं घोषणा पत्र भरकर अवश्य मतदाता सूची से जुड़े। मतदाता अपने नाम की जांच ऑनलाइन भी कर सकते हैं। उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार है। प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में सही एवं अद्यतन रूप में दर्ज होना आवश्यक है। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे स्वयं अपना नाम जांचने के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों का नाम भी मतदाता सूची में सुनिश्चित करें तथा आवश्यकता होने पर समय पर दावा एवं आपत्ति दर्ज कराएं। उन्होंने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ERO), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (AERO) एवं बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को निर्देश दिया है कि मतदाताओं को आवश्यक सहयोग प्रदान करें तथा दावा एवं आपत्ति से संबंधित सभी आवेदनों का नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करें। ================== *#Team IPRD, Khunti*1
- रवि गुप्ता की रिपोर्ट शुरू ऐप न्यूज़ चैनल से सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र में जाम नाली की कराई गई सफाई, मुख्य सड़क पर बह रहे पानी से लोगों को मिली राहत सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या-05 अंतर्गत कालूराम चौक से मकड़ी पान दुकान के समीप जाम नाली की सफाई नगर पंचायत द्वारा कराई गई। नाली जाम होने के कारण गंदा पानी मुख्य सड़क पर बह रहा था, जिससे राहगीरों एवं स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समस्या की जानकारी मिलने पर वार्ड संख्या-05 की पार्षद श्रीमती बबीता कामिला, पूर्व वार्ड पार्षद सपन कामिला, पर्यवेक्षक पवन सिंह तथा नगर पंचायत के कर्मचारियों की उपस्थिति में नाली की सफाई कराई गई। सफाई अभियान के दौरान नाली से कचरा एवं गाद निकालकर जल निकासी को सुचारु किया गया। स्थानीय लोगों ने समय पर कार्रवाई किए जाने पर नगर पंचायत एवं जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही लोगों से अपील की गई कि नालियों में कूड़ा-कचरा न डालें, ताकि जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रहे और ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो।4