अमेठी में 10 मोहर्रम के अवसर पर अकीदत, एहतराम और गमगीन माहौल के बीच पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और "या हुसैन" की सदाओं के साथ इमाम हुसैन एवं कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। यह जुलूस अमेठी के गंगागंज से शुरू होकर सकरा तिराहा सहित विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां धार्मिक रस्मों के साथ इसका समापन हुआ। इस दौरान ताजिया, आलम और अजादारी के माध्यम से कर्बला की कुर्बानी, हक़, इंसाफ़ और इंसानियत के पैग़ाम को याद किया गया। पूरे जुलूस मार्ग पर अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने मातमी धुनों और नौहाख्वानी के बीच अपने गम का इजहार किया। जुलूस को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस एवं प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा तथा अधिकारियों ने लगातार निगरानी बनाए रखी। 10 मोहर्रम का यह पारंपरिक जुलूस अमेठी में आपसी भाईचारे, धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बनकर संपन्न हुआ।
अमेठी में 10 मोहर्रम के अवसर पर अकीदत, एहतराम और गमगीन माहौल के बीच पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और "या हुसैन" की सदाओं के साथ इमाम हुसैन एवं कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। यह जुलूस अमेठी के गंगागंज से शुरू होकर सकरा तिराहा सहित विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां धार्मिक रस्मों के साथ इसका समापन हुआ। इस दौरान ताजिया, आलम और अजादारी के माध्यम से कर्बला की कुर्बानी, हक़, इंसाफ़ और
इंसानियत के पैग़ाम को याद किया गया। पूरे जुलूस मार्ग पर अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने मातमी धुनों और नौहाख्वानी के बीच अपने गम का इजहार किया। जुलूस को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस एवं प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा तथा अधिकारियों ने लगातार निगरानी बनाए रखी। 10 मोहर्रम का यह पारंपरिक जुलूस अमेठी में आपसी भाईचारे, धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बनकर संपन्न हुआ।
- अमेठी के जायस में दसवें मोहर्रम, यौमे असुरा के अवसर पर एक विशाल ताज़िया और आलम का जुलूस गमगीन माहौल में निकाला गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिन्होंने नौहा खानी, सीना ज़नी और जंजीर का मातम करते हुए अपनी श्रद्धा व्यक्त की। पूरे जुलूस के दौरान 'या हुसैन' की सदाएं लगातार बुलंद होती रहीं, और 'या हुसैन' के नारों के साथ ताज़िया और आलम लिए लोग पूरे नगर में घूमते रहे। जुलूस के मार्ग में, स्थानीय लोगों द्वारा जगह-जगह सबील और तबार्रक का इंतजाम किया गया था, जहाँ श्रद्धालुओं के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की गई और उसे वितरित किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए, स्थानीय पुलिस के साथ-साथ जिले के आला अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। पूरी घटना पर ड्रोन कैमरे से लगातार निगरानी रखी जा रही थी ताकि शांति और व्यवस्था बनी रहे। धार्मिक अनुष्ठान के तहत, रज़ा मस्जिद में मौलाना जीशान ने दो रकात आशुरा की नमाज पढ़ाई। इस अवसर पर उन्होंने संदेश दिया कि इमाम हुसैन कभी जुल्म के आगे नहीं झुके, और यह बात हम सभी को प्रेरित करती है कि बड़ी से बड़ी कठिनाई आने पर भी हमें जुल्म का साथ नहीं देना चाहिए।3
- अमेठी के जायस में दसवें मोहर्रम और यौमे आसुरा के अवसर पर बेहद गमगीन माहौल में ताजिया और आलम का जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिन्होंने नौहा खानी, सीना ज़नी और जंजीर का मातम किया। पूरे जुलूस के दौरान लगातार 'या हुसैन' की सदाएं बुलंद होती रहीं, और लोग ताजिया व आलम लिए 'या हुसैन' के नारों के साथ आगे बढ़ते हुए पूरे नगर में घूमे। जुलूस के रास्ते में जगह-जगह लोगों ने श्रद्धालुओं के लिए सबील और तबार्रक का इंतजाम किया था, जिसके तहत खाने-पीने की व्यवस्था की गई और उसे वितरित किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस के साथ जिले के आला अधिकारी भी मौजूद रहे, और जुलूस पर ड्रोन कैमरे से लगातार निगरानी रखी जा रही थी। रज़ा मस्जिद में मौलाना जीशान ने दो रकात आशुरा की नमाज़ पढ़ाई। उन्होंने बताया कि इमाम हुसैन कभी जुल्म के आगे नहीं झुके, जिससे हम सभी को यह प्रेरणा लेनी चाहिए कि बड़ी से बड़ी कठिनाई आने पर भी जुल्म का साथ नहीं देना चाहिए।3
- मोहर्रम के पावन अवसर पर, बदलापुर में इमाम हुसैन की याद में हुसैनी ताज़िया जुलूस बड़े अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिन्होंने अमन, भाईचारे, इंसानियत और देश की खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगीं।1
- अमेठी में शुक्रवार को इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन की शहादत की याद में एक ताजिया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस पारंपरिक मार्ग से मातम मनाते हुए कर्बला तक पहुंचा, जहाँ ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जुलूस इमामबाड़े से शुरू होकर गांधी चौक, सगरा तिराहा और पुराने रायपुर होते हुए कर्बला पहुँचा। इस दौरान युवकों का समूह 'या हुसैन' की सदाएं बुलंद करते हुए मातम मना रहा था, जबकि अकीदतमंदों ने हुसैन की कुर्बानी को याद कर अपने गम का इजहार किया। जुलूस में अल्तमस, रेहान सहित सैकड़ों लोगों ने शिरकत की, और महिलाओं व बच्चों ने भी अपने घरों की छतों से जुलूस का दीदार किया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा; जगह-जगह बैरिकेडिंग कर रूट डायवर्ट किया गया था। वहीं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भीषण गर्मी में लोगों को राहत देने के लिए जगह-जगह टाल लगाकर ठंडा पानी, शरबत और फल वितरित किए, साथ ही पिकअप से भी पानी और फल बांटे गए। अंजुमन कमेटी के सदस्यों ने बताया कि इमाम हुसैन ने कर्बला में जुल्म के खिलाफ इंसानियत की रक्षा के लिए अपनी शहादत दी थी और उनका यह पैगाम आज भी जिंदा है। उपजिलाधिकारी पंकज कुमार मिश्रा, सी.ओ. मनोज मिश्रा और पुलिस कर्मी जुलूस के सकुशल संपन्न होने तक मौके पर मौजूद रहे।3
- अमेठी के कमरौली थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या के मामले में वांछित चल रहे पांच अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या की वारदात में इस्तेमाल किया गया एक फरसा, एक लाठी और एक बांस का डंडा बरामद किया गया है। पुलिस ने यह गिरफ्तारी उस समय की जब वे क्षेत्र में अपराधियों की धरपकड़ के लिए मौजूद थे और मुखबिर की सटीक सूचना पर इन पांचों अभियुक्तों को दबोच लिया। दरअसल, यह पूरा मामला कमरौली थाना क्षेत्र के पूरे मोलना मजरे बरसंडा गांव का है, जहां 24 जून को एक रिसेप्शन समारोह चल रहा था। समारोह में डांस के दौरान एक बच्चे की शर्ट फटने के मामूली वाकये ने दो पक्षों के बीच बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। यह विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते जमकर मारपीट शुरू हो गई, जिसमें एक पक्ष ने फरसे, लाठी और बांस के डंडे का प्रयोग किया। इस घटना से रिसेप्शन पार्टी में खलल पड़ गया और लोग किसी तरह समारोह से भाग निकले। इस दौरान कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा, जहाँ उपचार के दौरान एक घायल ओम प्रकाश की मौत हो गई। मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। 25 जून को मुखबिर से मिली सटीक सूचना पर पुलिस ने इस घटना में शामिल पाँचों अभियुक्तों को दबोच लिया और उनसे वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद किए। पुलिस अब आगे की विधिक कार्रवाई कर इन अभियुक्तों को जेल भेज रही है।2
- अमेठी में 10 मोहर्रम के अवसर पर अकीदत, एहतराम और गमगीन माहौल के बीच पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और "या हुसैन" की सदाओं के साथ इमाम हुसैन एवं कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। यह जुलूस अमेठी के गंगागंज से शुरू होकर सकरा तिराहा सहित विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां धार्मिक रस्मों के साथ इसका समापन हुआ। इस दौरान ताजिया, आलम और अजादारी के माध्यम से कर्बला की कुर्बानी, हक़, इंसाफ़ और इंसानियत के पैग़ाम को याद किया गया। पूरे जुलूस मार्ग पर अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने मातमी धुनों और नौहाख्वानी के बीच अपने गम का इजहार किया। जुलूस को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस एवं प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा तथा अधिकारियों ने लगातार निगरानी बनाए रखी। 10 मोहर्रम का यह पारंपरिक जुलूस अमेठी में आपसी भाईचारे, धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बनकर संपन्न हुआ।2
- राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर विपक्ष लगातार भाजपा को घेर रहा है, जिसमें कांग्रेस के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने एक वीडियो जारी कर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपक सिंह ने आरोप लगाया है कि भाजपा इस मामले को 'निपटाने' की कोशिश कर रही है, जिसके तहत बड़े लोगों को बचाया जा रहा है और छोटे कर्मचारियों को फंसाकर उन पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। उन्होंने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमेशा से यह इतिहास रहा है कि पहले एफआईआर दर्ज होती है और उसके बाद एसआईटी जांच का गठन किया जाता है। हालांकि, इस मामले में पहले एसआईटी का गठन किया गया और फिर एफआईआर दर्ज की गई, जिससे भाजपा की मंशा साफ जाहिर होती है। दीपक सिंह के अनुसार, यह दर्शाता है कि भाजपा राम मंदिर में आए चढ़ावे—जिसमें हीरे, जवाहरात, सोने और चांदी शामिल थे—को लूटने वाले बड़े लुटेरों को बचाने में लगी हुई है। यह आरोप लगाए गए हैं कि वहां नौकरी करने वाले छोटे लोगों को जानबूझकर फंसाया जा रहा है और उन पर एफआईआर दर्ज कर मामले को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।1
- अमेठी पुलिस ने अपने "ऑपरेशन चक्रव्यूह" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी के आरोप में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने हरदो गौसपुर रोड के पास झाड़ियों से चोरी की एक बैट्री और एक इन्वर्टर बरामद किया है। इसके अतिरिक्त, घटना में इस्तेमाल किया गया एक लोहे का राड भी जब्त किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने ही लोहे के राड का इस्तेमाल कर बालेन्द्र के जिम का ताला तोड़ा था और बैट्री व इन्वर्टर चुराए थे। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान गौरीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम गौहनिया मजरे बाजगढ़ी निवासी लकी सिंह उर्फ आदर्श सिंह पुत्र रज्जन सिंह उर्फ राजेश कुमार सिंह और पूरे विसेनन मजरे बाजगढ़ी निवासी अभिषेक सिंह पुत्र जितेन्द्र सिंह के रूप में हुई है। गौरीगंज पुलिस द्वारा इस मामले में आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।1