महाराष्ट्र से आई पालकी यात्रा का सेंधवा में स्वागत रात्री विश्राम कर भजन कीर्तन किये यह यात्रा 70 दिनो मे काशी पहुचेगी सेंधवा 1 जनवरी गुरूवार (ब्युरो) सर्वधर्म समभाव का संदेश देते हुए सभी धर्मों के बीच प्रेम, शांति और सद्भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित श्री क्षेत्र ओतूर (उत्तमापूर) से श्री क्षेत्र काशी की पदयात्रा पालकी का सेंधवा में चौदहवें दिन 31 दिसंबर को भक्तिमय वातावरण में आगमन हुआ। लगभग 400 वर्ष पूर्व सद्गुरु बाबाजी चैतेन्य महाराज ने ओतूर से काशी तक करीब 800 किलोमीटर की पदयात्रा कर काशी विश्वेश्वर मंदिर में दर्शन एवं कीर्तन किया था। उसी ऐतिहासिक और अध्यात्मिक परंपरा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से पिछले 20 वर्षों से यह 70 दिनों की पदयात्रा पालकी नियमित रूप से आयोजित की जा रही है। इस वर्ष पालकी 17 दिसम्बर 2025 को श्री क्षेत्र ओतुर से काशी(वाराणसी) के लिए प्रस्थान हुई । विभिन गांवों से होकर गुजरते हुए यह पदयात्रा (दिन्डी) भक्ती, नामस्मरण, कीर्तन और सामाजिक समरसता का संदेश फैलाते हुए आगे बढ़ रही है यह दिन्डी(पालकी) 13 फरवरी को श्री क्षेत्र वाराणसी (काशी) पहुंचेगी। जहां 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्री का पर्व बड़े भक्तीभाव से मनाया जाएगा। इसके अगले दिन भजन कीर्तन और महाप्रसाद के बाद वापसी यात्रा प्रारंभ होकर ओतूर में पालकी का भक्तीमय वातावरण में समापन होगा। सेंधवा में पालकी के आगमन पर शहरवासियों ने अत्यंत उत्साह के साथ स्वागत किया ताल, बृदंग की गूंज और हरिनाम के जयघोष से पूरा शहर भक्ती रस में सराबोर हो गया। सेंधवा निवासी मंगल निकुम ने बताया कि पालकी श्री क्षेत्र ओतूर से प्रारंभ होकर विभिन्न गांवों से होते हुए एक दिन का रात्रि विश्राम सेंधवा में होता हैं जहां पदयात्रियों द्वारा भजन कीर्तन किया जाता हैं, रात को ठहरने एवं भोजन की व्यवस्था की जाकर दूसरे दिन प्रातः बाबा चैतन्य महाराज का पूजन व अभिषेक कर पालकी यात्रा आगे के लिए प्रस्थान करती हैं। राजेंद्र निकुम ने बताया कि विगत 16 वर्षों से निरंतर पालकी पदयात्रियों का आत्मीय स्वागत के लिए परिवार, समाजजनों ,मित्रों तथा पड़ोसियों का सहयोग प्राप्त होता हैं।
महाराष्ट्र से आई पालकी यात्रा का सेंधवा में स्वागत रात्री विश्राम कर भजन कीर्तन किये यह यात्रा 70 दिनो मे काशी पहुचेगी सेंधवा 1 जनवरी गुरूवार (ब्युरो) सर्वधर्म समभाव का संदेश देते हुए सभी धर्मों के बीच प्रेम, शांति और सद्भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित श्री क्षेत्र ओतूर (उत्तमापूर) से श्री क्षेत्र काशी की पदयात्रा पालकी का सेंधवा में चौदहवें दिन 31 दिसंबर को भक्तिमय वातावरण में आगमन हुआ। लगभग 400 वर्ष पूर्व सद्गुरु बाबाजी चैतेन्य महाराज ने ओतूर से काशी तक करीब
800 किलोमीटर की पदयात्रा कर काशी विश्वेश्वर मंदिर में दर्शन एवं कीर्तन किया था। उसी ऐतिहासिक और अध्यात्मिक परंपरा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से पिछले 20 वर्षों से यह 70 दिनों की पदयात्रा पालकी नियमित रूप से आयोजित की जा रही है। इस वर्ष पालकी 17 दिसम्बर 2025 को श्री क्षेत्र ओतुर से काशी(वाराणसी) के लिए प्रस्थान हुई । विभिन गांवों से होकर गुजरते हुए यह पदयात्रा (दिन्डी) भक्ती, नामस्मरण, कीर्तन और सामाजिक समरसता का संदेश फैलाते हुए आगे बढ़ रही है
यह दिन्डी(पालकी) 13 फरवरी को श्री क्षेत्र वाराणसी (काशी) पहुंचेगी। जहां 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्री का पर्व बड़े भक्तीभाव से मनाया जाएगा। इसके अगले दिन भजन कीर्तन और महाप्रसाद के बाद वापसी यात्रा प्रारंभ होकर ओतूर में पालकी का भक्तीमय वातावरण में समापन होगा। सेंधवा में पालकी के आगमन पर शहरवासियों ने अत्यंत उत्साह के साथ स्वागत किया ताल, बृदंग की गूंज और हरिनाम के जयघोष से पूरा शहर भक्ती रस में सराबोर हो गया। सेंधवा निवासी मंगल निकुम ने बताया कि पालकी
श्री क्षेत्र ओतूर से प्रारंभ होकर विभिन्न गांवों से होते हुए एक दिन का रात्रि विश्राम सेंधवा में होता हैं जहां पदयात्रियों द्वारा भजन कीर्तन किया जाता हैं, रात को ठहरने एवं भोजन की व्यवस्था की जाकर दूसरे दिन प्रातः बाबा चैतन्य महाराज का पूजन व अभिषेक कर पालकी यात्रा आगे के लिए प्रस्थान करती हैं। राजेंद्र निकुम ने बताया कि विगत 16 वर्षों से निरंतर पालकी पदयात्रियों का आत्मीय स्वागत के लिए परिवार, समाजजनों ,मित्रों तथा पड़ोसियों का सहयोग प्राप्त होता हैं।
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- गुरु बीना ज्ञान अधुरा पं. बालकृष्ण शर्मा जैसे विरलेही - पद्म श्री भैंरू सिंह चौहान स्वंभू माँ भवानी प्राचीन मंदिर हुआ सार्वजनिक अभिनंदन इन्दौरा शहर के समीप ग्राम हरसौला में स्वंभू माँ भवानी प्राचीन मंदिर पर ज्योतिषाचार्य भागवताचार्य पं. श्री बालकृष्ण शर्मा द्वारा माँ भवानी परिसर में नववर्ष 1 जनवरी 2026 के मंगलमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया शुरुआत प्रात: 9 बजे से गायत्री परिवार द्वारा हवन-पूजन की जाएगी। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी पं. बालकृष्ण शर्मा का समस्त भक्तों द्वारा किया सर्वजनिक अभिनंदन किया गया। माँ भवानी का विशेष श्रृंगार कन्याओं के पाद-पूजन के साथ महाप्रसादी का वितरण हुआ। जानकारी देते हुए समाजसेवी मदन परमालिया एवं पं. भरत शर्मा ने बताया कि हरसौला स्थित स्वंभू माँ भवानी प्राचीन मंदिर परिसर में नववर्ष 2026 की अगवानी धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के साथ की गई। महिला मंडल द्वारा भजनों के साथ ही ग्राम हरसौला की महिला मंडल द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पद्म श्री भैरू सिंह चौहान थे। आपने कहा की गुरु बीना ज्ञान अधुरा पं. बालकृष्ण शर्मा जैसे विरलेही पुजारी समाज सेवक और सबको रसता दिखाने वाले है विशेष अतिथि जिला पंचायत के सदस्य दिनेश सिंह चौहान, रामनारायण पहलवान बनेसिंह ठाकुर थे इस अवसर पर श्रीमती मंजु शर्मा को भी सम्मानीत किया अतिथियों का स्वागत सुरेश बारोड़, जितेन्द्र सौलंकी, सुरेश परमार, गणेश वर्मा, बंटी शर्मा, लल्ला गौड़, कान्तीलाल चौधरी, विनय यादव एवं सत्यनारायण परमार ने किया। कार्यक्रम का संचालन मदन परमालिया ने किया आभाप पं. भरत शर्मा ने माना। मुश्ताक शेख की रिपोर्ट1
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- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- देशभर में स्वच्छता का सिरमौर और Water Plus का तमगा हासिल इंदौर अपने रहवासियों को पीने का साफ-सुथरा पानी तक उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। इन सभी को उल्टी-दस्त की शिकायत थी। लापरवाही का आलम यह है कि 26 दिसंबर को पहली मौत हुई,1
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- इंदौर फिलेटेलिक ब्यूरो के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष आवरण का अनावरण इंदौर जीपीओ स्थित फिलेटेलिक ब्यूरो के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दिनांक 01 जनवरी 2026 को विशेष आवरण का अनावरण श्रीमती प्रीती अग्रवाल, पोस्टमास्टर जनरल इंदौर परिक्षैत्र द्वारा किया गया | श्रीमती प्रीती अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में बताया कि मध्यप्रदेश के ह्रदय स्थल इंदौर शहर में डाक टिकटो को उनके संग्रहणकर्ताओ तक पहुँचाने के माध्यम स्वरूप इंदौर फिलेटेलिक ब्यूरो की स्थापना वर्ष 1975 में को इंदौर जीपीओ में की गई थी | इंदौर फिलेटेलिक ब्यूरो की स्थापना से लेकर अब तक ब्यूरो अपने अथक परिश्रम एवं डाक टिकट संग्रहणकर्ताओ के सहयोग से अपनी स्थापना के स्वर्ण जयंती की ओर अग्रसर हो राज्य एवं देश में अपनी विशेष पहचान बना रहा है | श्रीमती प्रीती अग्रवाल ने फिलाटेली के महत्व एवं डाक टिकटों के माध्यम से देश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं सामाजिक धरोहर को संजोने में फिलाटेलिक ब्यूरो की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। इंदौर फिलेटेलिक ब्यूरो पुरे प्रदेश में एक मात्र ब्यूरो है जिसका स्वयं का “परमानेंट पिक्टोरिअल कैंसलेशन PPC” है, जिसमे इंदौर की शान राजवाडा की प्रतिकृति है | इस ब्यूरो द्वारा विगत वर्षो में कई विशेष आवरण जारी किये गए है जिनमें मुख्य रूप से भारत रत्न लता मंगेशकर, इंदौर की शान और पहचान रंगपंचमी गैर, एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत इंदौर आलू , मध्य प्रदेश 2022 रणजी ट्राफी चैंपियन, अन्नपूर्णा मंदिर ट्रस्ट, पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होलकर का 300वां जन्मोत्सव, भारत की पहली महिला एक दिवसीय क्रिकेट विश्वकप विजय 2025 आदि | इंदौर फिलेटेलिक ब्यूरो के माध्यम से माय स्टाम्प की सुविधा की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम शुल्क पर आमजन स्वयं अथवा प्रियजनों की तस्वीर के वैयक्तिक डाक टिकट भी तत्काल जारी करवा सकते है जिन्हें डाक प्रभार के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है | श्रीमती प्रीती अग्रवाल ने बताया कि इस ब्यूरो में आज़ादी के पहले के भी डाक सामग्री को आमजन हेतु प्रदर्शित किया गया है | इस अवसर पर वरिष्ठ फिलाटेलिस्ट श्री रविन्द्र नारायण पहलवान ने भी अपने विचार रखे | कार्यक्रम में डाक विभाग के अधिकारीगण, कर्मचारीगण एवं इंदौर शहर के कई डाक टिकिट संग्राहक भी उपस्थिति रहे | ( मुश्ताक शेख की रिपोर्ट )1