गंगा एक्सप्रेस-वे पर रविवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें सिद्धार्थनगर से दिल्ली और नोएडा जा रही एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। थाना क्षेत्र के भाहपुर सपहा गांव के पास सुबह करीब तीन बजे बस के सामने अचानक एक वाहन आ जाने पर चालक ने तेज ब्रेक लगाए, जिससे बस का संतुलन बिगड़ गया और वह एक्सप्रेस-वे से लगभग दस फीट नीचे खेत में जा गिरी। इस हादसे के बाद बस में सवार करीब 50 यात्री घायल हो गए और उनमें चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर पुलिस को सूचित किया। पचदेवरा पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से घायलों को बस से सुरक्षित बाहर निकाला। सभी घायल यात्रियों को एंबुलेंस के जरिए शाहजहांपुर जनपद के जलालाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया। इस बचाव कार्य के दौरान पचदेवरा प्रभारी निरीक्षक राकेश यादव के साथ-साथ उप निरीक्षक अनुराग त्रिपाठी और हेड कांस्टेबल टुन्ना सिंह के हाथों में कांच के महीन टुकड़े धंस गए, जिससे उन्हें भी रक्तस्राव होने लगा। पुलिस टीम की इस तत्परता की वजह से एक बड़ा नुकसान टल गया, और उनकी मुस्तैदी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस के इन नेक कार्यों के कारण वह लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाती हुई नजर आ रही है, और इस घटना में वह एक देवदूत के रूप में सामने आई है।
गंगा एक्सप्रेस-वे पर रविवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें सिद्धार्थनगर से दिल्ली और नोएडा जा रही एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। थाना क्षेत्र के भाहपुर सपहा गांव के पास सुबह करीब तीन बजे बस के सामने अचानक एक वाहन आ जाने पर चालक ने तेज ब्रेक लगाए, जिससे बस का संतुलन बिगड़ गया और वह एक्सप्रेस-वे से लगभग दस फीट नीचे खेत में जा गिरी। इस हादसे के बाद बस में सवार करीब 50 यात्री घायल हो गए और उनमें चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर पुलिस को सूचित किया। पचदेवरा पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से घायलों को
बस से सुरक्षित बाहर निकाला। सभी घायल यात्रियों को एंबुलेंस के जरिए शाहजहांपुर जनपद के जलालाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया। इस बचाव कार्य के दौरान पचदेवरा प्रभारी निरीक्षक राकेश यादव के साथ-साथ उप निरीक्षक अनुराग त्रिपाठी और हेड कांस्टेबल टुन्ना सिंह के हाथों में कांच के महीन टुकड़े धंस गए, जिससे उन्हें भी रक्तस्राव होने लगा। पुलिस टीम की इस तत्परता की वजह से एक बड़ा नुकसान टल गया, और उनकी मुस्तैदी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस के इन नेक कार्यों के कारण वह लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाती हुई नजर आ रही है, और इस घटना में वह एक देवदूत के रूप में सामने आई है।
- फर्रुखाबाद जिले के लोहिया अस्पताल में लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य सेवाओं और लचर व्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार, 5 जुलाई को कांग्रेस नेता शुभम तिवारी ने अपने निजी आवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अस्पताल की खस्ताहाल स्थिति के लिए सत्ताधारी दल बीजेपी के जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोला और इसे जनता के साथ धोखा करार दिया। शुभम तिवारी ने बताया कि लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद सहित आसपास के कई जिलों के मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन इसकी व्यवस्थाएं इतनी खराब हैं कि मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा। उन्होंने उदाहरण दिया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन तीन दिनों तक खराब पड़ी रही, जिसके कारण गरीब मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर जाकर ₹1000 खर्च करने पड़े। उन्होंने इसे सीधा आर्थिक शोषण बताया, क्योंकि अस्पताल में मुफ्त या न्यूनतम शुल्क पर जांच की सुविधा होनी चाहिए थी। कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि गंभीर मरीजों को अक्सर सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी होती है। उन्होंने इस समस्या को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर भी सवाल उठाए। शुभम तिवारी ने बताया कि 2 जून को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें अस्पताल की सभी प्रमुख समस्याओं को उजागर किया गया था, लेकिन एक महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिले के सभी बीजेपी विधायकों और सांसद पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के सभी पदों पर बीजेपी का कब्जा होने के बावजूद किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस गंभीर मुद्दे पर आवाज नहीं उठाई, जिसे उन्होंने जनता के साथ विश्वासघात बताया। उन्होंने अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को भी एक प्रमुख मुद्दा बताया, जिसके कारण मरीजों को समय पर डॉक्टर नहीं मिलते और इलाज में देरी होती है। कांग्रेस नेता ने साफ चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और सरकार ने जल्द ही लोहिया अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर और अधिक उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने जोर दिया कि जनता की स्वास्थ्य समस्याओं को राजनीतिक दलों की चुप्पी नहीं झेलनी पड़ेगी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने शुभम तिवारी के आरोपों का समर्थन करते हुए अस्पताल की स्थिति में तुरंत सुधार की मांग की। फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल की यह बदहाल स्थिति लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसमें बुनियादी सुविधाओं, मशीनों की मरम्मत, डॉक्टरों की उपलब्धता और स्टाफ की कमी जैसे मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है।4
- फर्रुखाबाद के कस्बा अमृतपुर निवासी सचिन सक्सेना ने एक निजी दुकान से खरीदे गए यिप्पी (YiPPee) नूडल्स के पैकेट में सूड़ी और कीड़े मिलने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि जब वह नूडल्स को पकाने के लिए पानी में उबाल रहे थे, तो कुछ ही देर में सूड़ी और छोटे कीड़े पानी की सतह पर तैरते हुए दिखाई दिए। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी उन्होंने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया है। सचिन सक्सेना के अनुसार, यह घटना केवल एक पैकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पैक्ड खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनके भंडारण की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। उनका कहना है कि इस तरह की अशुद्धियाँ उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा उत्पन्न कर सकती हैं। विशेषज्ञों ने भी चेताया है कि कीड़े या सूड़ी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन पेट संबंधी संक्रमण, फूड पॉइजनिंग, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को किसी भी पैक्ड खाद्य सामग्री का उपयोग करने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट, पैकेजिंग की स्थिति और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खाद्य सुरक्षा से जुड़े जानकारों ने सलाह दी है कि यदि किसी खाद्य उत्पाद में ऐसी गड़बड़ी पाई जाती है, तो उसकी शिकायत संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में की जानी चाहिए। इससे उत्पाद की जाँच सुनिश्चित होगी और आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।1
- फर्रुखाबाद स्थित पांचाल घाट के दुर्वासा ऋषि आश्रम के महंत श्री ईश्वर दास महाराज ने आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने से जुड़ी सभी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर उनके चुनाव लड़ने को लेकर फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह से भ्रामक और निराधार हैं। महंत श्री ईश्वर दास महाराज ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से कुछ लोग यह गलत जानकारी फैला रहे हैं कि वह आगामी चुनाव में प्रत्याशी होंगे। इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि वे एक संत हैं और उनका जीवन संतों तथा समाज की सेवा के लिए समर्पित है। उन्होंने यह भी कहा कि एक संत होने के नाते उनका सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलना-जुलना लगा रहता है, लेकिन इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि वह चुनाव लड़ने जा रहे हैं या राजनीति में कदम रख रहे हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए महाराज जी ने आम जनमानस से विशेष अपील की है कि वे ऐसी किसी भी गलत अफवाह पर ध्यान न दें और न ही उसे आगे फैलाने में मदद करें। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि उनका चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है और वे भविष्य में भी संत की भांति ही अपना जीवन व्यतीत करते रहेंगे।4
- अलीगढ़ में कांग्रेस पार्टी ने महंगाई के खिलाफ एक जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें यह चेतावनी दी गई कि अब महंगाई की मार और नहीं सही जाएगी। यह प्रदर्शन डॉ. बी. आर. अंबेडकर जी के पार्क में आयोजित किया गया था, जिसमें श्री पूर्व विधायक विवेक बंसल जी, जिलाध्यक्ष ठा. सोमवीर सिंह, और महानगर अध्यक्ष नावेद खान सहित सैकड़ों की संख्या में वरिष्ठ कांग्रेसी और युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने भारत में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने की मांग की। कांग्रेस का तर्क है कि मध्य एशिया में हुए युद्ध के दौरान कच्चे तेल के मूल्यों में वृद्धि हुई थी, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में काफी गिरावट आ चुकी है, ऐसे में देश में भी इन उत्पादों की कीमतों में कमी की जानी चाहिए। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई के खिलाफ धरना दिया और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, अपनी मांगों को बुलंद करते हुए आक्रोश व्यक्त किया।1
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- फर्रुखाबाद के पांचाल घाट स्थित प्राचीन दुर्वासा ऋषि आश्रम के महंत श्री ईश्वर दास महाराज ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलों पर पूर्ण विराम लगाते हुए इन अफवाहों को पूरी तरह से निराधार, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण बताया है। उन्होंने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर स्पष्ट किया कि उनके चुनाव लड़ने की खबरें मनगढ़ंत हैं। महंत महाराज ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर फेसबुक पर कुछ असामाजिक तत्व उनके नाम से फर्जी खबरें वायरल कर रहे थे, जिनमें दावा किया जा रहा था कि वे आगामी चुनाव में किसी राजनीतिक दल से टिकट लेकर मैदान में उतरने वाले हैं। इन खबरों का कड़ा खंडन करते हुए उन्होंने कहा, "मैं एक संत हूं। मेरा पूरा जीवन संतों की परंपरा, समाज सेवा और आध्यात्मिक कार्यों के लिए समर्पित है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से मेरा मिलना-जुलना सामाजिक और धार्मिक कार्यों के सिलसिले में होता रहता है, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि मैं राजनीति में प्रवेश करने जा रहा हूं या चुनाव लड़ने वाला हूं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि वे पिछले कई वर्षों से दुर्वासा ऋषि आश्रम में रहकर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं, जिसमें नियमित रूप से सत्संग, भजन-कीर्तन, गरीबों की सेवा और युवाओं को नैतिक शिक्षा प्रदान करने का कार्य शामिल है। उनका मुख्य ध्येय लोगों को आध्यात्मिक मार्ग पर ले जाना और समाज में सद्भावना फैलाना है, न कि सत्ता की राजनीति में शामिल होना। महाराज जी ने आम जनता, भक्तों और अनुयायियों से अपील की कि वे ऐसी किसी भी गलत अफवाह पर ध्यान न दें और न ही उन्हें आगे फैलाएं, साथ ही सोशल मीडिया पर आने वाली हर खबर को बिना जांचे-परखे साझा न करें, क्योंकि इससे समाज में भ्रम फैलता है और संतों की छवि धूमिल होती है। महंत श्री ईश्वर दास महाराज ने यह भी स्पष्ट किया कि वे आगे भी संत की भांति ही अपना जीवन व्यतीत करेंगे और आश्रम के माध्यम से जन सेवा का कार्य निरंतर जारी रखेंगे। स्थानीय स्तर पर उन्हें काफी सम्मान प्राप्त है और वे विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर अपनी सार्थक भूमिका के लिए जाने जाते हैं। उनकी इस स्पष्ट घोषणा से स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है, जहाँ पहले से ही उनके नाम की काफी बातचीत चल रही थी।3
- फर्रुखाबाद में दुर्वासाऋषि आश्रम के महंत ईश्वरदास ने सोशल मीडिया पर उनके राजनीति में आने को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों का खंडन किया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर यह स्पष्ट किया कि वे जिले में चुनावों सहित सभी राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखेंगे। महंत ईश्वरदास ने बताया कि उनका प्रमुख दायित्व आश्रम, गुरुकुल और गौशाला की सेवा करना है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस तरह की भ्रामक पोस्ट न करने की अपील भी की।4
- रेंजर गिरीश चंद्र श्रीवास्तव के निर्देश पर रात 11 बजे एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत एक विषैले सर्प को जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।1
- फर्रुखाबाद के ढाई घाट गंगा तट पर कलश विसर्जन के दौरान जमकर बवाल हुआ। यह विवाद महिलाओं का वीडियो बनाने और उनके साथ छेड़छाड़ के विरोध में शुरू हुआ, जिसके बाद दो पक्षों में मारपीट हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे भी चले, जिसमें कुल 3 लोग घायल हो गए। सभी घायल व्यक्तियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया है। मारपीट की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में मारपीट के 3 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने संबंधित तहरीर प्राप्त कर घटना की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। यह पूरा मामला शमशाबाद थाना क्षेत्र के ढाई घाट का है।4