फर्रुखाबाद के पांचाल घाट स्थित प्राचीन दुर्वासा ऋषि आश्रम के महंत श्री ईश्वर दास महाराज ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलों पर पूर्ण विराम लगाते हुए इन अफवाहों को पूरी तरह से निराधार, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण बताया है। उन्होंने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर स्पष्ट किया कि उनके चुनाव लड़ने की खबरें मनगढ़ंत हैं। महंत महाराज ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर फेसबुक पर कुछ असामाजिक तत्व उनके नाम से फर्जी खबरें वायरल कर रहे थे, जिनमें दावा किया जा रहा था कि वे आगामी चुनाव में किसी राजनीतिक दल से टिकट लेकर मैदान में उतरने वाले हैं। इन खबरों का कड़ा खंडन करते हुए उन्होंने कहा, "मैं एक संत हूं। मेरा पूरा जीवन संतों की परंपरा, समाज सेवा और आध्यात्मिक कार्यों के लिए समर्पित है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से मेरा मिलना-जुलना सामाजिक और धार्मिक कार्यों के सिलसिले में होता रहता है, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि मैं राजनीति में प्रवेश करने जा रहा हूं या चुनाव लड़ने वाला हूं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि वे पिछले कई वर्षों से दुर्वासा ऋषि आश्रम में रहकर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं, जिसमें नियमित रूप से सत्संग, भजन-कीर्तन, गरीबों की सेवा और युवाओं को नैतिक शिक्षा प्रदान करने का कार्य शामिल है। उनका मुख्य ध्येय लोगों को आध्यात्मिक मार्ग पर ले जाना और समाज में सद्भावना फैलाना है, न कि सत्ता की राजनीति में शामिल होना। महाराज जी ने आम जनता, भक्तों और अनुयायियों से अपील की कि वे ऐसी किसी भी गलत अफवाह पर ध्यान न दें और न ही उन्हें आगे फैलाएं, साथ ही सोशल मीडिया पर आने वाली हर खबर को बिना जांचे-परखे साझा न करें, क्योंकि इससे समाज में भ्रम फैलता है और संतों की छवि धूमिल होती है। महंत श्री ईश्वर दास महाराज ने यह भी स्पष्ट किया कि वे आगे भी संत की भांति ही अपना जीवन व्यतीत करेंगे और आश्रम के माध्यम से जन सेवा का कार्य निरंतर जारी रखेंगे। स्थानीय स्तर पर उन्हें काफी सम्मान प्राप्त है और वे विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर अपनी सार्थक भूमिका के लिए जाने जाते हैं। उनकी इस स्पष्ट घोषणा से स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है, जहाँ पहले से ही उनके नाम की काफी बातचीत चल रही थी।
फर्रुखाबाद के पांचाल घाट स्थित प्राचीन दुर्वासा ऋषि आश्रम के महंत श्री ईश्वर दास महाराज ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलों पर पूर्ण विराम लगाते हुए इन अफवाहों को पूरी तरह से निराधार, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण बताया है। उन्होंने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर स्पष्ट किया कि उनके चुनाव लड़ने की खबरें मनगढ़ंत हैं। महंत महाराज ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर फेसबुक पर कुछ असामाजिक तत्व उनके नाम से फर्जी खबरें वायरल कर रहे थे, जिनमें दावा किया जा रहा था कि वे आगामी चुनाव में किसी राजनीतिक दल से टिकट लेकर मैदान में उतरने वाले हैं। इन खबरों का कड़ा खंडन करते हुए उन्होंने कहा, "मैं एक संत हूं। मेरा पूरा जीवन संतों की परंपरा, समाज सेवा और आध्यात्मिक कार्यों
के लिए समर्पित है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से मेरा मिलना-जुलना सामाजिक और धार्मिक कार्यों के सिलसिले में होता रहता है, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि मैं राजनीति में प्रवेश करने जा रहा हूं या चुनाव लड़ने वाला हूं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि वे पिछले कई वर्षों से दुर्वासा ऋषि आश्रम में रहकर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं, जिसमें नियमित रूप से सत्संग, भजन-कीर्तन, गरीबों की सेवा और युवाओं को नैतिक शिक्षा प्रदान करने का कार्य शामिल है। उनका मुख्य ध्येय लोगों को आध्यात्मिक मार्ग पर ले जाना और समाज में सद्भावना फैलाना है, न कि सत्ता की राजनीति में शामिल होना। महाराज जी ने आम जनता, भक्तों और अनुयायियों से अपील की कि वे ऐसी किसी
भी गलत अफवाह पर ध्यान न दें और न ही उन्हें आगे फैलाएं, साथ ही सोशल मीडिया पर आने वाली हर खबर को बिना जांचे-परखे साझा न करें, क्योंकि इससे समाज में भ्रम फैलता है और संतों की छवि धूमिल होती है। महंत श्री ईश्वर दास महाराज ने यह भी स्पष्ट किया कि वे आगे भी संत की भांति ही अपना जीवन व्यतीत करेंगे और आश्रम के माध्यम से जन सेवा का कार्य निरंतर जारी रखेंगे। स्थानीय स्तर पर उन्हें काफी सम्मान प्राप्त है और वे विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर अपनी सार्थक भूमिका के लिए जाने जाते हैं। उनकी इस स्पष्ट घोषणा से स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है, जहाँ पहले से ही उनके नाम की काफी बातचीत चल रही थी।
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- कन्नौज के छिबरामऊ विकास खंड की ग्राम पंचायत कुंवरपुर बनवारी में स्थित बारात घर अब जुआ खेलने और शराब पीने का मुख्य अड्डा बन गया है। कुछ अराजकतत्वों द्वारा इस बारात घर में लगातार कूड़े के ढेर डाले जा रहे हैं, जिससे कूड़ा अब सड़क तक फैल गया है। इस गंदगी के कारण लोगों का वहां से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है, और तीव्र दुर्गंध के चलते राहगीरों को मुंह बांधकर निकलना पड़ता है। बारात घर के भीतर बड़ी संख्या में शराब के खाली पाउच पड़े मिलते हैं, जो इसकी दुर्दशा को और बढ़ाते हैं। इस व्यापक गंदगी में मच्छरों के पनपने से संक्रामक रोग फैलने की गंभीर आशंका बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर ग्राम प्रधान और सचिव से कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है।1
- हरदोई जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सुरसा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में एक हिस्ट्रीशीटर अभियुक्त को 1 किलो 200 ग्राम अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस सफलता को महत्वपूर्ण बताया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनिल पुत्र शंकर, निवासी तारापुरवा मजरा घिन्नी, थाना सुरसा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसके कब्जे से 1.2 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी अनिल थाना सुरसा का हिस्ट्रीशीटर (HS) अपराधी है, जिसके विरुद्ध चोरी, मारपीट, गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं। इस मामले में थाना सुरसा पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई को थाना प्रभारी विश्वास शर्मा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने अंजाम दिया, जिसमें उपनिरीक्षक रोहित कुमार, उपनिरीक्षक मोहम्मद फहीद खां, हेड कांस्टेबल रजनेश कुमार, कांस्टेबल विपिन कुमार और कांस्टेबल विशाल राठी भी शामिल रहे।2
- फर्रुखाबाद के पांचाल घाट स्थित प्राचीन दुर्वासा ऋषि आश्रम के महंत श्री ईश्वर दास महाराज ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलों पर पूर्ण विराम लगाते हुए इन अफवाहों को पूरी तरह से निराधार, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण बताया है। उन्होंने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर स्पष्ट किया कि उनके चुनाव लड़ने की खबरें मनगढ़ंत हैं। महंत महाराज ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर फेसबुक पर कुछ असामाजिक तत्व उनके नाम से फर्जी खबरें वायरल कर रहे थे, जिनमें दावा किया जा रहा था कि वे आगामी चुनाव में किसी राजनीतिक दल से टिकट लेकर मैदान में उतरने वाले हैं। इन खबरों का कड़ा खंडन करते हुए उन्होंने कहा, "मैं एक संत हूं। मेरा पूरा जीवन संतों की परंपरा, समाज सेवा और आध्यात्मिक कार्यों के लिए समर्पित है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से मेरा मिलना-जुलना सामाजिक और धार्मिक कार्यों के सिलसिले में होता रहता है, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि मैं राजनीति में प्रवेश करने जा रहा हूं या चुनाव लड़ने वाला हूं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि वे पिछले कई वर्षों से दुर्वासा ऋषि आश्रम में रहकर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं, जिसमें नियमित रूप से सत्संग, भजन-कीर्तन, गरीबों की सेवा और युवाओं को नैतिक शिक्षा प्रदान करने का कार्य शामिल है। उनका मुख्य ध्येय लोगों को आध्यात्मिक मार्ग पर ले जाना और समाज में सद्भावना फैलाना है, न कि सत्ता की राजनीति में शामिल होना। महाराज जी ने आम जनता, भक्तों और अनुयायियों से अपील की कि वे ऐसी किसी भी गलत अफवाह पर ध्यान न दें और न ही उन्हें आगे फैलाएं, साथ ही सोशल मीडिया पर आने वाली हर खबर को बिना जांचे-परखे साझा न करें, क्योंकि इससे समाज में भ्रम फैलता है और संतों की छवि धूमिल होती है। महंत श्री ईश्वर दास महाराज ने यह भी स्पष्ट किया कि वे आगे भी संत की भांति ही अपना जीवन व्यतीत करेंगे और आश्रम के माध्यम से जन सेवा का कार्य निरंतर जारी रखेंगे। स्थानीय स्तर पर उन्हें काफी सम्मान प्राप्त है और वे विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर अपनी सार्थक भूमिका के लिए जाने जाते हैं। उनकी इस स्पष्ट घोषणा से स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है, जहाँ पहले से ही उनके नाम की काफी बातचीत चल रही थी।3
- फर्रुखाबाद में दुर्वासाऋषि आश्रम के महंत ईश्वरदास ने सोशल मीडिया पर उनके राजनीति में आने को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों का खंडन किया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर यह स्पष्ट किया कि वे जिले में चुनावों सहित सभी राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखेंगे। महंत ईश्वरदास ने बताया कि उनका प्रमुख दायित्व आश्रम, गुरुकुल और गौशाला की सेवा करना है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस तरह की भ्रामक पोस्ट न करने की अपील भी की।4
- रविवार तड़के गंगा एक्सप्रेस-वे पर पचदेवरा थाना क्षेत्र के सपाभापुर गांव के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। सिद्धार्थनगर से दिल्ली और नोएडा जा रही एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर एक्सप्रेस-वे से करीब दस फीट नीचे खेत में पलट गई। इस हादसे में लगभग 50 यात्री घायल हो गए, जिनमें से 12 की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना रविवार सुबह करीब तीन बजे हुई, जब बस के सामने अचानक एक अन्य वाहन आ गया। चालक ने तुरंत तेज ब्रेक लगाए, जिससे बस का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे खेत में जा गिरी। बस के पलटने के बाद उसमें सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया और पुलिस को सूचित किया। पचदेवरा पुलिस भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से सभी घायलों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें शाहजहांपुर जनपद के जलालाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भिजवाया गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. दिनेश सिंह के अनुसार, कुल 42 घायलों का उपचार किया गया। इनमें से 12 गंभीर यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी की सूझबूझ और ग्रामीणों की तत्परता से घायलों को समय पर उपचार मिल सका।4
- फर्रुखाबाद के ढाई घाट गंगा तट पर कलश विसर्जन के दौरान जमकर बवाल हुआ। यह विवाद महिलाओं का वीडियो बनाने और उनके साथ छेड़छाड़ के विरोध में शुरू हुआ, जिसके बाद दो पक्षों में मारपीट हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे भी चले, जिसमें कुल 3 लोग घायल हो गए। सभी घायल व्यक्तियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया है। मारपीट की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में मारपीट के 3 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने संबंधित तहरीर प्राप्त कर घटना की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। यह पूरा मामला शमशाबाद थाना क्षेत्र के ढाई घाट का है।4