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गांगेपुरा पंचायत में पुल न बनने के कारण सभी आस पास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

3 hrs ago
user_Mr रामेंद्र सिंह वंशकार
Mr रामेंद्र सिंह वंशकार
लहार, भिंड, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

गांगेपुरा पंचायत में पुल न बनने के कारण सभी आस पास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • गांगेपुरा पंचायत में पुल न बनने के कारण सभी आस पास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है
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    गांगेपुरा पंचायत में पुल न बनने के कारण सभी आस पास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है
    user_Mr रामेंद्र सिंह वंशकार
    Mr रामेंद्र सिंह वंशकार
    लहार, भिंड, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जालौन.. भेदपुरा तेंदुआ की दहसत से गांव मे डुगडुगी पिटी
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    जालौन.. भेदपुरा तेंदुआ की दहसत से गांव मे डुगडुगी पिटी
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    Journalist Jalaun, Uttar Pradesh•
    23 hrs ago
  • बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे लगातार अत्याचार और हत्याएं पूरी दुनिया देख रही है, लेकिन अफ़सोस… देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी अडानी के व्यापारिक हितों के आगे पूरी तरह मौन हैं। सवाल साफ़ है - क्या अडानी का कारोबार इतना ज़रूरी है कि निर्दोष हिंदुओं की जान भी सस्ती हो जाए? आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शंख और घंटी बजाकर मोदी जी की सोई हुई अंतरात्मा को जगाने की कोशिश की, लेकिन अडानी के मोह में डूबे प्रधानमंत्री को न चीख़ सुनाई दे रही है, न आंसू दिखाई दे रहे हैं। जौनपुर में पूर्वांचल प्रांत अध्यक्ष अनुराग मिश्रा और जिलाध्यक्ष रामरतन विश्वकर्मा के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन कर मोदी सरकार की इस शर्मनाक चुप्पी के खिलाफ़ आवाज़ बुलंद की। जब तक बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार नहीं रुकते, तब तक आम आदमी पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। #मोदी_की_अडानी_से_यारी_हिंदुओं_से_गद्दारी
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    बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे लगातार अत्याचार और हत्याएं पूरी दुनिया देख रही है, लेकिन अफ़सोस… देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी अडानी के व्यापारिक हितों के आगे पूरी तरह मौन हैं।
सवाल साफ़ है - क्या अडानी का कारोबार इतना ज़रूरी है कि निर्दोष हिंदुओं की जान भी सस्ती हो जाए?
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शंख और घंटी बजाकर मोदी जी की सोई हुई अंतरात्मा को जगाने की कोशिश की, लेकिन अडानी के मोह में डूबे प्रधानमंत्री को न चीख़ सुनाई दे रही है, न आंसू दिखाई दे रहे हैं।
जौनपुर में पूर्वांचल प्रांत अध्यक्ष अनुराग मिश्रा और जिलाध्यक्ष रामरतन विश्वकर्मा के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन कर मोदी सरकार की इस शर्मनाक चुप्पी के खिलाफ़ आवाज़ बुलंद की।
जब तक बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार नहीं रुकते, तब तक आम आदमी पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।
#मोदी_की_अडानी_से_यारी_हिंदुओं_से_गद्दारी
    user_Rajesh Shakya
    Rajesh Shakya
    Journalist Bhind, Madhya Pradesh•
    3 hrs ago
  • 12 जनवरी 2026 समय 12:00 से सुपर सोमवार में सभी लोग तैयार रहेंगे। पीजी ग्राउंड कामत रोड इंदरगढ़ जिला दतिया मध्य प्रदेश जो भी खिलाड़ी 11:00 बजे उपस्थित नहीं होगा वह शिकायत नहीं कर सकेगा परसों सुपर सोमवार महत्वपूर्ण मुकाबला है। जिसमें आप सभी को हिस्सा लेना है। विजय टीम को ट्रॉफी से सम्मानित किया जाएगा। यह नगर इंदरगढ़ त्रिकोण श्रृंखला है। 🌹🌹🌹🌹🌹
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    12 जनवरी 2026 समय 12:00 से सुपर सोमवार में सभी लोग तैयार रहेंगे।
पीजी ग्राउंड कामत रोड इंदरगढ़ जिला दतिया मध्य प्रदेश 
जो भी खिलाड़ी 11:00 बजे उपस्थित नहीं होगा वह शिकायत नहीं कर सकेगा  
परसों सुपर सोमवार 
महत्वपूर्ण मुकाबला है।
जिसमें आप सभी को हिस्सा लेना है।
विजय टीम को ट्रॉफी से सम्मानित किया जाएगा।
यह नगर इंदरगढ़ त्रिकोण श्रृंखला है।
🌹🌹🌹🌹🌹
    user_RK itoriya
    RK itoriya
    Citizen Reporter Indergarh, Datia•
    22 hrs ago
  • Post by Sugirv Kushwha
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    Post by Sugirv Kushwha
    user_Sugirv Kushwha
    Sugirv Kushwha
    Financial Analyst उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़ (नेशनल) – संपादकीय भारत को जागरूक करते हुए सरकार से सवाल शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़ नेशनल देश की सरकार और तंत्र से गंभीर प्रश्न पूछता है— क्या यही वह भारत है, जिसका सपना हमारे शहीदों ने देखा था? क्या लोकतंत्र की आवाज़ का इस तरह दमन होना स्वीकार्य है? लोकतांत्रिक मूल्यों की खुलेआम अनदेखी आखिर कब तक होती रहेगी? आज देश जिस दिशा में जा रहा है, वह हर जागरूक नागरिक को सोचने पर मजबूर करता है। क्या यही वह भारत है, जिसे हर भारतीय विश्वगुरु के रूप में देखना चाहता है? यदि पत्रकारों की आवाज़ दबा दी जाएगी, सच दिखाने वालों को डराया जाएगा, तो लोकतंत्र की नींव कैसे सुरक्षित रहेगी? चिंता का विषय यह है कि जब पुलिस द्वारा स्वयं न्यूज़ चैनलों और पत्रकारों के साथ कथित रूप से अत्याचार की खबरें सामने आ रही हैं, तो यह समझना कठिन नहीं है कि आम नागरिकों और पीड़ितों के साथ कैसा व्यवहार किया जा रहा होगा। ऐसे हालात में यह आशंका भी गहराती है कि दबाव बनाकर मनचाहे या गलत बयान दिलवाने की कोशिशें की जा सकती हैं। इसी कारण मीडिया को घटनास्थल और जांच प्रक्रिया से दूर रखने की कोशिशें लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत हैं। लोकतंत्र में पारदर्शिता, स्वतंत्रता और जवाबदेही अनिवार्य स्तंभ हैं। ऐसे संवेदनशील मामलों में केवल निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच ही सच्चाई को सामने ला सकती है। देश की जनता यह जानना चाहती है— क्या यह तंत्र वास्तव में जनता के हित में काम कर रहा है? या फिर सवाल पूछने वालों को चुप कराने की नीति अपनाई जा रही है? अब चुप्पी नहीं, जवाब चाहिए। क्योंकि लोकतंत्र सवालों से ही जीवित रहता है। — शिवपाल सिंह एडिटर-इन-चीफ शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़
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    शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़ (नेशनल) – संपादकीय
भारत को जागरूक करते हुए सरकार से सवाल
शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़ नेशनल देश की सरकार और तंत्र से गंभीर प्रश्न पूछता है—
क्या यही वह भारत है, जिसका सपना हमारे शहीदों ने देखा था?
क्या लोकतंत्र की आवाज़ का इस तरह दमन होना स्वीकार्य है?
लोकतांत्रिक मूल्यों की खुलेआम अनदेखी आखिर कब तक होती रहेगी?
आज देश जिस दिशा में जा रहा है, वह हर जागरूक नागरिक को सोचने पर मजबूर करता है। क्या यही वह भारत है, जिसे हर भारतीय विश्वगुरु के रूप में देखना चाहता है? यदि पत्रकारों की आवाज़ दबा दी जाएगी, सच दिखाने वालों को डराया जाएगा, तो लोकतंत्र की नींव कैसे सुरक्षित रहेगी?
चिंता का विषय यह है कि जब पुलिस द्वारा स्वयं न्यूज़ चैनलों और पत्रकारों के साथ कथित रूप से अत्याचार की खबरें सामने आ रही हैं, तो यह समझना कठिन नहीं है कि आम नागरिकों और पीड़ितों के साथ कैसा व्यवहार किया जा रहा होगा। ऐसे हालात में यह आशंका भी गहराती है कि दबाव बनाकर मनचाहे या गलत बयान दिलवाने की कोशिशें की जा सकती हैं।
इसी कारण मीडिया को घटनास्थल और जांच प्रक्रिया से दूर रखने की कोशिशें लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत हैं।
लोकतंत्र में पारदर्शिता, स्वतंत्रता और जवाबदेही अनिवार्य स्तंभ हैं। ऐसे संवेदनशील मामलों में केवल निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच ही सच्चाई को सामने ला सकती है।
देश की जनता यह जानना चाहती है—
क्या यह तंत्र वास्तव में जनता के हित में काम कर रहा है?
या फिर सवाल पूछने वालों को चुप कराने की नीति अपनाई जा रही है?
अब चुप्पी नहीं, जवाब चाहिए।
क्योंकि लोकतंत्र सवालों से ही जीवित रहता है।
— शिवपाल सिंह
एडिटर-इन-चीफ
शाक्यसंदेश भारत दर्शन न्यूज़
    user_SHIVPAL SINGH
    SHIVPAL SINGH
    Publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • शादी से पहले ही प्लान बनाकर आती है बेटा#🤪😄😄🤣#सब्सक्राइब लाइक फॉलो कमेंट हंसते मुस्कुराते रहो
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    शादी से पहले ही प्लान बनाकर आती है बेटा#🤪😄😄🤣#सब्सक्राइब लाइक फॉलो कमेंट हंसते मुस्कुराते रहो
    user_Kshatr Pal shivhare
    Kshatr Pal shivhare
    Actor Moth, Jhansi•
    19 hrs ago
  • जालौन वन विभाग की टीम को तेंदुआ के पदचिन्ह मिले पकड़ से अभी दूर
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    जालौन वन विभाग की टीम को तेंदुआ के पदचिन्ह मिले पकड़ से अभी दूर
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    Journalist Jalaun, Uttar Pradesh•
    23 hrs ago
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