हनुमानगढ़ में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा के निर्देशन में स्वास्थ्य भवन परिसर में एक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ माणकसर स्थित बंसल कॉलेज ऑफ नर्सिंग के स्टॉफ और 60 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी उपस्थित लोगों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन और लगाए गए पौधों की देखभाल का सामूहिक संकल्प लिया। बंसल कॉलेज ऑफ नर्सिंग से प्रिंसीपल डॉ. रेवंत, वाइस प्रिंसीपल श्रीमती नवकिरणदीप और असिस्टेंट प्रो. रतन यादव भी इस अवसर पर मौजूद थे, जहाँ छात्र-छात्राओं ने गड्ढे भी खोदे और पौधारोपण किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण के साथ-साथ वृक्षों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने पर बल दिया। डॉ. शर्मा ने कहा कि एक पौधा न केवल वातावरण को शुद्ध करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और स्वस्थ भविष्य की नींव भी रखता है। इस दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और बच्चों ने पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और हरित वातावरण के निर्माण में जनसहभागिता की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया गया। डॉ. नवनीत शर्मा ने आमजन से भी अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाली सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विश्व पर्यावरण दिवस के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
हनुमानगढ़ में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा के निर्देशन में स्वास्थ्य भवन परिसर में एक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ माणकसर स्थित बंसल कॉलेज ऑफ नर्सिंग के स्टॉफ और 60 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी उपस्थित लोगों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन और लगाए गए पौधों की देखभाल का सामूहिक संकल्प लिया। बंसल कॉलेज ऑफ नर्सिंग से प्रिंसीपल डॉ. रेवंत, वाइस प्रिंसीपल श्रीमती नवकिरणदीप और असिस्टेंट प्रो. रतन यादव भी इस अवसर पर मौजूद थे, जहाँ छात्र-छात्राओं ने गड्ढे भी खोदे और पौधारोपण किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण के साथ-साथ वृक्षों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने पर बल दिया। डॉ. शर्मा ने कहा कि एक पौधा न केवल वातावरण को शुद्ध करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और स्वस्थ भविष्य की नींव भी रखता है। इस दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और बच्चों ने पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और हरित वातावरण के निर्माण में जनसहभागिता की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया गया। डॉ. नवनीत शर्मा ने आमजन से भी अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाली सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विश्व पर्यावरण दिवस के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
- हनुमानगढ़ में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा के निर्देशन में स्वास्थ्य भवन परिसर में एक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ माणकसर स्थित बंसल कॉलेज ऑफ नर्सिंग के स्टॉफ और 60 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी उपस्थित लोगों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन और लगाए गए पौधों की देखभाल का सामूहिक संकल्प लिया। बंसल कॉलेज ऑफ नर्सिंग से प्रिंसीपल डॉ. रेवंत, वाइस प्रिंसीपल श्रीमती नवकिरणदीप और असिस्टेंट प्रो. रतन यादव भी इस अवसर पर मौजूद थे, जहाँ छात्र-छात्राओं ने गड्ढे भी खोदे और पौधारोपण किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण के साथ-साथ वृक्षों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने पर बल दिया। डॉ. शर्मा ने कहा कि एक पौधा न केवल वातावरण को शुद्ध करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और स्वस्थ भविष्य की नींव भी रखता है। इस दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और बच्चों ने पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और हरित वातावरण के निर्माण में जनसहभागिता की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया गया। डॉ. नवनीत शर्मा ने आमजन से भी अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाली सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विश्व पर्यावरण दिवस के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।1
- एक नई बनी सड़क की कथित खराब हालत को दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया जा रहा है। यह वीडियो लोगों से इसे अधिक से अधिक प्रसारित करने की अपील करता है, साथ ही यह सवाल पूछता है कि क्या सड़क निर्माण कार्य इसी गुणवत्ता का होना चाहिए।1
- हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा में आयोजित रात्रि चौपाल में जिला कलक्टर ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।1
- यह एक ज्ञात सत्य है कि जो लोग आपके सामने दूसरों की बुराई करते हैं, वे निश्चित रूप से दूसरों के सामने आपकी भी बुराई करते होंगे।1
- यश वर्धन ने प्रतिष्ठित जेईई एडवांस्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 52वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता ने गंगानगर का नाम रोशन किया है, जिससे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।1
- रायसिंहनगर के बस स्टैंड के पास बड़े पैमाने पर कचरे का अंबार जमा हो गया है। इस स्थिति से स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस कचरे को तत्काल हटाने की मांग की है।1
- सिंधु सांस्कृति गौरव यात्रा का जैतसर के क्रिस्टल पैलेस 5जीबी में पहुँचने पर भानुशाली काच्छी सिंधी समाज और पूज्य सिंधी पंचायत द्वारा वीरवार को पुष्प वर्षा के साथ जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर भारतीय सिंधु सभा के प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर मोरवानी, सिंधी संस्कृति गौरव यात्रा के सह प्रभारी डॉक्टर प्रदीप गेहानी, संभाग प्रभारी मानसिंह मामनानी, बीकानेर संभाग से घनश्याम हरवाणी, संभाग प्रभारी गंग हनुमानगढ़ से महेश कौढवानी और बीकानेर से सुरेश केसवानी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति यात्रा में शामिल थे। यात्रा के वक्ताओं ने इसके मुख्य उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए बताया कि भारतीय सिंधु सभा राजस्थान न्यास के नेतृत्व में साधु-संतों के आशीर्वाद से पूरे प्रदेश के सभी जिलों में 5000 किलोमीटर की यह यात्रा आयोजित की जा रही है। इसका प्राथमिक लक्ष्य युवा पीढ़ी को सिंधु सनातन संस्कृति से जोड़ना है। साथ ही, समाज की मातृशक्ति और हर वर्ग के जुड़ाव को मजबूत करते हुए गौरवमयी सिंधी संस्कृति, साहित्य और महापुरुषों के चित्रों से लोगों को अवगत कराना और बच्चों को सिंधी संस्कृति से जोड़ने का आह्वान करना भी इसके महत्वपूर्ण उद्देश्यों में शामिल है। मीडिया प्रभारी पवन नंदा के अनुसार, स्वागत समारोह के दौरान भानुशाली काच्छी सिंधी समाज के अध्यक्ष लेखराज गजरा, ताराचंद फुलिया, टीकम गोरी, बबलू मिठिया, दौलत गोरी, दीपक बदरा, अशोक गजरा, संजय फुलिया, मनू मिठिया, किशन बदरा, राहुल गजरा, रामचन्द्र कटारिया, किशन मिठिया, दिनेश फुलिया, हिमांशु बक्कड़, हेमंत कुमार, चेतन फुलिया, जेठा बदरा, पवन नंदा और दौलत गोरी प्रमुख रूप से उपस्थित थे। पूज्य सिंधी पंचायत की ओर से अध्यक्ष दयाल चन्द आयलानी, मोहनलाल जेसाणी, दलीप कंधराणी, शतिष वधालानी, सुन्दर लाल, जितेन्द्र जियाणी, मनोज जियाणी, केशव कुमार, टेकचंद कंधराणी, अनिल मेधाणी और सुरेश जियाणी सहित सिंधी समाज के अन्य गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।2
- भोपालगढ़ के उप जिला चिकित्सालय और उपखण्ड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया।1