मुरैना जिले की अम्बाह तहसील के ग्राम थरा की बेटी खुशी तोमर ने मध्य प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक (एसआई) पद पर चयनित होकर पूरे गांव का नाम रोशन किया है। हाल ही में घोषित पुलिस उपनिरीक्षक, पुलिस सूबेदार एवं प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा के परिणाम में सफलता प्राप्त करने के बाद वह इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने वाली थरा गांव की पहली बेटी बन गई हैं। गांव में उनके पहली बार आगमन पर ग्रामीणों ने फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया और एक स्वागत यात्रा भी निकाली। इस दौरान खुशी तोमर ने सबसे पहले परमहंस बाबा बालक दास जी आश्रम पहुंचकर आशीर्वाद लिया, जिसके बाद उनके निवास पर परिजनों, शुभचिंतकों और गांव के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। खुशी के पिता जितेंद्र सिंह तोमर भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में ग्वालियर में पुलिस निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनके दादा सुरेश सिंह तोमर हैं। अपने भाई-बहनों में सबसे छोटी खुशी की इस गौरवमयी उपलब्धि पर भाजपा युवा नेता धर्मेंद्र सिंह तोमर (छोटे ठेकेदार) ने कहा कि खुशी ने गांव का मान बढ़ाया है और वह क्षेत्र की बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणास्रोत बन गई हैं। ग्रामीणों ने खुशी की इस सफलता को पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि इससे गांव की अन्य बेटियों को भी शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई दिशा व प्रेरणा मिलेगी। थरा गांव के लोगों ने गर्व के साथ इस अवसर पर गांव की अन्य सफल प्रतिभाओं का भी उल्लेख किया, जिनमें पंजाब कैडर में कार्यरत आईएएस संदीप राजोरिया और भारतीय अभियांत्रिकी सेवा (आईईएस) में देश की सेवा कर रहे दीपू तोमर शामिल हैं। अब खुशी तोमर की इस सफलता के साथ थरा गांव के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है।
मुरैना जिले की अम्बाह तहसील के ग्राम थरा की बेटी खुशी तोमर ने मध्य प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक (एसआई) पद पर चयनित होकर पूरे गांव का नाम रोशन किया है। हाल ही में घोषित पुलिस उपनिरीक्षक, पुलिस सूबेदार एवं प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा के परिणाम में सफलता प्राप्त करने के बाद वह इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने वाली थरा गांव की पहली बेटी बन गई हैं। गांव में उनके पहली बार आगमन पर ग्रामीणों ने फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया और एक स्वागत यात्रा भी निकाली। इस दौरान खुशी तोमर ने सबसे पहले परमहंस बाबा बालक दास जी आश्रम पहुंचकर आशीर्वाद लिया, जिसके बाद उनके निवास पर परिजनों, शुभचिंतकों और गांव के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। खुशी के पिता जितेंद्र सिंह तोमर भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में ग्वालियर में पुलिस निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनके दादा सुरेश सिंह तोमर हैं। अपने भाई-बहनों में सबसे छोटी खुशी की इस गौरवमयी उपलब्धि पर भाजपा युवा नेता धर्मेंद्र सिंह तोमर (छोटे ठेकेदार) ने कहा कि खुशी ने गांव का मान बढ़ाया है और वह क्षेत्र की बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणास्रोत बन गई हैं। ग्रामीणों ने खुशी की इस सफलता को पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि इससे गांव की अन्य बेटियों को भी शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई दिशा व प्रेरणा मिलेगी। थरा गांव के लोगों ने गर्व के साथ इस अवसर पर गांव की अन्य सफल प्रतिभाओं का भी उल्लेख किया, जिनमें पंजाब कैडर में कार्यरत आईएएस संदीप राजोरिया और भारतीय अभियांत्रिकी सेवा (आईईएस) में देश की सेवा कर रहे दीपू तोमर शामिल हैं। अब खुशी तोमर की इस सफलता के साथ थरा गांव के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है।
- मुरैना के अंबाह अंतर्गत थरा गांव की बेटी खुशी तोमर का मध्य प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) पद पर चयन हुआ है। हाल ही में घोषित हुए पुलिस सूबेदार, उपनिरीक्षक और प्लाटून कमांडर के परीक्षा परिणामों में सफलता हासिल कर वह सीधे इस पद पर चयनित होने वाली अपने गांव की पहली बेटी बन गई हैं। खुशी के गांव प्रथम आगमन पर ग्रामीणों द्वारा उनके सम्मान में एक भव्य स्वागत यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। खुशी तोमर के पिता जितेंद्र सिंह तोमर भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में ग्वालियर में पुलिस निरीक्षक पद पर कार्यरत हैं। खुशी ने अपनी इस सफलता से गांव की रूढ़िवादिता को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि बेटियां किसी भी मामले में लड़कों से कम नहीं हैं। स्वागत यात्रा के दौरान खुशी ने सबसे पहले परमहंस बाबा बालक दास जी आश्रम में माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उनके निवास स्थान पर गांव के गणमान्य नागरिकों और परिजनों ने उन्हें शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। खुशी दो भाई-बहनों में छोटी हैं। उनके भाई और भाजपा युवा नेता धर्मेंद्र सिंह तोमर (छोटे ठेकेदार) ने खुशी की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि उनकी बहन ने गांव का नाम रोशन किया है और वह गांव की अन्य लड़कियों के लिए एक मिसाल और आदर्श बन गई हैं। थरा गांव से पहले भी कई प्रतिभाओं ने देश स्तर पर नाम रोशन किया है, जिनमें आईएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर पंजाब कैडर में सेवाएं दे रहे संदीप राजोरिया और आईईएस (भारतीय अभियांत्रिकी सेवा) में चयनित होकर सेवाएं दे रहे दीपू तोमर (पुत्र प्रान सिंह तोमर) शामिल हैं। अब खुशी तोमर ने भी सब-इंस्पेक्टर बनकर अपने दादा सुरेश सिंह तोमर और पूरे गांव को गौरवान्वित किया है।1
- मुरैना के अंबाह में रोड दंडवत यात्रा के आंदोलनकारी नवनीत सिंह तोमर को जेल भेजे जाने के बाद क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस कार्रवाई से नाराज ग्रामीण जनों ने नवनीत को जेल से छुड़ाने के लिए एक बार फिर से आंदोलन शुरू कर दिया है। नवनीत सिंह तोमर की रिहाई की मांग को लेकर ग्रामीणों का यह आंदोलन लगातार जारी है।1
- मुरैना जिले के पोरसा में गांधीनगर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेवा केंद्र पर साप्ताहिक आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया। इस सत्संग में आश्रम की संचालिका बीके रेखा बहन ने श्रद्धालुओं को दया, करुणा और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दया मानव का सबसे अमूल्य आभूषण है और जो व्यक्ति अपने जीवन में दया, प्रेम व सहानुभूति को अपनाता है, उस पर परमपिता परमात्मा की असीम कृपा सदैव बनी रहती है। बीके रेखा बहन ने अपने प्रवचन में आगे कहा कि दयावान व्यक्ति न केवल स्वयं सुख, शांति और संतोष का अनुभव करता है, बल्कि अपने परिवार और समाज के लिए भी प्रेरणास्रोत बनता है। उन्होंने दूसरों के दुख-दर्द को समझकर उनकी सहायता करने को ही सच्ची मानवता बताया। आज के भौतिकवादी युग में मनुष्यों को अपने भीतर करुणा, क्षमा और दयाभाव जैसे दिव्य गुणों का विकास करने की सलाह देते हुए उन्होंने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं से अपने दैनिक जीवन में दया को व्यवहार का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं भक्तों ने भाग लिया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का सफल संचालन बीके भाग्यश्री बहन एवं बीना बहन द्वारा किया गया। सत्संग के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने विश्व कल्याण एवं मानवता के उत्थान के लिए सामूहिक प्रार्थना की और राजयोग ध्यान का अभ्यास किया।1
- अंबाह के हीरो माता मंदिर और श्मशान घाट जाने वाले मार्ग पर लंबे समय से हो रहे जलभराव को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं और निवासियों का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। मंदिर परिसर में एकत्रित हुए लोगों ने नगर पालिका के खिलाफ जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर लगातार जमा रहने वाले पानी के कारण श्रद्धालुओं, राहगीरों और श्मशान घाट जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बावजूद इसके बार-बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला है। प्रदर्शन के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की अनुपस्थिति ने लोगों के आक्रोश को और अधिक बढ़ा दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान विधायक ने नगर पालिका अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तीन दिन के भीतर जल निकासी सुनिश्चित करने व सड़क की समस्या का समाधान करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर समस्या का निराकरण नहीं हुआ, तो जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की पोरसा तहसील स्थित ग्राम पंचायत बुधारा में विकास कार्यों की पोल खुल गई है। 7 जुलाई 2026 को मंजू देवी सखवार के निधन के बाद उनकी अंतिम यात्रा को गांव से श्मशान घाट तक जाने के लिए कीचड़ और दलदल से होकर गुजरना पड़ा। इस घटना के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जो गांव की बदहाल बुनियादी सुविधाओं को दर्शा रहे हैं। यह समस्या केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे गांव की वर्षों पुरानी त्रासदी है। बरसात के मौसम में यहां की सड़कें और श्मशान मार्ग पूरी तरह जर्जर हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन के विकास के सभी दावे इस जमीनी हकीकत के सामने खोखले साबित हो रहे हैं, जहां अंतिम यात्रा तक सम्मानपूर्वक नहीं निकल पा रही है। समाजसेवी रिंकू सिलावट ने जिला प्रशासन, जिला पंचायत और जनपद पंचायत से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से ग्राम बुधारा का सर्वेक्षण कर श्मशान घाट तक पक्की सड़क बनाने और गांव की अन्य जर्जर सड़कों का सुधार करने की अपील की है। यह मांग पूरी तरह से ग्रामीणों के सम्मान और उनके मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा को केंद्र में रखकर उठाई गई है।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के अम्बाह में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ दोहरी रोड पर एक भतीजे ने अपने ही चाचा को गोली मार दी है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।1