अंबाह के हीरो माता मंदिर और श्मशान घाट जाने वाले मार्ग पर लंबे समय से हो रहे जलभराव को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं और निवासियों का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। मंदिर परिसर में एकत्रित हुए लोगों ने नगर पालिका के खिलाफ जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर लगातार जमा रहने वाले पानी के कारण श्रद्धालुओं, राहगीरों और श्मशान घाट जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बावजूद इसके बार-बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला है। प्रदर्शन के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की अनुपस्थिति ने लोगों के आक्रोश को और अधिक बढ़ा दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान विधायक ने नगर पालिका अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तीन दिन के भीतर जल निकासी सुनिश्चित करने व सड़क की समस्या का समाधान करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर समस्या का निराकरण नहीं हुआ, तो जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।
अंबाह के हीरो माता मंदिर और श्मशान घाट जाने वाले मार्ग पर लंबे समय से हो रहे जलभराव को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं और निवासियों का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। मंदिर परिसर में एकत्रित हुए लोगों ने नगर पालिका के खिलाफ जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर लगातार जमा रहने वाले पानी के कारण श्रद्धालुओं, राहगीरों और श्मशान घाट जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बावजूद इसके बार-बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला है। प्रदर्शन के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की अनुपस्थिति ने लोगों के आक्रोश को और अधिक बढ़ा दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान विधायक ने नगर पालिका अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तीन दिन के भीतर जल निकासी सुनिश्चित करने व सड़क की समस्या का समाधान करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर समस्या का निराकरण नहीं हुआ, तो जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।
- मुरैना के जोहां हवेली-श्यामपुर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर आंदोलनकारी नवनीत तोमर ने 8 जुलाई को सांसद आवास तक दंडवत यात्रा निकालने का निर्णय लिया था। इसी दौरान रास्ते में सांसद के पुत्र ने उन्हें रोककर 9 जुलाई से सड़क पर गिट्टी-बजरी डालकर निर्माण कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद नवनीत तोमर ने अपनी यात्रा रोक दी थी। आरोप है कि निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, जिसके चलते नवनीत तोमर फिर से धरने पर बैठ गए। आंदोलनकारी का कहना है कि रात 12 बजे तक कोई भी जनप्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं पहुंचा। इस बीच, नवनीत तोमर की दादी और ग्राम सरपंच के बीच बातचीत का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। अब आंदोलनकारी का दावा है कि उन्हें एसडीएम द्वारा यह जानकारी दी गई है कि इस सड़क के निर्माण को निरस्त कर दिया गया है। इस पूरे मामले पर सांसद का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने इस आंदोलन को 'सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश' करार दिया है। स्थानीय स्तर पर अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस सड़क का निर्माण किस निधि से होगा, आंदोलनकारी के आरोप सही हैं या जनप्रतिनिधियों का पक्ष, और जनता को इस वर्षों पुरानी समस्या से कब राहत मिलेगी। मामला अब जनता की अदालत में है और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से समाधान की मांग की जा रही है।1
- मुरैना जिले के पोरसा में नवनीत तोमर ने निर्माण कार्य शुरू नहीं होने तक अन्न-जल त्यागने का कड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो जाता, तब तक उनका अनशन अनवरत जारी रहेगा।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने को लेकर दामोदर यादव ने तीखी टिप्पणी की है। दामोदर यादव ने अपने बयान में दावा किया कि सरकार ने डर के मारे खुद ही नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया है।1
- Post by Paan singh1
- मध्य प्रदेश के अम्बाह स्थित प्राचीन हीरो माता मंदिर के बाहर जलभराव और गंदगी की समस्या को लेकर गुरुवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं का आक्रोश देखने को मिला। मंदिर मार्ग पर शौचालयों और नालियों का गंदा पानी जमा होने से नाराज श्रद्धालुओं ने मंदिर के पास ही गंदे पानी में बैठकर धरना दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, जहां कार्यालय में कर्मचारी मौजूद नहीं मिले और मुख्य नगर पालिका अधिकारी के अनुपस्थित रहने के कारण लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। आंदोलन के दौरान विधायक देवेंद्र सिंह सखवार और पूर्व पार्षद विजय परमार ने नगर पालिका प्रशासन पर जनसमस्याओं की लगातार अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान नगर पालिका परिसर में करीब दो घंटे तक नारेबाजी होती रही। विधायक देवेंद्र सिंह सखवार ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर जलभराव की समस्या का समाधान शुरू नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। अंततः एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारियों से चर्चा के बाद तीन दिन में कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही आंदोलन समाप्त हुआ।4
- मुरैना के जोहां हवेली–श्यामपुर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर नवनीत तोमर आमरण अनशन पर बैठे हैं। इस आंदोलन के दौरान एक हृदयविदारक दृश्य सामने आया, जब उनका मासूम बेटा हाथ में टिफिन और पानी की बोतल लेकर उनके पास पहुंचा। बच्चा लगातार अपने पिता से खाना खाने की विनती करता रहा, लेकिन जनहित की लड़ाई में अडिग नवनीत तोमर ने उसे प्यार से समझाते हुए कहा कि वे खाना नहीं खाएंगे और उसे घर जाने के लिए कहा। यह तस्वीर एक ओर पिता के लिए रोते हुए बेटे की ममता और दूसरी ओर क्षेत्र की जनता के हक के लिए संघर्षरत एक पिता के संकल्प को दर्शाती है, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। यह वीडियो वर्षों से बदहाल सड़क के लिए स्थानीय लोगों के दर्द और उनके संघर्ष की कहानी बयां करता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस भावनात्मक पुकार को सुनेंगे और जोहां हवेली–श्यामपुर मार्ग का निर्माण जल्द पूरा किया जाएगा, या फिर जनता का यह संघर्ष यूं ही जारी रहेगा? इस स्थिति ने क्षेत्र की पीड़ा को उजागर किया है और अब मांग उठ रही है कि इस सड़क का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।1
- मुरैना जिले के पोरसा में सड़क निर्माण की मांग को लेकर नवनीत तोमर का अनशन आज तीसरे दिन भी जारी है। अपनी मांग पर अड़े नवनीत तोमर लगातार तीसरे दिन अनशन स्थल पर डटे हुए हैं। इस दौरान उनकी तबीयत भी कमजोर हो रही है, लेकिन उनका संकल्प अडिग है। उनकी एकमात्र मांग है कि सड़क निर्माण का काम तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए।1
- फतेहाबाद तहसील स्थित उप निबंधक (रजिस्ट्री) कार्यालय में शुक्रवार को करीब पांच करोड़ रुपये मूल्य की जमीन की रजिस्ट्री को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर हंगामा और हाथापाई हुई। विवाद तब शुरू हुआ जब जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचे एक पक्ष का दो अन्य दामादों ने कड़ा विरोध किया। तनाव बढ़ने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए थाने ले गई। ऐहतियात के तौर पर तहसील परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। विवाद की जड़ में एक पारिवारिक संपत्ति का मामला है। मृतका राधा देवी के नाम पति की मृत्यु के बाद संपत्ति दर्ज थी, जिसे उन्होंने अपनी तीन बेटियों के नाम वसीयत कर दी थी। आरोप है कि राधा देवी की मृत्यु के बाद उनके साथ रहने वाले दामाद लाखन सिंह ने पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली और फिर इसका पांच करोड़ रुपये में सौदा कर दिया। गुरुवार को भी रजिस्ट्री कराने का प्रयास विफल रहा था, जिसके बाद शुक्रवार को दोबारा हुए प्रयास ने हिंसक रूप ले लिया। थाना प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों को थाने लाया गया है और मामले की जांच की जा रही है, जिसके बाद ही विधिक कार्रवाई की जाएगी।1