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मुरैना जिले के पोरसा में सड़क निर्माण की मांग को लेकर नवनीत तोमर का अनशन आज तीसरे दिन भी जारी है। अपनी मांग पर अड़े नवनीत तोमर लगातार तीसरे दिन अनशन स्थल पर डटे हुए हैं। इस दौरान उनकी तबीयत भी कमजोर हो रही है, लेकिन उनका संकल्प अडिग है। उनकी एकमात्र मांग है कि सड़क निर्माण का काम तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए।

6 hrs ago
user_नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
Advertising agency पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

मुरैना जिले के पोरसा में सड़क निर्माण की मांग को लेकर नवनीत तोमर का अनशन आज तीसरे दिन भी जारी है। अपनी मांग पर अड़े नवनीत तोमर लगातार तीसरे दिन अनशन स्थल पर डटे हुए हैं। इस दौरान उनकी तबीयत भी कमजोर हो रही है, लेकिन उनका संकल्प अडिग है। उनकी एकमात्र मांग है कि सड़क निर्माण का काम तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्य प्रदेश के मुरैना से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ नगर पालिका उपाध्यक्ष के पति ने आत्महत्या कर ली है। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और सनसनी का माहौल है। फिलहाल इस मामले में विस्तृत विवरण का इंतजार है।
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    मध्य प्रदेश के मुरैना से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ नगर पालिका उपाध्यक्ष के पति ने आत्महत्या कर ली है। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और सनसनी का माहौल है। फिलहाल इस मामले में विस्तृत विवरण का इंतजार है।
    user_Malkhan parmar
    Malkhan parmar
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    18 min ago
  • मुरैना के जोहां हवेली–श्यामपुर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर नवनीत तोमर आमरण अनशन पर बैठे हैं। इस आंदोलन के दौरान एक हृदयविदारक दृश्य सामने आया, जब उनका मासूम बेटा हाथ में टिफिन और पानी की बोतल लेकर उनके पास पहुंचा। बच्चा लगातार अपने पिता से खाना खाने की विनती करता रहा, लेकिन जनहित की लड़ाई में अडिग नवनीत तोमर ने उसे प्यार से समझाते हुए कहा कि वे खाना नहीं खाएंगे और उसे घर जाने के लिए कहा। यह तस्वीर एक ओर पिता के लिए रोते हुए बेटे की ममता और दूसरी ओर क्षेत्र की जनता के हक के लिए संघर्षरत एक पिता के संकल्प को दर्शाती है, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। यह वीडियो वर्षों से बदहाल सड़क के लिए स्थानीय लोगों के दर्द और उनके संघर्ष की कहानी बयां करता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस भावनात्मक पुकार को सुनेंगे और जोहां हवेली–श्यामपुर मार्ग का निर्माण जल्द पूरा किया जाएगा, या फिर जनता का यह संघर्ष यूं ही जारी रहेगा? इस स्थिति ने क्षेत्र की पीड़ा को उजागर किया है और अब मांग उठ रही है कि इस सड़क का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
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    मुरैना के जोहां हवेली–श्यामपुर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर नवनीत तोमर आमरण अनशन पर बैठे हैं। इस आंदोलन के दौरान एक हृदयविदारक दृश्य सामने आया, जब उनका मासूम बेटा हाथ में टिफिन और पानी की बोतल लेकर उनके पास पहुंचा। बच्चा लगातार अपने पिता से खाना खाने की विनती करता रहा, लेकिन जनहित की लड़ाई में अडिग नवनीत तोमर ने उसे प्यार से समझाते हुए कहा कि वे खाना नहीं खाएंगे और उसे घर जाने के लिए कहा।

यह तस्वीर एक ओर पिता के लिए रोते हुए बेटे की ममता और दूसरी ओर क्षेत्र की जनता के हक के लिए संघर्षरत एक पिता के संकल्प को दर्शाती है, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। यह वीडियो वर्षों से बदहाल सड़क के लिए स्थानीय लोगों के दर्द और उनके संघर्ष की कहानी बयां करता है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस भावनात्मक पुकार को सुनेंगे और जोहां हवेली–श्यामपुर मार्ग का निर्माण जल्द पूरा किया जाएगा, या फिर जनता का यह संघर्ष यूं ही जारी रहेगा? इस स्थिति ने क्षेत्र की पीड़ा को उजागर किया है और अब मांग उठ रही है कि इस सड़क का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
    user_Patrkar Lalmanmoti Singh tomar
    Patrkar Lalmanmoti Singh tomar
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • भिंड जिले के उमरी कस्बे में खुले पड़े ट्रांसफार्मर आवारा पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केवल चार दिनों के भीतर ही चार गायों की इन ट्रांसफार्मरों के संपर्क में आने से मौत हो चुकी है। स्थानीय स्तर पर इस लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस खतरनाक स्थिति के बावजूद विद्युत विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे भविष्य में और भी हादसों का खतरा बना हुआ है।
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    भिंड जिले के उमरी कस्बे में खुले पड़े ट्रांसफार्मर आवारा पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केवल चार दिनों के भीतर ही चार गायों की इन ट्रांसफार्मरों के संपर्क में आने से मौत हो चुकी है।

स्थानीय स्तर पर इस लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस खतरनाक स्थिति के बावजूद विद्युत विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे भविष्य में और भी हादसों का खतरा बना हुआ है।
    user_मुकेश सिंह भदौरिया
    मुकेश सिंह भदौरिया
    Local News Reporter गोरमी, भिंड, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • अंबाह नगर में हीरो माता मंदिर और श्मशान घाट जाने वाले मार्ग पर लंबे समय से जारी जलभराव की समस्या को लेकर गुरुवार को स्थानीय श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। मंदिर परिसर में जुटे लोगों ने अंबाह नगर पालिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। श्रद्धालुओं ने बताया कि सड़क पर लगातार पानी भरे रहने से मंदिर आने वाले भक्तों, राहगीरों और श्मशान घाट जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है, और कई शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। इस मामले की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और उन्हें तीन दिन के भीतर जल निकासी तथा सड़क की समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया। इस दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के समय मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अनुपस्थित थे, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। विधायक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित तीन दिन में समस्या हल नहीं हुई तो जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जवाबदेही नगर पालिका प्रशासन की होगी।
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    अंबाह नगर में हीरो माता मंदिर और श्मशान घाट जाने वाले मार्ग पर लंबे समय से जारी जलभराव की समस्या को लेकर गुरुवार को स्थानीय श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। मंदिर परिसर में जुटे लोगों ने अंबाह नगर पालिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। श्रद्धालुओं ने बताया कि सड़क पर लगातार पानी भरे रहने से मंदिर आने वाले भक्तों, राहगीरों और श्मशान घाट जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है, और कई शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

इस मामले की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और उन्हें तीन दिन के भीतर जल निकासी तथा सड़क की समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया। इस दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के समय मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अनुपस्थित थे, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। विधायक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित तीन दिन में समस्या हल नहीं हुई तो जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जवाबदेही नगर पालिका प्रशासन की होगी।
    user_Aditya Sarwan
    Aditya Sarwan
    Local News Reporter अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • भिंड जिले के अटेर स्थित जाटव मोहल्ले में एक छोटी सी नाली की समस्या ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। नाली में बह रहे पानी के कारण स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों का घर से निकलना तक दूभर हो गया है। आम जनता ने इस समस्या के जल्द समाधान की मांग की है ताकि आने-जाने में हो रही इस बाधा को दूर किया जा सके।
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    भिंड जिले के अटेर स्थित जाटव मोहल्ले में एक छोटी सी नाली की समस्या ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। नाली में बह रहे पानी के कारण स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 

विशेष रूप से बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों का घर से निकलना तक दूभर हो गया है। आम जनता ने इस समस्या के जल्द समाधान की मांग की है ताकि आने-जाने में हो रही इस बाधा को दूर किया जा सके।
    user_Dileep Singh
    Dileep Singh
    Insurance Agent अटेर, भिंड, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मुरैना जिले के पोरसा में सड़क निर्माण की मांग को लेकर नवनीत तोमर का अनशन आज तीसरे दिन भी जारी है। अपनी मांग पर अड़े नवनीत तोमर लगातार तीसरे दिन अनशन स्थल पर डटे हुए हैं। इस दौरान उनकी तबीयत भी कमजोर हो रही है, लेकिन उनका संकल्प अडिग है। उनकी एकमात्र मांग है कि सड़क निर्माण का काम तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए।
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    मुरैना जिले के पोरसा में सड़क निर्माण की मांग को लेकर नवनीत तोमर का अनशन आज तीसरे दिन भी जारी है। अपनी मांग पर अड़े नवनीत तोमर लगातार तीसरे दिन अनशन स्थल पर डटे हुए हैं। इस दौरान उनकी तबीयत भी कमजोर हो रही है, लेकिन उनका संकल्प अडिग है। उनकी एकमात्र मांग है कि सड़क निर्माण का काम तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए।
    user_नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    Advertising agency पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के अम्बाह स्थित प्राचीन हीरो माता मंदिर के बाहर जलभराव और गंदगी की समस्या को लेकर गुरुवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं का आक्रोश देखने को मिला। मंदिर मार्ग पर शौचालयों और नालियों का गंदा पानी जमा होने से नाराज श्रद्धालुओं ने मंदिर के पास ही गंदे पानी में बैठकर धरना दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, जहां कार्यालय में कर्मचारी मौजूद नहीं मिले और मुख्य नगर पालिका अधिकारी के अनुपस्थित रहने के कारण लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। आंदोलन के दौरान विधायक देवेंद्र सिंह सखवार और पूर्व पार्षद विजय परमार ने नगर पालिका प्रशासन पर जनसमस्याओं की लगातार अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान नगर पालिका परिसर में करीब दो घंटे तक नारेबाजी होती रही। विधायक देवेंद्र सिंह सखवार ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर जलभराव की समस्या का समाधान शुरू नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। अंततः एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारियों से चर्चा के बाद तीन दिन में कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही आंदोलन समाप्त हुआ।
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    मध्य प्रदेश के अम्बाह स्थित प्राचीन हीरो माता मंदिर के बाहर जलभराव और गंदगी की समस्या को लेकर गुरुवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं का आक्रोश देखने को मिला। मंदिर मार्ग पर शौचालयों और नालियों का गंदा पानी जमा होने से नाराज श्रद्धालुओं ने मंदिर के पास ही गंदे पानी में बैठकर धरना दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, जहां कार्यालय में कर्मचारी मौजूद नहीं मिले और मुख्य नगर पालिका अधिकारी के अनुपस्थित रहने के कारण लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।

आंदोलन के दौरान विधायक देवेंद्र सिंह सखवार और पूर्व पार्षद विजय परमार ने नगर पालिका प्रशासन पर जनसमस्याओं की लगातार अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान नगर पालिका परिसर में करीब दो घंटे तक नारेबाजी होती रही। विधायक देवेंद्र सिंह सखवार ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर जलभराव की समस्या का समाधान शुरू नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। अंततः एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारियों से चर्चा के बाद तीन दिन में कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही आंदोलन समाप्त हुआ।
    user_Malkhan parmar
    Malkhan parmar
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • भिंड की अमायन थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है, जिसमें रिश्तेदारी जा रहे दंपत्ति से लूटपाट करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से कट्टे, कारतूस, नकदी और लूट में इस्तेमाल की गई हुंडई ऑरा कार बरामद की है। यह घटना 20 जून की रात करीब 4 बजे अंडा पुलिस स्टेशन के पास हुई थी। उस दौरान एक युवक अपनी पत्नी के साथ बाइक से रिश्तेदारी जा रहा था, तभी तीन बदमाशों ने उन्हें कट्टा अड़ाकर पत्नी के सोने-चांदी के जेवर और बाइक लूट ली थी। एसपी सूरज कुमार वर्मा के निर्देशन में अमायन थाना पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की। मुखबिर की सूचना पर, 7 जुलाई को नीम डांडा रोड पर घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उन्होंने लूट की वारदात को कबूल किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 315 बोर का एक कट्टा, दो कारतूस, 12 बोर का एक कट्टा, 28 हजार रुपये नकद और वारदात के बाद फरार होने के लिए इस्तेमाल की गई हुंडई ऑरा कार बरामद की है। इन आरोपियों पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने तीनों गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया है और अब उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
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    भिंड की अमायन थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है, जिसमें रिश्तेदारी जा रहे दंपत्ति से लूटपाट करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से कट्टे, कारतूस, नकदी और लूट में इस्तेमाल की गई हुंडई ऑरा कार बरामद की है।

यह घटना 20 जून की रात करीब 4 बजे अंडा पुलिस स्टेशन के पास हुई थी। उस दौरान एक युवक अपनी पत्नी के साथ बाइक से रिश्तेदारी जा रहा था, तभी तीन बदमाशों ने उन्हें कट्टा अड़ाकर पत्नी के सोने-चांदी के जेवर और बाइक लूट ली थी। एसपी सूरज कुमार वर्मा के निर्देशन में अमायन थाना पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की।

मुखबिर की सूचना पर, 7 जुलाई को नीम डांडा रोड पर घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उन्होंने लूट की वारदात को कबूल किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 315 बोर का एक कट्टा, दो कारतूस, 12 बोर का एक कट्टा, 28 हजार रुपये नकद और वारदात के बाद फरार होने के लिए इस्तेमाल की गई हुंडई ऑरा कार बरामद की है। इन आरोपियों पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने तीनों गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया है और अब उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
    user_मुकेश सिंह भदौरिया
    मुकेश सिंह भदौरिया
    Local News Reporter गोरमी, भिंड, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • जनता का धैर्य टूट रहा है, और युवा सड़कों पर उतर आए हैं। विकास के दावों के बीच बढ़ता जनाक्रोश अब व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। चेतावनी दी गई है कि यदि जनप्रतिनिधि और प्रशासन समय रहते नहीं चेते, तो जनता का यह मौन विद्रोह सत्ता पर भारी पड़ सकता है। लोकतंत्र में सरकार की सबसे बड़ी पूंजी जनता का विश्वास होता है; जब यह विश्वास कमजोर होता है, तो विरोध केवल नारों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जनआंदोलन का रूप लेने लगता है। आज यह तस्वीर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अनेक हिस्सों में उभर रही है। कहीं युवा सड़क निर्माण की मांग को लेकर दंडवत यात्रा कर रहे हैं, तो कहीं ग्रामीण धरने पर बैठे हैं, और लोग पानी, बिजली तथा स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसे केवल विकास कार्यों में देरी नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति बढ़ते अविश्वास का संकेत माना जा रहा है। इन आंदोलनों की अगुवाई युवा पीढ़ी कर रही है, जो बदलाव चाहती है, सवाल पूछती है और लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए लड़ना जानती है। जब ज्ञापन, आवेदन, जनसुनवाई और अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी समाधान नहीं मिलता, तब आंदोलन एक मजबूरी बन जाता है। ऐसे आंदोलनों को मात्र विरोध समझकर नजरअंदाज करना दूरदर्शिता नहीं होगी। सरकारी योजनाओं की घोषणा तो तेजी से होती है, लेकिन उनका जमीनी क्रियान्वयन अक्सर निराशाजनक रहता है। ठेकेदार समय पर काम पूरा नहीं करते, अधूरे निर्माण महीनों-वर्षों तक लटके रहते हैं, और जो कार्य पूरे होते भी हैं, उनकी गुणवत्ता पहली बारिश में ही सवालों के घेरे में आ जाती है। इससे जनता में यह धारणा बनती है कि जवाबदेही की कोई व्यवस्था नहीं बची है। भ्रष्टाचार भी इस अविश्वास को और गहरा कर रहा है। यदि एक नागरिक को अपनी जायज मांग मनवाने के लिए धरना देना पड़े, सड़क पर उतरना पड़े या अनूठे प्रदर्शन करने पड़ें, तो यह केवल उसकी पीड़ा नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोरी का प्रमाण है। जनप्रतिनिधियों को भी आत्ममंथन करना होगा, क्योंकि जनता अब केवल चुनावी वादों पर नहीं, बल्कि पूरे पाँच वर्षों के परिणामों पर हिसाब मांगती है। आज का मतदाता जागरूक है और उसकी चुप्पी भी लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण संदेश देती है। सरकार और प्रशासन के पास अभी भी इस स्थिति को सुधारने का अवसर है। अधूरे विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए, भ्रष्टाचार पर कठोर कार्रवाई हो, लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाए, तथा जनता की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। ये कदम जनता का विश्वास वापस दिला सकते हैं। अन्यथा, यह बढ़ता असंतोष कल बड़े जनविद्रोह का रूप ले सकता है, क्योंकि इतिहास गवाह है कि जब जनता का धैर्य टूटता है, तो बड़े-बड़े राजनीतिक समीकरण बदल जाते हैं। लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता ही करती है, और उसकी अदालत में केवल वादे नहीं, बल्कि काम बोलते हैं।
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    जनता का धैर्य टूट रहा है, और युवा सड़कों पर उतर आए हैं। विकास के दावों के बीच बढ़ता जनाक्रोश अब व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। चेतावनी दी गई है कि यदि जनप्रतिनिधि और प्रशासन समय रहते नहीं चेते, तो जनता का यह मौन विद्रोह सत्ता पर भारी पड़ सकता है। लोकतंत्र में सरकार की सबसे बड़ी पूंजी जनता का विश्वास होता है; जब यह विश्वास कमजोर होता है, तो विरोध केवल नारों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जनआंदोलन का रूप लेने लगता है। आज यह तस्वीर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अनेक हिस्सों में उभर रही है।

कहीं युवा सड़क निर्माण की मांग को लेकर दंडवत यात्रा कर रहे हैं, तो कहीं ग्रामीण धरने पर बैठे हैं, और लोग पानी, बिजली तथा स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसे केवल विकास कार्यों में देरी नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति बढ़ते अविश्वास का संकेत माना जा रहा है। इन आंदोलनों की अगुवाई युवा पीढ़ी कर रही है, जो बदलाव चाहती है, सवाल पूछती है और लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए लड़ना जानती है। जब ज्ञापन, आवेदन, जनसुनवाई और अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी समाधान नहीं मिलता, तब आंदोलन एक मजबूरी बन जाता है। ऐसे आंदोलनों को मात्र विरोध समझकर नजरअंदाज करना दूरदर्शिता नहीं होगी।

सरकारी योजनाओं की घोषणा तो तेजी से होती है, लेकिन उनका जमीनी क्रियान्वयन अक्सर निराशाजनक रहता है। ठेकेदार समय पर काम पूरा नहीं करते, अधूरे निर्माण महीनों-वर्षों तक लटके रहते हैं, और जो कार्य पूरे होते भी हैं, उनकी गुणवत्ता पहली बारिश में ही सवालों के घेरे में आ जाती है। इससे जनता में यह धारणा बनती है कि जवाबदेही की कोई व्यवस्था नहीं बची है। भ्रष्टाचार भी इस अविश्वास को और गहरा कर रहा है। यदि एक नागरिक को अपनी जायज मांग मनवाने के लिए धरना देना पड़े, सड़क पर उतरना पड़े या अनूठे प्रदर्शन करने पड़ें, तो यह केवल उसकी पीड़ा नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोरी का प्रमाण है। जनप्रतिनिधियों को भी आत्ममंथन करना होगा, क्योंकि जनता अब केवल चुनावी वादों पर नहीं, बल्कि पूरे पाँच वर्षों के परिणामों पर हिसाब मांगती है। आज का मतदाता जागरूक है और उसकी चुप्पी भी लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण संदेश देती है।

सरकार और प्रशासन के पास अभी भी इस स्थिति को सुधारने का अवसर है। अधूरे विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए, भ्रष्टाचार पर कठोर कार्रवाई हो, लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाए, तथा जनता की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। ये कदम जनता का विश्वास वापस दिला सकते हैं। अन्यथा, यह बढ़ता असंतोष कल बड़े जनविद्रोह का रूप ले सकता है, क्योंकि इतिहास गवाह है कि जब जनता का धैर्य टूटता है, तो बड़े-बड़े राजनीतिक समीकरण बदल जाते हैं। लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता ही करती है, और उसकी अदालत में केवल वादे नहीं, बल्कि काम बोलते हैं।
    user_User7480
    User7480
    Ambah, Morena•
    19 hrs ago
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