मध्य प्रदेश के अम्बाह स्थित प्राचीन हीरो माता मंदिर के बाहर जलभराव और गंदगी की समस्या को लेकर गुरुवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं का आक्रोश देखने को मिला। मंदिर मार्ग पर शौचालयों और नालियों का गंदा पानी जमा होने से नाराज श्रद्धालुओं ने मंदिर के पास ही गंदे पानी में बैठकर धरना दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, जहां कार्यालय में कर्मचारी मौजूद नहीं मिले और मुख्य नगर पालिका अधिकारी के अनुपस्थित रहने के कारण लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। आंदोलन के दौरान विधायक देवेंद्र सिंह सखवार और पूर्व पार्षद विजय परमार ने नगर पालिका प्रशासन पर जनसमस्याओं की लगातार अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान नगर पालिका परिसर में करीब दो घंटे तक नारेबाजी होती रही। विधायक देवेंद्र सिंह सखवार ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर जलभराव की समस्या का समाधान शुरू नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। अंततः एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारियों से चर्चा के बाद तीन दिन में कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही आंदोलन समाप्त हुआ।
मध्य प्रदेश के अम्बाह स्थित प्राचीन हीरो माता मंदिर के बाहर जलभराव और गंदगी की समस्या को लेकर गुरुवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं का आक्रोश देखने को मिला। मंदिर मार्ग पर शौचालयों और नालियों का गंदा पानी जमा होने से नाराज श्रद्धालुओं ने मंदिर के पास ही
गंदे पानी में बैठकर धरना दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, जहां कार्यालय में कर्मचारी मौजूद नहीं मिले और मुख्य नगर पालिका अधिकारी के अनुपस्थित रहने के कारण लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। आंदोलन के दौरान विधायक देवेंद्र सिंह सखवार और
पूर्व पार्षद विजय परमार ने नगर पालिका प्रशासन पर जनसमस्याओं की लगातार अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान नगर पालिका परिसर में करीब दो घंटे तक नारेबाजी होती रही। विधायक देवेंद्र सिंह सखवार ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर जलभराव
की समस्या का समाधान शुरू नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। अंततः एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारियों से चर्चा के बाद तीन दिन में कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही आंदोलन समाप्त हुआ।
- नीरज सिंह कोलीअंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेशबहुत सुंदर6 hrs ago
- मध्य प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में निवास करने वाले आदिवासी समुदायों के जीवन उत्थान के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के माध्यम से आदिवासियों को विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य इन समुदायों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना और उन्हें स्वरोजगार के अवसरों के साथ मुख्यधारा में शामिल करना है।1
- मुरैना के जोहां हवेली-श्यामपुर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर आंदोलनकारी नवनीत तोमर ने 8 जुलाई को सांसद आवास तक दंडवत यात्रा निकालने का निर्णय लिया था। इसी दौरान रास्ते में सांसद के पुत्र ने उन्हें रोककर 9 जुलाई से सड़क पर गिट्टी-बजरी डालकर निर्माण कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद नवनीत तोमर ने अपनी यात्रा रोक दी थी। आरोप है कि निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, जिसके चलते नवनीत तोमर फिर से धरने पर बैठ गए। आंदोलनकारी का कहना है कि रात 12 बजे तक कोई भी जनप्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं पहुंचा। इस बीच, नवनीत तोमर की दादी और ग्राम सरपंच के बीच बातचीत का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। अब आंदोलनकारी का दावा है कि उन्हें एसडीएम द्वारा यह जानकारी दी गई है कि इस सड़क के निर्माण को निरस्त कर दिया गया है। इस पूरे मामले पर सांसद का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने इस आंदोलन को 'सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश' करार दिया है। स्थानीय स्तर पर अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस सड़क का निर्माण किस निधि से होगा, आंदोलनकारी के आरोप सही हैं या जनप्रतिनिधियों का पक्ष, और जनता को इस वर्षों पुरानी समस्या से कब राहत मिलेगी। मामला अब जनता की अदालत में है और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से समाधान की मांग की जा रही है।1
- मुरैना जिले के अंबाह क्षेत्र से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जो सरकार की वास्तविक सच्चाई और लोगों द्वारा की जा रही गलतियों की ओर इशारा करता है। इस वीडियो को लेकर अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि इस पर क्या प्रतिक्रिया दी जाए। फिलहाल इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर कोई स्पष्ट संकेत नहीं है।1
- अंबाह नगर में हीरो माता मंदिर और श्मशान घाट जाने वाले मार्ग पर लंबे समय से जारी जलभराव की समस्या को लेकर गुरुवार को स्थानीय श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। मंदिर परिसर में जुटे लोगों ने अंबाह नगर पालिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। श्रद्धालुओं ने बताया कि सड़क पर लगातार पानी भरे रहने से मंदिर आने वाले भक्तों, राहगीरों और श्मशान घाट जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है, और कई शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। इस मामले की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और उन्हें तीन दिन के भीतर जल निकासी तथा सड़क की समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया। इस दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के समय मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अनुपस्थित थे, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। विधायक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित तीन दिन में समस्या हल नहीं हुई तो जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जवाबदेही नगर पालिका प्रशासन की होगी।1
- सड़क को केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि गाँव की जीवनरेखा बताते हुए इसे मूलभूत सुविधा के रूप में रेखांकित किया गया है। सड़क के अभाव में मरीजों, गर्भवती महिलाओं, स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और किसानों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मुरैना जिले के पोरसा क्षेत्र के संदर्भ में यह स्पष्ट किया गया है कि गाँव में सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे गाँव की सामूहिक समस्या है। युवाओं से जाति, गुटबाजी और राजनीति से ऊपर उठकर विकास के मुद्दों पर एकजुट होने की अपील की गई है। लोकतंत्र में जनता की भूमिका को सर्वोपरि बताते हुए जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछने पर जोर दिया गया है, क्योंकि वे जनता के प्रति जवाबदेह हैं। यह संदेश दिया गया है कि जो युवा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होता है, वही गाँव का भविष्य बदलने में सक्षम है।3
- मध्य प्रदेश के मुरैना से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ नगर पालिका उपाध्यक्ष के पति ने आत्महत्या कर ली है। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और सनसनी का माहौल है। फिलहाल इस मामले में विस्तृत विवरण का इंतजार है।1
- अम्बाह के वार्ड क्रमांक 1 स्थित हीरो माता मंदिर मार्ग पर बारिश के कारण भारी जलभराव और सड़कों पर गहरे गड्ढों की समस्या ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। सड़क पर पानी जमा होने के कारण गड्ढे नजर नहीं आते, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के फिसलने या पलटने का खतरा बना हुआ है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु भी इसी जलभराव से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए विधायक देवेंद्र सखवार, पार्षद विजय परमार, पार्षद सुनील सखवार, ब्लॉक अध्यक्ष उमा चरण कटारे और पार्षद जय राजोरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था करने के साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही, जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।1