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मध्य प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में निवास करने वाले आदिवासी समुदायों के जीवन उत्थान के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के माध्यम से आदिवासियों को विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य इन समुदायों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना और उन्हें स्वरोजगार के अवसरों के साथ मुख्यधारा में शामिल करना है।
Malkhan parmar
मध्य प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में निवास करने वाले आदिवासी समुदायों के जीवन उत्थान के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के माध्यम से आदिवासियों को विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य इन समुदायों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना और उन्हें स्वरोजगार के अवसरों के साथ मुख्यधारा में शामिल करना है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मुरैना के जोहां हवेली–श्यामपुर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर नवनीत तोमर आमरण अनशन पर बैठे हैं। इस आंदोलन के दौरान एक हृदयविदारक दृश्य सामने आया, जब उनका मासूम बेटा हाथ में टिफिन और पानी की बोतल लेकर उनके पास पहुंचा। बच्चा लगातार अपने पिता से खाना खाने की विनती करता रहा, लेकिन जनहित की लड़ाई में अडिग नवनीत तोमर ने उसे प्यार से समझाते हुए कहा कि वे खाना नहीं खाएंगे और उसे घर जाने के लिए कहा। यह तस्वीर एक ओर पिता के लिए रोते हुए बेटे की ममता और दूसरी ओर क्षेत्र की जनता के हक के लिए संघर्षरत एक पिता के संकल्प को दर्शाती है, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। यह वीडियो वर्षों से बदहाल सड़क के लिए स्थानीय लोगों के दर्द और उनके संघर्ष की कहानी बयां करता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस भावनात्मक पुकार को सुनेंगे और जोहां हवेली–श्यामपुर मार्ग का निर्माण जल्द पूरा किया जाएगा, या फिर जनता का यह संघर्ष यूं ही जारी रहेगा? इस स्थिति ने क्षेत्र की पीड़ा को उजागर किया है और अब मांग उठ रही है कि इस सड़क का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।1
- मुरैना जिले के पोरसा में नवनीत तोमर ने निर्माण कार्य शुरू नहीं होने तक अन्न-जल त्यागने का कड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो जाता, तब तक उनका अनशन अनवरत जारी रहेगा।1
- धौलपुर के वॉटरवॉक्स चौराहे स्थित नारायण हॉस्पिटल के पास संचालित वृद्धाश्रम का जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रेखा यादव द्वारा निरीक्षण किया गया। यह कार्यवाही राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश और जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम में 9 पुरुष और 1 महिला सहित कुल 10 वृद्धजन उपस्थित पाए गए, जिनसे रेखा यादव ने प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझा। इस निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद पंजीयन स्थिति, स्वास्थ्य परीक्षण और आगंतुक रजिस्टर की बारीकी से जांच की गई। वृद्धजनों से उनके भोजन की व्यवस्था के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने आज चाय और बिस्कुट मिलने की जानकारी दी। साथ ही, उनकी पेंशन और मेडिकल संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा की गई। रेखा यादव ने वृद्धाश्रम इंचार्ज को वृद्धजनों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। सचिव ने वृद्धाश्रम प्रशासन को 'वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवाएं योजना, 2016' का हवाला देते हुए सभी वृद्धजनों को निःशुल्क विधिक सहायता, भरण-पोषण और अन्य वैधानिक अधिकारों का लाभ दिलाने को कहा। इसके अतिरिक्त, उन्हें सभी वृद्धजनों को सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने और नालसा की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देने के निर्देश दिए गए।3
- मध्य प्रदेश के अम्बाह स्थित प्राचीन हीरो माता मंदिर के बाहर जलभराव और गंदगी की समस्या को लेकर गुरुवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं का आक्रोश देखने को मिला। मंदिर मार्ग पर शौचालयों और नालियों का गंदा पानी जमा होने से नाराज श्रद्धालुओं ने मंदिर के पास ही गंदे पानी में बैठकर धरना दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, जहां कार्यालय में कर्मचारी मौजूद नहीं मिले और मुख्य नगर पालिका अधिकारी के अनुपस्थित रहने के कारण लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। आंदोलन के दौरान विधायक देवेंद्र सिंह सखवार और पूर्व पार्षद विजय परमार ने नगर पालिका प्रशासन पर जनसमस्याओं की लगातार अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान नगर पालिका परिसर में करीब दो घंटे तक नारेबाजी होती रही। विधायक देवेंद्र सिंह सखवार ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर जलभराव की समस्या का समाधान शुरू नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। अंततः एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारियों से चर्चा के बाद तीन दिन में कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही आंदोलन समाप्त हुआ।4
- मुरैना जिले के पोरसा में सड़क निर्माण की मांग को लेकर नवनीत तोमर का अनशन आज तीसरे दिन भी जारी है। अपनी मांग पर अड़े नवनीत तोमर लगातार तीसरे दिन अनशन स्थल पर डटे हुए हैं। इस दौरान उनकी तबीयत भी कमजोर हो रही है, लेकिन उनका संकल्प अडिग है। उनकी एकमात्र मांग है कि सड़क निर्माण का काम तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए।1
- आगरा के फतेहाबाद स्थित उपनिबंधक कार्यालय में एक रजिस्ट्री को लेकर भारी हंगामा हुआ। विवाद तब शुरू हुआ जब एक महिला ने अपने एक दामाद के नाम जमीन का बैनामा कर दिया, जिसका दो अन्य दामादों ने कड़ा विरोध किया। सूत्रों के अनुसार, विवादित जमीन की कीमत करीब 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस घटना के बाद तहसील परिसर में तनाव की स्थिति बनी और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। यह मामला थाना फतेहाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आता है।1
- मुरैना के दिमनी क्षेत्र में जोहां रोड के निर्माण को लेकर एक बार फिर आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है, जिसमें पहले दंडवत प्रदर्शन भी शामिल था। आंदोलनकारी नवनीत सिंह तोमर अस्पताल से छुट्टी मिलने के तुरंत बाद सीधे बदहाल सड़क पर पहुंचे और वहां अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया। गुरुवार सुबह, कीचड़ से भरी सड़क पर अनशन पर बैठे नवनीत सिंह के समर्थन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा भी जुट गए। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो जाता, तब तक उनका आंदोलन और अनशन जारी रहेगा। अनशन के दौरान नवनीत सिंह की तबीयत बिगड़ गई, जिसके कारण उन्हें सड़क पर ही ड्रिप चढ़ानी पड़ी। इसके बावजूद उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने से स्पष्ट इनकार कर दिया।1