आंगनबाड़ी केंद्रों के जीर्णोद्धार में गुणवत्ता से समझौता नहीं: तकनीकी बारीकियों पर हुई कार्यशाला आंगनबाड़ी केंद्रों के जीर्णोद्धार में गुणवत्ता से समझौता नहीं: तकनीकी बारीकियों पर हुई कार्यशाला भूपालसागर। बाल विकास परियोजना कार्यालय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की एक दिवसीय विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों पर चल रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता और तकनीकी मजबूती सुनिश्चित करना रहा। संगोष्ठी में पंचायत समिति के कनिष्ठ अभियंता बहादुर मीणा ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने SDRF, SMSA और आदर्श आंगनबाड़ी योजना के तहत चल रहे मरम्मत कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता सर्वोपरि है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को तकनीकी बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया, जिनमें मुख्यरूप से सीमेंट और बजरी का सही अनुपात (मिश्रण) कैसे जांचें, फर्श में प्रयुक्त होने वाले पत्थरों का सही माप और छत पर टुकड़ी बिछाने की सही विधि, निर्माण के दौरान सरियों की गुणवत्ता और उनके सही प्लेसमेंट की जानकारी सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की । कनिष्ठ अभियंता मीणा ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्वयं अपने केंद्रों पर हो रहे कार्यों की निगरानी करें ताकि सरकारी धन का सदुपयोग हो और केंद्रों का ढांचा लंबे समय तक सुरक्षित रहे। इस अवसर पर विभाग के कनिष्ठ लेखाकार देवी लाल गाडरी ने वित्तीय दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। संगोष्ठी में महिला पर्यवेक्षक राजकुमारी कुमावत सहित क्षेत्र की संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं उपस्थित रहीं, जिन्होंने अपने केंद्रों से जुड़ी समस्याओं और निर्माण कार्यों पर चर्चा की।
आंगनबाड़ी केंद्रों के जीर्णोद्धार में गुणवत्ता से समझौता नहीं: तकनीकी बारीकियों पर हुई कार्यशाला आंगनबाड़ी केंद्रों के जीर्णोद्धार में गुणवत्ता से समझौता नहीं: तकनीकी बारीकियों पर हुई कार्यशाला भूपालसागर। बाल विकास परियोजना कार्यालय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की एक दिवसीय विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों पर चल रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता और तकनीकी मजबूती सुनिश्चित करना रहा। संगोष्ठी में पंचायत समिति के कनिष्ठ अभियंता बहादुर मीणा ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने SDRF, SMSA और आदर्श आंगनबाड़ी योजना के तहत चल रहे मरम्मत कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता सर्वोपरि है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को तकनीकी बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया, जिनमें मुख्यरूप से सीमेंट और बजरी का सही अनुपात (मिश्रण) कैसे जांचें, फर्श में प्रयुक्त होने वाले पत्थरों का सही माप और छत पर टुकड़ी बिछाने की सही विधि, निर्माण के दौरान सरियों की गुणवत्ता और उनके सही प्लेसमेंट की जानकारी सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की । कनिष्ठ अभियंता मीणा ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्वयं अपने केंद्रों पर हो रहे कार्यों की निगरानी करें ताकि सरकारी धन का सदुपयोग हो और केंद्रों का ढांचा लंबे समय तक सुरक्षित रहे। इस अवसर पर विभाग के कनिष्ठ लेखाकार देवी लाल गाडरी ने वित्तीय दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। संगोष्ठी में महिला पर्यवेक्षक राजकुमारी कुमावत सहित क्षेत्र की संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं उपस्थित रहीं, जिन्होंने अपने केंद्रों से जुड़ी समस्याओं और निर्माण कार्यों पर चर्चा की।
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान4
- आयुष हॉस्पिटल चितौड़गढ़ – सेवाएँ और विशेषताएँ (Complete Guide) 🌟 क्यों चुनें आयुष हॉस्पिटल चितौड़गढ़? आयुष हॉस्पिटल चितौड़गढ़ में आयुर्वेद के प्राचीन सिद्धांतों और आधुनिक चिकित्सकीय सुविधा का सुंदर मिश्रण मिलता है। यहाँ अनुभवी डॉक्टर्स, पर्सनलाइज़्ड ट्रीटमेंट प्लान और शुद्ध आयुर्वेदिक औषधियाँ उपलब्ध हैं। 📍 आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) 📞 94618 08623 | 83020 83835 🩺 हमारी प्रमुख सेवाएँ (Core Services) 1️⃣ पंचकर्म चिकित्सा – Panchakarma Therapy शरीर से विषाक्त पदार्थों (toxins) को निकालकर संवहनीय स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। ✔ वास्टि (Basti) ✔ वमन (Vamana) ✔ विरेचन (Virechana) ✔ नेति, धनुर इत्यादि #Panchakarma #DetoxTreatment #BestAyurvedicHospital 2️⃣ बस्ति चिकित्सा – Basti Therapy आयुर्वेद के पंचकर्म का सबसे महत्वपूर्ण उपचार — विशेष रूप से वात विकारों (जोड़ दर्द, स्लिप डिस्क आदि) में लाभदायक। #BastiTherapy #JointPainRelief #BackPainTreatment 3️⃣ स्लिप डिस्क और जोड़ दर्द उपचार आयुष हॉस्पिटल में स्लिप डिस्क, सायटिका, कंधा-कमर के दर्द के लिए गठिया और वात व्याधि केंद्रित आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट उपलब्ध। #SlipDisc #Sciatica #ArthritisAyurveda 4️⃣ लकवा (Paralysis) पुनर्वास चिकित्सा न्यूरोलॉजिकल विकारों में विशिष्ट आयुर्वेदिक पुनर्वास कार्यक्रम — जो मांसपेशियों की कार्यक्षमता और संतुलन को सुधारे। #ParalysisRehab #NeurologicalCare #AyurvedicRehabilitation 5️⃣ महिला स्वास्थ्य एवं प्रजनन (Women’s Health & Infertility) स्त्री रोग, मासिक धर्म असमयता, PCOS, गर्भावस्था समर्थन और बाँझपन उपचार के लिए विशेषज्ञ सलाह। #WomensHealth #InfertilityTreatment #AyurvedaForWomen 6️⃣ त्वचा एवं बालों का आयुर्वेदिक उपचार एक्ने, पिगमेंटेशन, रूखापन, बालों का झड़ना इत्यादि समस्याओं के लिए चिकित्सीय औषधियाँ और देसी उपचार। #SkinCareAyurveda #HairTreatment #NaturalBeautyCare 7️⃣ डायबिटीज, BP, थायरॉयड का प्राकृतिक प्रबंधन लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों को संतुलित जीवनशैली, औषधियाँ और आहार-परामर्श के साथ कंट्रोल करना। #DiabetesControl #BPManagement #ThyroidAyurveda ⭐ हमारी विशेषताएँ (Key Features) ✔ NABH प्रमाणित अस्पताल गुणवत्ता, सुरक्षा और रोगी-केन्द्रित चिकित्सा के उच्च मानकों के अनुरूप। #NABHCertified #QualityHealthcare #PatientSafety ✔ अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सक (Experienced Doctors) डॉक्टर्स और थेरेपिस्ट्स की टीम अत्यधिक अनुभवी और प्रमाणित हैं। #ExpertAyurvedaDoctors #HolisticHealing1
- Post by Lucky sukhwal1
- Post by Alert Nation News1
- Sri laksmipati bhagvan Thakur ji Maharaj ji ki mangla Aarti Darshan hari om om nmo bhagvate vasuydevay1
- Post by Bheru Singh1
- उदयपुर ब्रेकिंग उदयपुर, 16 फरवरी। झीलों की नगरी उदयपुर में इको पर्यटन को नई दिशा देते हुए बहुप्रतीक्षित लायन सफारी और रेप्टाइल पार्क का आज भव्य लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में गुलाब चंद कटारिया (पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक) ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए परियोजनाओं का उद्घाटन किया। यह परियोजनाएं सज्जनगढ़ वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में विकसित की गई हैं, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। लायन सफारी के माध्यम से पर्यटक अब प्राकृतिक परिवेश में शेरों को करीब से देख सकेंगे, वहीं रेप्टाइल पार्क में विभिन्न प्रजातियों के सरीसृपों को सुरक्षित वातावरण में संरक्षित और प्रदर्शित किया गया है। इस अवसर पर सज्जनगढ़ अभयारण्य क्षेत्र में स्थापित वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर का भी उद्घाटन किया गया। यह केंद्र घायल एवं संकटग्रस्त वन्यजीवों के उपचार और पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। समारोह में संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवल रमानी, जिला कलेक्टर नमित मेहता, समाजसेवी रविंद्र श्रीमाली, गोविंद सिंह टांक सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से उदयपुर में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और वन्यजीव संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। उदयपुर का सज्जनगढ़ अब केवल ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र ही नहीं, बल्कि आधुनिक इको-टूरिज्म का नया हब बनकर उभर रहा है।1
- Post by Alert Nation News1