दतिया कलेक्टर ने जिले के सभी माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा है कि यदि उन्हें उनके पुत्रों या किसी अन्य परिजन द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है, उन्हें घर से निकाल दिया गया है, या उनकी संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है, तो वे चुपचाप अन्याय न सहें बल्कि कानून के तहत प्राप्त अपने अधिकारों का पूरा लाभ उठाएं। कलेक्टर ने विस्तार से बताया कि 'मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पैरेंट्स एंड सीनियर सिटिजंस एक्ट, 2007' के तहत, माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक अपनी संतानों से भरण-पोषण का दावा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यदि किसी संतान ने यह शर्त रखकर संपत्ति अपने नाम कराई हो कि वह माता-पिता की सेवा और देखभाल करेगी, लेकिन बाद में उनकी उपेक्षा या प्रताड़ना शुरू कर दे, तो ऐसी विशिष्ट परिस्थितियों में संपत्ति हस्तांतरण को निरस्त कराने का भी कानून में स्पष्ट प्रावधान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी बुजुर्ग व्यक्ति को अन्याय झेलने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि संबंधित अधिकारी और प्रशासन ऐसे सभी मामलों में उनकी सहायता के लिए पूरी तरह उपलब्ध हैं। कलेक्टर ने आम जनता से भी यह अपील की कि यदि उनके आसपास कोई बुजुर्ग ऐसी किसी भी समस्या का सामना कर रहा हो, तो वे उसे उसके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दें और प्रशासन तक पहुँचने में उसका सहयोग करें। कलेक्टर ने अंत में यह भी स्पष्ट किया कि समय पर सही जानकारी और कानूनी सहायता किसी भी वरिष्ठ नागरिक के जीवन में बड़ा और सकारात्मक बदलाव ला सकती है, इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा में अपना योगदान दे।
दतिया कलेक्टर ने जिले के सभी माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा है कि यदि उन्हें उनके पुत्रों या किसी अन्य परिजन द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है, उन्हें घर से निकाल दिया गया है, या उनकी संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है, तो वे चुपचाप अन्याय न सहें बल्कि कानून के तहत प्राप्त अपने अधिकारों का पूरा लाभ उठाएं। कलेक्टर ने विस्तार से बताया कि 'मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पैरेंट्स एंड सीनियर सिटिजंस एक्ट, 2007' के तहत, माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक अपनी संतानों से भरण-पोषण का दावा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यदि किसी संतान ने यह शर्त रखकर संपत्ति अपने नाम कराई हो कि वह माता-पिता की सेवा और देखभाल करेगी, लेकिन बाद में उनकी उपेक्षा या प्रताड़ना शुरू कर दे, तो ऐसी विशिष्ट परिस्थितियों में संपत्ति हस्तांतरण को निरस्त कराने का भी कानून में स्पष्ट प्रावधान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी बुजुर्ग व्यक्ति को अन्याय झेलने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि संबंधित अधिकारी और प्रशासन ऐसे सभी मामलों में उनकी सहायता के लिए पूरी तरह उपलब्ध हैं। कलेक्टर ने आम जनता से भी यह अपील की कि यदि उनके आसपास कोई बुजुर्ग ऐसी किसी भी समस्या का सामना कर रहा हो, तो वे उसे उसके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दें और प्रशासन तक पहुँचने में उसका सहयोग करें। कलेक्टर ने अंत में यह भी स्पष्ट किया कि समय पर सही जानकारी और कानूनी सहायता किसी भी वरिष्ठ नागरिक के जीवन में बड़ा और सकारात्मक बदलाव ला सकती है, इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा में अपना योगदान दे।
- दतिया कलेक्टर ने जिले के सभी माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा है कि यदि उन्हें उनके पुत्रों या किसी अन्य परिजन द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है, उन्हें घर से निकाल दिया गया है, या उनकी संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है, तो वे चुपचाप अन्याय न सहें बल्कि कानून के तहत प्राप्त अपने अधिकारों का पूरा लाभ उठाएं। कलेक्टर ने विस्तार से बताया कि 'मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पैरेंट्स एंड सीनियर सिटिजंस एक्ट, 2007' के तहत, माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक अपनी संतानों से भरण-पोषण का दावा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यदि किसी संतान ने यह शर्त रखकर संपत्ति अपने नाम कराई हो कि वह माता-पिता की सेवा और देखभाल करेगी, लेकिन बाद में उनकी उपेक्षा या प्रताड़ना शुरू कर दे, तो ऐसी विशिष्ट परिस्थितियों में संपत्ति हस्तांतरण को निरस्त कराने का भी कानून में स्पष्ट प्रावधान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी बुजुर्ग व्यक्ति को अन्याय झेलने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि संबंधित अधिकारी और प्रशासन ऐसे सभी मामलों में उनकी सहायता के लिए पूरी तरह उपलब्ध हैं। कलेक्टर ने आम जनता से भी यह अपील की कि यदि उनके आसपास कोई बुजुर्ग ऐसी किसी भी समस्या का सामना कर रहा हो, तो वे उसे उसके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दें और प्रशासन तक पहुँचने में उसका सहयोग करें। कलेक्टर ने अंत में यह भी स्पष्ट किया कि समय पर सही जानकारी और कानूनी सहायता किसी भी वरिष्ठ नागरिक के जीवन में बड़ा और सकारात्मक बदलाव ला सकती है, इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा में अपना योगदान दे।1
- मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) में एक घटना सामने आई है, जहाँ दुकान बंद कर अपने घर जा रहे व्यापारियों पर नकाबपोश बदमाशों ने हमला कर दिया। यह वारदात ठाकुर बाबा रोड पर बताई जा रही है, जिसमें बदमाशों ने व्यापारियों के साथ मारपीट की और हवाई फायर भी किया। बदमाशों ने लूटपाट की नीयत से व्यापारियों को निशाना बनाया और उनसे लूटपाट करने की कोशिश की। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सिटी पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है।1
- सेवढ़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भगुवापुरा में मोहर्रम का मातमी जुलूस पूरी आस्था और पुरानी परंपरा के साथ निकाला गया। भगुवापुरा में मस्जिद वाली गली से ताजिया उठाया गया, जिसे मुस्लिम समाज सहित समस्त परिवारों ने कंधा देकर सेवढ़ा के लिए रवाना किया। इस अवसर पर भगुवापुरा थाना प्रभारी शाकिर अली खान ने अपने पुलिस बल के साथ ताजियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए, यह सुनिश्चित करते हुए कि कहीं ट्रैफिक की समस्या न हो। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि हिंदू और मुस्लिम भाई 'भाई चेहरे' के साथ तालियों में शामिल हैं। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि 'काजियों' से ताजिया उठने के बाद मोहर्रम के दौरान गांव में आपसी भाईचारे और सौहार्द का माहौल दिखाई दिया। पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।1
- भांडेर नगर के चतुर्भुज मंदिर में हिंदू साम्राज्य दिवस और गुरु पूर्णिमा महोत्सव के भव्य आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। यह महोत्सव आगामी 29 जुलाई को मनाया जाएगा। इस बैठक में नगर के निवासियों और स्वयंसेवकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। खंड प्रमुख ने दीप प्रज्वलित कर बैठक का शुभारंभ किया, जहाँ महोत्सव को भव्य रूप से मनाने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।1
- दतिया जिले के सेंवढ़ा में मोहर्रम पर्व पर सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया गया। शुक्रवार को सेंवढ़ा किला प्रांगण में विभिन्न इमामबाड़ों के ताजिए और बुर्राकें पारंपरिक रूप से एकत्रित हुईं। दतिया राज परिवार की वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार, पूर्व विधायक महाराज घनश्याम सिंह जूदेव ने ताजियों पर अगरबत्ती लगाकर तबर्रुक चढ़ाया और श्रद्धापूर्वक कंधा देकर उन्हें करबला के लिए रवाना किया। किला प्रांगण से निकले मातमी जुलूस में विभिन्न अखाड़ों के युवाओं ने मुख्य बाजार मार्ग पर लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता अपरवल साहनी, राजेंद्र नोनेरिया, देशराज कुशवाहा, बादशाह खान, कमल किशोर शर्मा, रहीस खान, दिग्विजय सिंह सहित मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। मोहर्रम का यह जुलूस आपसी भाईचारे, सौहार्द और परंपराओं के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- एक कार्य जो 2014 में शुरू किया गया था, उसे अब 2020 में पूरा किया जा रहा है। यह कार्य लक्ष्य यादव द्वारा पूरा किया जा रहा है, जिन्हें उनके पिता ने अपना लड़का बताया है। कार्य पूरा होने के इस अवसर पर, लक्ष्य के लिए सभी से आशीर्वाद की कामना की गई है।1
- भाण्डेर तहसील के ग्राम बड़ेरा सोपान में नालियां चोक होने के कारण सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जलभराव के चलते दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है, वहीं पैदल चलने वाले लोगों को भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। शुक्रवार शाम करीब 04 बजे ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लगातार पानी जमा रहने से आसपास गंदगी फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नालियों की सफाई करवाकर जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि उन्हें जल्द राहत मिल सके और दैनिक आवागमन सुचारु हो सके।1
- दतिया जिले की ग्राम पंचायत बड़ोंनकला में गुरुवार को मोहर्रम के अवसर पर आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान बीच वाली राउड से ताजिया उठाया गया, जिसे वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार शिवेंद्र बुंदेला, मुन्ना राजा, छोटे राजा, पग्गू राजा और समस्त बुंदेला परिवार ने कंधा देकर काजियों के चौक के लिए रवाना किया। काजियों के चौक पर पहुंचने के बाद पारंपरिक अखाड़े का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मौजूद रहकर विभिन्न करतब देखे। इस कार्यक्रम में काजी रफीक मोहम्मद, सूफी हसन बाबा, उप सरपंच दिनेश अहिरवार, समाजसेवी कमल किशोर पलया और राम मिलन गुर्जर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ग्रामीणों के अनुसार, ताजिया काजियों के चौक से लाल के चौक, हाथी वाली राउड और चूड़ी वाले मोहल्ले से होते हुए पुनः बीच वाली राउड पहुंचेगा। इसके बाद पारंपरिक रस्म 'ठंडा' को पूरा किया जाएगा, जिसके उपरांत ताजिये को करबला ले जाया जाएगा। मोहर्रम के इस अवसर पर पूरे गांव में आपसी भाईचारे, सौहार्द और धार्मिक सद्भाव का माहौल देखने को मिला। वहीं, पुलिस प्रशासन द्वारा किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।1