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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया स्वदेशी उत्पादों का महत्वपूर्ण संदेश आइए, भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा को अपनाएं, स्थानीय बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों का उत्साहवर्धन करें तथा स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और सशक्त बनाएं। आप भी अपने पसंदीदा हैंडलूम उत्पादों के साथ फोटो या वीडियो साझा करें और भारत की गौरवशाली हथकरघा विरासत को नई पहचान दें।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया स्वदेशी उत्पादों का महत्वपूर्ण संदेश आइए, भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा को अपनाएं, स्थानीय बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों का उत्साहवर्धन करें तथा स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और सशक्त बनाएं। आप भी अपने पसंदीदा हैंडलूम उत्पादों के साथ फोटो या वीडियो साझा करें और भारत की गौरवशाली हथकरघा विरासत को नई पहचान दें।
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- Galat rasta #cartoon #comedy #viralreels #rbtoons जंतर मंतर मोदी से मेरा सवाल दिल्ली जंतर मंतर #विरोध #वायरल #जंतरमंतर Delhi Jantar Mantar #protests1
- सड़क के गड्ढों को बताया 'स्विमिंग पूल', कांग्रेस का अनोखा विरोध प्रदर्शन अल्मोड़ा। सोमेश्वर में जर्जर सड़कों और बढ़ते गड्ढों को लेकर गुरुवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने अनोखे अंदाज़ में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बने गड्ढों को व्यंग्यात्मक रूप से "स्विमिंग पूल" और 'खाल-खंतियाँ' बताते हुए राज्य की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के खिलाफ प्रदर्शन किया और शीघ्र सड़क मरम्मत की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने व्यंग्यात्मक लहजे में कैबिनेट मंत्री से 'क्षमा याचना' करते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता अब तक इन गड्ढों को विकास कार्यों की कमी समझ रही थी, जबकि वास्तव में ये 'स्विमिंग पूल' और 'खाल-खंतियाँ' हैं। उनका आरोप था कि क्षेत्र की सड़कों की बदहाल स्थिति के कारण आम लोगों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजू भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि सड़कें लंबे समय से मरम्मत की प्रतीक्षा कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने सरकार से जर्जर सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष भुवन दोसाद, पूर्व जिला पंचायत सदस्य किशोर नयाल, सुरेश बोरा, जिला पंचायत सदस्य संतोष कुमार, प्रकाश खाती, लक्ष्मण मेहरा, कैलाश कुमार, हीरा मेहरा, राजेन्द्र बोरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- तहसीलदार ने जूस पिलाकर खत्म कराया छात्रों का धरना बाजपुर।राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बाजपुर में भूगोल, अर्थशास्त्र सहित अन्य विषयों की मांग को लेकर धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं का धरना तहसीलदार प्रताप सिंह चौहान बाजपुर की मौजूदगी में समाप्त हो गया। तहसीलदार ने धरनारत छात्रों को जूस पिलाकर आंदोलन समाप्त कराया। तहसीलदार ने जूस पिलाकर खत्म कराया छात्रों का धरना बाजपुर।राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बाजपुर में भूगोल, अर्थशास्त्र सहित अन्य विषयों की मांग को लेकर धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं का धरना तहसीलदार प्रताप सिंह चौहान बाजपुर की मौजूदगी में समाप्त हो गया। तहसीलदार ने धरनारत छात्रों को जूस पिलाकर आंदोलन समाप्त कराया।1
- बागेश्वर पुलिस ने 2.092 किलो चरस बरामद कर दो को गिरफ्तार किया नशा तस्करी में बड़ी सफलता — बागेश्वर पुलिस ने 2.092 किलो चरस बरामद कर दो को गिरफ्तार किया बागेश्वर पुलिस के नेतृत्व में चल रहे "नशा मुक्त उत्तराखण्ड" और "ऑपरेशन प्रहार" अभियान के तहत 06-08-2026 सांयकाल थाना कपकोट क्षेत्र, शामा बैंड तिराहा के पास एसओजी टीम (निरीक्षक सल्लाउद्दीन खॉन पर्यवेक्षण) ने स्कूटी (UK01TA4544) को रोककर जांच की। स्कूटी सवार राहुल वर्मा (32, संजय नगर, बरेली) व रोहित सिंह (28, दुर्गानगर, बरेली) के कब्जे से कुल 2.092 किलोग्राम अवैध चरस बरामद कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बरामद चरस और तस्करी में प्रयुक्त स्कूटी सीज की गई। आरोपियों के विरुद्ध थाना कपकोट में मु0 FIR N0-50/26 धारा 08/20/60 एन0डी0पी0एस0 एक्ट के तहत मामला पंजीकृत किया गया है; पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे चरस सस्ते दामों पर खरीदकर अधिक मुनाफे के लिए बरेली (उत्तर प्रदेश) ले जा रहे थे। मामले की आगे की तफ्तीश में उनके फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंकages खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री जितेंद्र मेहरा (IPS) के कुशल निर्देशन तथा उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय के मार्गदर्शन का परिणाम बताया जा रहा है।1
- 12 अगस्त को लगने जा रहा सूर्य ग्रहण कई खूबियों को लेकर याद किया जाएगा माना कि ग्रहण शब्द कुछ धार्मिक मान्यताओं के लिहाज से अच्छा नहीं समझा जाता, लेकिन इसके परे वैज्ञानिक तथ्य कुछ और कहानी बयान करती हैं। अगले कुछ दिनों में पूर्ण सूर्य ग्रहण होने जा रहा है। जिसे लेकर सौर वैज्ञानिक कई उम्मीदों के साथ इस ग्रहण का इंतजार कर रहे हैं और देखने के लिए तैयारियां कर रहे हैं। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने जा रहा है। जिसे देखने के लिए दुनियाभर के सौर वैज्ञानिक पूर्ण ग्रहण वाले क्षेत्रों की ओर रवाना होने जा रहे हैं। इसकी वजह पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान किए जाने वाले अध्ययन हैं। जिसमे ग्रहण के दौरान पृथ्वी के पर्यावरण पर पढ़ने वाले प्रभाव भी शामिल हैं। इसके अलावा पशु पक्षियों पर प्रभाव है, जो ग्रहण के दौरान नजर आएंगे। लिहाजा इस अद्भुत खगोलीय घटना का अध्ययन न केवल सौर वैज्ञानिक करेंगे, बल्कि पर्यावरण वैज्ञानिक और जीव जंतुओं के वैज्ञानिक भी हिस्सा बनेंगे। इस ग्रहण से जाने कितने अनसुलझे प्रश्नों का जवाब मिलेगा, उसका पता कुछ समय बाद मिल पाएगा, लेकिन,,,,, इस ग्रहण को लेकर वैज्ञानिकों का मानना है कि यह कई मायनों में यादगार रहेगा। सूर्य के रहस्य, पर्यावरण, जीव जंतुओं और ग्रहण का सौंदर्य के साथ कई खूबियां साथ लिए आ रहा यह पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगने वाले पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान आकाश में दिखने वाली मुख्य आश्चर्यजनक विशेषताएं सौर कोरोना, बेली की बीड्स और सूर्यास्त के समय होने वाला यह दुर्लभ सूर्य ग्रहण होगा। इस खगोलीय घटना को ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन जैसे क्षेत्रों में मुख्य रूप से देखा जा सकेगा। मुख्य खगोलीय विशेषताएंसौर कोरोना (Solar Corona): सूर्य का बाहरी चमकदार वायुमंडल जो काले चंद्रमा के चारों ओर एक मोती जैसी सफेद रोशनी बिखेरता है। बेली की बीड्स (Baily's Beads): चंद्रमा के ऊबड़-खाबड़ किनारों से छनकर आती सूर्य की आखिरी किरणें जो मोतियों की माला जैसी दिखती हैं। हीरा रिंग (Diamond Ring): जब केवल एक चमकता हुआ प्रकाश बिंदु बचता है और बाकी हिस्सा कोरोना से ढंक जाता है। लाल प्रॉमिनेंस (Crimson Prominences): सूर्य के किनारे पर दिखाई देने वाली लाल रंग की गैस और प्लाज्मा की लपटें।चमकीले ग्रह (Bright Planets): अंधेरा होने पर आसमान में शुक्र (Venus), बृहस्पति (Jupiter) और बुध (Mercury) का चमकना। सूर्यास्त ग्रहण (Sunset Eclipse): स्पेन और पश्चिमी यूरोप में ढलते सूरज के साथ आंशिक व पूर्ण ग्रहण का अनूठा मिलन। छाया की लहरें (Shadow Bands): पूर्णता से ठीक पहले जमीन या सफेद दीवारों पर नाचती हुई पतली धुंधली परछाइयां। 360-डिग्री सूर्यास्त रंग: क्षितिज पर चारों तरफ गोधूलि (Twilight) जैसा गुलाबी और नारंगी रंग फैल जाना। तापमान में गिरावट: दिन के उजाले में अचानक ठंडक महसूस होना क्योंकि सूरज की गर्मी कम हो जाती है। पक्षी और जीवों का व्यवहार: अंधेरा होने पर पक्षियों का चुपचाप पेड़ों पर वापस लौटना और चमगादड़ों का बाहर निकलना। पर्सिड उल्कापात (Perseid Meteor Shower): इसी रात चमकते टूटते तारों (Shooting Stars) की गतिविधि का चरम पर होना। आंतरिक राशिचक्र प्रकाश (Zodiacal Light): गोधूलि के समय आकाश में सूर्य के चारों ओर फैली हल्की सी चमक। चंद्रमा की काली डिस्क: सूर्य के सामने से गुजरते हुए चंद्रमा का पूरी तरह काला और ठोस गोलाकार नजर आना। उपरोक्त घटनाओं को देखने, उसका एहसास और अनुभव का सुनहरा अवसर 12 अगस्त की रात लगने जा पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान मिलेगा। श्रोत: डा वहाब उद्दीन, सौर वैज्ञानिक फोटो का विवरण : विशेष फिल्टर वैज्ञानिकों को कुल सूर्य ग्रहण के दौरान कोरोना में अलग-अलग तापमान मापने में सक्षम बनाते हैं, जैसे कि 21 अगस्त, 2017 को मिशेल, ओरेगॉन में देखा गयालाल प्रकाश 1.8 मिलियन डिग्री फ़ारेनहाइट पर आवेशित लोहे के कणों द्वारा उत्सर्जित होता है और हरा 3.6 मिलियन डिग्री फ़ारेनहाइट पर होता है। श्रेय: एम. ड्रुकमुलर द्वारा निर्मित और हब्बल एट अल में प्रकाशित छवि। 2021 लेखक: रमेश चंद्रा रमेश चंद्रा पिछले 25 वर्षों से खगोल विज्ञान पर पत्रकारिता कर रहे हैं और हिंदी अखबार दैनिक जागरण के साथ जुड़े हुए हैं। सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण पर दर्जनों आर्टिकल लिख चुके हैं। 12 अगस्त को होने जा रहा सूर्य ग्रहण पर सौर वैज्ञानिक डा वहाब उद्दीन से बातचीत के आधार पर उपरोक्त आर्टिकल तैयार किया है। साथ ही सूर्य ग्रहण को लेकर अपने विचार भी शामिल किए हैं।3
- गहरी और रौबदार पुरुष आवाज़। नैरेशन की आवाज़ सबसे आगे (लगभग 90%)। बैकग्राउंड में केवल प्राकृतिक सिनेमैटिक माहौल: हल्की रेगिस्तानी हवा। दूर की वातावरणीय गूँज। बहुत हल्की ऑर्केस्ट्रल पैड जैसी एम्बियंस (यदि इस्तेमाल करें तो बेहद धीमी)। कोई तेज़ बीट, ड्रम या ऊँचा संगीत नहीं। आवाज़ में ठहराव, वक़ार और असर हो।1
- गूलरभोज डैम से लौट रहे युवक की संदिग्ध हालात में हालत गंभीर, मारपीट या सड़क हादसा? बाजपुर। गूलरभोज डैम से लौट रहे भैंसिया फार्म निवासी 24 वर्षीय सतपाल पुत्र ओमपाल बेरिया दौलत क्षेत्र में बर नदी के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस और पुलिस ने उसे उप जिला चिकित्सालय बाजपुर पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना को लेकर मारपीट और सड़क हादसे दोनों की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1