12 अगस्त को लगने जा रहा सूर्य ग्रहण कई खूबियों को लेकर याद किया जाएगा माना कि ग्रहण शब्द कुछ धार्मिक मान्यताओं के लिहाज से अच्छा नहीं समझा जाता, लेकिन इसके परे वैज्ञानिक तथ्य कुछ और कहानी बयान करती हैं। अगले कुछ दिनों में पूर्ण सूर्य ग्रहण होने जा रहा है। जिसे लेकर सौर वैज्ञानिक कई उम्मीदों के साथ इस ग्रहण का इंतजार कर रहे हैं और देखने के लिए तैयारियां कर रहे हैं। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने जा रहा है। जिसे देखने के लिए दुनियाभर के सौर वैज्ञानिक पूर्ण ग्रहण वाले क्षेत्रों की ओर रवाना होने जा रहे हैं। इसकी वजह पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान किए जाने वाले अध्ययन हैं। जिसमे ग्रहण के दौरान पृथ्वी के पर्यावरण पर पढ़ने वाले प्रभाव भी शामिल हैं। इसके अलावा पशु पक्षियों पर प्रभाव है, जो ग्रहण के दौरान नजर आएंगे। लिहाजा इस अद्भुत खगोलीय घटना का अध्ययन न केवल सौर वैज्ञानिक करेंगे, बल्कि पर्यावरण वैज्ञानिक और जीव जंतुओं के वैज्ञानिक भी हिस्सा बनेंगे। इस ग्रहण से जाने कितने अनसुलझे प्रश्नों का जवाब मिलेगा, उसका पता कुछ समय बाद मिल पाएगा, लेकिन,,,,, इस ग्रहण को लेकर वैज्ञानिकों का मानना है कि यह कई मायनों में यादगार रहेगा। सूर्य के रहस्य, पर्यावरण, जीव जंतुओं और ग्रहण का सौंदर्य के साथ कई खूबियां साथ लिए आ रहा यह पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगने वाले पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान आकाश में दिखने वाली मुख्य आश्चर्यजनक विशेषताएं सौर कोरोना, बेली की बीड्स और सूर्यास्त के समय होने वाला यह दुर्लभ सूर्य ग्रहण होगा। इस खगोलीय घटना को ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन जैसे क्षेत्रों में मुख्य रूप से देखा जा सकेगा। मुख्य खगोलीय विशेषताएंसौर कोरोना (Solar Corona): सूर्य का बाहरी चमकदार वायुमंडल जो काले चंद्रमा के चारों ओर एक मोती जैसी सफेद रोशनी बिखेरता है। बेली की बीड्स (Baily's Beads): चंद्रमा के ऊबड़-खाबड़ किनारों से छनकर आती सूर्य की आखिरी किरणें जो मोतियों की माला जैसी दिखती हैं। हीरा रिंग (Diamond Ring): जब केवल एक चमकता हुआ प्रकाश बिंदु बचता है और बाकी हिस्सा कोरोना से ढंक जाता है। लाल प्रॉमिनेंस (Crimson Prominences): सूर्य के किनारे पर दिखाई देने वाली लाल रंग की गैस और प्लाज्मा की लपटें।चमकीले ग्रह (Bright Planets): अंधेरा होने पर आसमान में शुक्र (Venus), बृहस्पति (Jupiter) और बुध (Mercury) का चमकना। सूर्यास्त ग्रहण (Sunset Eclipse): स्पेन और पश्चिमी यूरोप में ढलते सूरज के साथ आंशिक व पूर्ण ग्रहण का अनूठा मिलन। छाया की लहरें (Shadow Bands): पूर्णता से ठीक पहले जमीन या सफेद दीवारों पर नाचती हुई पतली धुंधली परछाइयां। 360-डिग्री सूर्यास्त रंग: क्षितिज पर चारों तरफ गोधूलि (Twilight) जैसा गुलाबी और नारंगी रंग फैल जाना। तापमान में गिरावट: दिन के उजाले में अचानक ठंडक महसूस होना क्योंकि सूरज की गर्मी कम हो जाती है। पक्षी और जीवों का व्यवहार: अंधेरा होने पर पक्षियों का चुपचाप पेड़ों पर वापस लौटना और चमगादड़ों का बाहर निकलना। पर्सिड उल्कापात (Perseid Meteor Shower): इसी रात चमकते टूटते तारों (Shooting Stars) की गतिविधि का चरम पर होना। आंतरिक राशिचक्र प्रकाश (Zodiacal Light): गोधूलि के समय आकाश में सूर्य के चारों ओर फैली हल्की सी चमक। चंद्रमा की काली डिस्क: सूर्य के सामने से गुजरते हुए चंद्रमा का पूरी तरह काला और ठोस गोलाकार नजर आना। उपरोक्त घटनाओं को देखने, उसका एहसास और अनुभव का सुनहरा अवसर 12 अगस्त की रात लगने जा पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान मिलेगा। श्रोत: डा वहाब उद्दीन, सौर वैज्ञानिक फोटो का विवरण : विशेष फिल्टर वैज्ञानिकों को कुल सूर्य ग्रहण के दौरान कोरोना में अलग-अलग तापमान मापने में सक्षम बनाते हैं, जैसे कि 21 अगस्त, 2017 को मिशेल, ओरेगॉन में देखा गयालाल प्रकाश 1.8 मिलियन डिग्री फ़ारेनहाइट पर आवेशित लोहे के कणों द्वारा उत्सर्जित होता है और हरा 3.6 मिलियन डिग्री फ़ारेनहाइट पर होता है। श्रेय: एम. ड्रुकमुलर द्वारा निर्मित और हब्बल एट अल में प्रकाशित छवि। 2021 लेखक: रमेश चंद्रा रमेश चंद्रा पिछले 25 वर्षों से खगोल विज्ञान पर पत्रकारिता कर रहे हैं और हिंदी अखबार दैनिक जागरण के साथ जुड़े हुए हैं। सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण पर दर्जनों आर्टिकल लिख चुके हैं। 12 अगस्त को होने जा रहा सूर्य ग्रहण पर सौर वैज्ञानिक डा वहाब उद्दीन से बातचीत के आधार पर उपरोक्त आर्टिकल तैयार किया है। साथ ही सूर्य ग्रहण को लेकर अपने विचार भी शामिल किए हैं।
12 अगस्त को लगने जा रहा सूर्य ग्रहण कई खूबियों को लेकर याद किया जाएगा माना कि ग्रहण शब्द कुछ धार्मिक मान्यताओं के लिहाज से अच्छा नहीं समझा जाता, लेकिन इसके परे वैज्ञानिक तथ्य कुछ और कहानी बयान करती हैं। अगले कुछ दिनों में पूर्ण सूर्य ग्रहण होने जा रहा है। जिसे लेकर सौर वैज्ञानिक कई उम्मीदों के साथ इस ग्रहण का इंतजार कर रहे हैं और देखने के लिए तैयारियां कर रहे हैं। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने जा रहा है। जिसे देखने के लिए दुनियाभर के सौर वैज्ञानिक पूर्ण ग्रहण वाले क्षेत्रों की ओर रवाना होने जा रहे हैं। इसकी वजह पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान किए जाने वाले अध्ययन हैं। जिसमे ग्रहण के दौरान पृथ्वी के पर्यावरण पर पढ़ने वाले प्रभाव भी शामिल हैं। इसके अलावा पशु पक्षियों पर प्रभाव है, जो ग्रहण के दौरान नजर आएंगे। लिहाजा इस अद्भुत खगोलीय घटना का अध्ययन न केवल सौर वैज्ञानिक करेंगे, बल्कि पर्यावरण वैज्ञानिक और जीव जंतुओं के वैज्ञानिक भी हिस्सा बनेंगे। इस ग्रहण से जाने कितने अनसुलझे प्रश्नों का जवाब मिलेगा, उसका पता कुछ समय बाद मिल पाएगा, लेकिन,,,,, इस ग्रहण को लेकर वैज्ञानिकों का मानना है कि यह कई मायनों में यादगार रहेगा। सूर्य के रहस्य, पर्यावरण, जीव जंतुओं और ग्रहण का सौंदर्य के साथ कई खूबियां साथ लिए आ रहा यह पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगने वाले पूर्ण
सूर्य ग्रहण के दौरान आकाश में दिखने वाली मुख्य आश्चर्यजनक विशेषताएं सौर कोरोना, बेली की बीड्स और सूर्यास्त के समय होने वाला यह दुर्लभ सूर्य ग्रहण होगा। इस खगोलीय घटना को ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन जैसे क्षेत्रों में मुख्य रूप से देखा जा सकेगा। मुख्य खगोलीय विशेषताएंसौर कोरोना (Solar Corona): सूर्य का बाहरी चमकदार वायुमंडल जो काले चंद्रमा के चारों ओर एक मोती जैसी सफेद रोशनी बिखेरता है। बेली की बीड्स (Baily's Beads): चंद्रमा के ऊबड़-खाबड़ किनारों से छनकर आती सूर्य की आखिरी किरणें जो मोतियों की माला जैसी दिखती हैं। हीरा रिंग (Diamond Ring): जब केवल एक चमकता हुआ प्रकाश बिंदु बचता है और बाकी हिस्सा कोरोना से ढंक जाता है। लाल प्रॉमिनेंस (Crimson Prominences): सूर्य के किनारे पर दिखाई देने वाली लाल रंग की गैस और प्लाज्मा की लपटें।चमकीले ग्रह (Bright Planets): अंधेरा होने पर आसमान में शुक्र (Venus), बृहस्पति (Jupiter) और बुध (Mercury) का चमकना। सूर्यास्त ग्रहण (Sunset Eclipse): स्पेन और पश्चिमी यूरोप में ढलते सूरज के साथ आंशिक व पूर्ण ग्रहण का अनूठा मिलन। छाया की लहरें (Shadow Bands): पूर्णता से ठीक पहले जमीन या सफेद दीवारों पर नाचती हुई पतली धुंधली परछाइयां। 360-डिग्री सूर्यास्त रंग: क्षितिज पर चारों तरफ गोधूलि (Twilight) जैसा गुलाबी और नारंगी रंग फैल जाना। तापमान में गिरावट: दिन के उजाले में अचानक ठंडक महसूस होना क्योंकि सूरज की गर्मी कम हो जाती है। पक्षी और जीवों का व्यवहार: अंधेरा होने पर पक्षियों का चुपचाप पेड़ों पर
वापस लौटना और चमगादड़ों का बाहर निकलना। पर्सिड उल्कापात (Perseid Meteor Shower): इसी रात चमकते टूटते तारों (Shooting Stars) की गतिविधि का चरम पर होना। आंतरिक राशिचक्र प्रकाश (Zodiacal Light): गोधूलि के समय आकाश में सूर्य के चारों ओर फैली हल्की सी चमक। चंद्रमा की काली डिस्क: सूर्य के सामने से गुजरते हुए चंद्रमा का पूरी तरह काला और ठोस गोलाकार नजर आना। उपरोक्त घटनाओं को देखने, उसका एहसास और अनुभव का सुनहरा अवसर 12 अगस्त की रात लगने जा पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान मिलेगा। श्रोत: डा वहाब उद्दीन, सौर वैज्ञानिक फोटो का विवरण : विशेष फिल्टर वैज्ञानिकों को कुल सूर्य ग्रहण के दौरान कोरोना में अलग-अलग तापमान मापने में सक्षम बनाते हैं, जैसे कि 21 अगस्त, 2017 को मिशेल, ओरेगॉन में देखा गयालाल प्रकाश 1.8 मिलियन डिग्री फ़ारेनहाइट पर आवेशित लोहे के कणों द्वारा उत्सर्जित होता है और हरा 3.6 मिलियन डिग्री फ़ारेनहाइट पर होता है। श्रेय: एम. ड्रुकमुलर द्वारा निर्मित और हब्बल एट अल में प्रकाशित छवि। 2021 लेखक: रमेश चंद्रा रमेश चंद्रा पिछले 25 वर्षों से खगोल विज्ञान पर पत्रकारिता कर रहे हैं और हिंदी अखबार दैनिक जागरण के साथ जुड़े हुए हैं। सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण पर दर्जनों आर्टिकल लिख चुके हैं। 12 अगस्त को होने जा रहा सूर्य ग्रहण पर सौर वैज्ञानिक डा वहाब उद्दीन से बातचीत के आधार पर उपरोक्त आर्टिकल तैयार किया है। साथ ही सूर्य ग्रहण को लेकर अपने विचार भी शामिल किए हैं।
- पीली कोठी चौराहा के पास दो गुटों के बीच विवाद एवं भगदड़ की सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 20 व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई दिनांक *06.08.2026* की देर रात्रि थाना मुखानी क्षेत्रान्तर्गत *पीली कोठी चौराहा* के पास दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद एवं सड़क पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही थाना मुखानी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची तथा स्थिति को नियंत्रित करते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई प्रारम्भ की गई। घटना की सूचना प्राप्त होने पर *डॉ. जगदीश चंद्र, पुलिस अधीक्षक अपराध/यातायात नैनीताल* द्वारा अधीनस्थ अधिकारियों को घटना में सम्मिलित व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए। उक्त निर्देशों के क्रम में *श्री मनोज कुमार कत्याल, पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी* के पर्यवेक्षण तथा *श्री सुशील जोशी, प्रभारी निरीक्षक थाना मुखानी* के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र में लगे *सीसीटीवी कैमरों के अवलोकन,* उपलब्ध साक्ष्यों एवं गहन जांच के आधार पर घटना में सम्मिलित *20 व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार* किया गया। गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्तियों के विरुद्ध *थाना मुखानी में धारा 172(2) बीएनएसएस* के अंतर्गत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त *पुलिस अधिनियम की धारा 81 के अंतर्गत 20 व्यक्तियों का चालान कर कुल ₹10,000/-* का संयोजन शुल्क वसूल किया गया। वर्तमान में सभी 20 व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई प्रचलित है। *प्रकरण के संबंध में सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन में किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट अथवा चोट पहुंचाने की घटना परिलक्षित नहीं हुई है। फुटेज में केवल भगदड़ जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। साथ ही, दोनों पक्षों की ओर से इस संबंध में कोई तहरीर भी प्राप्त नहीं हुई है।* प्रकरण की जांच प्रचलित है। जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की *मारपीट अथवा अन्य कोई दंडनीय तथ्य प्रकाश* में आते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नैनीताल पुलिस आमजन से अपील करती है कि सार्वजनिक स्थानों पर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की *अफवाह, विवाद अथवा हुड़दंग की स्थिति उत्पन्न* करने से बचें। कानून व्यवस्था भंग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भविष्य में भी नियमानुसार कठोर एवं प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया स्वदेशी उत्पादों का महत्वपूर्ण संदेश आइए, भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा को अपनाएं, स्थानीय बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों का उत्साहवर्धन करें तथा स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और सशक्त बनाएं। आप भी अपने पसंदीदा हैंडलूम उत्पादों के साथ फोटो या वीडियो साझा करें और भारत की गौरवशाली हथकरघा विरासत को नई पहचान दें।1
- रवि तम्टा की HAPIDA SKYNEX ने भरी सफल उड़ान, Personal Sky Mobility की नई शुरुआत अल्मोड़ा: HAPIDA SKYNEX Prototype ने सफल उड़ान भरकर भारत में Personal Sky Mobility के क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई है। HAPIDA के Founder & CEO रवि टम्टा ने फोन पर बातचीत के दौरान बताया कि यह उड़ान उनके वर्षों की मेहनत और विजन की पहली बड़ी सफलता है। रवि तम्टा के अनुसार, HAPIDA SKYNEX की सफल उड़ान भारत में व्यक्तिगत हवाई परिवहन के क्षेत्र में एक नई शुरुआत का संकेत है।1
- अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर का दावा, 'हैपिडा स्काईनेक्स' फ्लाइंग व्हीकल प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण अल्मोड़ा। अल्मोड़ा निवासी इनोवेटर रवि टम्टा ने अपने विकसित किए गए 'हैपिडा स्काईनेक्स' फ्लाइंग व्हीकल प्रोटोटाइप के सफल परीक्षण का दावा किया है। रवि टम्टा, हैपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं। उनका कहना है कि यह उपलब्धि भारत में व्यक्तिगत हवाई परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। रवि टम्टा के अनुसार कई वर्षों के शोध, डिजाइन, विकास और तकनीकी परीक्षण के बाद हैपिडा स्काईनेक्स प्रोटोटाइप ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी। उन्होंने इसे परियोजना की पहली बड़ी तकनीकी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह परीक्षण आगे के विकास और उन्नत परीक्षणों के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य पूरी तरह विद्युत संचालित, सुरक्षित और व्यक्तिगत उपयोग के लिए फ्लाइंग व्हीकल विकसित करना है। भविष्य में इस तकनीक का उपयोग आम लोगों के लिए व्यक्तिगत हवाई परिवहन के नए विकल्प के रूप में किया जा सकेगा। रवि टम्टा ने कहा कि परियोजना पर अभी भी तकनीकी परीक्षण और आवश्यक सुधार का कार्य जारी है। उनका लक्ष्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप इस तकनीक को व्यावहारिक उपयोग के लिए तैयार करना है। उनका मानना है कि परियोजना सफल होने पर भारत में व्यक्तिगत हवाई परिवहन के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं।1
- 💍✨ HAPPY MARRIED COURSE ✨💍 हैप्पी मैरिड कोर्स 🌙💪 शादी से पहले मर्दाना सेहत का ख़याल — अक़्लमंदी की निशानी 💪🌙 जिन हज़रात की शादी होने वाली है… किसी की एक महीने बाद, किसी की डेढ़ महीने बाद, और किसी की दो या तीन महीने बाद। 📌 मगर एक अहम बात अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाती है… अक्सर नौजवान शादी के बाद महसूस करते हैं कि: ❗ नफ़्स में ढीलापन ❗ टाइमिंग की कमी (जल्दी फ़ारिग हो जाना) ❗ नफ़्स का छोटापन, पतलापन या टेढ़ापन ❗ जिस्मानी कमज़ोरी, थकावट वगैरह ❗ ख़्वाहिश में कमी ये सब बातें इंसान को ज़ेहनी तौर पर परेशान कर देती हैं और शादी की खुशियों पर असर डाल सकती हैं। 💡 याद रखिए: शादी ज़िंदगी का एक खूबसूरत और अहम मरहला है। अगर इंसान सेहतमंद, मज़बूत और पूरे एतमाद के साथ अपनी नई ज़िंदगी शुरू करे, तो शादीशुदा ज़िंदगी की खुशियाँ और भी बढ़ जाती हैं। ✨ समझदार लोग क्या करते हैं? जिन हज़रात की शादी 1, 2 या 3 महीने में होने वाली है, वो अभी से अपनी सेहत पर तवज्जो देते हैं और अगर कोई कमज़ोरी हो तो उसका इलाज शुरू कर देते हैं, ताकि शादी के वक़्त पूरे एतमाद और बेहतर सेहत के साथ अपनी नई ज़िंदगी की शुरुआत कर सकें। 🌿 यूनानी व हर्बल तरीक़ा-ए-इलाज में ऐसे बेहतरीन नुस्ख़े मौजूद हैं जो: ⚡ आसाबी कमज़ोरी को दूर करने में मदद देते हैं। ⚡ मर्दाना ताक़त और स्टैमिना को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। ⚡ टाइमिंग को बेहतर बनाने में मददगार होते हैं। ⚡ स्पर्म (जरासीम) की तादाद बेहतर बनाने में मदद करते हैं। 📌 आज के दौर की एक हक़ीक़त ये भी है कि बहुत से नौजवान कुछ आदतों की वजह से कमज़ोरी का शिकार हो जाते हैं, जैसे: ⚠ कसरत-ए-मुश्तज़नी ⚠ मोबाइल में गंदी तस्वीरें और फ़िल्में देखने की आदत ⚠ गर्लफ़्रेंड से लगातार फ़ुहश बातें और ग़लत ताल्लुक़ात ⚠ ग़लत ख़यालात, बदनज़री और रात को बिस्तर पर लेटकर गंदी बातें सोचते रहना वगैरह हक़ीक़त ये है कि आज के दौर में बहुत से नौजवान किसी न किसी हद तक इन शिकायतों से दो-चार हैं, मगर शर्म या झिझक की वजह से अक्सर लोग इस मसले को नज़रअंदाज़ करते रहते हैं। इसी वजह से जब अचानक शादी का वक़्त क़रीब आता है, तो इंसान ज़ेहनी दबाव और परेशानी महसूस करने लगता है। 📌 इसी ज़रूरत को देखते हुए हमने एक ख़ास हर्बल कोर्स तैयार किया है, जो शादी से पहले जिस्म को मज़बूत बनाने, आसाब को ताक़त देने और मर्दाना सेहत को बेहतर बनाने में मदद देता है। ⏳ जितनी जल्दी शुरुआत करेंगे, उतना बेहतर और लंबे समय तक फ़ायदा मिलेगा। ━━━━━━━━━━━━━━━ 💍✨ HAPPY MARRIED COURSE ✨💍 हैप्पी मैरिड कोर्स शादी की तैयारी का ख़ास कोर्स ━━━━━━━━━━━━━━━ 📲 रहनुमाई और मालूमात के लिए राब्ता करें: 🌿 HERBAL ILYASI DAWAKHANA 🌿 सेक्स स्पेशलिस्ट बे औलादी वह बांझपन हकीम smm 📞 +91 98371434461
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- महुआखेड़ागंज में 273 मतदाताओं के नाम काटने पर बवाल, फर्जी आपत्तियों का आरोप महुआखेड़ागंज में 273 मतदाताओं के नाम काटने पर बवाल, फर्जी आपत्तियों का आरोप1
- मुख्यमंत्री धामी का संदेश:पवित्र सावन मास में चमोली आगमन पर श्री गोपीनाथ मंदिर में देवाधिदेव महादेव के दर्शन कर उनका आशीर्वाद अवश्य प्राप्त करें। चमोली जनपद के गोपेश्वर में स्थित प्राचीन श्री गोपीनाथ मंदिर भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था का अनुपम केंद्र है। प्रकृति की गोद में स्थित इस पावन धाम में महादेव के दर्शन मन को असीम शांति और एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति से भर देते हैं। पवित्र सावन मास में चमोली आगमन पर श्री गोपीनाथ मंदिर में देवाधिदेव महादेव के दर्शन कर उनका आशीर्वाद अवश्य प्राप्त करें।1