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कृषि उपज मंडी प्रांगण में एक तीन दिवसीय विकासखंड स्तरीय शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस जनकल्याण शिविर को 'एक पंथ सौ काज' बताया गया है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य अंतिम छोर के व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना है।
Sajid Pathan
कृषि उपज मंडी प्रांगण में एक तीन दिवसीय विकासखंड स्तरीय शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस जनकल्याण शिविर को 'एक पंथ सौ काज' बताया गया है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य अंतिम छोर के व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना है।
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- देवास में 16 जून 2026 को कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा संबंधी लंबित पत्रों के निराकरण की प्रगति और अंतरविभागीय समन्वय मामलों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री शोभाराम सोलंकी, अपर कलेक्टर श्री संजीव जैन, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती अंशु जावला, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती विशाखा देशमुख सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारीगण उपस्थित रहे, जबकि विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए, कहा कि त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को 20 जून को जारी होने वाली प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में जिले की बेहतर स्थिति सुनिश्चित करने के लिए चार दिवसीय विशेष अभियान चलाकर लंबित शिकायतों का तुरंत समाधान करने और सभी विभागों को 'ए-ग्रेड' में रहने का लक्ष्य रखने को कहा। साथ ही, सभी विभागीय अधिकारियों को स्वयं शिकायतकर्ता से बात कर संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर श्री सिंह ने आगामी टीएल बैठक के लिए विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अब अलग-अलग स्थानों से ऑनलाइन नहीं जुड़ेंगे, बल्कि सभी तहसीलदार, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित अन्य संबंधित अधिकारी अनिवार्य रूप से एसडीएम कार्यालय में एक साथ उपस्थित होकर ही जिला स्तरीय टीएल बैठक में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी एसडीएम कार्यालय की बजाय किसी अन्य स्थान से जुड़ता पाया गया, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि एसडीएम कार्यालय में सभी की मौजूदगी से समन्वय बेहतर होगा और मामलों का मौके पर ही तेजी से निराकरण किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर श्री सिंह ने मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर मत्स्य पालन अधिकारी श्री एस मंडलोई को दो वेतन वृद्धि रोकने संबंधी शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। केसीसी कार्य में लापरवाही पाए जाने पर सहायक संचालक कृषि श्री लोकेश गंगराड़े को भी शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। राज्य शासन के निर्देशानुसार आयोजित जनकल्याण शिविरों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर के व्यक्ति को लाभ पहुंचाना है, इसलिए अधिक से अधिक नागरिकों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने विभागवार और योजनावार जानकारी ली कि कितने नागरिकों को लाभ मिला है, और यह भी निर्देश दिए कि शिविरों के दौरान प्राप्त प्रत्येक आवेदन को अनिवार्य रूप से पोर्टल पर दर्ज किया जाए। कलेक्टर ने सभी विभागों से जनकल्याण शिविरों में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने और केंद्र व राज्य सरकार की सभी हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिविरों के संपादन और आवेदनों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी, और सभी जिला अधिकारियों को 18 जून तक चलने वाले शिविरों की फील्ड में उतरकर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को शत-प्रतिशत किसानों की 'फार्मर आईडी' बनाने की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, ई-विकास प्रणाली में समय पर कार्य करने और 'एक पेड़ मां के नाम अभियान' के तहत ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने तथा उनकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए, जिसमें सभी अधिकारी/कर्मचारियों को सहभागिता कर नागरिकों को भी प्रेरित करने को कहा गया। बैठक में बताया गया कि देवास शहर के 1150 नजूल पट्टाधारियों ने पट्टों का नवीनीकरण नहीं कराया है। इस पर कलेक्टर श्री सिंह ने सभी को एक माह में नवीनीकरण करवाने का नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि समय-सीमा में नवीनीकरण न कराने पर नजूल कार्यालय द्वारा पट्टे निरस्त कर प्लाट वापस लेने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अविवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन प्रकरणों की समीक्षा कर तय समय-सीमा में इनका निराकरण करने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जिले की सभी जनपद पंचायतों और नगर परिषदों में चल रहे ई-केवाईसी कार्य की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने शत-प्रतिशत ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए, और इस कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी। 'जल गंगा संवर्धन अभियान' की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्होंने जल स्रोतों के पुनरुद्धार सहित चिन्हित कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। सभी एसडीएम को तालाबों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने को कहा गया। कलेक्टर ने वन विभाग द्वारा कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य नहीं करने पर नाराजगी जाहिर की और अगली टीएल बैठक तक कार्य पूर्ण न होने पर संबंधितों पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने वन विभाग को 'एक पेड़ मां के नाम अभियान' के तहत ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की विस्तृत समीक्षा कर ज्यादा से ज्यादा पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। 'लखपति दीदी' और 'लखपति पशुपालक दीदी' योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को दायरे में शामिल करने को कहा। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने और दुग्ध उत्पादन से जोड़ने के लिए सीसीएल के माध्यम से त्वरित ऋण स्वीकृत कराकर गाय खरीदने हेतु प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। कलेक्टर श्री सिंह ने विभागीय तालमेल और जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 'लखपति दीदी' योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की वार्षिक आय को एक लाख या उससे अधिक तक पहुंचाना है, और इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल जीवन मिशन अंतर्गत एकल नल-जल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर सभी प्रगतिरत योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने और हैंडओवर करने के निर्देश भी दिए गए। स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर, कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं में शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन, सीवियर एनेमिक गर्भवती महिलाओं और पी.आई.एच. का प्रबंधन, तथा टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अंत में, कलेक्टर श्री सिंह ने कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स सॉर्टेड सीमेन, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना, पीएमएफएमई, पीएम विश्वकर्मा योजना और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, कुसुम बी योजना सहित सभी स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को इन योजनाओं में अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।4
- देवास मंडी गेट के सामने ब्रिज के नीचे अवैध अतिक्रमण के कारण राहगीरों को रोज़ाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने सड़क पर ही अपनी दुकानें लगा रखी हैं और वाहन खड़े कर दिए हैं, जिससे आने-जाने वाले लोगों के लिए आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है। इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों का कहना है कि उन्हें हर दिन इस समस्या से जूझना पड़ता है, और कई बार तो स्थिति विवाद की हद तक पहुँच जाती है। प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिए जाने और अतिक्रमण पर कार्रवाई न होने से लोगों में गहरी नाराजगी है।1
- देवास जिले के ग्राम इटावा में भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में प्रभुलाल पिता बाबुलाल ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को शिकायत सौंपकर सुरक्षा की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मनोज पिता नारायणदास मूंदड़ा नामक व्यक्ति द्वारा उन्हें लगातार धमकाया जा रहा है और न्यायालय में लंबित प्रकरण वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। इटावा, तहसील देवास नगर स्थित सर्वे नंबर 79 और 78/2 से संबंधित यह मामला माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर में विचाराधीन है, जिसकी द्वितीय अपील क्रमांक 792/2005 और 122/2006 लंबित हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों को अपील के अंतिम निराकरण तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि मनोज मुंदड़ा उन्हें मकान पर बुलडोजर चलवाने, झूठे प्रकरणों में फंसाने और पुलिस कार्रवाई कराने जैसी धमकियां दे रहा है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी दावा किया है कि आरोपी स्वयं को प्रभावशाली बताकर प्रशासन और पुलिस पर अपनी पकड़ होने की बात कहता है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2022 में भी उनके परिवार के सदस्यों के विरुद्ध असत्य प्रकरण दर्ज कराकर उन्हें परेशान किया गया था, और अब पुनः वैसी ही कार्रवाई करने की धमकी दी जा रही है। परिवार ने अपनी आर्थिक कमजोरी का हवाला देते हुए कहा है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण वे भय के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं। प्रभुलाल पिता बाबुलाल ने प्रशासन से मांग की है कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित यथास्थिति आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, बिना उचित जांच के उनके और परिवार के सदस्यों के विरुद्ध कोई भी कार्रवाई न की जाए। परिवार ने यह भी गुहार लगाई है कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए और कथित धमकियों से मुक्त कराया जाए।3
- इंदौर शहर में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि उनके मकानों को बिना किसी पुनर्वास व्यवस्था के तोड़ दिया गया है।1
- इंदौर की खुड़ेल तहसील में एसडीएम के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं। चेहकती कलम न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, खुड़ेल तहसील में फर्जी तरीके से जमीन का नक्शा बदल दिया गया है, जिसे एक 'बड़ा कारनामा' बताया जा रहा है। इस स्थिति से किसान बेबस हैं, जबकि अधिकारी कथित तौर पर 'मस्त' हैं, जो इस पूरे प्रकरण पर गंभीर सवाल खड़े करता है।1
- इंदौर जिले की खुड़ेल तहसील में एक बड़ा कारनामा सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर फर्जी तरीके से जमीन का नक्शा बदल दिया गया है। यह गंभीर प्रकरण सीधे तौर पर अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) के आदेशों की अवहेलना को दर्शाता है, जिससे उनके निर्देशों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। इस पूरे मामले में जहाँ एक ओर किसान खुद को बेबस और लाचार पा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अफसर मस्त होकर अपनी मनमानी करते दिख रहे हैं।1
- कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशों के अनुसार, इंदौर जिले के बिचोली अनुभाग क्षेत्र में देव गुराडिया रोड स्थित रेट मंडी में राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम द्वारा औचक निरीक्षण और कार्रवाई की गई। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व एसडीएम श्री अजय शुक्ला ने किया।1
- इंदौर में पुलिस चेकिंग के दौरान एक विवाद सामने आया है। यह घटना अन्नपूर्णा क्षेत्र से संबंधित है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1