कोर्ट के आदेश पर वर्षों पुराने रास्ते से अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम, कार्रवाई रही अधूरी दौसा। ग्राम न्यायालय दौसा के इजराय प्रकरण संख्या 08/2025 में कार्रवाई के लिए टीम कुंडल पहुंची जिला एवं सेशन न्यायालय की टीम के साथ सैल अमीन व राजस्व अमला मौके पर रहा मौजूद तहसीलदार जितेंद्र, पटवारी और कोलवा थाना पुलिस भी कार्रवाई के दौरान मौके पर रही मौजूद। न्यायालय की टीम ने आरोप लगाया कि मौके पर पुराना राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया जा सका आदेश के अनुसार संपूर्ण रिकॉर्ड के साथ राजस्व टीम की मौके पर मौजूदगी जरूरी बताई गई थी रिकॉर्ड नहीं मिलने से विवादित रास्ते का अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हट सका अब सवाल, न्यायालय के आदेश की पूरी पालना कब होगी और रास्ता कब होगा पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त? कोर्ट के आदेश पर रास्ता खुलवाने पहुंची टीम, रिकॉर्ड नहीं मिलने से कार्रवाई अधूरी कुंडल तहसील क्षेत्र में वर्षों पुराने रास्ते से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। न्यायालय की टीम का दावा, मौके पर पूरा पुराना राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे रास्ता पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका। दौसा जिले कुंडल तहसील मुख्यालय क्षेत्र में वर्षों पुराने रास्ते से अतिक्रमण हटाने को लेकर गुरुवार को न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई शुरू हुई। ग्राम न्यायालय दौसा के इजराय प्रकरण संख्या 08/2025, हरिशंकर शर्मा बनाम भीखनारायण शर्मा में जारी आदेश की पालना के लिए जिला एवं सेशन न्यायालय दौसा की टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग की टीम के साथ पुलिस जाप्ता भी मौजूद रहा। न्यायालय की टीम पहुंची तो शुरू हुई कार्रवाई 8 अक्टूबर 2026 को मौके पर सैल अमीन विनोद कुमार शर्मा अगुवाई में पहुंची टीम वहीं कुंडल तहसीलदार जितेंद्र, कुंडल पटवारी तथा कोलवा थाना प्रभारी मनोहर लाल वर्मा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने विवादित रास्ते को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की। रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने का उठाया मुद्दा मौके पर सैल अमीन विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुसार विवादित रास्ते से अतिक्रमण हटाने के लिए टीम पहुंची थी। उनका कहना था कि कार्रवाई के दौरान आवश्यक पुराना राजस्व रिकॉर्ड मौके पर उपलब्ध नहीं कराया जा सका। न्यायालय की ओर से राजस्व टीम को संपूर्ण रिकॉर्ड के साथ मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन टीम के अनुसार पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई आगे बढ़ाने में परेशानी आई। रास्ता पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के चलते विवादित रास्ते से अतिक्रमण पूरी तरह हटाने की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। वहीं मौके पर मौजूद तहसीलदार जितेंद्र की ओर से न्यायालय के आदेश को लेकर स्पष्टता नहीं होने की बात कही गई। हालांकि न्यायालय की टीम के अनुसार आदेश में आवश्यक रिकॉर्ड के साथ राजस्व अमले की मौके पर मौजूदगी के निर्देश दिए गए थे। अब सवाल यह है कि न्यायालय के आदेश की पूरी पालना कब होगी और वर्षों पुराने रास्ते को अतिक्रमण से पूरी तरह कब मुक्त कराया जाएगा।
कोर्ट के आदेश पर वर्षों पुराने रास्ते से अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम, कार्रवाई रही अधूरी दौसा। ग्राम न्यायालय दौसा के इजराय प्रकरण संख्या 08/2025 में कार्रवाई के लिए टीम कुंडल पहुंची जिला एवं सेशन न्यायालय की टीम के साथ सैल अमीन व राजस्व अमला मौके पर रहा मौजूद तहसीलदार जितेंद्र, पटवारी और कोलवा थाना पुलिस भी कार्रवाई के दौरान मौके पर रही मौजूद। न्यायालय की टीम ने आरोप लगाया कि मौके पर पुराना राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया जा सका आदेश के अनुसार संपूर्ण रिकॉर्ड के साथ राजस्व टीम की मौके पर मौजूदगी जरूरी बताई गई थी रिकॉर्ड नहीं मिलने से विवादित रास्ते का अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हट सका अब सवाल, न्यायालय के आदेश की पूरी पालना कब होगी और रास्ता कब होगा पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त? कोर्ट के आदेश पर रास्ता खुलवाने पहुंची टीम, रिकॉर्ड नहीं मिलने से कार्रवाई अधूरी कुंडल तहसील क्षेत्र में वर्षों पुराने रास्ते से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। न्यायालय की टीम का दावा, मौके पर पूरा पुराना राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे रास्ता पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका। दौसा जिले कुंडल तहसील मुख्यालय क्षेत्र में वर्षों पुराने रास्ते से अतिक्रमण हटाने को लेकर गुरुवार को न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई शुरू हुई। ग्राम न्यायालय दौसा के इजराय प्रकरण संख्या 08/2025, हरिशंकर शर्मा बनाम भीखनारायण शर्मा में जारी आदेश की पालना के लिए जिला एवं सेशन न्यायालय दौसा की टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग की टीम के साथ पुलिस जाप्ता
भी मौजूद रहा। न्यायालय की टीम पहुंची तो शुरू हुई कार्रवाई 8 अक्टूबर 2026 को मौके पर सैल अमीन विनोद कुमार शर्मा अगुवाई में पहुंची टीम वहीं कुंडल तहसीलदार जितेंद्र, कुंडल पटवारी तथा कोलवा थाना प्रभारी मनोहर लाल वर्मा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने विवादित रास्ते को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की। रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने का उठाया मुद्दा मौके पर सैल अमीन विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुसार विवादित रास्ते से अतिक्रमण हटाने के लिए टीम पहुंची थी। उनका कहना था कि कार्रवाई के दौरान आवश्यक पुराना राजस्व रिकॉर्ड मौके पर उपलब्ध नहीं कराया जा सका। न्यायालय की ओर से राजस्व टीम को संपूर्ण रिकॉर्ड के साथ मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन टीम के अनुसार पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई आगे बढ़ाने में परेशानी आई। रास्ता पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के चलते विवादित रास्ते से अतिक्रमण पूरी तरह हटाने की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। वहीं मौके पर मौजूद तहसीलदार जितेंद्र की ओर से न्यायालय के आदेश को लेकर स्पष्टता नहीं होने की बात कही गई। हालांकि न्यायालय की टीम के अनुसार आदेश में आवश्यक रिकॉर्ड के साथ राजस्व अमले की मौके पर मौजूदगी के निर्देश दिए गए थे। अब सवाल यह है कि न्यायालय के आदेश की पूरी पालना कब होगी और वर्षों पुराने रास्ते को अतिक्रमण से पूरी तरह कब मुक्त कराया जाएगा।
- कोर्ट के आदेश पर वर्षों पुराने रास्ते से अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम, कार्रवाई रही अधूरी दौसा। ग्राम न्यायालय दौसा के इजराय प्रकरण संख्या 08/2025 में कार्रवाई के लिए टीम कुंडल पहुंची जिला एवं सेशन न्यायालय की टीम के साथ सैल अमीन व राजस्व अमला मौके पर रहा मौजूद तहसीलदार जितेंद्र, पटवारी और कोलवा थाना पुलिस भी कार्रवाई के दौरान मौके पर रही मौजूद। न्यायालय की टीम ने आरोप लगाया कि मौके पर पुराना राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया जा सका आदेश के अनुसार संपूर्ण रिकॉर्ड के साथ राजस्व टीम की मौके पर मौजूदगी जरूरी बताई गई थी रिकॉर्ड नहीं मिलने से विवादित रास्ते का अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हट सका अब सवाल, न्यायालय के आदेश की पूरी पालना कब होगी और रास्ता कब होगा पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त? कोर्ट के आदेश पर रास्ता खुलवाने पहुंची टीम, रिकॉर्ड नहीं मिलने से कार्रवाई अधूरी कुंडल तहसील क्षेत्र में वर्षों पुराने रास्ते से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। न्यायालय की टीम का दावा, मौके पर पूरा पुराना राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे रास्ता पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका। दौसा जिले कुंडल तहसील मुख्यालय क्षेत्र में वर्षों पुराने रास्ते से अतिक्रमण हटाने को लेकर गुरुवार को न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई शुरू हुई। ग्राम न्यायालय दौसा के इजराय प्रकरण संख्या 08/2025, हरिशंकर शर्मा बनाम भीखनारायण शर्मा में जारी आदेश की पालना के लिए जिला एवं सेशन न्यायालय दौसा की टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग की टीम के साथ पुलिस जाप्ता भी मौजूद रहा। न्यायालय की टीम पहुंची तो शुरू हुई कार्रवाई 8 अक्टूबर 2026 को मौके पर सैल अमीन विनोद कुमार शर्मा अगुवाई में पहुंची टीम वहीं कुंडल तहसीलदार जितेंद्र, कुंडल पटवारी तथा कोलवा थाना प्रभारी मनोहर लाल वर्मा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने विवादित रास्ते को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की। रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने का उठाया मुद्दा मौके पर सैल अमीन विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुसार विवादित रास्ते से अतिक्रमण हटाने के लिए टीम पहुंची थी। उनका कहना था कि कार्रवाई के दौरान आवश्यक पुराना राजस्व रिकॉर्ड मौके पर उपलब्ध नहीं कराया जा सका। न्यायालय की ओर से राजस्व टीम को संपूर्ण रिकॉर्ड के साथ मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन टीम के अनुसार पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई आगे बढ़ाने में परेशानी आई। रास्ता पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के चलते विवादित रास्ते से अतिक्रमण पूरी तरह हटाने की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। वहीं मौके पर मौजूद तहसीलदार जितेंद्र की ओर से न्यायालय के आदेश को लेकर स्पष्टता नहीं होने की बात कही गई। हालांकि न्यायालय की टीम के अनुसार आदेश में आवश्यक रिकॉर्ड के साथ राजस्व अमले की मौके पर मौजूदगी के निर्देश दिए गए थे। अब सवाल यह है कि न्यायालय के आदेश की पूरी पालना कब होगी और वर्षों पुराने रास्ते को अतिक्रमण से पूरी तरह कब मुक्त कराया जाएगा।2
- _पंचायत आम चुनाव के लिए आरओ-एआरओ को दिया प्रशिक्षण.... *नामांकन, संवीक्षा, मतदान प्रक्रिया और ईवीएम संचालन की दी जानकारी, प्रश्नोत्तरी के माध्यम से परखा अधिकारियों का ज्ञान* दौसा, 9 अक्टूबर। पंचायत आम चुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं त्रुटिरहित संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सौम्या झा के निर्देशन में शुक्रवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में रिटर्निंग अधिकारियों (आरओ) एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों (एआरओ) का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स (डीएलएमटी) ने अधिकारियों को नामांकन प्रक्रिया, नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा, मतदान प्रक्रिया तथा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के तकनीकी एवं व्यावहारिक संचालन की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पालना, निर्धारित प्रक्रियाओं और चुनाव संबंधी दायित्वों के निर्वहन पर विशेष जोर दिया गया। डीएलएमटी मुकेश चतुर्वेदी ने नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने की निर्धारित समय-सीमा, आवश्यक प्रारूपों, शपथ पत्रों तथा अनिवार्य दस्तावेजों की जांच की विधिक प्रक्रिया समझाई। उन्होंने नामांकन पत्रों की संवीक्षा, नाम वापसी, चुनाव चिन्ह आवंटन और प्रत्याशियों की अंतिम सूची तैयार करने से संबंधित नियमों पर विस्तार से जानकारी दी। डीएलएमटी गिर्राज गुप्ता ने मतदान दिवस पर पीठासीन एवं मतदान अधिकारियों के दायित्वों, वास्तविक मतदान से पूर्व अनिवार्य मॉक पोल तथा पोलिंग एजेंटों की नियुक्ति के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने मतदान डायरी, मतपत्र लेखा, निर्धारित प्रपत्रों तथा प्रपत्रों को लिफाफों में सुरक्षित रखने की प्रक्रिया भी समझाई। इसी क्रम में डीएलएमटी सियाराम ने ईवीएम की कंट्रोल यूनिट (सीयू) एवं बैलेट यूनिट (बीयू) के संयोजन, सीलिंग और सुरक्षा मानकों की जानकारी दी। साथ ही, ईवीएम संचालन के दौरान आने वाली तकनीकी त्रुटियों एवं उनके समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया के बारे में बताया। *नियमों की अक्षरशः पालना और समयबद्ध रिपोर्टिंग के निर्देश* प्रशिक्षण सत्र में अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल ने अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने निर्वाचन आयोग के नियमों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने, निर्वाचन संबंधी कार्यों को गंभीरता एवं जिम्मेदारी से संपादित करने तथा समयबद्ध रिपोर्टिंग के निर्देश दिए। उन्होंने चुनाव के दौरान विशेष सावधानी बरतने योग्य बिंदुओं और अपने अनुभवों को भी अधिकारियों के साथ साझा किया। *निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित प्रश्न पूछे* प्रशिक्षण के अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सौम्या झा के निर्देशानुसार सभी आरओ एवं एआरओ के ज्ञान का आकलन करने के लिए प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। इसमें अधिकारियों से निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित प्रश्न पूछे गए। शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर जिले के सभी रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं निर्वाचन शाखा से जुड़े कार्मिक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के सहायक प्रभारी राजीव व्यास, मदन लाल शर्मा एवं राजेश मीणा ने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं के संचालन एवं समन्वय की जिम्मेदारी निभाई।4
- ग्राम पंचायत बांसखोह सरपंच पद हेतु उम्मीदवार रामफूल सैनी ने दी जानकारी बांसखोह कस्बा स्थित भोमिया की ढाणी शहीद बाबा के मंदिर के पास रामफूल सैनी ने दी जानकारी1
- जयकारों से गूंजा बसवा: जब रघुनाथ ने तोड़ा शिवधनुष, जानकी ने पहनाई वरमाला बसवा (दौसा)। रिपोर्टर ओम प्रकाश साहू।नगरपालिका क्षेत्र में कृष्ण क्लब बसवा के तत्वाधान में आयोजित हो रही रामलीला के पांचवें दिन भक्ति का अनुपम प्रवाह देखने को मिला। पंडाल में मौजूद हर श्रद्धालु उस वक्त भाव-विभोर हो उठा जब मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने शिवधनुष का खंडन किया और माता सीता ने उनके गले में जयमाला डाली। लीला के प्रारंभ में महाराज जनक ने भरी सभा में सीता स्वयंवर की कठोर प्रतिज्ञा की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो भी प्रतापी शिवजी के पिनाक धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, सिया का विवाह उसी के साथ संपन्न होगा। जब सभा में आए तमाम राजा-महाराजा अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने में असफल रहे, तो जनक की सुता के प्रति चिंता देख गुरु विश्वामित्र ने श्रीराम को आज्ञा दी। आज्ञा पाते ही रघुनाथ ने सहज भाव से धनुष को उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते ही भयंकर टंकार के साथ उसके दो टुकड़े कर दिए। धनुष टूटते ही पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा और सखियों के गीतों के बीच सीताजी ने श्रीराम को वरमाला पहनाई। इसके बाद, धनुष टूटने की टंकार सुनकर पहुंचे भगवान परशुराम और लक्ष्मण के बीच हुआ संवाद दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण रहा। अंत में, महाराज जनक द्वारा अयोध्या में राजा दशरथ के पास राजपुरोहित के हाथों विवाह की लग्न-पत्रिका भिजवाने तक की लीला का मनोहारी मंचन किया गया। पात्रों ने फूंक जीवंत प्राण: मंच पर पुष्पेंद्र सईवाल ने श्रीराम और नैतिक कुचोरिया ने लक्ष्मण के रूप में संवादों से सबको प्रभावित किया। राजा साहू ने विश्वामित्र, अनिल प्रजापत ने सीता, ओमप्रकाश साहू ने राजा जनक और राजा सोड़िया ने परशुराम का जीवंत अभिनय किया। शतानंद व राजपुरोहित की दोहरी भूमिका रामोतार शर्मा ने निभाई। वहीं राजाओं के रूप में मोहित साहू, लक्षित कुचोरिया, हेमराज बलाई व विशाल मल्लाह और राजनापित के रूप में रामनारायण हलवाई ने मंच साझा किया। लालाराम राणा, मांगीलाल सैनी, पूरण सैनी और अनिल सैनी ने सखियों का सुंदर किरदार निभाया। व्यास गद्दी से वतन मिश्रा ने सुरीली चौपाइयों से माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बनाए रखा। श्रद्धालुओं की रही गरिमामयी उपस्थिति: इस पावन अवसर पर भक्ति रस का आनंद लेने के लिए परशुराम सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा, श्यामसुंदर व्यास, महेंद्र सैनी ठेकेदार, शिवदयाल झालाणी, राजेंद्र सिंह राजावत, रघुवीर मल्लाह, विजय टिक्कीवाल, रामकरण सैनी, मनोहर सोडिया, पं. दिनेश शास्त्री, फूलचंद गुप्ता, राधे तलाववाला और नाथूलाल सैनी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के प्रबुद्धजन और श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- पंचायत आम चुनाव के लिए आरओ-एआरओ को दिया प्रशिक्षण नामांकन, संवीक्षा, मतदान प्रक्रिया और ईवीएम संचालन की दी जानकारी, प्रश्नोत्तरी के माध्यम से परखा अधिकारियों का ज्ञान दौसा, 9 अक्टूबर। पंचायत आम चुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं त्रुटिरहित संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सौम्या झा के निर्देशन में शुक्रवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में रिटर्निंग अधिकारियों (आरओ) एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों (एआरओ) का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स (डीएलएमटी) ने अधिकारियों को नामांकन प्रक्रिया, नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा, मतदान प्रक्रिया तथा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के तकनीकी एवं व्यावहारिक संचालन की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पालना, निर्धारित प्रक्रियाओं और चुनाव संबंधी दायित्वों के निर्वहन पर विशेष जोर दिया गया। डीएलएमटी मुकेश चतुर्वेदी ने नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने की निर्धारित समय-सीमा, आवश्यक प्रारूपों, शपथ पत्रों तथा अनिवार्य दस्तावेजों की जांच की विधिक प्रक्रिया समझाई। उन्होंने नामांकन पत्रों की संवीक्षा, नाम वापसी, चुनाव चिन्ह आवंटन और प्रत्याशियों की अंतिम सूची तैयार करने से संबंधित नियमों पर विस्तार से जानकारी दी। डीएलएमटी गिर्राज गुप्ता ने मतदान दिवस पर पीठासीन एवं मतदान अधिकारियों के दायित्वों, वास्तविक मतदान से पूर्व अनिवार्य मॉक पोल तथा पोलिंग एजेंटों की नियुक्ति के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने मतदान डायरी, मतपत्र लेखा, निर्धारित प्रपत्रों तथा प्रपत्रों को लिफाफों में सुरक्षित रखने की प्रक्रिया भी समझाई। इसी क्रम में डीएलएमटी सियाराम ने ईवीएम की कंट्रोल यूनिट (सीयू) एवं बैलेट यूनिट (बीयू) के संयोजन, सीलिंग और सुरक्षा मानकों की जानकारी दी। साथ ही, ईवीएम संचालन के दौरान आने वाली तकनीकी त्रुटियों एवं उनके समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया के बारे में बताया। *नियमों की अक्षरशः पालना और समयबद्ध रिपोर्टिंग के निर्देश* प्रशिक्षण सत्र में अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल ने अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने निर्वाचन आयोग के नियमों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने, निर्वाचन संबंधी कार्यों को गंभीरता एवं जिम्मेदारी से संपादित करने तथा समयबद्ध रिपोर्टिंग के निर्देश दिए। उन्होंने चुनाव के दौरान विशेष सावधानी बरतने योग्य बिंदुओं और अपने अनुभवों को भी अधिकारियों के साथ साझा किया। *निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित प्रश्न पूछे* प्रशिक्षण के अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सौम्या झा के निर्देशानुसार सभी आरओ एवं एआरओ के ज्ञान का आकलन करने के लिए प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। इसमें अधिकारियों से निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित प्रश्न पूछे गए। शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर जिले के सभी रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं निर्वाचन शाखा से जुड़े कार्मिक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के सहायक प्रभारी राजीव व्यास, मदन लाल शर्मा एवं राजेश मीणा ने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं के संचालन एवं समन्वय की जिम्मेदारी निभाई।1
- नशे के दुष्प्रभावों का लाइव प्रदर्शन कर विद्यार्थियों को किया जागरूक लाइव डेमो से बताए नशे के जानलेवा दुष्प्रभाव लालसोट। शिवसिंहपुरा स्थित श्री राधा कृष्ण विद्यापीठ उच्च माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला आयोजित हुई। टोंक से आए लियाकत अली ने गुटखा, पान मसाला, सिगरेट और शराब के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए लाइव डेमो के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक किया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य हजारी लाल मीणा सहित विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा। इस दौरान विद्यार्थियों ने स्वयं नशे से दूर रहने और परिवार व समाज को जागरूक कर नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।1
- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर व अध्यक्ष ताल्लुका विधिक सेवा समिति, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजगढ़ लेखपाल शर्मा के निर्देशानुसार आज दिनांक 09.10.2026 को सर्वोदय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजगढ़ में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। तालुका सचिव भाग्यश्री मीणा ने बताया कि उक्त शिविर में पैरा लीगल वोलेन्टियर शिवकान्त शर्मा ने गिरफतारी से पूर्व एवं गिरफ्तारी के समय तथा रिमाण्ड चरण में न्याय तक शीघ्र पहुंच के संबंध में विधिक जानकारी दी। उक्त शिविर में दिनांक 10.10.2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे मे जानकारी दी। साथ ही LGBTQIA+ समुदाय के अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता के तहत कानूनी जानकारी दी गई। साथ नालसा के हेल्पलाईन नम्बर 15100 के बार में बताया।4
- अंतिम सफर के विश्राम स्थल पर चली कुल्हाड़ी; एसडीएम का चाबुक— पुलिस और पालिका को तीन दिन का अल्टीमेटम, रिपोर्ट तलब बसवा (दौसा)। रिपोर्टर ओम प्रकाश साहू।उपखण्ड मुख्यालय बसवा के मनसा माता मंदिर ज्योतिबा फुले सर्किल पर 5 अक्टूबर को रसूख की आड़ में आस्था का एक ऐसा 'कत्ल' किया गया, जिसने पूरे कस्बे को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ सदियों पुराने, घने और विशालकाय हरे पीपल के पेड़ को क्रेन लगाकर बेरहमी से काट दिया गया। रोंगटे खड़े कर देने वाली बात यह है कि इस दौरान ऊपर से गुजर रही 11,000 केवी की हाई-वोल्टेज बिजली लाइन को रस्सियों से खींचकर मौत से खिलवाड़ किया गया। अगर एक भी तार टूट जाता, तो पूरा इलाका शमशान बन जाता। शवयात्राओं का इकलौता आसरा उजाड़ा, पिण्ड बदलने की परंपरा पर आघात इस विशालकाय पीपल के पेड़ से बसवा की आत्मा और गहरी धार्मिक आस्था जुड़ी हुई थी। यह पेड़ शमशान घाट जाने वाले रास्ते का मुख्य पड़ाव था। सदियों से परंपरा है कि जब भी कस्बे से कोई शवयात्रा गुजरती है, तो इसी पेड़ की शीतल छाया के नीचे अंतिम सफर को रोककर 'पिण्ड' बदला जाता है। शवयात्रा में शामिल होने वाले सैकड़ों दुखी लोग इसी विशाल पेड़ की छांव में खड़े होकर ढांढस बंधाते थे। आज उसी छांव को स्वार्थ के क्रेन ने जमींदोज कर दिया। दिन में ग्रामीणों का पहरा, रात को 'डकैती' की तरह उड़ा ले गए माल घटना के तुरंत बाद, प्रार्थी महंत कमलनाथ योगी (निवासी बड़ा महादेव जी, बसवा) ने 6 अक्टूबर को सीधे उपखण्ड अधिकारी ( एसडीएम) की चौखट पर दस्तक दी और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की भनक लगते ही ग्रामीणों ने मोर्चा संभाल लिया और दिन के उजाले में पेड़ का कटा हुआ कच्चा माल (लकड़ी और अवशेष) उठाने नहीं दिया। लेकिन, कानून को ठेंगा दिखाने वाले लोग रात के अंधेरे में गाड़ियों के साथ आए और डकैतों की तरह पेड़ का एक बड़ी गाड़ी कीमती माल समेटकर रफूचक्कर हो गए। प्रशासन में हड़कंप: एसडीएम ने पुलिस और पालिका को नापा, 3 दिन की मोहलत मामला तूल पकड़ते ही कार्यालय उपखण्ड अधिकारी एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट बसवा ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। एसडीएम ने पत्र (क्रमांक: न्याय/2026/1540-1541) जारी कर अधिशाषी अधिकारी ( ईओ) नगरपालिका बसवा और थानाधिकारी ( एसएचओ) पुलिस थाना बसवा की जवाबदेही तय कर दी है। एसडीएम ने अपने आदेश में साफ कहा है कि प्रार्थी की कृषि भूमि पर स्थित पीपल के इस धार्मिक वृक्ष को अनजान लोगों ने मिलीभगत कर काटा है। इस पूरे मामले में तत्काल आवश्यक और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और तीन दिवस के भीतर हर हाल में विस्तृत रिपोर्ट कार्यालय में पेश की जाए। कस्बे का सुलगता सवाल: आस्था के इस कत्ल के पीछे आखिर किसका 'हाथ' है? बिजली विभाग की नाक के नीचे 11 KV की लाइन से खिलवाड़ करने की हिम्मत किसकी हुई? क्या बसवा पुलिस और नगरपालिका इन रसूखदारों को सलाखों के पीछे भेज पाएगी या फाइल ठंडे बस्ते में चली जाएगी?3