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16 जून को राजस्थान के बेगू में हजारों किसानों ने 'खेती बचाओ, जमीन बचाओ' के नारे के साथ एक विशाल ट्रैक्टर महारैली निकाली। यह महारैली एक सीमेंट कंपनी प्लांट के खिलाफ आयोजित की गई थी।
Amrit Rajpurohit
16 जून को राजस्थान के बेगू में हजारों किसानों ने 'खेती बचाओ, जमीन बचाओ' के नारे के साथ एक विशाल ट्रैक्टर महारैली निकाली। यह महारैली एक सीमेंट कंपनी प्लांट के खिलाफ आयोजित की गई थी।
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- चित्तौड़गढ़ के गणगौर गार्डन में योग दिवस की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इन तैयारियों के तहत, राधा कृष्ण पार्क योग परिवार के सदस्यों के साथ पेंशनर समाज और वरिष्ठ नागरिक समाज के सभी सदस्य एक साथ मिलकर योग का अभ्यास कर रहे हैं। इस सामूहिक योग अभ्यास में अन्य लोगों को भी शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।4
- एक लेखक ने भारत में महिलाओं से जुड़े विभिन्न कथित अपराधों और व्यवहारों पर कड़ी चिंता व्यक्त की है, यह मानते हुए कि यदि उनकी बात से किसी को ठेस पहुँचे, तो भी वे अपने दिल की बात कह रहे हैं। उनका आरोप है कि महिलाओं के लिए कई संस्थागत सहायता प्रणालियाँ मौजूद हैं, जबकि पुरुषों के लिए ऐसी व्यवस्थाओं का अभाव है। लेखक ने महिलाओं पर अर्धनग्न होकर रील बनाने, अश्लील फिल्में और विज्ञापन करने, कम उम्र में कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग करने, शादी के बाद विवाहेतर संबंध बनाने, वेश्यावृत्ति और देह व्यापार में लिप्त होने, गर्भपात करवाने तथा बच्चे बेचने जैसे अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया है। इसके अतिरिक्त, झूठे दहेज और बलात्कार के मुकदमे दर्ज कराने, तीन तलाक और लव जिहाद जैसे मामलों में मुकदमे करने, तथा प्रेमी के साथ मिलकर पति या बच्चों की हत्या जैसे जघन्य अपराध करने का भी उल्लेख किया गया है। लेखक ने यहाँ तक कि चार लड़कियों द्वारा एक गरीब युवक के साथ कथित बलात्कार जैसी घटनाओं का भी हवाला दिया है। इन सब कथित कृत्यों के बावजूद, लेखक यह इंगित करते हैं कि महिलाओं के लिए महिला हेल्पलाइन, महिला थाना, मिशन शक्ति, महिला हेल्प डेस्क, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और महिला आयोग जैसी विभिन्न सुविधाएँ और संस्थाएँ उपलब्ध हैं। वहीं, पुरुषों के लिए न तो कोई पुरुष आयोग है, न पुरुष हेल्पलाइन की समान व्यवस्था है और न ही पुरुषों के लिए कोई अलग संस्थागत संरक्षण मौजूद है। लेखक ने ज़ोर देकर कहा है कि न्याय और अधिकारों की चर्चा में प्रत्येक पीड़ित की आवाज़ सुनी जानी चाहिए, चाहे वह महिला हो या पुरुष।1
- राजस्थान के बेगूं क्षेत्र में प्रस्तावित चंदाखेड़ी लाइम स्टोन प्रोजेक्ट के विरोध में किसानों का भारी गुस्सा सड़कों पर उतर आया। बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ एकत्रित हुए, उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया और परियोजना को तत्काल रद्द करने की मांग को लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी किसानों का स्पष्ट आरोप है कि इस प्रस्तावित खनन परियोजना से क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि, महत्वपूर्ण जल स्रोतों और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचेगा। किसानों ने अधिकारियों पर अपनी आपत्तियों और चिंताओं को लगातार नजरअंदाज करने का आरोप लगाया, जिसके कारण उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरना पड़ा है। धरना स्थल पर किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सवाल उठाया कि यह कैसी सरकार है, जिसमें अन्नदाता को अपनी जमीन और भविष्य बचाने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि विकास के नाम पर उनकी खेती और आजीविका को खतरे में नहीं डाला जा सकता। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा। किसानों ने साफ कर दिया कि वे अपनी जमीन, जल और पर्यावरण की रक्षा के लिए अंतिम दम तक संघर्ष जारी रखेंगे, और यह विशाल धरना-प्रदर्शन जेके सीमेंट परियोजना के विरोध में उनके इसी संकल्प का प्रतीक था।1
- श्रीसांवलियाजी में दो दिन के बाद आखिरकार गिनती शुरू हो गई है। गिनती के पहले ही दिन कुल 17.55 करोड़ रुपये की राशि गिनी गई। अब बुधवार को गिनती का दूसरा चरण आयोजित किया जाएगा।1
- पालसोड़ा के बस स्टैंड के पास स्थित मुख्य मार्ग की बड़ी नाली लंबे समय से बदहाली का शिकार है, जिसकी सफाई न होने के कारण वह पूरी तरह से गंदगी से अटी पड़ी है। इस नाली में कचरा और गंदा पानी जमा होने से पूरे क्षेत्र में भयानक दुर्गंध फैल रही है, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की है, इसके बावजूद पंचायत द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नाली की सफाई करवाने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में फैलने वाली बीमारियों के खतरे को रोका जा सके और लोगों को राहत मिल सके।1
- मंगलवार शाम 5 बजे मनासा थाना परिसर में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में पुलिस प्रशासन, विभिन्न ताजिया कमेटियों के सदस्यों, नगर के गणमान्य नागरिकों और पत्रकारों ने हिस्सा लिया। चर्चा के मुख्य बिंदुओं में ताजिया जुलूस के मार्ग, समय-सारणी, आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएँ, तथा बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएँ शामिल थीं। बैठक के दौरान, थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी ने सभी उपस्थित पक्षों से मोहर्रम का त्योहार आपसी सद्भाव और परंपरा के अनुसार मनाने का आग्रह किया। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि ताजियों के जुलूस केवल पूर्व निर्धारित मार्गों से ही निकाले जाएँ, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट से बचने और अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न देने की सख्त हिदायत दी गई। आयोजकों से पुलिस को वालंटियर्स की सूची सौंपने का निर्देश भी दिया गया, और यह भी कहा गया कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए पुलिस का पूरा सहयोग करें। बैठक में थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी, थाना स्टाफ, नगर के गणमान्य नागरिक और पत्रकारगण मौजूद रहे।1
- राजस्थान के बालोतरा में एक अत्यंत भीषण सड़क हादसे में चार सगे भाइयों की जान चली गई। यह दुर्घटना इतनी भयावह थी कि इसमें कार के परखचे उड़ गए। जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में चारों लोगों की मौत मौके पर ही हो गई।1
- शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। चित्तौड़गढ़ की पुण्य एवं वीरभूमि पर आयोजित इस कार्यक्रम में आदरणीय विधायक महोदय, वरिष्ठजन, युवा साथियों, मातृशक्ति और नन्हे-मुन्ने बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने वीर शिरोमणि को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। महाराणा प्रताप को केवल एक नाम नहीं, बल्कि त्याग, संघर्ष, आत्मसम्मान, राष्ट्रप्रेम और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की जीवंत मिसाल बताया गया। यह संदेश दिया गया कि विपरीत परिस्थितियों में भी स्वाभिमान, संस्कृति और सिद्धांतों से समझौता नहीं करना चाहिए, जैसा कि महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाकर भी अपना स्वाभिमान और मातृभूमि की रक्षा का संघर्ष जीवन भर निभाया था। उन्हें इतिहास नहीं, बल्कि हर भारतवासी के हृदय में बसने वाली राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा बताया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया गया कि वे महाराणा प्रताप के जीवन से साहस, नेतृत्व, राष्ट्रभक्ति, आत्मसम्मान और संघर्षशीलता की प्रेरणा लेकर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दें। यह भी जोर दिया गया कि आज भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो अपने संस्कारों, संस्कृति और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानें। आयुष हॉस्पिटल, चित्तौड़गढ़ ने इस अवसर पर सभी नागरिकों को महाराणा प्रताप के आत्मबल, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से प्रेरणा लेते हुए अपने जीवन में नित्य योग, आयुर्वेदिक दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। हॉस्पिटल के अनुसार, योग शरीर, मन और आत्मा को सशक्त बनाता है, और स्वदेशी चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद हमारी हजारों वर्षों पुरानी वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है, जो स्वस्थ, निरोग और संतुलित जीवन का आधार है। भारतीय संस्कृति को केवल जीवन जीना नहीं, बल्कि स्वस्थ, संस्कारित, अनुशासित और सम्मानपूर्ण जीवन का मार्ग दिखाने वाली बताया गया। अंत में, सभी से महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने और एक स्वस्थ, स्वाभिमानी, संस्कारित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया, यह दोहराते हुए कि जब तक सूर्य चंद्र रहेगा, मेवाड़ का गौरव अमर रहेगा।4
- चित्तौड़गढ़ में एक कॉलेज विवाद के चलते अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) आमने-सामने आ गए हैं। इस विवाद के परिणामस्वरूप, संजय राव को निलंबित कर दिया गया है। संजय राव ने अपने निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए इस नोटिस को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, खासकर यह देखते हुए कि विवाद का राजीनामा पहले ही हो चुका था। जिले के निंबाहेड़ा क्षेत्र से केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) के अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों में अधिकारियों द्वारा मारपीट करना, अवैध वसूली करना और लोगों को झूठे प्रकरणों में फंसाना शामिल है। संगठनात्मक स्तर पर, विनोद वैष्णव को हिंदू युवा वाहिनी का संभाग अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, सुनील चौहान भील का चयन ट्राइबल लीडरशिप प्रोग्राम के लिए किया गया है। जिले में कई सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें महेश नवमी महोत्सव का शुभारंभ, सिंधु दर्शन यात्रियों का स्वागत, और विश्व संगीत दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन शामिल है।1