छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम जिलेहरी में शनिवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के 7 सदस्य झुलस गए। इस हादसे में 18 वर्षीय युवती मुस्कान (पिता सिमरन) की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 2 बजे जिलेहरी निवासी परिवार के सदस्य खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज हवा-तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई और अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। हादसे में सुषमा तेकाम (18 वर्ष), तुका पाल (15 वर्ष), राजरानी (19 वर्ष), आयुष (15 वर्ष), चंचलेश (14 वर्ष) और श्याम कुमार (30 वर्ष) झुलसकर घायल हुए हैं। मुस्कान की हालत गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस डायल-112 वाहन के पायलट राहुल वर्मा ने पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचकर कुछ घायलों को अस्पताल पहुंचाया। शेष घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अमरवाड़ा पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रशासन द्वारा बारिश के मौसम में खेतों में काम करते समय आकाशीय बिजली से बचाव के लिए लोगों से अपील भी की जा रही है।
छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम जिलेहरी में शनिवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के 7 सदस्य झुलस गए। इस हादसे में 18 वर्षीय युवती मुस्कान (पिता सिमरन) की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 2 बजे जिलेहरी निवासी परिवार के सदस्य खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज हवा-तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई और अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। हादसे में सुषमा तेकाम (18 वर्ष), तुका पाल (15 वर्ष), राजरानी (19 वर्ष), आयुष (15 वर्ष), चंचलेश (14 वर्ष) और श्याम कुमार (30 वर्ष) झुलसकर घायल हुए हैं। मुस्कान की हालत गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस डायल-112 वाहन के पायलट राहुल वर्मा ने पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचकर कुछ घायलों को अस्पताल पहुंचाया। शेष घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अमरवाड़ा पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रशासन द्वारा बारिश के मौसम में खेतों में काम करते समय आकाशीय बिजली से बचाव के लिए लोगों से अपील भी की जा रही है।
- छिंदवाड़ा जिले के परासिया बिजोरी में स्थित बिजोरी गुमाई पंचायत में 'मन की बात' कार्यक्रम के 135वें एपिसोड का सामूहिक श्रवण किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष अरुण कपूर, रवि विश्वकर्मा और जिला भाजपा सोशल मीडिया विभाग सदस्य आयुष चौरसिया सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद, उपस्थित ग्रामीणों ने अपनी स्थानीय समस्याओं से पूर्व विधायक ताराचंद बावरिया को अवगत कराया। इन समस्याओं पर गंभीरता दिखाते हुए, श्री बावरिया ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इनका शीघ्र निराकरण करें और सुनिश्चित करें कि जनहित से जुड़े सभी मामलों का त्वरित समाधान किया जाए।1
- छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम जिलेहरी में शनिवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के 7 सदस्य झुलस गए। इस हादसे में 18 वर्षीय युवती मुस्कान (पिता सिमरन) की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 2 बजे जिलेहरी निवासी परिवार के सदस्य खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज हवा-तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई और अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। हादसे में सुषमा तेकाम (18 वर्ष), तुका पाल (15 वर्ष), राजरानी (19 वर्ष), आयुष (15 वर्ष), चंचलेश (14 वर्ष) और श्याम कुमार (30 वर्ष) झुलसकर घायल हुए हैं। मुस्कान की हालत गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस डायल-112 वाहन के पायलट राहुल वर्मा ने पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचकर कुछ घायलों को अस्पताल पहुंचाया। शेष घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अमरवाड़ा पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रशासन द्वारा बारिश के मौसम में खेतों में काम करते समय आकाशीय बिजली से बचाव के लिए लोगों से अपील भी की जा रही है।1
- छिंदवाड़ा में हुए एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की जान चली गई है। इस दुर्घटना में एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की केवलारी तहसील में 30 जून को निर्धारित विशेष जनसुनवाई स्थगित कर दी गई है। यह जनसुनवाई अब आगामी 7 जुलाई को आयोजित की जाएगी।1
- ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं, जिसके कारण उन्हें खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतरना पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी के कुएं की जमीन पर कब्जा कर लिया गया है, जिसके चलते उन्हें पीने के पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।1
- सिवनी जिले के डूंण्डासिवनी थाना क्षेत्र में एक ट्रक चोरी का मामला सामने आया है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ग्राम पिंडरई खुर्द निवासी तरुण बापाची ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बापाची ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपना ट्रक बम्होड़ी स्थित एक पेट्रोल पंप पर खड़ा किया था और उसके बाद घर चले गए थे। जब वे वापस लौटे तो उन्होंने पाया कि उनका ट्रक वहाँ से चोरी हो चुका था। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और चोरों की तलाश में जुट गई है, साथ ही घटना की गहन जांच भी की जा रही है।1
- पांढुर्णा मुख्यालय से मात्र दो किलोमीटर दूर स्थित ग्राम भंदारगोंदी के ग्रामीण आजादी के इतने वर्षों बाद भी मुख्यधारा से कटे हुए हैं। उन्हें जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली जाम नदी पर बना रपटा अब एक बड़ी मुसीबत बन गया है, जो बरसात शुरू होते ही पानी में डूब जाता है और भंदारगोंदी सहित आसपास के गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। हल्की सी बारिश में ही जाम नदी उफान पर आ जाती है, जिससे घंटों तक रपटे के ऊपर से पानी का तेज बहाव होता है। यह रपटा कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे किसी भी समय बड़ी अनहोनी का खतरा बना रहता है। ऐसी स्थिति में, गंभीर बीमारी या आपातकाल में मरीजों को अस्पताल ले जाने का कोई विकल्प नहीं बचता, और उन्हें मौत के मुंह में छोड़ना पड़ता है। ग्रामीणों को सत्ता परिवर्तन के बाद जाम नदी पर पुलिया निर्माण की उम्मीद थी, लेकिन अब उनकी यह आशा टूट रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि चुनाव के दौरान वोट लेने के बाद स्थानीय भाजपा सांसद ने इस समस्या की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। जनता ने जिस भरोसे के साथ उन्हें चुनकर संसद भेजा था, उसी क्षेत्र की बदहाली और इस जानलेवा रपटे की सच्चाई या तो सांसद तक पहुंची नहीं, या उन्होंने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया, जो एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों का गुस्सा स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों पर भी फूट रहा है। उनका आरोप है कि भारी बहुमत से चुने गए जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में विफल रहे हैं। वे या तो अपनी ही जनता की समस्याओं को उच्च अधिकारियों, विधायक और सांसद तक पहुंचाने में अक्षम हैं, या फिर वे इस उपेक्षा में पूरी तरह शामिल हैं। भंदारगोंदी और देवखापा के सैकड़ों ग्रामीण अब दोराहे पर खड़े हैं। उन्हें आशंका है कि यदि समय रहते इस पुलिया का निर्माण नहीं हुआ और प्रशासन ने आंखें नहीं खोलीं, तो शायद किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही यह सोया हुआ प्रशासन जागेगा। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब तक आम जनता अपनी जान हथेली पर रखकर इस जानलेवा रपटे से गुजरने को मजबूर रहेगी, क्योंकि जाम नदी का रपटा उनके लिए मौत का जाल बन चुका है और उनकी दुर्दशा पर प्रशासनिक तंत्र व लापरवाह जनप्रतिनिधि खामोश हैं।1