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एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल के तहत, बालकों के प्रयासों से कुल 1 लाख 20 हजार (1.2 लाख) लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएँ सफलतापूर्वक पहुँचाई गई हैं।
Dwarika prasad Yadaw
एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल के तहत, बालकों के प्रयासों से कुल 1 लाख 20 हजार (1.2 लाख) लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएँ सफलतापूर्वक पहुँचाई गई हैं।
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- कोरबा के सोनालिया पुल पर हर दिन हजारों लोगों को जाम, अव्यवस्था और दुर्घटनाओं के खतरे का सामना करना पड़ रहा है। इस पुल पर अंडरब्रिज के निर्माण का वादा करीब एक साल पहले प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सार्वजनिक रूप से किया था। मंत्री ने तब कहा था कि अंडरब्रिज के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है और काम जल्द शुरू होगा। हालांकि, समय बीतने के साथ यह घोषणा पुरानी पड़ गई है और अंडरब्रिज का काम आज भी कागजों व फाइलों में ही अटका हुआ है। जनता अब सवाल पूछ रही है कि यह वादा कब पूरा होगा, क्योंकि उन्हें लगातार असुविधाओं और खतरों का सामना करना पड़ रहा है।1
- कोरबा जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में विधायक फूल सिंह राठिया विकास की सौगात लेकर पहुँचे हैं। उनके पहुँचने से इस क्षेत्र में विकास कार्यों की उम्मीद जताई जा रही है।1
- बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 52 लिंगियाडीह में पिछले 6 से 7 महीनों से भीषण पेयजल संकट गहराया हुआ है, जिससे क्षेत्र के हजारों नागरिक अपनी दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी जुटाने में भारी मशक्कत कर रहे हैं। क्षेत्र में उपलब्ध चार से पांच बोरवेल भी पर्याप्त जलापूर्ति देने में विफल साबित हो रहे हैं, जिससे वार्डवासियों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह समस्या दीपावली के आसपास शुरू हुई थी, लेकिन समय बीतने के बावजूद इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। कई मोहल्लों में सुबह से ही पानी के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं, जहाँ महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे घंटों तक बर्तन, बाल्टी और डिब्बे लेकर पानी भरने का इंतजार करते नजर आते हैं; यहाँ तक कि कई परिवारों के निजी बोरवेल और मर्सिबल पंप भी अब पानी नहीं दे पा रहे हैं, जिससे स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है। वार्डवासियों का आरोप है कि पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए रोजाना संघर्ष करना पड़ रहा है और नगर निगम प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए गए होते तो आज क्षेत्र को इस गंभीर संकट का सामना नहीं करना पड़ता। इस बीच, वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार कर रहे हैं, हालांकि बढ़ती आबादी और निरंतर बने संकट के बीच यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है, जिसे नागरिक केवल अस्थायी राहत मानते हैं। क्षेत्र में एक और गंभीर चिंता का विषय पेयजल पाइपलाइनों की स्थिति है, जो कई स्थानों पर नालियों के बीच से होकर गुजर रही हैं, जिससे दूषित पानी के मिश्रण की आशंका बनी रहती है। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और लोगों में स्वास्थ्य को लेकर भय का माहौल है। वार्डवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जल संकट को आपात स्थिति मानते हुए तत्काल विशेष कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने खराब पाइपलाइनों की मरम्मत, नए जल स्रोतों के विकास, बोरवेलों की क्षमता वृद्धि और नियमित व स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की अपील की है, यह कहते हुए कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाला समाधान चाहिए।4
- Post by Dwarika prasad Yadaw4
- रायगढ़ पुलिस ने "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब ₹1.77 करोड़ की निवेश धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी विश्वजीत देवनाथ को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने आरोपी को जांजगीर-चांपा जिले से पकड़ा और रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा की 30 मई 2026 को थाना कोतवाली में दर्ज शिकायत से हुई थी। मिश्रा ने बताया था कि आरोपी विश्वजीत देवनाथ ने खुद को एलईडी बल्ब निर्माण और शेयर मार्केट ट्रेडिंग व्यवसाय से जुड़ा बताकर निवेश पर प्रति माह 6 प्रतिशत ब्याज और 10 प्रतिशत मूलधन वापसी का लालच दिया। उसके झांसे में आकर संजय मिश्रा ने बैंक से ऋण लेकर ₹12 लाख का निवेश किया। शुरुआत में आरोपी द्वारा नियमित भुगतान किए जाने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा, और संजय मिश्रा सहित 13 से अधिक लोगों ने कुल ₹1 करोड़ 77 लाख 10 हजार का निवेश कर दिया। बाद में निवेशकों को यह जानकारी मिली कि शेयर ट्रेडिंग के लिए आवश्यक डीमैट खाते और दस्तावेज आरोपी के पास उपलब्ध नहीं थे, जिससे उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अपराध क्रमांक 288/2026 धारा 420 भादवि के तहत दर्ज इस मामले की जांच के दौरान, पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी के खिलाफ थाना चांपा में धोखाधड़ी का एक अन्य मामला भी दर्ज है। थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने जांजगीर-चांपा पुलिस के सहयोग से दबिश देकर विश्वजीत देवनाथ (43 वर्ष, निवासी नदिया जिला, पश्चिम बंगाल) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों से निवेश कराकर रकम को विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से शेयर बाजार में लगाता था। उसने बताया कि शुरुआती दौर में उसने निवेशकों को भुगतान कर उनका विश्वास जीता, लेकिन बाद में शेयर बाजार में हुए नुकसान के कारण वह उनकी रकम वापस नहीं कर सका। आरोपी ने यह जानकारी भी दी कि उसके उपयोग की फॉर्च्यूनर गाड़ी और बैंकिंग दस्तावेज थाना चांपा में दर्ज प्रकरण में पहले ही जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, ट्रेडिंग खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है, साथ ही संभावित निवेश नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की भी जांच जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें। उन्होंने अधिक मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहने की सलाह दी, और किसी भी संदिग्ध निवेश या साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में देने का आग्रह किया।2
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ एक नाबालिग से नकली बंदूक दिखाकर छेड़छाड़ की गई है। इस मामले में हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी कोई और नहीं बल्कि पीड़ित का रिश्तेदार ही निकला। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी नाबालिग से ₹30 हजार की नकदी लूटकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) समेत कई अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।1