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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पत्रकारों से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने हनुमान बेनीवाल द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस पर भी अपनी बात रखी। राठौड़ ने नोटिस पर सफाई देते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने कहा था कि 'बहिष्कार करना चाहिए', न कि 'बहिष्कार कर दो'। साथ ही, उन्होंने हनुमान बेनीवाल की राजनीति को 'ओछी राजनीति' करार दिया।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पत्रकारों से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने हनुमान बेनीवाल द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस पर भी अपनी बात रखी। राठौड़ ने नोटिस पर सफाई देते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने कहा था कि 'बहिष्कार करना चाहिए', न कि 'बहिष्कार कर दो'। साथ ही, उन्होंने हनुमान बेनीवाल की राजनीति को 'ओछी राजनीति' करार दिया।
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- सोडाला, जयपुर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति को चलती हुई महिला के गले से सोने का मंगलसूत्र चोरी करने का प्रयास करते हुए देखा गया। यह व्यक्ति तब तक अपने प्रयास में लगा रहा जब तक उसे सफलता नहीं मिल गई; उसने महिला को तब तक पीटा जब तक मंगलसूत्र उसके गले से टूट नहीं गया। जयपुर में लगातार बढ़ रही चोरी की ऐसी घटनाओं से साफ जाहिर होता है कि चोरों ने शहर में अपना खुला राज जमा लिया है। इसके बावजूद, प्रशासन अभी तक इस तरह की गंभीर आपराधिक गतिविधियों पर कोई कठोर कार्रवाई करने की दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है।1
- राजस्थान में सड़कों की खराब हालत को लेकर एक मंत्रीजी ने अजीबोगरीब बयान दिया है। उनके अनुसार, राज्य में खराब सड़कों की समस्या का समाधान 'अंतरराष्ट्रीय स्तर' पर किया जाएगा। मंत्रीजी ने इसके पीछे तर्क दिया है कि पूरे राजस्थान में सड़कों से संबंधित कार्य 'अंतरराष्ट्रीय समस्या' के कारण लंबित पड़े हैं। इस बयान पर आश्चर्य और हैरानी व्यक्त की गई है।1
- जयपुर के रामगंज क्षेत्र में चीता वालों का मोहल्ला में निर्माण के दौरान एक ओर झुकी हुई छह मंजिला इमारत को नगर निगम प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। इमारत के गिरने के साथ ही एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। यह इमारत चौकड़ी रामचंद्रजी क्षेत्र के जगन्नाथ शाह के रास्ते में स्थित थी और निर्माण कार्य के दौरान इसके कुछ पिलर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसी के परिणामस्वरूप, 9 मई को पूरी इमारत एक तरफ झुक गई थी। इसके बाद, निगम की टीम ने बिल्डिंग को खाली करवाया था, और विशेषज्ञों की जांच में भवन को असुरक्षित पाए जाने के बाद इसे गिराने का निर्णय लिया गया। बिल्डिंग गिराने से पहले, प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिसमें बिल्डिंग के आसपास के रास्तों को बंद करना और बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोकना शामिल था। आसपास के 10 से 15 मकानों को खाली कराकर वहां रहने वाले लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया था और लाइट भी बंद कर दी गई थी। इस दौरान रामगंज थाना पुलिस बल तैनात रहा। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग गिराने की यह प्रक्रिया पूरी सावधानी और तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में की गई, जिसमें आसपास की इमारतों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया।1
- लोकप्रिय शिक्षक और यूट्यूबर खान सर के घर के बाहर हजारों छात्रों की भारी भीड़ जमा हो गई। अपने पसंदीदा शिक्षक के प्रति चिंता और समर्थन व्यक्त करने के लिए इतनी बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे कि खान सर को खुद बाहर आकर हाथ जोड़कर उनसे घर लौटने की अपील करनी पड़ी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में छात्रों का अपने शिक्षक के प्रति गहरा लगाव और भावनात्मक जुड़ाव साफ नजर आ रहा है। छात्र केवल उनकी कुशलक्षेम जानने और समर्थन व्यक्त करने के उद्देश्य से ही इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा का विषय बन गया है। समर्थकों का कहना है कि किसी शिक्षक के प्रति छात्रों का ऐसा प्रेम और विश्वास बहुत कम देखने को मिलता है, जबकि कई लोगों ने इसे खान सर की लोकप्रियता और छात्रों के बीच उनकी मजबूत पकड़ का प्रमाण बताया। फिलहाल, छात्रों की भीड़ को शांतिपूर्वक वापस भेज दिया गया है और स्थिति सामान्य है। यह दृश्य शिक्षक और छात्रों के बीच बने एक विशेष रिश्ते की अनोखी मिसाल के रूप में चर्चा में बना हुआ है।1
- एक राजनीतिक टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अब एक नई दिशा ले चुका है, जब तथाकथित "कॉकरोच पार्टी" ने अपने तीन प्रवक्ताओं की घोषणा की और अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला अब केवल एक बयान से आगे बढ़कर संगठनात्मक गतिविधियों तक पहुंच गया है। इस बीच, 6 जून को प्रस्तावित एक कार्यक्रम और उसमें जुटने वाली भीड़ को लेकर खासी उत्सुकता बनी हुई है। सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर यह सवाल भी उठ रहा है कि जिस सरकार पर अक्सर विपक्षी गतिविधियों में बाधा डालने के आरोप लगते रहे हैं, उसने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को बिना किसी व्यवधान के कैसे होने दिया। हालांकि, इन दावों और अटकलों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, सभी राजनीतिक निगाहें 6 जून पर टिकी हुई हैं, क्योंकि उस दिन के कार्यक्रम में जुटने वाली भीड़ और उससे निकलने वाले संदेश से भविष्य की राजनीतिक तस्वीर कुछ हद तक स्पष्ट होने की उम्मीद है।1
- भीषण गर्मी के इस माहौल में बाइक राइडर्स को नींद आने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। 'जस्ट जयपुर लाइव' ने इस स्थिति को देखते हुए समस्त बाइक राइडर्स से विशेष आग्रह किया है कि वे किसी भी कार्य के लिए घर से निकलने से पहले अपनी नींद पूरी अवश्य कर लें, ताकि सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुँच सकें। इसके साथ ही, 'जस्ट जयपुर लाइव' ने अपने दर्शकों से जुड़ने, कमेंट करने, शेयर करने और फॉलो करने का भी निवेदन किया है।1
- भारतीय राजनीति में अब राहुल गांधी पर सीधे तौर पर सवालों का जवाब देने का दबाव है। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अब उनकी बारी है, और यह देखना होगा कि वे इन चुनौतियों का सामना कर पाते हैं या नहीं।1
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