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बिहार के कुशेश्वर स्थान में शहीद अखिलेश आनंद के अंतिम विदाई समारोह में वहां की जनता उमड़ पड़ी। शहीद अखिलेश आनंद को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई है। इस विदाई के बाद से पूरे कुशेश्वर स्थान में शोक की लहर फैली हुई है।
छायाकार अमल कुमार
बिहार के कुशेश्वर स्थान में शहीद अखिलेश आनंद के अंतिम विदाई समारोह में वहां की जनता उमड़ पड़ी। शहीद अखिलेश आनंद को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई है। इस विदाई के बाद से पूरे कुशेश्वर स्थान में शोक की लहर फैली हुई है।
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- समस्तीपुर में अपराधियों के द्वारा आपराधिक घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। इस बिगड़ती स्थिति के बीच, सदर डीएसपी ने आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाया है।1
- देश के विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपने सांसदों और नेताओं के साथ लोकसभा के बाहर छात्रों के सवालों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, बेगूसराय के कांग्रेस पार्टी के नेता रंजीत कुमार मुखिया और अन्य नेताओं ने भी राहुल गांधी, छात्राओं और देश के इस विषय को लेकर अपना रुख सामने रखा है।2
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- समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय सरकारी अस्पताल के गेट नंबर एक के पास भारी मात्रा में बारिश का पानी जमा हो गया है। इस जलभराव के कारण मरीजों को अस्पताल आने-जाने में बेहद कठिनाई और काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी निकासी की कोई भी व्यवस्था न होने की वजह से पूरा रास्ता अवरुद्ध हो गया है। यहाँ की बदहाल व्यवस्था को देखते हुए सरकार से तुरंत इस गंभीर समस्या पर ध्यान देने की अपील की गई है। मांग की जा रही है कि अस्पताल के सामने से पानी निकालने का जल्द से जल्द कोई जुगाड़ किया जाए ताकि मरीजों को राहत मिल सके।1
- सहरसा के नोहट्टा के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण कोशी नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जलस्तर बढ़ने से नदी का प्रवाह जरूर तेज हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि फिलहाल क्षेत्र में किसी भी तरह का कोई खतरा नहीं है। जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। इस बार मानसून से पहले ही प्रशासन और विभाग की ओर से तटबंधों की सुरक्षा को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थीं। कोशी नदी के संवेदनशील बिंदुओं पर स्पर्श (स्पर) का मरम्मत कार्य काफी मजबूती से कराया गया था, जिसका सकारात्मक असर अब देखने को मिल रहा है। बढ़ते जलस्तर के बावजूद सभी स्पर्श और तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और समय पर कटाव रोधी कार्य पूरे होने से किनारे बसे ग्रामीणों को कोई परेशानी नहीं हो रही है। जलस्तर में हो रही इस वृद्धि के बीच स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली की चौतरफा सराहना की जा रही है। अधिकारियों द्वारा लगातार तटबंधों का निरीक्षण किया जा रहा है और पूरी सतर्कता बरती जा रही है।1
- बिहार के दरभंगा में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जिसमें सेना के एक जवान सहित तीन युवकों की मौत हो गई है। इस भीषण हादसे की खबर से हर कोई स्तब्ध है। सबसे अधिक हृदयविदारक बात यह है कि मृत सेना का जवान अपनी बेटी के जन्मदिन के अवसर पर छुट्टी लेकर घर आया हुआ था, लेकिन इस भीषण सड़क हादसे ने सब कुछ छीन लिया। इस दुर्घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।1
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- बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान तेघड़ा के विधायक रजनीश कुमार ने शहरी निकाय क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले मध्य विद्यालयों को माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में उत्क्रमित करने की मांग सदन में प्रमुखता से उठाई। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से बीहट नगर परिषद स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय (बारो), उत्क्रमित मध्य विद्यालय (मसनदपुर) और बरौनी नगर परिषद स्थित लालो चंपा जगती मध्य विद्यालय (बरौनी) को उच्च माध्यमिक विद्यालय के रूप में अपग्रेड करने की जरूरत पर बल दिया। विधायक ने सदन को बताया कि वर्ष 1875 में स्थापित बारो के राजकीयकृत मध्य विद्यालय का गौरवशाली ऐतिहासिक महत्व है, क्योंकि यह राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' जी की प्रारंभिक पाठशाला रही है। इसके बावजूद समाज सेवा संघर्ष समिति और स्थानीय नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को पूरा नहीं किया गया है। विधायक रजनीश कुमार ने इस विसंगति का कारण बताते हुए कहा कि वर्ष 2019-20 में तत्कालीन मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी द्वारा प्रत्येक पंचायत के मध्य विद्यालय को माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय में उत्क्रमित किया गया था। लेकिन जो पंचायतें बाद में नगर परिषद या अन्य शहरी निकायों में शामिल कर ली गईं, वहां के स्कूल इस योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए। उन्होंने सरकार को अवगत कराया कि इन विद्यालयों के पास पर्याप्त भूमि, भवन और बुनियादी ढांचा उपलब्ध होने के बाद भी दर्जा न मिलने के कारण हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए काफी कठिनाई झेलते हुए दूर-दराज के स्कूलों में जाना पड़ता है। इस महत्वपूर्ण प्रश्न का उत्तर देते हुए शिक्षा मंत्री श्री मिथलेश तिवारी ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार जल्द ही एक नया संकल्प लेकर आएगी। इस सकारात्मक पहल के तहत न केवल इन तीन विशिष्ट विद्यालयों, बल्कि पूरे बिहार के सभी शहरी निकाय क्षेत्रों में आने वाले ऐसे मध्य विद्यालयों को माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में उत्क्रमित किया जाएगा। विधायक रजनीश कुमार ने शिक्षा मंत्री के इस ठोस आश्वासन का स्वागत किया और विश्वास जताया कि इससे पूरे बिहार के शहरी क्षेत्रों के हजारों छात्र-छात्राओं को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।1