सहरसा के नोहट्टा के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण कोशी नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जलस्तर बढ़ने से नदी का प्रवाह जरूर तेज हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि फिलहाल क्षेत्र में किसी भी तरह का कोई खतरा नहीं है। जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। इस बार मानसून से पहले ही प्रशासन और विभाग की ओर से तटबंधों की सुरक्षा को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थीं। कोशी नदी के संवेदनशील बिंदुओं पर स्पर्श (स्पर) का मरम्मत कार्य काफी मजबूती से कराया गया था, जिसका सकारात्मक असर अब देखने को मिल रहा है। बढ़ते जलस्तर के बावजूद सभी स्पर्श और तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और समय पर कटाव रोधी कार्य पूरे होने से किनारे बसे ग्रामीणों को कोई परेशानी नहीं हो रही है। जलस्तर में हो रही इस वृद्धि के बीच स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली की चौतरफा सराहना की जा रही है। अधिकारियों द्वारा लगातार तटबंधों का निरीक्षण किया जा रहा है और पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
सहरसा के नोहट्टा के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण कोशी नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जलस्तर बढ़ने से नदी का प्रवाह जरूर तेज हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि फिलहाल क्षेत्र में किसी भी तरह का कोई खतरा नहीं है। जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। इस बार मानसून से पहले ही प्रशासन और विभाग की ओर से तटबंधों की सुरक्षा को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थीं। कोशी नदी के संवेदनशील बिंदुओं पर स्पर्श (स्पर) का मरम्मत कार्य काफी मजबूती से कराया गया था, जिसका सकारात्मक असर अब देखने को मिल रहा है। बढ़ते जलस्तर के बावजूद सभी स्पर्श और तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और समय पर कटाव रोधी कार्य पूरे होने से किनारे बसे ग्रामीणों को कोई परेशानी नहीं हो रही है। जलस्तर में हो रही इस वृद्धि के बीच स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली की चौतरफा सराहना की जा रही है। अधिकारियों द्वारा लगातार तटबंधों का निरीक्षण किया जा रहा है और पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
- सहरसा के नोहट्टा के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण कोशी नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जलस्तर बढ़ने से नदी का प्रवाह जरूर तेज हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि फिलहाल क्षेत्र में किसी भी तरह का कोई खतरा नहीं है। जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। इस बार मानसून से पहले ही प्रशासन और विभाग की ओर से तटबंधों की सुरक्षा को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थीं। कोशी नदी के संवेदनशील बिंदुओं पर स्पर्श (स्पर) का मरम्मत कार्य काफी मजबूती से कराया गया था, जिसका सकारात्मक असर अब देखने को मिल रहा है। बढ़ते जलस्तर के बावजूद सभी स्पर्श और तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और समय पर कटाव रोधी कार्य पूरे होने से किनारे बसे ग्रामीणों को कोई परेशानी नहीं हो रही है। जलस्तर में हो रही इस वृद्धि के बीच स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली की चौतरफा सराहना की जा रही है। अधिकारियों द्वारा लगातार तटबंधों का निरीक्षण किया जा रहा है और पूरी सतर्कता बरती जा रही है।1
- सहरसा में सूखे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को तेज कर दिया गया है। इस अभियान के तहत की गई कार्रवाई में 17.55 किलो गांजा बरामद किया गया है। इसके साथ ही इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।1
- दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान में पाई पोखर स्थित है।1
- बिहार के दरभंगा में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जिसमें सेना के एक जवान सहित तीन युवकों की मौत हो गई है। इस भीषण हादसे की खबर से हर कोई स्तब्ध है। सबसे अधिक हृदयविदारक बात यह है कि मृत सेना का जवान अपनी बेटी के जन्मदिन के अवसर पर छुट्टी लेकर घर आया हुआ था, लेकिन इस भीषण सड़क हादसे ने सब कुछ छीन लिया। इस दुर्घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- Post by Md Farhan ansari Md Farha1
- सहरसा के गांधी पथ हाथी टोला में पुलिस ने छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 150 ग्राम स्मैक बरामद किया है। इसके साथ ही पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में 5 तस्करों को भी गिरफ्तार किया है।1
- बिहार में दारू बंद होने के बाद सूखा नशा चालू हो गया है और पैसों की अंधी हवस में सहरसा की युवा पीढ़ी को मौत के मुंह में धकेला जा रहा है। इस बीच, पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गांधी पथ हाती टोला से 150 ग्राम स्मैक के साथ 5 तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद सहरसा पुलिस ने तस्करों और नशेड़ियों को सख्त चेतावनी दी है। पुलिस ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कोई शराब पिएगा या कोरेक्स व स्मैक बेचेगा, तो पुलिस का एक्शन ऐसा होगा जिसे उनकी आने वाली नस्लें याद रखेंगी।1