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मुजफ्फरपुर के मुशहरी प्रखंड कार्यालय में एक तीन दिवसीय सहयोग सह जन कल्याण शिविर का शुभारंभ किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पंचायत के लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल समाधान करना है।
RITIK RAJPUT
मुजफ्फरपुर के मुशहरी प्रखंड कार्यालय में एक तीन दिवसीय सहयोग सह जन कल्याण शिविर का शुभारंभ किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पंचायत के लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल समाधान करना है।
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- बिहार के शिवहर जिले के तरियानी क्षेत्र के सुमहुती में एक बिजली का खंभा गिर गया। इस घटना में यात्री बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।1
- सीतामढ़ी जिले में एक बातचीत के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी राय रखी गई। इस विशेष इंटरव्यू में अहम मुद्दों पर चर्चा की गई है।1
- बिहार के भोजपुर जिले के आरा से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस टीम भरत तिवारी नामक एक बदमाश को गिरफ्तार करने पहुंची थी, जिस पर सोशल मीडिया में अवैध हथियार दिखाने और एसडीएम को एनकाउंटर की धमकी देने का आरोप है। हालांकि, गिरफ्तारी के बजाय, आरोपी भरत तिवारी ने थानेदार के सीने पर पिस्टल तान दी और खुलेआम धमकी देने लगा कि अगर कोई आगे बढ़ा तो वह गोली मार देगा। आरोप के अनुसार, यह स्थिति एक या पांच नहीं, बल्कि पूरे 20 मिनट तक बनी रही, जिसमें बदमाश पुलिस के सामने दबंगई दिखाता रहा। हैरानी की बात यह है कि मौके पर दर्जनभर से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद न तो आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका और न ही उसके पास से हथियार बरामद किया गया। वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि अगर पुलिस खुद सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा। पुलिस ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होता है, और किसी बड़ी अनहोनी से बचने के लिए पुलिस ने संयम बरता। हालांकि, इस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि अगर आरोपी मानसिक रूप से बीमार था, तो उसके हाथ में पिस्टल कैसे आई, और यदि वह इतना खतरनाक था कि पुलिस को पीछे हटना पड़ा, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा। भोजपुर की यह घटना अब पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन चुकी है।1
- बिहार में खान सर और रौशन आनंद के बीच चल रहे विवाद पर राज्य के मंत्री अशोक चौधरी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर रौशन आनंद पर निशाना साधा है। मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि उनके साथ कुछ गलत हुआ है, तो ऐसे विवादों को कोर्ट में ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून से बढ़कर कोई नहीं है और सभी को कानून का पालन करना चाहिए। चौधरी ने स्पष्ट किया कि जब कोई मामला कोर्ट में जाता है, तो कानून अपना काम करता है और जो गलत होता है उसे सजा मिलती है।1
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की दरभंगा इकाई द्वारा आयोजित सर्जना निखार शिविर के तहत आज मेहंदी, मिथिला पेंटिंग, पत्रकारिता, सिलाई और व्यक्तित्व विकास सहित कई प्रशिक्षण वर्गों का सफल आयोजन किया गया। इन प्रशिक्षण सत्रों में प्रतिभागी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने कौशल को निखारने का प्रयास किया। आज के प्रशिक्षण वर्गों में व्यक्तित्व विकास सत्र छात्राओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस सत्र में अभाविप उत्तर बिहार के प्रांत विश्वविद्यालय कार्य सह-संयोजक और प्रशिक्षक हरिओम झा ने छात्राओं को अभाविप के माध्यम से आत्मविश्वास बढ़ाने, प्रभावी संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि बेहतर व्यक्तित्व और व्यावहारिक कौशल भी आवश्यक हैं। इस दौरान छात्राओं को समूह चर्चा और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अभ्यास भी कराया गया। अन्य वर्गों में, मेहंदी प्रशिक्षिका शिवानी शर्मा ने प्रतिभागियों को आकर्षक और पारंपरिक डिजाइनों का प्रशिक्षण दिया, जबकि मिथिला पेंटिंग वर्ग में प्रशिक्षिका आरती कुमारी ने मिथिला की लोककला की आकृतियों में कचना भरने और उसकी तकनीकों की जानकारी दी। पत्रकारिता वर्ग में समाचार लेखन, साक्षात्कार और मीडिया की भूमिका पर चर्चा की गई। पत्रकारिता के शिक्षक राघव झा ने समाचार पत्र पढ़ने के अनेक लाभों पर जोर दिया, जिसमें सूचनाओं का खजाना होने के साथ-साथ लेखन और पठन कौशल में सुधार शामिल है। उन्होंने बताया कि समाचार-पत्रों से छात्र नवीनतम खोजों, आविष्कारों और पाठ्यक्रम से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं, जो प्रतियोगिताओं और प्रश्नोत्तरी कार्यक्रमों की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है। सिलाई प्रशिक्षण वर्ग में प्रशिक्षिका समीक्षा कुमारी ने छात्राओं को बुनियादी सिलाई कौशल में ब्लाउज डिजाइन और स्वरोजगार की संभावनाओं से अवगत कराया। शिविर के आयोजक सदस्य और प्रांत विधि कार्य संयोजक राहुल सिंह ने बताया कि सर्जना निखार शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में कौशल विकास के साथ-साथ आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जागरूकता का निर्माण करना है। प्रतिभागियों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि शिविर अपने उद्देश्यों की दिशा में सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।1
- बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड अंतर्गत झिटकहिया गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में घटिया निर्माण का मामला सामने आया है। इस आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है, जिससे केंद्र की दीवारें इतनी कमजोर हो गई हैं कि उन्हें हाथ से भी तोड़ा जा सकता है। वायरल हुए एक वीडियो में दिख रहा है कि किस तरह केंद्र की दीवारों को बड़ी आसानी से तोड़ा जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य में हुए भारी भ्रष्टाचार का खुलासा हो रहा है। यह स्थिति महादलित बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ मानी जा रही है, क्योंकि यह केंद्र बच्चों की शिक्षा और पोषण के लिए महत्वपूर्ण है। इस घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।1
- NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र की डिलीवरी के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, जिसमें प्रश्नपत्र लाने की जिम्मेदारी गजराज नामक एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर को सौंपी गई थी। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए एयरफोर्स की टीम ने पूरी सावधानी और सुरक्षा के साथ प्रश्नपत्र को निर्धारित स्थान तक पहुँचाया।1
- बिहार में प्रभारी मंत्री श्रेयसी सिंह ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जनता को दौड़ाया गया तो वे किसी को नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से अधिकारियों से कहा कि वे अपने काम में लापरवाही न बरतें और जनता के प्रति जवाबदेह रहें। मंत्री श्रेयसी सिंह का यह बयान जनता के प्रति उनके गंभीर रुख और प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।1
- मुजफ्फरपुर के औराई प्रखंड अंतर्गत झिटकहिया गाँव में एक आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण अत्यंत घटिया सामग्री से किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से बच्चों के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि घटिया निर्माण के कारण केंद्र कभी भी ढह सकता है। यह स्थिति महादलित बच्चों के जीवन को खतरे में डाल रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने इस मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह घटना सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है कि वह इस मामले की जांच कर उचित कदम उठाए।1