बिहार के भोजपुर जिले के आरा से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस टीम भरत तिवारी नामक एक बदमाश को गिरफ्तार करने पहुंची थी, जिस पर सोशल मीडिया में अवैध हथियार दिखाने और एसडीएम को एनकाउंटर की धमकी देने का आरोप है। हालांकि, गिरफ्तारी के बजाय, आरोपी भरत तिवारी ने थानेदार के सीने पर पिस्टल तान दी और खुलेआम धमकी देने लगा कि अगर कोई आगे बढ़ा तो वह गोली मार देगा। आरोप के अनुसार, यह स्थिति एक या पांच नहीं, बल्कि पूरे 20 मिनट तक बनी रही, जिसमें बदमाश पुलिस के सामने दबंगई दिखाता रहा। हैरानी की बात यह है कि मौके पर दर्जनभर से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद न तो आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका और न ही उसके पास से हथियार बरामद किया गया। वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि अगर पुलिस खुद सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा। पुलिस ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होता है, और किसी बड़ी अनहोनी से बचने के लिए पुलिस ने संयम बरता। हालांकि, इस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि अगर आरोपी मानसिक रूप से बीमार था, तो उसके हाथ में पिस्टल कैसे आई, और यदि वह इतना खतरनाक था कि पुलिस को पीछे हटना पड़ा, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा। भोजपुर की यह घटना अब पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन चुकी है।
बिहार के भोजपुर जिले के आरा से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस टीम भरत तिवारी नामक एक बदमाश को गिरफ्तार करने पहुंची थी, जिस पर सोशल मीडिया में अवैध हथियार दिखाने और एसडीएम को एनकाउंटर की धमकी देने का आरोप है। हालांकि, गिरफ्तारी के बजाय, आरोपी भरत तिवारी ने थानेदार के सीने पर पिस्टल तान दी और खुलेआम धमकी देने लगा कि अगर कोई आगे बढ़ा तो वह गोली मार देगा। आरोप के अनुसार, यह स्थिति एक या पांच नहीं, बल्कि पूरे 20 मिनट तक बनी रही, जिसमें बदमाश पुलिस के सामने दबंगई दिखाता रहा। हैरानी की बात यह है कि मौके पर दर्जनभर से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद न तो आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका और न ही उसके पास से हथियार बरामद किया गया। वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि अगर पुलिस खुद सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा। पुलिस ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होता है, और किसी बड़ी अनहोनी से बचने के लिए पुलिस ने संयम बरता। हालांकि, इस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि अगर आरोपी मानसिक रूप से बीमार था, तो उसके हाथ में पिस्टल कैसे आई, और यदि वह इतना खतरनाक था कि पुलिस को पीछे हटना पड़ा, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा। भोजपुर की यह घटना अब पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन चुकी है।
- बिहार के भोजपुर जिले के आरा से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस टीम भरत तिवारी नामक एक बदमाश को गिरफ्तार करने पहुंची थी, जिस पर सोशल मीडिया में अवैध हथियार दिखाने और एसडीएम को एनकाउंटर की धमकी देने का आरोप है। हालांकि, गिरफ्तारी के बजाय, आरोपी भरत तिवारी ने थानेदार के सीने पर पिस्टल तान दी और खुलेआम धमकी देने लगा कि अगर कोई आगे बढ़ा तो वह गोली मार देगा। आरोप के अनुसार, यह स्थिति एक या पांच नहीं, बल्कि पूरे 20 मिनट तक बनी रही, जिसमें बदमाश पुलिस के सामने दबंगई दिखाता रहा। हैरानी की बात यह है कि मौके पर दर्जनभर से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद न तो आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका और न ही उसके पास से हथियार बरामद किया गया। वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि अगर पुलिस खुद सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा। पुलिस ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होता है, और किसी बड़ी अनहोनी से बचने के लिए पुलिस ने संयम बरता। हालांकि, इस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि अगर आरोपी मानसिक रूप से बीमार था, तो उसके हाथ में पिस्टल कैसे आई, और यदि वह इतना खतरनाक था कि पुलिस को पीछे हटना पड़ा, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा। भोजपुर की यह घटना अब पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन चुकी है।1
- बिहार के भोजपुर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक ने एक थानेदार पर पिस्टल तान दी। इस घटना के बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने युवक का एनकाउंटर कर दिया। एनकाउंटर में गंभीर रूप से घायल हुए युवक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है।1
- पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी स्थित पकड़ी दयाल थाना क्षेत्र के सुंदर पट्टी गांव में आई आंधी, तूफान और बारिश ने भारी क्षति पहुँचाई है। प्राकृतिक आपदा के कारण गांव में व्यापक नुकसान हुआ है।1
- कर्नाटक में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। पांडेपुर बंघाट गांव के पास काम करने वाले लोग इस बारिश से खासे परेशान हैं, क्योंकि लगातार दो दिनों से उनकी छुट्टी हो रही है और कामकाज ठप पड़ा है। बारिश के कारण मौसम बहुत खराब बना हुआ है। लोग अब यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे घर वापस जाएं या एक-दो दिन और रुककर काम शुरू होने का इंतजार करें। उन्होंने बताया कि वे कुछ दिनों तक स्थिति का इंतजार करेंगे और उसके बाद यहां के मौसम की जानकारी देते हुए एक और वीडियो साझा करेंगे।1
- सीतामढ़ी पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ लगातार चल रही अपनी कार्रवाई के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी से पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक वारदात की साजिश को नाकाम कर दिया है।1
- मुजफ्फरपुर के मुशहरी प्रखंड कार्यालय में एक तीन दिवसीय सहयोग सह जन कल्याण शिविर का शुभारंभ किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पंचायत के लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल समाधान करना है।1
- बिहार में राजद (राष्ट्रीय जनता दल) ने सरकार के खिलाफ जोरदार धरना प्रदर्शन किया है। इस दौरान पार्टी ने सड़क पर उतरकर सरकार से विभिन्न मुद्दों पर जवाब मांगा। राजद ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से सरकार पर निशाना साधा और उसे कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया।1
- शिवहर जिले के तरियानी प्रखंड कार्यालय में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अवैध वसूली के आरोपों को लेकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे पैसे की अवैध वसूली की जा रही है। ग्रामीणों ने शिकायत की कि वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन कई महीनों से लंबित है, और प्रधानमंत्री आवास योजना में भी पैसे मांगने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) प्रभात रंजन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना तरियानी प्रखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्रामीणों के गुस्से को उजागर करती है।1