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बेगुसराय के शाम्हो में सड़क पुलिया निर्माण में भारी धांधली का मामला सामने आया है। जिस पुलिया को ध्वस्त कर तोड़ने का आदेश जारी हुआ था, उसे गिराने के बजाय उसी को फिर से बनाया जा रहा है। इस गड़बड़ी पर जांच और काम रोकने का आदेश दिए जाने के बावजूद ठेकेदार पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है और निर्माण कार्य लगातार जारी है।
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बेगुसराय के शाम्हो में सड़क पुलिया निर्माण में भारी धांधली का मामला सामने आया है। जिस पुलिया को ध्वस्त कर तोड़ने का आदेश जारी हुआ था, उसे गिराने के बजाय उसी को फिर से बनाया जा रहा है। इस गड़बड़ी पर जांच और काम रोकने का आदेश दिए जाने के बावजूद ठेकेदार पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है और निर्माण कार्य लगातार जारी है।
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- राष्ट्रीय जनता दल की एमएलसी और बेगूसराय निवासी उर्मिला ठाकुर ने दिल्ली पुलिस और पटना पुलिस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने छात्रों को दौड़ा-दौड़ा कर बेहद बेरहमी से लाठीचार्ज किया है। पुलिस की इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उन्होंने सीधे तौर पर मोदी सरकार, गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।1
- बेगुसराय के शाम्हो में सड़क पुलिया निर्माण में भारी धांधली का मामला सामने आया है। जिस पुलिया को ध्वस्त कर तोड़ने का आदेश जारी हुआ था, उसे गिराने के बजाय उसी को फिर से बनाया जा रहा है। इस गड़बड़ी पर जांच और काम रोकने का आदेश दिए जाने के बावजूद ठेकेदार पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है और निर्माण कार्य लगातार जारी है।1
- पटना जिले के बाढ़ प्रखंड अंतर्गत धनामा पंचायत में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों की समस्याओं की सुनवाई की। इस दौरान अधिकारियों ने कई मामलों का मौके पर ही त्वरित समाधान किया और लोगों को सरकारी योजनाओं व आवश्यक सेवाओं की जानकारी दी। शिविर में सबसे अधिक मामले जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र और भूमि विवाद से संबंधित दर्ज किए गए, जिन पर संबंधित विभागों ने गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुखिया प्रतिनिधि धीरज प्रताप सिंह ने इस आयोजन को ग्रामीणों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर ही अधिकारियों की मौजूदगी से लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली है। ग्रामीणों ने भी मुखिया प्रतिनिधि धीरज प्रताप सिंह की सक्रिय पहल और तत्परता की सराहना की। वहीं, जिन मामलों का तत्काल निस्तारण संभव नहीं हो सका, उन्हें संबंधित विभागों को भेजकर जल्द से जल्द निपटारे का आश्वासन दिया गया है।1
- लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र स्थित रामपुर इंग्लिश टोला में सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान रामपुर इंग्लिश टोला निवासी गाजो यादव के पुत्र बालेश्वर यादव के रूप में हुई है। बताया जाता है कि बालेश्वर यादव अपने मवेशियों को चारा दे रहे थे, तभी एक अनियंत्रित पिकअप वाहन ने मवेशी को टक्कर मारते हुए उन्हें भी अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बालेश्वर यादव की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा, जहां शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।1
- मुंगेर के सदर अस्पताल में अत्याधुनिक हब लैब की शुरुआत हो गई है। इस नई सुविधा के शुरू होने से अब एक ही छत के नीचे 187 तरह की जांचें उपलब्ध होंगी।1
- बेगूसराय जिला समाहरणालय के समक्ष कैंटीन चौराहे पर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के संयुक्त आह्वान पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। यह प्रदर्शन सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता DYFI के बेगूसराय जिला संयोजक किसान चौधरी ने की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए DYFI के बिहार राज्य अध्यक्ष डॉक्टर आसिफ अली ने देश के छात्र-युवाओं से संगठित होकर लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में झूठे का बोलबाला और सच्चे का मुंह काला करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को सोनम वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पर पहुंचे लाखों छात्र-युवाओं पर पुलिस और आरएसएस के गुंडों द्वारा बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाई गईं, जिसमें हजारों युवा घायल हुए। उन्होंने सरकार को निकम्मी व कायर बताते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार, पेपर लीक, निजीकरण और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक रूप से जिम्मेदार हैं और उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि सोनम वांगचुक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे थे, लेकिन उनकी आवाज को दबाने की कोशिश लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। इस अवसर पर DYFI प्रभारी दयानिधि चौधरी, पूर्व राज्य अध्यक्ष अंजनी कुमार सिंह, तेघड़ा DYFI अध्यक्ष नीतीश कुमार, सचिव हम्माद फैसल, चिंटू यादव, हिरण कुमारी, राजाराम साह, महबूब आलम और सौरभ मिश्रा ने भी विचार रखे।2
- बिहार के पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े हैं। पटना में छात्रों द्वारा किए जा रहे इस प्रदर्शन को तितर-बितर करने और स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस की ओर से यह कार्रवाई की गई।1