पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक मऊ अनूप कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी घोसी श्री जितेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में घोसी पुलिस टीम ने एक तांत्रिक की हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां मुखबिर की सूचना पर आज तड़के लगभग 00:39 बजे नदवासराय अंडरपास से की गईं। गिरफ्तार किए गए लोगों में पवन कुमार (30), भारत बांसफोर (60), और अवधेश कुमार (26) शामिल हैं, जो सभी घोसी थाना क्षेत्र के मसीना गाँव के निवासी हैं। यह मामला 01.07.2026 को हरिकेश बांसफोर द्वारा घोसी थाने में दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने अपने पिता सुभाष बांसफोर की हत्या कर लाश छिपाने का आरोप लगाया था। घोसी जमालपुर मिर्जापुर हाइवे पुलिया के नीचे मिले अज्ञात शव की सूचना और एक वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। घटना 26.06.2026 को हुई थी। पुलिस की पूछताछ के दौरान, अभियुक्त भारत बांसफोर ने बताया कि मृतक सुभाष एक तांत्रिक थे और झाड़-फूंक करते थे। भारत बांसफोर का आरोप था कि सुभाष ने उन पर भूत-प्रेत कर दिया था, जिसके कारण पहले उनकी माँ और फिर एक महीने बाद उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई, उन्हें स्वयं को फालिस मार गया और उनकी बहू भी बीमार रहती थी। इसी बात का बदला लेने के लिए उन लोगों ने सुभाष को चाकू मारकर हत्या कर दी और शव को जमालपुर मिर्जापुर हाइवे किनारे एक पुलिया के नीचे नाले के पास झाड़ियों में छिपा दिया था। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक नाजायज चाकू भी बरामद किया गया है। इस गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर, दर्ज मुकदमे में धारा 4/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है, और अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक मऊ अनूप कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी घोसी श्री जितेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में घोसी पुलिस टीम ने एक तांत्रिक की हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां मुखबिर की सूचना पर आज तड़के लगभग 00:39 बजे नदवासराय अंडरपास से की गईं। गिरफ्तार किए गए लोगों में पवन कुमार (30), भारत बांसफोर (60), और अवधेश कुमार (26) शामिल हैं, जो सभी घोसी थाना क्षेत्र के मसीना गाँव के निवासी हैं। यह मामला 01.07.2026 को हरिकेश बांसफोर द्वारा घोसी थाने में दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने अपने पिता सुभाष बांसफोर की हत्या कर लाश छिपाने का आरोप लगाया था। घोसी जमालपुर मिर्जापुर हाइवे पुलिया के नीचे मिले अज्ञात शव की सूचना और एक वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। घटना 26.06.2026 को हुई थी। पुलिस की पूछताछ के दौरान, अभियुक्त भारत बांसफोर ने बताया कि मृतक सुभाष एक तांत्रिक थे और झाड़-फूंक करते थे। भारत बांसफोर का आरोप था कि सुभाष ने उन पर भूत-प्रेत कर दिया था, जिसके कारण पहले उनकी माँ और फिर एक महीने बाद उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई, उन्हें स्वयं को फालिस मार गया और उनकी बहू भी बीमार रहती थी। इसी बात का बदला लेने के लिए उन लोगों ने सुभाष को चाकू मारकर हत्या कर दी और शव को जमालपुर मिर्जापुर हाइवे किनारे एक पुलिया के नीचे नाले के पास झाड़ियों में छिपा दिया था। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक नाजायज चाकू भी बरामद किया गया है। इस गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर, दर्ज मुकदमे में धारा 4/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है, और अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
- पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक मऊ अनूप कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी घोसी श्री जितेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में घोसी पुलिस टीम ने एक तांत्रिक की हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां मुखबिर की सूचना पर आज तड़के लगभग 00:39 बजे नदवासराय अंडरपास से की गईं। गिरफ्तार किए गए लोगों में पवन कुमार (30), भारत बांसफोर (60), और अवधेश कुमार (26) शामिल हैं, जो सभी घोसी थाना क्षेत्र के मसीना गाँव के निवासी हैं। यह मामला 01.07.2026 को हरिकेश बांसफोर द्वारा घोसी थाने में दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने अपने पिता सुभाष बांसफोर की हत्या कर लाश छिपाने का आरोप लगाया था। घोसी जमालपुर मिर्जापुर हाइवे पुलिया के नीचे मिले अज्ञात शव की सूचना और एक वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। घटना 26.06.2026 को हुई थी। पुलिस की पूछताछ के दौरान, अभियुक्त भारत बांसफोर ने बताया कि मृतक सुभाष एक तांत्रिक थे और झाड़-फूंक करते थे। भारत बांसफोर का आरोप था कि सुभाष ने उन पर भूत-प्रेत कर दिया था, जिसके कारण पहले उनकी माँ और फिर एक महीने बाद उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई, उन्हें स्वयं को फालिस मार गया और उनकी बहू भी बीमार रहती थी। इसी बात का बदला लेने के लिए उन लोगों ने सुभाष को चाकू मारकर हत्या कर दी और शव को जमालपुर मिर्जापुर हाइवे किनारे एक पुलिया के नीचे नाले के पास झाड़ियों में छिपा दिया था। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक नाजायज चाकू भी बरामद किया गया है। इस गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर, दर्ज मुकदमे में धारा 4/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है, और अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों से अपील की है कि एक स्वस्थ और विकसित समाज के निर्माण हेतु यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा विद्यालय जाने से वंचित न रहे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 'स्कूल चलो अभियान' को एक जन-आंदोलन में बदलना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, जिससे हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ा जा सके।1
- Post by RISHI RAI1
- अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दिलीप चौधरी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को मिल रही धमकियों की कड़ी निंदा करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने धमकी देने वालों को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि "अगर उनकी मां ने दूध पिलाया है तो चंदा चोरी करने वाले को पकड़कर दिखाएं। बेवजह स्वामी प्रसाद मौर्य को धमकाने से कुछ हासिल नहीं होगा।" दिलीप चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि कानून सबके लिए बराबर है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने जननेताओं को धमकी दिए जाने को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी के पास किसी आरोप से जुड़े कोई प्रमाण हैं, तो उन्हें कानून और संबंधित जांच एजेंसियों के सामने प्रस्तुत करना चाहिए, न कि धमकी और भय का माहौल बनाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से स्वामी प्रसाद मौर्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने और धमकी देने वालों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। इसके साथ ही, दिलीप चौधरी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी शांति बनाए रखने और कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखने की अपील की है।1
- उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ थाना भुड़कुड़ा पुलिस ने अपनी ही बेटी को जहर देकर मारने वाली आरोपी माँ पुष्पा देवी को गिरफ्तार किया है। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब 22 जून 2026 को गांव घटारो की रहने वाली पुष्पा देवी ने भुड़कुड़ा कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि नमन नामक एक युवक से परेशान होकर उसकी बेटी मुस्कान ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस शिकायत के आधार पर, पुलिस ने शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। हालांकि, प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने जब मामले की गहराई से जांच की और पुख्ता सबूत जुटाए, तो पूरी हकीकत सामने आ गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मुस्कान ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी माँ पुष्पा देवी पत्नी महेंद्र यादव ने ही उसे जहर देकर मार डाला था और फिर खुद को बचाने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी गढ़ी थी। इस खुलासे के बाद, पुलिस ने मुकदमे में धाराओं को संशोधित करते हुए इसे हत्या (धारा 103(1) बीएनएस) और साक्ष्य मिटाने (धारा 123 बीएनएस) का मामला बना दिया। तेजी से कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम ने 1 जुलाई 2026 को 43 वर्षीय वांछित अभियुक्ता पुष्पा देवी को उसके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया। अब उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के गहमर क्षेत्र से एक हत्याकांड की सूचना मिली है।1
- बलिया के बेल्थरारोड में, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिन के अवसर पर, बुधवार को सपा कार्यकर्ताओं ने एक वृक्षारोपण अभियान चलाया। इस दौरान, कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया और विभिन्न स्थानों पर फलदार तथा छायादार पौधे लगाए। उन्होंने इन पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लिया, जो अभियान का एक अहम हिस्सा था। कार्यक्रम में उपस्थित समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस पहल को केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी उचित देखभाल करें। यह विशेष वृक्षारोपण अभियान 1 जुलाई से 7 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा।1
- अयोध्या के श्री राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे को लेकर एक गहरा विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार और मंदिर प्रबंधन को घेरते हुए कई सवाल उठाए हैं, जिसके साथ ही कई श्रद्धालुओं ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त की है। श्री राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन और उससे जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा काफी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस मामले में पूर्ण पारदर्शिता की मांग करते हुए सरकार और संबंधित प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण मामलों में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। इसी क्रम में, कुछ श्रद्धालुओं ने भी चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर अपनी असहमति और नाराजगी जाहिर की है, और वे व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, यह पूरा मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तरों पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। आगे की स्थिति तभी स्पष्ट होगी जब संबंधित अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने आएगा।1