Shuru
Apke Nagar Ki App…
किसान नेता होने के वजह से नहीं, ब्राह्मण होने के नाते मौजूदा बीजेपी सरकार मुझे प्रताड़ित कर रही.मणि चतुर्वेदी
Ajay Singh
किसान नेता होने के वजह से नहीं, ब्राह्मण होने के नाते मौजूदा बीजेपी सरकार मुझे प्रताड़ित कर रही.मणि चतुर्वेदी
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- ग्राम प्रधान हमीदुल्लाह अंसारी का छलका दर्द— "प्रशासन ने नहीं सुनी बुनकरों की पुकार!" 📢⚡ क्या प्रशासन और शासन को इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं देना चाहिए? इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि आवाज शासन-प्रशासन तक पहुँचे! 🙏👇1
- चंदौली के सकलडीहा ग्राम धनउर केबाढ़ समीक्षा के लिए कोई सरकारी अमला इस गांवमे नहीं पहुंचा1600 बीघे खेती बर्बाद किसान नेता मणि देव चतुर्वेदी1
- धीना राजवाहा से निकली माइनर जाम होने से सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न धीना। बरहनी विकासखंड के नूरी गांव में धीना राजवाहा से निकली माइनर नूरी गांव होते हुए अगहरबीर बहुरिया नदी तक जाती है। माइनर में झाड़-झंखाड़ और सिल्ट जमा होने से पानी की निकासी बाधित हो गई है। इसके चलते बारिश का पानी खेतों में जमा होने से किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि माइनर की लंबे समय से साफ-सफाई नहीं कराई गई है। झाड़-झंखाड़ और गाद से माइनर पट जाने के कारण बारिश का पानी आगे नहीं निकल पा रहा है। इससे नूरी सहित आसपास के गांवों में सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं। खेतों में लगातार पानी भरा रहने से फसलों के सड़ने और खराब होने की आशंका बढ़ गई है।किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से माइनर की तत्काल सफाई कराने के साथ ही जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि खेतों से पानी निकल सके और फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।2
- वाराणसी भेलुपुर खोजवा महादेव मंदिर लाला छट उमड़ी भीड़ की वाराणसी: भेलूपुर खोजवा के महादेव मंदिर में ललिता छठ पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ वाराणसी के भेलूपुर-खोजवा क्षेत्र स्थित महादेव मंदिर में ललिता छठ के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मंदिर पहुंचकर भगवान महादेव का दर्शन-पूजन किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही बनी रही।1
- थाना प्रभारी अनिल शर्मा का सख्त रुख, अवैध खनन में पांच पर केस1
- पकड़ी महुअरीया गाँव में मार्ग पर घुसा पानी फोटो नंबर -पकड़ी महुअरीया गांव के लोग बाढ़ के पानी से आते जाते न्यूज टू इंडिया से संवाददाता विनीत कुमार गुप्ता जिला चीफ ब्यूरो की खास रिपोर्ट चन्दौली क्षेत्र चहनिया पकड़ी महुअरियां गांव में मार्ग पर बाढ़ का पानी घुसने से लोगो को दुश्वारियों का दंश झेलना पड़ रहा हैं l इस गांव को जाने वाला एक मात्र मुख्य मार्ग अत्यन्त जर्जर और बदहाल स्थिति में हैं ऊपर से बाढ़ का पानी घुस गया हैं पकड़ी महुअरियां ग्राम सभा हैं l दोनों गांवों के बीच में एक नाला है जिससे क्षेत्र के कई गांवों के बरसात का अतिरिक्त पानी बाढ़ आ जाने से इसी नाले के माध्यम से गंगा नदी तक जाता है। लेकिन जब गंगा नदी में बाढ़ की स्थिति बनती है तब पानी ओवर फ्लो होकर नाले में भर जाता है जिससे पकड़ी गांव को जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह पानी में डूब जाता है। जिससे पकड़ी गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट जाता है। ग्रामीणों को आने जाने के लिए शासन द्वारा नाव की व्यवस्था किया जाता है। ग्रामीण रामदयाल निषाद, मंटू यादव, संजय निषाद आदि लोग ने बताया कि नाले में पानी भर जाने के बाद 100 मीटर की दूरी के लिए हम लोगों को 5 किलोमीटर कांवर पक्खोपुर से घूम कर आना जाना पड़ता है। बच्चों का विद्यालय आना जाना बंद हो जाता है। कोई बीमार हो गया तो उसको खटिया के सहारे हम लोग अस्पताल तक ले जाते हैं। इसलिए हम लोग सरकार और क्षेत्रीय सांसद, विधायक और अधिकारीयो से इस रोड पर टूटे हुए पुल का पुनर्निर्माण कराते हुए रोड को और ऊंचा बनवाने की मांग करते हैं। किन्तु कोई सुनवाई नहीं होती हैं l1
- नगर निगम वाराणसी कृपया संज्ञान ले इतना जल भराव है कि लगता है यहरास्ता समंदर बन गया है कभी भी कोई अपनी घटना घट सकती है कबीर नगर दुर्गा कुंड को जोड़ती हुई है सड़क सड़क दो अस्पतालों के बीच की कड़ी है कहने ने को तो सिर्फ एक मार्ग है हजारों बच्चे पानी के सागर से तैर के जा रहे हैं अबिलम्ब कार्रवाई की आवश्यकता है4
- जर्जर नरहन पुल और बढ़ता बाढ़ का खतरा: किसानों की 600 बीघा फसल डूबी, उत्तर प्रदेश के जनपद चंदौली से इस वक्त की बड़ी खबर! 🚨 बाढ़ के पानी ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। सैयद राजा थाना क्षेत्र के धरावली चौकी अंतर्गत आने वाली चंद्रप्रभा नदी और करमनाशा नदी का जलस्तर लगातार खतरनाक रूप से बढ़ रहा है। 🌊 यहाँ स्थित नरहन पुल के पास बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। ⚠️ स्थानीय किसानों की लगभग 500 से 600 बीघा धान की फसल पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है, जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। 🌾📉1