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9 hrs ago
user_Arjun Gurjar Press nev bhart
Arjun Gurjar Press nev bhart
करहल, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago

  • user_Arjun Gurjar Press nev bhart
    Arjun Gurjar Press nev bhart
    करहल, श्योपुर, मध्य प्रदेश
    😤
    9 hrs ago
More news from Madhya Pradesh and nearby areas
  • करैरा के क्षेत्र ग्राम हाजीनगर के पास पहाड़ियां पर सिद्ध बाबा के यहां हुआ चमत्कार देखिए वीडियो के माध्यम से गजेंद्र सिंह जिला ब्यूरो संवाददाता के द्वारा
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    करैरा के क्षेत्र ग्राम हाजीनगर के पास पहाड़ियां पर सिद्ध बाबा के यहां हुआ चमत्कार देखिए वीडियो के माध्यम से गजेंद्र सिंह जिला ब्यूरो संवाददाता के द्वारा
    user_गजेन्द्र सिंह मीडिया प्रभारी
    गजेन्द्र सिंह मीडिया प्रभारी
    Journalist Shivpuri, Madhya Pradesh•
    3 hrs ago
  • शिवपुरी रेलवे स्टेशन का काम चल रहा है फूल का आम जनता पब्लिक परेशान है
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    शिवपुरी रेलवे स्टेशन का काम चल रहा है फूल का आम जनता पब्लिक परेशान है
    user_Suraj Singh Mourya
    Suraj Singh Mourya
    Tour Guide शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by राजू काँकोरिया खण्डार
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    Post by राजू काँकोरिया खण्डार
    user_राजू काँकोरिया खण्डार
    राजू काँकोरिया खण्डार
    Journalist खंडर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • Post by Ajit Meena
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    Post by Ajit Meena
    user_Ajit Meena
    Ajit Meena
    अंता, बारां, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • ग्राम पंचायत बड़ी ukawad tahsil madhusudangarh jila Guna श्मशान घाट रास्ता
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    ग्राम पंचायत बड़ी ukawad tahsil madhusudangarh jila Guna श्मशान घाट रास्ता
    user_Chiraunji Lal Kewat
    Chiraunji Lal Kewat
    गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • #ब्रेकिंग न्यूज़ | पिछोर पिछोर थाना क्षेत्र के कुटावली गांव में बीते 10 दिनों से लापता युवक का शव गांव के ही एक कुएं से बरामद किया गया है। शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक के परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या की आशंका जताते हुए पिछोर थाने के सामने चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम करीब 2 घंटे तक जारी रहा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश दी। काफी मशक्कत के बाद चक्का जाम समाप्त कराया गया। परिजनों का आरोप है कि जमीनी विवाद के चलते युवक की हत्या की गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में थाना प्रभारी टीआई नीतू सिंह ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    #ब्रेकिंग न्यूज़ | पिछोर
पिछोर थाना क्षेत्र के कुटावली गांव में बीते 10 दिनों से लापता युवक का शव गांव के ही एक कुएं से बरामद किया गया है। शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
मृतक के परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या की आशंका जताते हुए पिछोर थाने के सामने चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम करीब 2 घंटे तक जारी रहा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश दी। काफी मशक्कत के बाद चक्का जाम समाप्त कराया गया।
परिजनों का आरोप है कि जमीनी विवाद के चलते युवक की हत्या की गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
इस संबंध में थाना प्रभारी टीआई नीतू सिंह ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_Ram Manohar Mishra
    Ram Manohar Mishra
    Journalist करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Osho death celebration at home chhipabarod
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    Osho death celebration at home chhipabarod
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Dancer छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • सफेद फूलों की चादर से महकने लगा 'काला सोना', काश्तकारों ने बढ़ाई 'चौकसी'- हरनावदाशाहजी. हाड़ौती के खेतों में इन दिनों कुदरत का एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। 'काले सोने' के नाम से मशहूर अफीम की फसल अब अपने पूरे यौवन पर आने लगी है। सर्दी की ओस और हल्की सुनहरी धूप के बीच अफीम के खेतों में खिल रहे सफेद मनमोहक फूल हर किसी का मन मोह रहे हैं। लेकिन इन फूलों की खूबसूरती के पीछे किसान की कड़ी मेहनत और रात-भर का पहरा भी छुपा है। श्वेत फूलों की चादर और खुशहाली की उम्मीद- अफीम की फसल पर आए फूल इस बात का संकेत हैं कि अब फसल परिपक्वता की ओर बढ़ रही है। कुछ ही दिनों में इन फूलों की पंखुड़ियां गिर जाएंगी और हरे डोडे (फल) निकल आएंगे, जिनसे 'काला सोना' यानी अफीम का दूध निकाला जाएगा। काश्तकारों के लिए यह केवल एक फसल नहीं, बल्कि साल भर की वह उम्मीद है जिससे उनके घर की आर्थिक स्थिति तय होती है। परिंदा भी पर न मार सके, इसलिए 'चौकसी' सख्त- फसल के यौवन पर आते ही किसानों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। इसकी सुरक्षा के लिए काश्तकारों ने खेतों पर डेरा डालकर दिन-रात का पहरा शुरू कर दिया है। क्योंकि नीलगाय, आवारा पशु और खास तौर पर 'तोतों' (जो डोडों को काटकर ले जाते हैं) से फसल को बचाने के लिए किसानों ने खेतों पर ही झोपड़ियां बनाकर पडाव डाल दिए हैं। नेट का सुरक्षा कवच: कई प्रगतिशील किसानों ने पूरी फसल को ऊपर से जाली (नेट) से ढंक दिया है ताकि पक्षी फसल को नुकसान न पहुंचा सकें। कुछ इलाकों में तो किसान टॉर्च और लाठी लेकर रात-रात भर गश्त कर रहे हैं ताकि कीमती फसल सुरक्षित रहे। मौसम की मेहरबानी पर टिकी निगाहें- अफीम की खेती बेहद संवेदनशील होती है। किसानों का कहना है कि इस समय मौसम का साफ रहना बहुत जरूरी है। यदि अचानक बादल छाते हैं या बेमौसम बारिश होती है, तो डोडे में दूध की मात्रा कम हो सकती है और घटिया (अफीम की क्वालिटी) पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, खिली हुई धूप को देखकर किसानों के चेहरे पर संतोष की लकीरें दिखाई दे रही हैं। विभाग की भी रहती है पैनी नजर नारकोटिक्स विभाग के कड़े नियमों के बीच हो रही इस खेती की एक-एक इंच जमीन और एक-एक ग्राम अफीम का हिसाब सरकार के पास होता है। यही कारण है कि किसान इसे अपनी संतान की तरह पालते हैं ताकि तौल के समय विभाग के मानकों पर उनकी फसल खरी उतरे और उनका लाइसेंस बरकरार रहे। "अफीम की खेती हमारे लिए किसी तपस्या से कम नहीं है। फूल आने के बाद से जब तक अफीम घर न आ जाए, हमें चैन की नींद नहीं आती।"
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    सफेद फूलों की चादर से महकने लगा 'काला सोना',
काश्तकारों ने बढ़ाई 'चौकसी'-
हरनावदाशाहजी. 
हाड़ौती के खेतों में इन दिनों कुदरत का एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। 'काले सोने' के नाम से मशहूर अफीम की फसल अब अपने पूरे यौवन पर आने लगी है। सर्दी की ओस और हल्की सुनहरी धूप के बीच अफीम के खेतों में खिल रहे सफेद मनमोहक फूल हर किसी का मन मोह रहे हैं। लेकिन इन फूलों की खूबसूरती के पीछे किसान की कड़ी मेहनत और रात-भर का पहरा भी छुपा है।
श्वेत फूलों की चादर और खुशहाली की उम्मीद-
अफीम की फसल पर आए फूल इस बात का संकेत हैं कि अब फसल परिपक्वता की ओर बढ़ रही है। कुछ ही दिनों में इन फूलों की पंखुड़ियां गिर जाएंगी और हरे डोडे (फल) निकल आएंगे, जिनसे 'काला सोना' यानी अफीम का दूध निकाला जाएगा। काश्तकारों के लिए यह केवल एक फसल नहीं, बल्कि साल भर की वह उम्मीद है जिससे उनके घर की आर्थिक स्थिति तय होती है।
परिंदा भी पर न मार सके, इसलिए 'चौकसी' सख्त-
फसल के यौवन पर आते ही किसानों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। इसकी सुरक्षा के लिए काश्तकारों ने खेतों पर डेरा डालकर दिन-रात का पहरा शुरू कर दिया है।
क्योंकि नीलगाय, आवारा पशु और खास तौर पर 'तोतों' (जो डोडों को काटकर ले जाते हैं) से फसल को बचाने के लिए किसानों ने खेतों पर ही झोपड़ियां बनाकर पडाव डाल दिए हैं।
नेट का सुरक्षा कवच: कई प्रगतिशील किसानों ने पूरी फसल को ऊपर से जाली (नेट) से ढंक दिया है ताकि पक्षी फसल को नुकसान न पहुंचा सकें।
कुछ इलाकों में तो किसान टॉर्च और लाठी लेकर रात-रात भर गश्त कर रहे हैं ताकि कीमती फसल सुरक्षित रहे।
मौसम की मेहरबानी पर टिकी निगाहें-
अफीम की खेती बेहद संवेदनशील होती है। किसानों का कहना है कि इस समय मौसम का साफ रहना बहुत जरूरी है। यदि अचानक बादल छाते हैं या बेमौसम बारिश होती है, तो डोडे में दूध की मात्रा कम हो सकती है और घटिया (अफीम की क्वालिटी) पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, खिली हुई धूप को देखकर किसानों के चेहरे पर संतोष की लकीरें दिखाई दे रही हैं।
विभाग की भी रहती है पैनी नजर
नारकोटिक्स विभाग के कड़े नियमों के बीच हो रही इस खेती की एक-एक इंच जमीन और एक-एक ग्राम अफीम का हिसाब सरकार के पास होता है। यही कारण है कि किसान इसे अपनी संतान की तरह पालते हैं ताकि तौल के समय विभाग के मानकों पर उनकी फसल खरी उतरे और उनका लाइसेंस बरकरार रहे।
"अफीम की खेती हमारे लिए किसी तपस्या से कम नहीं है। फूल आने के बाद से जब तक अफीम घर न आ जाए, हमें चैन की नींद नहीं आती।"
    user_Pramod jain
    Pramod jain
    Journalist Chhipabarod, Baran•
    8 hrs ago
  • वन परिक्षेत्र करेरा अंतर्गत आयोजित किया गया अनुभूति कार्यक्रम ***रिपोर्टर हेमंत भार्गव की यह खास रिपोर्ट ** आज दिनांक को वन परिक्षेत्र करेगा कि सब रेंज खोड़ अ अंतर्गत ग्राम वीर के नजदीक बीट क्षेत्र वीरा मे धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थल कुंडलपुर पर स्कूली विद्यार्थियों के लिए अनुभूति कार्यक्रम आयोजित किया गया,ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड एवं वन विभाग के द्वारा अनुभूति कार्यक्रम बच्चों को पर्यावरण एवं प्रकृति के प्रति सह शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम है जिसमें बच्चों को भविष्य के नागरिक के तौर पर पर्यावरण एवं प्रकृति के संरक्षण के लिए एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है इस बार अनुभूति कार्यक्रम की थीम "हम हैं धरती के दूत " रखी गई जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रो प्लेनेट पीपल के तौर पर तैयार करना है ताकि लोग पर्यावरण और प्रकृति के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी को समझते हुए जिम्मेदारी का निर्वहन करें, आज के कार्यक्रम में मॉडल हाई स्कूल करेरा एवं शासकीय हाई स्कूल मुंगावली करेरा के लगभग 120 विद्यार्थी उपस्थित रहे परिक्षेत्र अधिकारी लक्ष्मण सिंह मीणा के द्वारा बताया गया कि कार्यक्रम के सफल आयोजन में केनवाह - वीरा के स्थानीय नागरिकों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा कार्यक्रम के दौरान सब रेंज प्रभारी कुलदीप गौर, बलिराम अहिरवार, राजाराम करेठिया एवं कार्यालय लिपिक बलकाराम परिहार, वनरक्षक आदित्य भार्गव, बाबू बृजेश दुबे आदि कर्मचारी उपस्थित रहे, कार्यक्रम के दौरान स्कूल के विद्यार्थियों के द्वारा अपनी-अपनी अनुभूति अभिव्यक्त की गई एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की गई जिसमें स्कूली विद्यार्थियों को प्रथम द्वितीय तृतीय पुरस्कार के तौर पर पुरस्कार वितरण किए गए
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    वन परिक्षेत्र करेरा अंतर्गत आयोजित किया गया अनुभूति कार्यक्रम
***रिपोर्टर हेमंत भार्गव की यह खास रिपोर्ट **
आज दिनांक को वन परिक्षेत्र करेगा कि सब रेंज खोड़ अ  अंतर्गत ग्राम वीर  के नजदीक बीट क्षेत्र वीरा मे धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थल कुंडलपुर पर स्कूली विद्यार्थियों के लिए अनुभूति कार्यक्रम आयोजित किया गया,ज्ञात हो  कि मध्यप्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड एवं वन विभाग के द्वारा अनुभूति कार्यक्रम बच्चों को पर्यावरण एवं प्रकृति के प्रति   सह शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम है
जिसमें बच्चों को भविष्य के नागरिक के तौर पर पर्यावरण एवं प्रकृति के संरक्षण के लिए एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है इस बार अनुभूति कार्यक्रम की थीम "हम हैं धरती के दूत " रखी गई जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रो प्लेनेट पीपल के तौर पर तैयार करना है ताकि लोग पर्यावरण और प्रकृति के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी को समझते हुए जिम्मेदारी का निर्वहन करें, आज के कार्यक्रम में  मॉडल हाई स्कूल करेरा एवं शासकीय हाई स्कूल मुंगावली करेरा के लगभग 120 विद्यार्थी  उपस्थित रहे  परिक्षेत्र अधिकारी लक्ष्मण सिंह मीणा के द्वारा बताया गया कि  कार्यक्रम के सफल आयोजन में केनवाह - वीरा के स्थानीय नागरिकों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा  कार्यक्रम के दौरान सब रेंज प्रभारी कुलदीप गौर, बलिराम अहिरवार, राजाराम करेठिया एवं कार्यालय लिपिक बलकाराम परिहार, वनरक्षक आदित्य भार्गव,  बाबू बृजेश दुबे आदि कर्मचारी उपस्थित रहे,
कार्यक्रम के दौरान स्कूल के विद्यार्थियों के द्वारा अपनी-अपनी अनुभूति अभिव्यक्त की गई एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की गई जिसमें स्कूली विद्यार्थियों को प्रथम द्वितीय तृतीय पुरस्कार के तौर पर पुरस्कार वितरण किए गए
    user_Hemant bhargava
    Hemant bhargava
    Journalist करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
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