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सड़क बनी खेत पानी में धान की रोपाई, मधेपुरा के मंजौरा में व्यवस्था के खिलाफ भाकपा का अनोखा प्रदर्शन मधेपुरा के उदाकिशुनगंज से सामने आई ये तस्वीर व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। ये कोई खेत नहीं है ये मंजौरा बाजार की सड़क है।सड़क पर पानी जमा है कीचड़ है लोगों का आना-जाना मुश्किल हैऔर इसी सड़क पर भाकपा कार्यकर्ताओं ने धान की रोपाई शुरू कर दी। दरअसल, सड़क पर लंबे समय से जलजमाव की समस्या को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब सड़क की हालत खेत जैसी हो गई है, तो क्यों न इसी सड़क पर धान की रोपाई कर दी जाए। भाकपा की राष्ट्रव्यापी पदयात्रा के तहत उदाकिशुनगंज प्रखंड के नवटोलिया से पदयात्रा निकाली गई थी। पदयात्रा रामपुर डेहरू और जोतैली होते हुए मंजौरा पहुंची। लेकिन मंजौरा बाजार की सड़क पर जमा पानी देखते ही कार्यकर्ताओं ने विरोध का तरीका बदल दिया। हाथों में धान का पौधा लिया और सीधे जलजमाव वाली सड़क पर उतर गए। देखते ही देखते सड़क पर धान की रोपाई शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने शासन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ‘शासन-प्रशासन डूब मरो’, ‘शर्म करो’ और ‘निकम्मी सरकार होश में आओ’ जैसे नारों से बाजार गूंज उठा। बाइट -- प्रमोद प्रभाकर ,भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य वहीं भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने आरोप लगाया कि आम जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान में शासन और प्रशासन पूरी तरह विफल है। उन्होंने कहा कि सड़क, जलजमाव, रोजगार और गरीबों की समस्याओं पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए। प्रमोद प्रभाकर ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी हमला बोला। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी को लेकर सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि सार्वजनिक संपत्तियों को बेचा जा रहा है तथा सरकार की नीतियों का फायदा आम जनता के बजाय बड़े कॉरपोरेट घरानों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि देश में बदलाव जरूरी है और इसी को लेकर भाकपा की ओर से 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की। वहीं, जोतैली के मुखिया प्रतिनिधि सिकंदर अंसारी ने मंजौरा बाजार की जलजमाव की समस्या को गंभीर बताया। उनका कहना है कि सड़क पर पानी जमा रहने से लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी होती है। दुकानदारों और स्थानीय लोगों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। भाकपा नेताओं ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही गरीबों के लिए आवास, राशन और रोजगार की गारंटी, भूमिहीनों को वासगीत पर्चा और पर्चाधारियों को जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग भी उठाई गई। भाकपा नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि अगर समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। मंजौरा में सड़क पर धान की रोपाई सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि जलजमाव और बदहाल सड़क व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने खड़ा किया गया सवाल है। अब देखना होगा कि सड़क पर धान की ये रोपाई प्रशासन की नींद खोलती है या फिर मंजौरा के लोगों को इसी तरह जलजमाव के बीच आवाजाही करनी पड़ेगी।

18 hrs ago
user_RAMAN KUMAR
RAMAN KUMAR
REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
18 hrs ago

सड़क बनी खेत पानी में धान की रोपाई, मधेपुरा के मंजौरा में व्यवस्था के खिलाफ भाकपा का अनोखा प्रदर्शन मधेपुरा के उदाकिशुनगंज से सामने आई ये तस्वीर व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। ये कोई खेत नहीं है ये मंजौरा बाजार की सड़क है।सड़क पर पानी जमा है कीचड़ है लोगों का आना-जाना मुश्किल हैऔर इसी सड़क पर भाकपा कार्यकर्ताओं ने धान की रोपाई शुरू कर दी। दरअसल, सड़क पर लंबे समय से जलजमाव की समस्या को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब सड़क की हालत खेत जैसी हो गई है, तो क्यों न इसी सड़क पर धान की रोपाई कर दी जाए। भाकपा की राष्ट्रव्यापी पदयात्रा के तहत उदाकिशुनगंज प्रखंड के नवटोलिया से पदयात्रा निकाली गई थी। पदयात्रा रामपुर डेहरू और जोतैली होते हुए मंजौरा पहुंची। लेकिन मंजौरा बाजार की सड़क पर जमा पानी देखते ही कार्यकर्ताओं ने विरोध का तरीका बदल दिया। हाथों में धान का पौधा लिया और सीधे जलजमाव वाली सड़क पर उतर गए। देखते ही देखते सड़क पर धान की रोपाई शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने शासन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ‘शासन-प्रशासन डूब मरो’, ‘शर्म करो’ और ‘निकम्मी सरकार होश में आओ’ जैसे नारों से बाजार गूंज उठा। बाइट -- प्रमोद प्रभाकर ,भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य वहीं भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने आरोप लगाया कि आम जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान में शासन और प्रशासन पूरी तरह विफल है। उन्होंने कहा कि सड़क, जलजमाव, रोजगार और गरीबों की समस्याओं पर सरकार को गंभीरता से काम करना

चाहिए। प्रमोद प्रभाकर ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी हमला बोला। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी को लेकर सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि सार्वजनिक संपत्तियों को बेचा जा रहा है तथा सरकार की नीतियों का फायदा आम जनता के बजाय बड़े कॉरपोरेट घरानों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि देश में बदलाव जरूरी है और इसी को लेकर भाकपा की ओर से 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की। वहीं, जोतैली के मुखिया प्रतिनिधि सिकंदर अंसारी ने मंजौरा बाजार की जलजमाव की समस्या को गंभीर बताया। उनका कहना है कि सड़क पर पानी जमा रहने से लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी होती है। दुकानदारों और स्थानीय लोगों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। भाकपा नेताओं ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही गरीबों के लिए आवास, राशन और रोजगार की गारंटी, भूमिहीनों को वासगीत पर्चा और पर्चाधारियों को जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग भी उठाई गई। भाकपा नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि अगर समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। मंजौरा में सड़क पर धान की रोपाई सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि जलजमाव और बदहाल सड़क व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने खड़ा किया गया सवाल है। अब देखना होगा कि सड़क पर धान की ये रोपाई प्रशासन की नींद खोलती है या फिर मंजौरा के लोगों को इसी तरह जलजमाव के बीच आवाजाही करनी पड़ेगी।

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    सड़क बनी खेत पानी में धान की रोपाई, मधेपुरा के मंजौरा में व्यवस्था के खिलाफ भाकपा का अनोखा प्रदर्शन
मधेपुरा के उदाकिशुनगंज से सामने आई ये तस्वीर व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
ये कोई खेत नहीं है ये मंजौरा बाजार की सड़क है।सड़क पर पानी जमा है कीचड़ है लोगों का आना-जाना मुश्किल हैऔर इसी सड़क पर भाकपा कार्यकर्ताओं ने धान की रोपाई शुरू कर दी।
दरअसल, सड़क पर लंबे समय से जलजमाव की समस्या को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब सड़क की हालत खेत जैसी हो गई है, तो क्यों न इसी सड़क पर धान की रोपाई कर दी जाए।
भाकपा की राष्ट्रव्यापी पदयात्रा के तहत उदाकिशुनगंज प्रखंड के नवटोलिया से पदयात्रा निकाली गई थी। पदयात्रा रामपुर डेहरू और जोतैली होते हुए मंजौरा पहुंची। लेकिन मंजौरा बाजार की सड़क पर जमा पानी देखते ही कार्यकर्ताओं ने विरोध का तरीका बदल दिया।
हाथों में धान का पौधा लिया और सीधे जलजमाव वाली सड़क पर उतर गए।
देखते ही देखते सड़क पर धान की रोपाई शुरू हो गई।
प्रदर्शनकारियों ने शासन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ‘शासन-प्रशासन डूब मरो’, ‘शर्म करो’ और ‘निकम्मी सरकार होश में आओ’ जैसे नारों से बाजार गूंज उठा।
बाइट -- प्रमोद प्रभाकर ,भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य
वहीं भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने आरोप लगाया कि आम जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान में शासन और प्रशासन पूरी तरह विफल है। उन्होंने कहा कि सड़क, जलजमाव, रोजगार और गरीबों की समस्याओं पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए।
प्रमोद प्रभाकर ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी हमला बोला। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी को लेकर सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि सार्वजनिक संपत्तियों को बेचा जा रहा है तथा सरकार की नीतियों का फायदा आम जनता के बजाय बड़े कॉरपोरेट घरानों को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में बदलाव जरूरी है और इसी को लेकर भाकपा की ओर से 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की।
वहीं, जोतैली के मुखिया प्रतिनिधि सिकंदर अंसारी ने मंजौरा बाजार की जलजमाव की समस्या को गंभीर बताया। उनका कहना है कि सड़क पर पानी जमा रहने से लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी होती है। दुकानदारों और स्थानीय लोगों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
भाकपा नेताओं ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
साथ ही गरीबों के लिए आवास, राशन और रोजगार की गारंटी, भूमिहीनों को वासगीत पर्चा और पर्चाधारियों को जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग भी उठाई गई।
भाकपा नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि अगर समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
मंजौरा में सड़क पर धान की रोपाई सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि जलजमाव और बदहाल सड़क व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने खड़ा किया गया सवाल है।
अब देखना होगा कि सड़क पर धान की ये रोपाई प्रशासन की नींद खोलती है या फिर मंजौरा के लोगों को इसी तरह जलजमाव के बीच आवाजाही करनी पड़ेगी।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    18 hrs ago
  • Panchayat pin number ward ka ek video mein Dal raha hun mere gaon ki sadak bahut halat kharab hai is taraf dijiye aap log is video ko jyada Se jyada share kijiye aapane
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    Panchayat pin number ward ka ek video mein Dal raha hun mere gaon ki sadak bahut halat kharab hai is taraf dijiye aap log is video ko jyada Se jyada share kijiye aapane
    user_Shankar Kumar
    Shankar Kumar
    सिंहेश्वर, मधेपुरा, बिहार•
    18 hrs ago
  • सैकड़ों कांवरिया का जत्था देवघर के लिए हुए रवाना प्रत्येक वर्ष जाते हैं बाबा दरबार सावन के सोमवारी को लेकर कांवरियों का जत्था जाना हर साल शुरू हो जाता है क्योंकि बाबा भोलेनाथ के प्रति लोगों को इतना श्रद्धा रहता है की सावन आते ही वे अपने आपको देवघर जाने से रोक नहीं पाते हैं जहां मान्यता है की लंका का राजा रावण द्वारा शिवलिंग स्थापित की गई थी जो द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। ऐसा ही कांवड़ियों का जत्था देखा गया सौर बाजार में जो नरपत गंज से देवघर के लिए सैकड़ों की संख्या में कांवरिया रवाना हुए। सभी कांवरियों का मानना था की हम लोग किसी निजी स्वार्थ के लिए प्रति वर्ष देवघर नहीं जा रहे हैं बल्कि हमारा समाज सही राश्ते पर चले इसी आशा और विश्वास के साथ देवघर जा रहे हैं।
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    सैकड़ों कांवरिया का जत्था देवघर के लिए हुए रवाना प्रत्येक वर्ष जाते हैं बाबा दरबार 
सावन के सोमवारी को लेकर कांवरियों का जत्था जाना हर साल शुरू हो जाता है क्योंकि बाबा भोलेनाथ के प्रति लोगों को इतना श्रद्धा रहता है की सावन आते ही वे अपने आपको देवघर जाने से रोक नहीं पाते हैं जहां मान्यता है की लंका का राजा रावण द्वारा शिवलिंग स्थापित की गई थी जो द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। ऐसा ही कांवड़ियों का जत्था देखा गया सौर बाजार में जो नरपत गंज से देवघर के लिए सैकड़ों की संख्या में कांवरिया रवाना हुए। सभी कांवरियों का मानना था की हम लोग किसी निजी स्वार्थ के लिए प्रति वर्ष देवघर नहीं जा रहे हैं बल्कि हमारा समाज सही राश्ते पर चले इसी आशा और विश्वास के साथ देवघर जा रहे हैं।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    9 hrs ago
  • पूर्व की बैठक का प्रस्ताव की कापी नहीं रहने से बीस सूत्री बैठक हुआ स्थगित बैठक में मौजूद विधायक व सदस्यों ने अनुपस्थित पदाधिकारी पर कार्रवाई की रखी मांग कुमारखंड। प्रखंड मुख्यालय स्थित बहुउद्देशीय सभा भवन में शनिवार को आयोजित बीस सूत्री की बैठक स्थगित कर दी गई। बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष संजय कुमार गांधी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में क्षेत्रीय विधायक डॉ रमेश ऋषिदेव सहित सभी सदस्य व विभिन्न विभागों के पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित हुए। जबकि कुछ विभाग के न तो पदाधिकारी व न ही कोई प्रतिनिधि उपस्थित हुए। बैठक की शुरुआत होते ही कुछ सदस्यों ने कुछ विभागों के पदाधिकारी के अनुपस्थित रहने का मामला उठाया। जिसके बाद बैठक में मौजूद विधायक ने बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के सचिव सह बीडीओ शशिभूषण सुमन से इस पर आपत्ति जताई और ऐसे पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने इसके अलावा कहा कि बैठक की शुरुआत सबसे पहले पूर्व की बैठक में लिए गए प्रस्ताव की कापी और उसपर क्या कार्रवाई हुई इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो अनुपलब्ध है। इस पर सभी सदस्यों ने भी उनका समर्थन किया और पूर्व के बैठक प्रस्ताव वाली कापी बैठक में रखने के बाद ही कार्रवाई बढ़ाने की बात कही। जिसके बाद सर्वसम्मति से अध्यक्ष द्वारा बैठक की कार्रवाई अगले तिथि निर्धारित होने तक स्थगित कर दिया गया। मौके बीडीओ सह सचिव ने कहा कि अब अगली बैठक 15 अगस्त के बाद अध्यक्ष के आदेश पर निर्धारित कर सदस्यों व सभी विभागों के पदाधिकारी को सूचित कर दिया जाएगा। इससे पहले प्रखंड प्रशासन द्वारा विधायक सहित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभी सदस्यों का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। बैठक में उपाध्यक्ष राजीव रंजन, सीओ विशाल अग्रवाल, सीडीपीओ अजहर इमाम, बीईओ किशोर भास्कर, श्रम पदाधिकारी कुमारी शैलजा, थानाध्यक्ष कुमारखंड रंजन कुमार व भतनी थानाध्यक्ष राजीव कुमार, पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रशांत कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सोनम, बीएचएम कुमार धनंजय, बीसी स्वच्छता अभियान राजेश कुमार, कृषि कोर्डिनेटर विकास कुमार विक्रांत, आवास पर्यवेक्षक राजीव रंजन, प्रभारी बीपीआरओ शंकर कुमार, जेई पीएचईडी दिलीप कुमार, पंचायत सचिव रवि कुमार चौधरी, स्टेट बैंक प्रतिनिधि हिमांशु कुमार, सदस्य प्रो प्रमोद यादव, नरेश कुमार, अरुण कुमार सिंह, गौतम राणा साह, विनय कुमार साह, संदीप कुमार सिंह, विनोद मंडल, मनोज कुमार यादव, मो इस्लाम, गुलाबचंद्र सहित अन्य कर्मी व पदाधिकारी मौजूद थे।
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    पूर्व की बैठक का प्रस्ताव की कापी नहीं रहने से बीस सूत्री बैठक हुआ स्थगित 

बैठक में मौजूद विधायक व सदस्यों ने अनुपस्थित पदाधिकारी पर कार्रवाई की रखी मांग 
कुमारखंड। प्रखंड मुख्यालय स्थित बहुउद्देशीय सभा भवन में शनिवार को आयोजित बीस सूत्री की बैठक स्थगित कर दी गई। बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष संजय कुमार गांधी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में क्षेत्रीय विधायक डॉ रमेश ऋषिदेव सहित सभी सदस्य व विभिन्न विभागों के पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित हुए। जबकि कुछ विभाग के न तो पदाधिकारी व न ही कोई प्रतिनिधि उपस्थित हुए। बैठक की शुरुआत होते ही कुछ सदस्यों ने कुछ विभागों के पदाधिकारी के अनुपस्थित रहने का मामला उठाया। जिसके बाद बैठक में मौजूद विधायक ने बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के सचिव सह बीडीओ शशिभूषण सुमन से इस पर आपत्ति जताई और ऐसे पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने इसके अलावा कहा कि बैठक की शुरुआत सबसे पहले पूर्व की बैठक में लिए गए प्रस्ताव की कापी और उसपर क्या कार्रवाई हुई इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो अनुपलब्ध है। इस पर सभी सदस्यों ने भी उनका समर्थन किया और पूर्व के बैठक प्रस्ताव वाली कापी बैठक में रखने के बाद ही कार्रवाई बढ़ाने की बात कही। जिसके बाद सर्वसम्मति से अध्यक्ष द्वारा बैठक की कार्रवाई अगले तिथि निर्धारित होने तक स्थगित कर दिया गया। मौके बीडीओ सह सचिव ने कहा कि अब अगली बैठक 15 अगस्त के बाद अध्यक्ष के आदेश पर निर्धारित कर सदस्यों व सभी विभागों के पदाधिकारी को सूचित कर दिया जाएगा। इससे पहले प्रखंड प्रशासन द्वारा विधायक सहित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभी सदस्यों का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। बैठक में उपाध्यक्ष राजीव रंजन, सीओ विशाल अग्रवाल, सीडीपीओ अजहर इमाम, बीईओ किशोर भास्कर, श्रम पदाधिकारी कुमारी शैलजा, थानाध्यक्ष कुमारखंड रंजन कुमार व भतनी थानाध्यक्ष राजीव कुमार, पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रशांत कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सोनम, बीएचएम कुमार धनंजय, बीसी स्वच्छता अभियान राजेश कुमार, कृषि कोर्डिनेटर विकास कुमार विक्रांत, आवास पर्यवेक्षक राजीव रंजन, प्रभारी बीपीआरओ शंकर कुमार, जेई पीएचईडी दिलीप कुमार, पंचायत सचिव रवि कुमार चौधरी, स्टेट बैंक प्रतिनिधि हिमांशु कुमार, सदस्य प्रो प्रमोद यादव, नरेश कुमार, अरुण कुमार सिंह, गौतम राणा साह, विनय कुमार साह, संदीप कुमार सिंह, विनोद मंडल, मनोज कुमार यादव, मो इस्लाम, गुलाबचंद्र  सहित अन्य कर्मी व पदाधिकारी मौजूद थे।
    user_Ashish Thakur
    Ashish Thakur
    कुमारखंड, मधेपुरा, बिहार•
    6 hrs ago
  • सहरसा:नवहट्टा जलजमाव और कीचड़ से परेशान वार्डवासी, सड़क निर्माण की उठाई मांग
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    सहरसा:नवहट्टा जलजमाव और कीचड़ से परेशान वार्डवासी, सड़क निर्माण की उठाई मांग
    user_Mukesh kr mandal
    Mukesh kr mandal
    Voice of people Nauhatta, Saharsa•
    4 hrs ago
  • छातापुर: इंडो-नेपाल बॉर्डर पर 100 हाई-फ्रीक्वेंसी वॉकी-टॉकी बरामद, NIA समेत कई एजेंसियों ने शुरू की जांच,सुपौल जिले के कुनौली इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 4 अगस्त को SSB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल की ओर जा रही एक स्कॉर्पियो गाड़ी से 100 चीनी निर्मित, पूर्व-प्रोग्राम्ड हाई-फ्रीक्वेंसी वॉकी-टॉकी बरामद किए, कार्रवाई के दौरान एक नेपाली नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया,SSB पूर्णिया फ्रंटियर के डीआईजी मधुकर अमिताभ ने बीरपुर स्थित 45वीं वाहिनी मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA, बिहार पुलिस, SIB, नेपाल APF समेत कई एजेंसियां संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं,प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि वॉकी-टॉकी की यह खेप दिल्ली से कुरियर के माध्यम से भेजी गई थी। पार्सल पहले महादेवमठ पहुंचा और वहां से नेपाल के राजबिराज निवासी तक पहुंचाने की तैयारी थी। जांच में कुनौली बाजार के एक इलेक्ट्रॉनिक्स प्रतिष्ठान की संभावित भूमिका भी सामने आई है छातापुर: इंडो-नेपाल बॉर्डर पर 100 हाई-फ्रीक्वेंसी वॉकी-टॉकी बरामद, NIA समेत कई एजेंसियों ने शुरू की जांच,सुपौल जिले के कुनौली इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 4 अगस्त को SSB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल की ओर जा रही एक स्कॉर्पियो गाड़ी से 100 चीनी निर्मित, पूर्व-प्रोग्राम्ड हाई-फ्रीक्वेंसी वॉकी-टॉकी बरामद किए, कार्रवाई के दौरान एक नेपाली नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया,SSB पूर्णिया फ्रंटियर के डीआईजी मधुकर अमिताभ ने बीरपुर स्थित 45वीं वाहिनी मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA, बिहार पुलिस, SIB, नेपाल APF समेत कई एजेंसियां संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं,प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि वॉकी-टॉकी की यह खेप दिल्ली से कुरियर के माध्यम से भेजी गई थी। पार्सल पहले महादेवमठ पहुंचा और वहां से नेपाल के राजबिराज निवासी तक पहुंचाने की तैयारी थी। जांच में कुनौली बाजार के एक इलेक्ट्रॉनिक्स प्रतिष्ठान की संभावित भूमिका भी सामने आई है
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    छातापुर: इंडो-नेपाल बॉर्डर पर 100 हाई-फ्रीक्वेंसी वॉकी-टॉकी बरामद, NIA समेत कई एजेंसियों ने शुरू की जांच,सुपौल जिले के कुनौली इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 4 अगस्त को SSB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल की ओर जा रही एक स्कॉर्पियो गाड़ी से 100 चीनी निर्मित, पूर्व-प्रोग्राम्ड हाई-फ्रीक्वेंसी वॉकी-टॉकी बरामद किए, कार्रवाई के दौरान एक नेपाली नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया,SSB पूर्णिया फ्रंटियर के डीआईजी मधुकर अमिताभ ने बीरपुर स्थित 45वीं वाहिनी मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA, बिहार पुलिस, SIB, नेपाल APF समेत कई एजेंसियां संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं,प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि वॉकी-टॉकी की यह खेप दिल्ली से कुरियर के माध्यम से भेजी गई थी। पार्सल पहले महादेवमठ पहुंचा और वहां से नेपाल के राजबिराज निवासी तक पहुंचाने की तैयारी थी। जांच में कुनौली बाजार के एक इलेक्ट्रॉनिक्स प्रतिष्ठान की संभावित भूमिका भी सामने आई है
छातापुर: इंडो-नेपाल बॉर्डर पर 100 हाई-फ्रीक्वेंसी वॉकी-टॉकी बरामद, NIA समेत कई एजेंसियों ने शुरू की जांच,सुपौल जिले के कुनौली इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 4 अगस्त को SSB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल की ओर जा रही एक स्कॉर्पियो गाड़ी से 100 चीनी निर्मित, पूर्व-प्रोग्राम्ड हाई-फ्रीक्वेंसी वॉकी-टॉकी बरामद किए, कार्रवाई के दौरान एक नेपाली नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया,SSB पूर्णिया फ्रंटियर के डीआईजी मधुकर अमिताभ ने बीरपुर स्थित 45वीं वाहिनी मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA, बिहार पुलिस, SIB, नेपाल APF समेत कई एजेंसियां संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं,प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि वॉकी-टॉकी की यह खेप दिल्ली से कुरियर के माध्यम से भेजी गई थी। पार्सल पहले महादेवमठ पहुंचा और वहां से नेपाल के राजबिराज निवासी तक पहुंचाने की तैयारी थी। जांच में कुनौली बाजार के एक इलेक्ट्रॉनिक्स प्रतिष्ठान की संभावित भूमिका भी सामने आई है
    user_Sonu kumar Bhagat
    Sonu kumar Bhagat
    Citizen Reporter छातापुर, सुपौल, बिहार•
    16 hrs ago
  • बिलेनिया नदी रतनसार मेहता सरदार टोला बिलेनिया नदी रतनसार ग्वालपाड़ा छातापुर सुपौल
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    बिलेनिया नदी रतनसार मेहता सरदार टोला बिलेनिया नदी रतनसार ग्वालपाड़ा छातापुर सुपौल
    user_Jankari Adda
    Jankari Adda
    Court reporter छातापुर, सुपौल, बिहार•
    18 hrs ago
  • मधेपुरा में पंचायत प्रतिनिधियों का महाजुटान, 125 दिन रोजगार की गारंटी पर मंथन मधेपुरा के कला भवन में आज पंचायत प्रतिनिधियों का बड़ा जुटान हुआ। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की ओर से आयोजित पंच सम्मेलन में जिले के प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, मुखिया समेत बड़ी संख्या में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए। सम्मेलन में ग्रामीण विकास को रफ्तार देने और VB-G RAM G अधिनियम के प्रावधानों को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। नए कानून के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी का प्रावधान है। दरअसल मधेपुरा के कला भवन में पंचायत प्रतिनिधियों का जमावड़ा मंच पर ग्रामीण विकास की योजनाओं की चर्चा और पंचायत प्रतिनिधियों के सामने नए रोजगार कानून की जानकारी। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की ओर से आयोजित पंच सम्मेलन में जिले के त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रमुख, जिला परिषद सदस्य और मुखिया समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि सम्मेलन में पहुंचे। सम्मेलन का सबसे बड़ा फोकस रहा VB-G RAM G अधिनियम जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को रोजगार का ज्यादा अवसर देने की बात कही गई। नए प्रावधान के मुताबिक पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान है। यानी ग्रामीण इलाकों में रोजगार के दिनों को बढ़ाने के साथ-साथ गांवों में विकास कार्यों को भी गति देने की कोशिश है। इस कानून के तहत सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराने पर ही जोर नहीं हैबल्कि ऐसे काम कराने की योजना है, जिनसे गांवों में लंबे समय तक फायदा मिलता रहे। जल संरक्षण से जुड़े काम ग्रामीण आधारभूत संरचना का विकास आजीविका से जुड़े कार्य और मौसम संबंधी चुनौतियों से बचाव के लिए जरूरी योजनाएं इन कार्यों के जरिए एक तरफ ग्रामीणों को मजदूरी रोजगार देने की कोशिश है, तो दूसरी तरफ गांवों में स्थायी परिसंपत्तियां तैयार करने पर भी जोर है। सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया गया। जनप्रतिनिधियों से कहा गया कि वे सरकार की योजनाओं और नए कानून की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाएं। खास तौर पर पात्र परिवारों की पहचान उन्हें रोजगार से जोड़ना और विकास योजनाओं का जमीन पर सही तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी मानी गई। बाइट — बीरेंद्र कुमार, NEP, DRDA, मधेपुरा कला भवन में हुआ ये पंच सम्मेलन सिर्फ पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसे गांवों तक नए रोजगार कानून और ग्रामीण विकास की योजनाओं को पहुंचाने की एक अहम कड़ी के तौर पर देखा गया। अब चुनौती है कि सम्मेलन में दी गई जानकारी कागज और मंच से निकलकर गांव की जमीन तक कितनी पहुंचती है। क्योंकि रोजगार की गारंटी और विकास योजनाओं का असली असर तभी दिखेगा, जब पात्र ग्रामीणों को समय पर काम मिले और पंचायत स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो।
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    मधेपुरा में पंचायत प्रतिनिधियों का महाजुटान, 125 दिन रोजगार की गारंटी पर मंथन
मधेपुरा के कला भवन में आज पंचायत प्रतिनिधियों का बड़ा जुटान हुआ। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की ओर से आयोजित पंच सम्मेलन में जिले के प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, मुखिया समेत बड़ी संख्या में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए। सम्मेलन में ग्रामीण विकास को रफ्तार देने और VB-G RAM G अधिनियम के प्रावधानों को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। नए कानून के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी का प्रावधान है।
दरअसल मधेपुरा के कला भवन में पंचायत प्रतिनिधियों का जमावड़ा
मंच पर ग्रामीण विकास की योजनाओं की चर्चा और पंचायत प्रतिनिधियों के सामने नए रोजगार कानून की जानकारी।
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की ओर से आयोजित पंच सम्मेलन में जिले के त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रमुख, जिला परिषद सदस्य और मुखिया समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि सम्मेलन में पहुंचे।
सम्मेलन का सबसे बड़ा फोकस रहा VB-G RAM G अधिनियम जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को रोजगार का ज्यादा अवसर देने की बात कही गई।
नए प्रावधान के मुताबिक पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान है। यानी ग्रामीण इलाकों में रोजगार के दिनों को बढ़ाने के साथ-साथ गांवों में विकास कार्यों को भी गति देने की कोशिश है।
इस कानून के तहत सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराने पर ही जोर नहीं हैबल्कि ऐसे काम कराने की योजना है, जिनसे गांवों में लंबे समय तक फायदा मिलता रहे।
जल संरक्षण से जुड़े काम
ग्रामीण आधारभूत संरचना का विकास
आजीविका से जुड़े कार्य
और मौसम संबंधी चुनौतियों से बचाव के लिए जरूरी योजनाएं
इन कार्यों के जरिए एक तरफ ग्रामीणों को मजदूरी रोजगार देने की कोशिश है, तो दूसरी तरफ गांवों में स्थायी परिसंपत्तियां तैयार करने पर भी जोर है।
सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया गया। जनप्रतिनिधियों से कहा गया कि वे सरकार की योजनाओं और नए कानून की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाएं।
खास तौर पर पात्र परिवारों की पहचान
उन्हें रोजगार से जोड़ना
और विकास योजनाओं का जमीन पर सही तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी मानी गई।
बाइट — बीरेंद्र कुमार, NEP, DRDA, मधेपुरा
कला भवन में हुआ ये पंच सम्मेलन सिर्फ पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसे गांवों तक नए रोजगार कानून और ग्रामीण विकास की योजनाओं को पहुंचाने की एक अहम कड़ी के तौर पर देखा गया।
अब चुनौती है कि सम्मेलन में दी गई जानकारी कागज और मंच से निकलकर गांव की जमीन तक कितनी पहुंचती है। क्योंकि रोजगार की गारंटी और विकास योजनाओं का असली असर तभी दिखेगा, जब पात्र ग्रामीणों को समय पर काम मिले और पंचायत स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    18 hrs ago
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