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दर्शकों के प्यार, भरोसे और समर्थन के दम पर 'ईलमासनगर टुडे' परिवार ने सोशल मीडिया पर 6,000 फॉलोअर्स का आंकड़ा सफलतापूर्वक पार कर लिया है। इस उपलब्धि पर प्लेटफॉर्म ने अपने सभी अनुयायियों का दिल से शुक्रिया अदा किया है। 'ईलमासनगर टुडे' ने इस अवसर पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वे आगे भी लोगों की आवाज़ बनकर हर छोटी-बड़ी समस्या को निरंतर उठाते रहेंगे।
ईलमासनगर टुडे
दर्शकों के प्यार, भरोसे और समर्थन के दम पर 'ईलमासनगर टुडे' परिवार ने सोशल मीडिया पर 6,000 फॉलोअर्स का आंकड़ा सफलतापूर्वक पार कर लिया है। इस उपलब्धि पर प्लेटफॉर्म ने अपने सभी अनुयायियों का दिल से शुक्रिया अदा किया है। 'ईलमासनगर टुडे' ने इस अवसर पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वे आगे भी लोगों की आवाज़ बनकर हर छोटी-बड़ी समस्या को निरंतर उठाते रहेंगे।
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- देश में आम आदमी, खासकर ग़रीबों की हालत पर चिंता जताते हुए, एक ऑटो चालक के मार्मिक बयान को उजागर किया गया है। चालक ने कहा, "हम तो तबाह हो गए हैं - और सुनने वाला कोई नहीं।" यह एक वाक्य देश के लाखों ग़रीबों की पूरी कहानी बयाँ करता है, जहाँ उनकी आमदनी का मीटर बंद हो चुका है, लेकिन महंगाई का ब्रेक फेल हो गया है, और कथित तौर पर सुनने वाली सरकार बहरी बनी हुई है। सीएनजी से लेकर एलपीजी तक, बच्चों की पढ़ाई से लेकर इलाज तक, और दूध से लेकर खाने के तेल तक, हर बढ़ती कीमत ग़रीबों के बजट और उनकी रसोई पर सीधा वार कर रही है। इस स्थिति पर कटाक्ष करते हुए, 'महंगाई मानव मोदी जी' पर आरोप लगाया गया है कि वे एक ओर सार्वजनिक परिवहन इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं, वहीं दूसरी ओर वे लोग जो सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ हैं, आज महंगाई के भारी बोझ तले टूट रहे हैं। आज इन लोगों की थाली में रोटी-दाल के साथ यह सवाल भी मौजूद है कि कल की रोटी कहाँ से आएगी।1
- केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीआई(एम) पोलित ब्यूरो सदस्य के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के विरोध में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की दरभंगा जिला कमेटी ने शनिवार को एक प्रतिवाद मार्च और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया। यह विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार और ईडी की कार्रवाई के खिलाफ था, जिसे पार्टी ने राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कदम बताया। कार्यक्रम के तहत, दोपहर 12 बजे पालो मैदान से प्रतिवाद मार्च निकाला गया, जो लहेरियासराय टावर होते हुए कर्पूरी चौक तक पहुंचा। मार्च के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने केंद्र सरकार तथा ईडी की कार्रवाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मार्च समाप्त होने के बाद लहेरियासराय टावर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है, और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता बनाए रखना आवश्यक है। वक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की जा रही ऐसी कार्रवाई का विरोध लगातार जारी रहेगा। इस कार्यक्रम में सीपीआई(एम) के जिला पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी संख्या मौजूद रही।1
- समस्तीपुर जिले के वारिसनगर अंचल कार्यालय में जन समस्याओं के निवारण और भूमि विवादों के समाधान के उद्देश्य से जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दरबार की अध्यक्षता राजस्व अधिकारी अवधेश कुमार ने की, जहाँ बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। जनता दरबार में भूमि संबंधी मामलों के निपटारे के लिए वादी और प्रतिवादी दोनों द्वारा दिए गए आवेदनों पर सुनवाई हुई। इस दौरान दोनों पक्षों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना गया और प्रस्तुत दस्तावेजों का भी अवलोकन किया गया, जिसके बाद मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया पूरी की गई। गौरतलब है कि सरकार द्वारा भूमि विवादों और राजस्व संबंधी मामलों के त्वरित समाधान के लिए हर सप्ताह समाधान दिवस (जनता दरबार) का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में, वारिसनगर अंचल कार्यालय में हुए इस जनता दरबार में राजस्व अधिकारी अवधेश कुमार के साथ अंचल नाजिर रवि कुमार, लिपिक मंटू कुमार और कार्यालय परिचारक रविशंकर पासवान भी मौजूद रहे और उन्होंने मामलों की सुनवाई के साथ उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की। इस जनता दरबार के माध्यम से लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर ही सुनवाई का अवसर मिल रहा है, जिससे भूमि विवादों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।1
- दरभंगा में एक मकान के भीतर अवैध धंधा संचालित होने के आरोपों को लेकर घंटों तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इस मामले की सूचना मिलने के बाद बहादुरपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुँची और बंद कमरे को खुलवाया, लेकिन तलाशी के दौरान कमरे में कोई लड़की नहीं मिली। मकान मालिक राधे श्याम ने आरोपों का खंडन करते हुए बताया कि जिस 16 वर्षीय लड़की से अवैध धंधा करवाने का आरोप लगाया जा रहा है, वह उसकी पत्नी है। पुलिस ने आरोपित युवक राधे श्याम को हिरासत में लेकर थाना पहुँचाया। इस बीच, तथाकथित मालकिनी मनीषा देवी समेत कई लड़कियाँ थाने पर गायब लड़की गुंजन कुमारी को सामने लाने की गुहार लगाती रहीं।1
- समस्तीपुर जिले के ताजपुर नगर परिषद स्थित मोतीपुर सब्जी मंडी के पास नेशनल हाईवे का वह खंड, जो योगियामठ से गुजरते हुए आधारपुर के समीप ताजपुर-समस्तीपुर रोड से जुड़ता है, वर्तमान में ऐसी स्थिति में है जो विकास को खुलेआम मुँह चिढ़ा रहा है।1
- बिहार सरकार के परिवहन मंत्री और समस्तीपुर के प्रभारी मंत्री श्री दामोदर रावत की अध्यक्षता में समस्तीपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक समाहरणालय सभागार में जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति (20 सूत्री) की थी।1
- बीपीएससी शिक्षिका गुंजन कुमारी ने अपने पति अमन कुमार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ अब तक न्यायालय में कोई भी आरोप साबित नहीं हो पाया है, और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। गुंजन कुमारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके पति लगातार उन पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन आज तक किसी भी आरोप को प्रमाणित नहीं कर सके हैं। उन्होंने चुनौती दी कि यदि कोई सबूत है, तो उसे सड़कों और मीडिया में प्रचारित करने के बजाय अदालत में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। गुंजन कुमारी ने अपनी संघर्ष गाथा साझा करते हुए बताया कि इंटरमीडिएट के बाद उनकी शादी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने संघर्ष करते हुए स्नातक, बीएड, सीटेट और फिर बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर शिक्षक का पद हासिल किया। उन्होंने इस उपलब्धि के पीछे अपनी वर्षों की कड़ी मेहनत और संघर्ष को बताया। शिक्षिका ने पति के उस आरोप का खंडन किया जिसमें कहा गया था कि उनकी पढ़ाई के लिए जमीन बेची गई थी। गुंजन कुमारी के अनुसार, उनके पति ने जमीन उनकी पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि अपने पैर टूटने के बाद इलाज के लिए बेची थी। गुंजन कुमारी ने आगे बताया कि वर्ष 2023 में उनकी नियुक्ति सुपौल जिले में हुई थी, जहाँ वे अपने बच्चों के साथ रह रही थीं। नौकरी के साथ-साथ वे बच्चों की देखभाल, खाना बनाने और पढ़ाई जैसे सभी काम स्वयं करती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति वहाँ भी जाकर उनके बारे में गलत बातें फैलाते थे, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी हुई। दार्जिलिंग यात्रा को लेकर लगे आरोपों पर उन्होंने सफाई दी कि प्रशिक्षण के बाद कई महिला शिक्षिकाएं उनके साथ दार्जिलिंग घूमने गई थीं और उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए परिवार को लगातार जानकारी दी थी, इसके बावजूद उनके पति ने इस यात्रा को लेकर अनर्गल आरोप लगाए। गुंजन कुमारी ने यह भी कहा कि वर्ष 2022 से ही वे अपने पति से अलग रह रही हैं क्योंकि उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने अपने नाबालिग बेटे से दबाव में बयान दिलवाने का भी आरोप लगाया, विश्वास जताते हुए कि बच्चा उनके पास आएगा तो स्वयं सच्चाई बता देगा। शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे की अभिरक्षा के लिए न्यायालय में आवेदन दिया है और चाहती हैं कि उनका बच्चा उन्हें वापस मिले, क्योंकि उन्होंने ही उसका पालन-पोषण किया है और उन्हें बच्चे को पाने का कानूनी अधिकार भी है। तलाक के मामले पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अदालत में अपने दावे और तथ्यों को प्रस्तुत किया है, और उनके पति को भी अपने आरोपों के समर्थन में अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करने चाहिए, क्योंकि अदालत बिना सबूत के किसी को दोषी नहीं ठहराती। फिलहाल पति-पत्नी के बीच का यह विवाद न्यायालय में विचाराधीन है और इस पूरे मामले में अंतिम फैसला अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।1
- समस्तीपुर में महिला आत्मनिर्भरता को लेकर एक सात दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।1
- दरभंगा जेल में बंद एक कैदी की मां ने जेल उपाधीक्षक समेत कुल 10 नामजद व्यक्तियों और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ परिवाद दायर किया है। यह जानकारी Darpan24 News के अनुसार सामने आई है।1