बीपीएससी शिक्षिका गुंजन कुमारी ने अपने पति अमन कुमार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ अब तक न्यायालय में कोई भी आरोप साबित नहीं हो पाया है, और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। गुंजन कुमारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके पति लगातार उन पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन आज तक किसी भी आरोप को प्रमाणित नहीं कर सके हैं। उन्होंने चुनौती दी कि यदि कोई सबूत है, तो उसे सड़कों और मीडिया में प्रचारित करने के बजाय अदालत में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। गुंजन कुमारी ने अपनी संघर्ष गाथा साझा करते हुए बताया कि इंटरमीडिएट के बाद उनकी शादी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने संघर्ष करते हुए स्नातक, बीएड, सीटेट और फिर बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर शिक्षक का पद हासिल किया। उन्होंने इस उपलब्धि के पीछे अपनी वर्षों की कड़ी मेहनत और संघर्ष को बताया। शिक्षिका ने पति के उस आरोप का खंडन किया जिसमें कहा गया था कि उनकी पढ़ाई के लिए जमीन बेची गई थी। गुंजन कुमारी के अनुसार, उनके पति ने जमीन उनकी पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि अपने पैर टूटने के बाद इलाज के लिए बेची थी। गुंजन कुमारी ने आगे बताया कि वर्ष 2023 में उनकी नियुक्ति सुपौल जिले में हुई थी, जहाँ वे अपने बच्चों के साथ रह रही थीं। नौकरी के साथ-साथ वे बच्चों की देखभाल, खाना बनाने और पढ़ाई जैसे सभी काम स्वयं करती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति वहाँ भी जाकर उनके बारे में गलत बातें फैलाते थे, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी हुई। दार्जिलिंग यात्रा को लेकर लगे आरोपों पर उन्होंने सफाई दी कि प्रशिक्षण के बाद कई महिला शिक्षिकाएं उनके साथ दार्जिलिंग घूमने गई थीं और उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए परिवार को लगातार जानकारी दी थी, इसके बावजूद उनके पति ने इस यात्रा को लेकर अनर्गल आरोप लगाए। गुंजन कुमारी ने यह भी कहा कि वर्ष 2022 से ही वे अपने पति से अलग रह रही हैं क्योंकि उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने अपने नाबालिग बेटे से दबाव में बयान दिलवाने का भी आरोप लगाया, विश्वास जताते हुए कि बच्चा उनके पास आएगा तो स्वयं सच्चाई बता देगा। शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे की अभिरक्षा के लिए न्यायालय में आवेदन दिया है और चाहती हैं कि उनका बच्चा उन्हें वापस मिले, क्योंकि उन्होंने ही उसका पालन-पोषण किया है और उन्हें बच्चे को पाने का कानूनी अधिकार भी है। तलाक के मामले पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अदालत में अपने दावे और तथ्यों को प्रस्तुत किया है, और उनके पति को भी अपने आरोपों के समर्थन में अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करने चाहिए, क्योंकि अदालत बिना सबूत के किसी को दोषी नहीं ठहराती। फिलहाल पति-पत्नी के बीच का यह विवाद न्यायालय में विचाराधीन है और इस पूरे मामले में अंतिम फैसला अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
बीपीएससी शिक्षिका गुंजन कुमारी ने अपने पति अमन कुमार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ अब तक न्यायालय में कोई भी आरोप साबित नहीं हो पाया है, और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। गुंजन कुमारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके पति लगातार उन पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन आज तक किसी भी आरोप को प्रमाणित नहीं कर सके हैं। उन्होंने चुनौती दी कि यदि कोई सबूत है, तो उसे सड़कों और मीडिया में प्रचारित करने के बजाय अदालत में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। गुंजन कुमारी ने अपनी संघर्ष गाथा साझा करते हुए बताया कि इंटरमीडिएट के बाद उनकी शादी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने संघर्ष करते हुए स्नातक, बीएड, सीटेट और फिर बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर शिक्षक का पद हासिल किया। उन्होंने इस उपलब्धि के पीछे अपनी वर्षों की कड़ी मेहनत और संघर्ष को बताया। शिक्षिका ने पति के उस आरोप का खंडन किया जिसमें कहा गया था कि उनकी पढ़ाई के लिए जमीन बेची गई थी। गुंजन कुमारी के अनुसार, उनके पति ने जमीन उनकी पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि अपने पैर टूटने के बाद इलाज के लिए बेची थी। गुंजन कुमारी ने आगे बताया कि वर्ष 2023 में उनकी नियुक्ति सुपौल जिले में हुई थी, जहाँ वे अपने बच्चों के साथ रह रही थीं। नौकरी के साथ-साथ वे बच्चों की देखभाल, खाना बनाने और पढ़ाई जैसे सभी काम स्वयं करती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति वहाँ भी जाकर उनके बारे में गलत बातें फैलाते थे, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी हुई। दार्जिलिंग यात्रा को लेकर लगे आरोपों पर उन्होंने सफाई दी कि प्रशिक्षण के बाद कई महिला शिक्षिकाएं उनके साथ दार्जिलिंग घूमने गई थीं और उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए परिवार को लगातार जानकारी दी थी, इसके बावजूद उनके पति ने इस यात्रा को लेकर अनर्गल आरोप लगाए। गुंजन कुमारी ने यह भी कहा कि वर्ष 2022 से ही वे अपने पति से अलग रह रही हैं क्योंकि उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने अपने नाबालिग बेटे से दबाव में बयान दिलवाने का भी आरोप लगाया, विश्वास जताते हुए कि बच्चा उनके पास आएगा तो स्वयं सच्चाई बता देगा। शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे की अभिरक्षा के लिए न्यायालय में आवेदन दिया है और चाहती हैं कि उनका बच्चा उन्हें वापस मिले, क्योंकि उन्होंने ही उसका पालन-पोषण किया है और उन्हें बच्चे को पाने का कानूनी अधिकार भी है। तलाक के मामले पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अदालत में अपने दावे और तथ्यों को प्रस्तुत किया है, और उनके पति को भी अपने आरोपों के समर्थन में अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करने चाहिए, क्योंकि अदालत बिना सबूत के किसी को दोषी नहीं ठहराती। फिलहाल पति-पत्नी के बीच का यह विवाद न्यायालय में विचाराधीन है और इस पूरे मामले में अंतिम फैसला अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
- एक 'छपरी यूट्यूबर' पर वीडियो बनाने के नाम पर आम आदमी को लूटने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि इस यूट्यूबर की हरकतों ने सभी यूट्यूबर्स को कलंकित किया है। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि ईलमासनगर टुडे टीम द्वारा नहीं की जाती।1
- समस्तीपुर में नगर थाना पुलिस ने ब्राउन शुगर के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मगरदही घाट के बाईपास क्षेत्र में हुई है। पुलिस ने इसे एक 'बड़ी कार्रवाई' बताया है, लेकिन मगरदही घाट के बाईपास में फैले इस पूरे रैकेट को समाप्त करना अभी भी पुलिस के लिए एक चुनौती बना हुआ है।1
- समस्तीपुर जिले के उजियारपुर में एक बिजली का खंभा झुक गया है। स्थानीय लोगों ने इसे सीधा करने की आवश्यकता बताई है।1
- नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, देश में पेट्रोल और डीज़ल के दाम लगातार बढ़ने से जनता को लूटा जा रहा है। आरोप लगाया गया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चुनावी राज्यों में हुए अपने खर्चे को अब देश की जनता से वसूल रही है। साथ ही, यह भी कहा गया है कि सरकार के पास आर्थिक संकट को नियंत्रित करने के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है, और 'मोदी जी' ने सब कुछ जनता के ऊपर छोड़ दिया है। इस सरकार को अपनी ज़िम्मेदारियों से भागने वाली सरकार बताया गया है। इमरान प्रताप गाड़ी ने भी इस बात पर ज़ोर दिया है कि पेट्रोल और डीज़ल के दामों में लगातार वृद्धि करके देश की जनता को लूटा जा रहा है।1
- बिहार के समस्तीपुर जिले में स्थित मथुरापुर घाट से एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में तेज़ हवा, आंधी और पानी का ज़बरदस्त मंजर दिखाया जा रहा है। यह वीडियो विशेष रूप से समस्तीपुर के मथुरापुर घाट का है, जहाँ प्रकृति का यह विकराल रूप स्पष्ट देखा जा सकता है।1
- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने सत्र 2026-28 के लिए 11वीं कक्षा में नामांकन के लिए एक विशेष अवसर की घोषणा की है। इस अवसर के तहत, इच्छुक छात्र 01 जून 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।1
- दर्शकों के प्यार, भरोसे और समर्थन के दम पर 'ईलमासनगर टुडे' परिवार ने सोशल मीडिया पर 6,000 फॉलोअर्स का आंकड़ा सफलतापूर्वक पार कर लिया है। इस उपलब्धि पर प्लेटफॉर्म ने अपने सभी अनुयायियों का दिल से शुक्रिया अदा किया है। 'ईलमासनगर टुडे' ने इस अवसर पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वे आगे भी लोगों की आवाज़ बनकर हर छोटी-बड़ी समस्या को निरंतर उठाते रहेंगे।1
- दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पंडासराय गुमटी के समीप स्थित एक मकान में शनिवार को कथित रूप से नाबालिग लड़की से अवैध धंधा कराए जाने के आरोप को लेकर घंटों हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। सूचना मिलने पर बहादुरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और बंद कमरे की जाँच की, लेकिन वहाँ कोई लड़की नहीं मिली। इस मामले में एक महिला, जिसने खुद को आर्केस्ट्रा संचालिका बताया, ने आरोप लगाया कि एक नाबालिग लड़की ने उन्हें जानकारी दी थी कि उसे एक युवक द्वारा जबरन रखा गया है और उससे अवैध गतिविधियाँ कराई जा रही हैं। महिला ने दावा किया कि 27 मई को राधेश्याम नामक युवक लड़की को अपने साथ ले गया था, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा है। इसी आशंका के आधार पर वह अन्य लड़कियों के साथ उस मकान पर पहुँची थी। हालाँकि, मकान का दरवाजा खुलवाने पर कथित तौर पर लापता लड़की वहाँ नहीं मिली, लेकिन आरोप लगाने वाली महिलाओं ने कमरे से लड़की के कपड़े और अन्य सामान बरामद होने का दावा किया, जिससे उसके वहाँ रहने की आशंका को बल मिला। वहीं, आरोपित युवक कृष्ण कन्हैया उर्फ राधेश्याम ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह लड़की उसकी पत्नी है और दोनों ने मंदिर में शादी की है। हालांकि, वह मौके पर विवाह से संबंधित कोई दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस युवक को पूछताछ के लिए थाने ले गई, जहाँ थाना परिसर में भी महिला और उसके साथ आई अन्य लड़कियां कथित रूप से लापता लड़की को सामने लाने की मांग करती रहीं ताकि पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो सके। बाद में महिला ने बहेड़ी थाना जाकर प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही। इस घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए। कुछ स्थानीय लोगों ने युवक की गतिविधियों पर संदेह जताते हुए दावा किया कि उसके यहाँ देर रात लोगों का आना-जाना होता था। उन्होंने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन की जांच कर मामले की निष्पक्ष पड़ताल करने की मांग की। कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है, तो विवाह की वैधता और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच आवश्यक होगी। फिलहाल, पुलिस की ओर से मामले में आधिकारिक बयान आने और जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है ताकि लड़की की वास्तविक स्थिति, उम्र और दोनों पक्षों के दावों की पुष्टि हो सके।1