Shuru
Apke Nagar Ki App…
जतारा थाना क्षेत्र अंतर्गत राजनगर मोजे में एक जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यह विवाद मारपीट की घटना में बदल गया, जिसमें तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद घायल महिलाओं को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी लंबे समय से चले आ रहे विवाद के कारण पहले कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। घटना की सूचना मिलते ही जतारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस बीच, घायल महिलाओं के परिजनों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
Mahendra Kumar Dubey
जतारा थाना क्षेत्र अंतर्गत राजनगर मोजे में एक जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यह विवाद मारपीट की घटना में बदल गया, जिसमें तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद घायल महिलाओं को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी लंबे समय से चले आ रहे विवाद के कारण पहले कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। घटना की सूचना मिलते ही जतारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस बीच, घायल महिलाओं के परिजनों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- जतारा थाना क्षेत्र के राजनगर मोजे में एक जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप हुई मारपीट में तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। बताया जा रहा है कि यह विवाद दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहा था, और इसी के चलते कहासुनी बढ़कर मारपीट तक पहुंच गई। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल हुई महिलाओं को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही जतारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, घायल महिलाओं के परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।3
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कांग्रेस नेता जीतू पटवारी पर तीखा हमला बोला है, उन्हें 'झूठ का पूतला' करार दिया। यादव ने आरोप लगाया कि पटवारी ने सरकारी न्यास को निजी बताकर झूठे और अनर्गल आरोप लगाए हैं, जो उनके दिवालियापन को दर्शाता है। अजय सिंह यादव के अनुसार, जीतू पटवारी अपरिपक्वता और झूठ की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है, लेकिन कांग्रेस नेताओं को यह खटक रहा है कि एक पिछड़े वर्ग का नेता प्रदेश का नेतृत्व कर रहा है। इसी वजह से वे झूठ फैलाकर राजनीति कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि जीतू पटवारी के झूठ की पोल खोलते हुए उन्हें आईना दिखाया गया है।1
- 55 लाख रुपये की लागत से स्थापित की गई नल-जल योजना बंद हो गई है, जिसके चलते लगभग 1800 ग्रामीण तालाब का मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। इस योजना के बंद होने का मुख्य कारण बिजली का बिल बताया जा रहा है, जिसने ग्रामीणों को मिल रही 'बूंद-बूंद राहत' छीन ली है।1
- बल्देवगढ़/टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बड़ाघाट के तमोरा गांव में भीषण पेयजल संकट सामने आया है। लगभग 1800 की आबादी वाले इस गांव में 55.04 लाख रुपये की लागत से तैयार हुई नल-जल योजना बिजली बिल के भुगतान के अभाव में पूरी तरह बंद पड़ी है, जिसके चलते ग्रामीण तालाब का मटमैला और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। यह रेट्रोफिटिंग नल-जल योजना 25 नवंबर 2021 को केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार द्वारा वर्चुअल माध्यम से लोकार्पित की गई थी, लेकिन अब यह ठप पड़ी है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में केवल दो हैंडपंप हैं, जिनमें से एक से पर्याप्त पानी नहीं मिलता। पिछले तीन महीने से नलों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। महिलाएं और बच्चे तालाब से वही गंदा पानी बर्तनों में भरकर घर ले जाते देखे जा रहे हैं, जिसे वे 3 से 4 बार छानकर पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीण फूलाबाई ने बताया कि तीन महीने से नलों में पानी नहीं आया है। गिल्लन बाई अहिरवार ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि पानी की टंकी बंद पड़ी है, इसलिए उन्हें तालाब का पानी ही पीने और मवेशियों को पिलाने के लिए इस्तेमाल करना पड़ता है। श्याम बाई ने कहा कि प्यासे तो नहीं रह सकते, इसलिए तालाब का पानी छानकर पी रहे हैं, जो उनकी मजबूरी है।1
- राजा भैया की 'यलगार' का स्पष्ट प्रभाव देखने को मिला है, जिसके परिणामस्वरूप भरत तिवारी से संबंधित एक मामले में सभी संबंधित अधिकारियों पर त्वरित कार्रवाई की गई है। इस निर्णायक हस्तक्षेप से महज 24 घंटे के भीतर ही पूरे मामले की दिशा नाटकीय रूप से बदल गई। यह घटना तब सामने आई थी जब भरत तिवारी के रोते हुए माता-पिता की व्यथा ने ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद राजा भैया के हस्तक्षेप ने स्थिति को एक निर्णायक मोड़ दिया और पूरे 'खेल' का पासा पूरी तरह पलट गया।1
- टीकमगढ़ जिले में किसानों के लिए विशेष रूप से बनाए गए टीन शेडों पर अब व्यापारियों ने अपना कब्जा जमा लिया है। इस स्थिति के चलते, आगामी बरसात के मौसम में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि इन शेडों का मुख्य उद्देश्य ही उन्हें और उनकी उपज को बारिश से बचाना था।1
- छतरपुर के खजुराहो थाना परिसर से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक बेटी अपने प्रेमी, जिसे पति बताया जा रहा है, के साथ थाने से बाहर निकलती दिख रही है। बेटी को जाते देख उसके परिजन उसे रोकने के लिए हाथ जोड़ते हुए रोते-गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन बेटी नहीं रुकी और अपने प्रेमी के साथ चली गई। यह घटना पूरे 'कल्काल' को दर्शाती हुई सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।1