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55 लाख रुपये की लागत से स्थापित की गई नल-जल योजना बंद हो गई है, जिसके चलते लगभग 1800 ग्रामीण तालाब का मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। इस योजना के बंद होने का मुख्य कारण बिजली का बिल बताया जा रहा है, जिसने ग्रामीणों को मिल रही 'बूंद-बूंद राहत' छीन ली है।
MUHAMMAD KHWAJA JOURNALIST
55 लाख रुपये की लागत से स्थापित की गई नल-जल योजना बंद हो गई है, जिसके चलते लगभग 1800 ग्रामीण तालाब का मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। इस योजना के बंद होने का मुख्य कारण बिजली का बिल बताया जा रहा है, जिसने ग्रामीणों को मिल रही 'बूंद-बूंद राहत' छीन ली है।
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- बुंदेलखंड के सुप्रसिद्ध बुंदेली कवि राजेंद्र बिदुआ ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर अपनी विशिष्ट बुंदेली शैली में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। टीकमगढ़ से संबंध रखने वाले कवि बिदुआ ने अपनी रचना के माध्यम से इस संवेदनशील मुद्दे पर सीधे सवाल उठाते हुए व्यवस्था और जवाबदेही पर करारा कटाक्ष किया है। उनकी यह कविता सोशल मीडिया पर गहन चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसे बड़ी संख्या में लोग सुन और साझा कर रहे हैं। कवि की यह खास प्रस्तुति अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले को लेकर जनमानस में उठ रहे सवालों और आक्रोश को स्वर दे रही है।1
- छतरपुर जिले के राजनगर तहसील कार्यालय के लालपुर सर्कल में दबंगों द्वारा शासकीय रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास निर्माण कार्य से संबंधित एक जांच रिपोर्ट को दिनदहाड़े एक फाइल से जबरन फाड़ दिया गया है, जिससे पूरे कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया है। यह घटना सरकारी रिकॉर्ड की गोपनीयता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिससे तहसीलदार की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। शिकायतकर्ता रामपाल सिंह, जो डिगौनी गांव के निवासी हैं, ने बताया कि उनके भाई का पैतृक मकान गत वर्ष तेज बारिश में ढह गया था। उनके भाई को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी थी, जिसके इलाज के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ा और कुछ महीने वहीं रुकना पड़ा। मकान गिरने के बाद पटवारी ने उनके मकान को शासकीय बताकर गलत रिपोर्ट लगा दी थी। जब रामपाल सिंह को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए राशि मिली, तो दबंगों ने फर्जी शिकायत करके पटवारी से फिर गलत जांच रिपोर्ट बनवा ली और उनके कार्य को रुकवा दिया। इसके बाद पीड़ित ने तहसील कार्यालय पहुंचकर दोबारा जांच की मांग की, जिस पर तहसीलदार ने आरआई (राजस्व निरीक्षक) लक्ष्मी प्रसाद अहिरवार को जांच सौंपी। आरआई ने मौके पर जाकर निष्पक्ष और बारीकी से जांच की, और अपनी रिपोर्ट तहसील कार्यालय के बाबू (क्लर्क) के पास सौंप दी थी। हालांकि, जब पीड़ित रामपाल सिंह कार्यालय पहुंचे, तो फाइल में वह जांच रिपोर्ट गायब थी। बाबू ने अपनी नाकामी छुपाते हुए कहा कि फाइल में से कोई जांच रिपोर्ट फाड़कर ले गया है और अब उन्हें दोबारा पीडीएफ मंगानी पड़ेगी। इस घटना से यह गंभीर प्रश्न उठ रहा है कि आखिर शासकीय रिकॉर्ड के साथ ऐसी छेड़खानी कौन कर सकता है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि दबंगों ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे उनके भाई का फायदा उठाया है। इस तरह की घटनाएं न केवल शासकीय रिकॉर्ड की गोपनीयता को भंग करती हैं, बल्कि आम जनमानस में भी अविश्वास पैदा करती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।4
- छतरपुर जिले के ग्राम कैड़ी स्थित अजयपार धाम सरकार में 28 जून को निर्धन कन्या विवाह महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की आर्थिक रूप से कमजोर एक महिला की बेटी का विवाह पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ संपन्न कराया गया। इस पुण्य कार्य में भगत करण कुशवाहा का विशेष योगदान रहा। आयोजन के दौरान लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों के लिए विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। मानव सेवा और सामाजिक सहयोग की इस अनूठी मिसाल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।1
- टीकमगढ़ जिले के प्रसिद्ध शिवधाम कुंडेश्वर मंदिर में दान राशि के बंटवारे को लेकर दो पुजारियों के बीच विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करानी पड़ी। फिलहाल पुलिस ने एक पुजारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, जबकि दूसरे पक्ष की शिकायत पर जांच जारी है। कोतवाली पुलिस के अनुसार, शनिवार को प्रधान पुजारी जमुना तिवारी ने सहायक पुजारी अवधेश लिटोरिया के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के साथ उनके हाथ में चोट के निशान भी पाए गए, जिसके बाद चिकित्सीय परीक्षण कराकर अवधेश लिटोरिया के खिलाफ मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। वहीं, रविवार को सहायक पुजारी अवधेश लिटोरिया ने भी थाने पहुंचकर प्रधान पुजारी जमुना तिवारी पर मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। अवधेश लिटोरिया का आरोप है कि उन्हें श्रद्धालुओं द्वारा दी गई दान राशि में से उनका हिस्सा नहीं दिया गया, और जब उन्होंने इस बारे में शिकायत की तो उनके साथ मारपीट की गई। कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक ने बताया कि अवधेश लिटोरिया के आवेदन की जांच की जा रही है और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद श्रद्धालुओं से मिलने वाली दान राशि के बंटवारे को लेकर ही हुआ है। बताया जाता है कि कुंडेश्वर मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और वाहनों के पूजन के लिए आते हैं, और इस दौरान प्राप्त दान राशि को मंदिर से जुड़े पुजारियों के बीच बराबर बांटा जाता है। इसी बंटवारे को लेकर दोनों पुजारियों के बीच विवाद हुआ, जो मंदिर परिसर में हाथापाई तक पहुंच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से धार्मिक स्थल की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। लोगों ने मंदिर ट्रस्ट से मामले में उचित कार्रवाई करने और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।1
- देश सेवा को समर्पित भारतीय सेना के सूबेदार मोहन सिंह घोष का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव जतारा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस भावुक अवसर पर वीर जवान की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के लोग उमड़ पड़े। सभी की आँखें नम थीं और लोगों ने बुंदेलखंड के इस वीर सपूत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सेना के जवानों ने सूबेदार मोहन सिंह घोष को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी और उनके परिजनों को तिरंगा सौंपा, जिससे पूरा माहौल और भी भावुक हो उठा। ग्रामीणों ने बताया कि मोहन सिंह घोष ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय देश की रक्षा में लगाया और अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने "भारत माता की जय" और "वीर जवान अमर रहे" के नारों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार में मौजूद जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने सूबेदार मोहन सिंह घोष को देश की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी सेवाओं से देश और बुंदेलखंड का मान बढ़ाया है। विधायक ने इस बात पर जोर दिया कि उनका बलिदान और समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा और सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है।3
- छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देश पर, आज 28 जून को दोपहर करीब 2:00 बजे खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने जिला अस्पताल परिसर में संचालित कैंटीन का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने मरीजों और उनके परिजनों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की गहन जांच की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी एस.के. तिवारी ने कैंटीन के सभी आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की और दलिया, अरहर दाल, चावल व रोटियों के नमूने एकत्र कर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। निरीक्षण के बाद, कैंटीन संचालक को खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने, परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने और सभी खाद्य सामग्री का उचित भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।1
- जतारा थाना क्षेत्र अंतर्गत राजनगर मोजे में एक जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यह विवाद मारपीट की घटना में बदल गया, जिसमें तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद घायल महिलाओं को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी लंबे समय से चले आ रहे विवाद के कारण पहले कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। घटना की सूचना मिलते ही जतारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस बीच, घायल महिलाओं के परिजनों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।3