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हटा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नाबालिग से दुष्कर्म के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
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हटा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नाबालिग से दुष्कर्म के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
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- सवाई माधोपुर में राजीविका के तहत स्वयं सहायता समूह गठित करने वाली आरसीआरपी (RCRP) महिलाओं ने बकाया मानदेय नहीं मिलने पर जिला परिषद कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। ये महिलाएँ अपनी वर्षों की लंबित मजदूरी का भुगतान तुरंत किए जाने की मांग कर रही थीं। उनका कहना है कि 1 जनवरी, 2024 से 15 जून, 2026 तक का उनका मानदेय अभी भी बकाया है, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। आरसीआरपी महिलाएँ ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब महिलाओं का सर्वेक्षण करके उन्हें स्वयं सहायता समूहों से जोड़ती हैं, जिसके लिए राजीविका द्वारा उन्हें प्रतिदिन के हिसाब से ₹700 का मानदेय दिया जाता है। महिलाओं ने बताया कि इस बकाया मानदेय के लिए उन्होंने ब्लॉक स्तर पर सभी स्टाफ और डीपीएम से कई बार शिकायत की, लेकिन उनके द्वारा बकाया वेतन को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई। लंबे समय से मानदेय न मिलने के कारण उनकी आजीविका का मुख्य स्रोत बाधित हो रहा है, और वे अपने बाल-बच्चों को छोड़कर दूरदराज जाकर समूह बनाती हैं, फिर भी उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल रहा। आक्रोशित महिलाएँ जब अपनी मांग लेकर जिला परिषद कार्यालय पहुँचीं तो उन्होंने डीपीएम को खरी खोटी सुनाई। इसी दौरान राजीविका के प्रबंधक वित्त (मैनेजर फाइनेंस) दिनेश सोनी और संबंधित अधिकारियों ने महिलाओं पर 'फर्जी' होने का आरोप लगाते हुए उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी दी और पुलिस को बुला लिया। इस दौरान क्लस्टर मैनेजर को भी गिरफ्तार करने की बात कही गई। हालांकि, पुलिस ने मौके पर पहुँचकर महिलाओं को समझाइश दी और वापस लौट गई। इस मामले की सूचना मिलने पर सहायक मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने भी अपना पल्ला झाड़ते हुए महिलाओं को जिला कलेक्टर के पास जाने को कहा। महिलाओं का कहना है कि जहाँ एक ओर महिलाओं के सम्मान की बात होती है, वहीं दूसरी ओर अपने वाजिब मजदूरी और मानदेय की मांग करने पर पुलिस बुलाना न्यायसंगत नहीं है। अब यह देखना बाकी है कि इन आरसीआरपी महिलाओं को राजीविका के माध्यम से उनका बकाया मानदेय कब तक मिलेगा।1
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में स्थित सुरेली रेलवे स्टेशन पर एक शादीशुदा युवक और युवती ने ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। इस घटना में दोनों की जान चली गई, जिसकी वजह उनका प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है।1
- सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा में विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मोर्य ने उपस्थित लोगों को उनके विभिन्न विधिक अधिकारों और सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। न्यायिक मजिस्ट्रेट मोर्य ने विशेष रूप से एसिड अटैक पीड़ित प्रतिकर योजना सहित अन्य पीड़ित प्रतिकर स्कीमों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध से प्रभावित व्यक्तियों को सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिसका उद्देश्य उन्हें राहत पहुंचाना है। उन्होंने आमजन से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में लोगों को न्याय तक आसान पहुंच और विधिक सेवाओं की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर पैनल एडवोकेट लोकेश कुमार सीठा और एडवोकेट जसपाल गुर्जर भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।1
- कोटा जिले से सोमवार, 15 जून को राष्ट्रीय बम्बू मिशन कार्यक्रम के तहत 50 किसानों का एक दल अध्ययन भ्रमण के लिए रवाना किया गया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य किसानों को बांस आधारित कृषि एवं उद्यमिता से जोड़ना है। जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उप निदेशक उद्यानिकी एन.वी. मालव, सहायक निदेशक कृषि राजवीर सिंह सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। भ्रमण कार्यक्रम के तहत ये किसान चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, सिरोही और राजसमंद जिलों का दौरा करेंगे। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान किसानों को बांस की नर्सरी स्थापित करने, बांस उत्पादन की उन्नत तकनीकों, बांस आधारित उत्पादों के निर्माण तथा बम्बू प्रसंस्करण इकाइयों की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही, सफल बांस उत्पादकों और उद्यमियों के अनुभवों से भी किसानों को अवगत कराया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय बम्बू मिशन का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ आय के वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराना है। यह अध्ययन भ्रमण किसानों को बांस की व्यावसायिक खेती और उससे जुड़े उद्योगों की जानकारी देगा, जिससे वे अपने क्षेत्रों में भी इस दिशा में नए प्रयास कर सकेंगे। कार्यक्रम के दौरान, जिला कलक्टर ने किसानों से भ्रमण का अधिकतम लाभ उठाने तथा प्राप्त तकनीकी जानकारी को अन्य किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया। अध्ययन भ्रमण से लौटने के बाद, किसान अपने अनुभवों को साझा करेंगे, जिससे जिले में बांस आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकेगा।1
- हिमाचल प्रदेश के कुल्लू-मनाली में इन दिनों पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बड़ी संख्या में पर्यटक इस शहर की ओर जा रहे हैं, जिसके चलते यहां गाड़ियों की लंबी कतारें देखी गई हैं।1
- सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर केशोरायपाटन में आस्था का एक विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा।1
- सवाई माधोपुर के वजीरपुर स्थित खण्डीप गांव में पंचाना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना 15 जून को ग्यारहवें दिन भी जारी रहा। यह आंदोलन माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराने की मांग पर केंद्रित है, और इसे पूरे जोश, उत्साह और व्यापक जनसमर्थन के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। आंदोलन के समर्थन में हजारों किसानों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहनों के साथ एक विशाल वाहन रैली निकाली, जिसके माध्यम से उन्होंने सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। लगभग 5 किलोमीटर लंबी यह वाहन रैली डिवस्या से शुरू होकर छोटी उदेई, पिलोदा, खेड़ली बगलाई, सेमाला, नयागांव, धूनी, मोहचा का पुरा होते हुए खण्डीप धरना स्थल पहुंची, जिसके बाद यह फुलवाड़ा पेपट, रायपुर, कुसाय और उपखंड मुख्यालय वजीरपुर तक निकाली गई। इस दौरान किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और नहरों में शीघ्र पानी छोड़े जाने की अपनी मांग को दोहराया। किसानों ने घोषणा की है कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने 28 जून को होने वाले किसान आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान भी किया है। धरना स्थल पर कमांड क्षेत्र के छोटे उदेई, डिवस्या, छान, बिनेगा, खिदरपुर सहित कई गांवों से किसानों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई, जिससे यह आंदोलन एक व्यापक जनआंदोलन में तब्दील हो गया है। धरना स्थल की व्यवस्थाओं को सुचारू और अनुशासित बनाए रखने के लिए पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा गांववार जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। ग्रामीण भोजन, पेयजल और साफ-सफाई जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का सफल संचालन कर रहे हैं। विभिन्न गांवों द्वारा क्रमवार जिम्मेदारी निभाए जाने से आंदोलन में एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में 16 जून से 17 जून तक ग्राम महस्वा के किसान धरना स्थल की व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे। महापंचायत के मंच से किसानों ने एक स्वर में संकल्प दोहराया है कि पंचाना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। किसानों का कहना है कि यह केवल सिंचाई जल की मांग नहीं, बल्कि लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने स्पष्ट किया है कि अब यह आर-पार की लड़ाई है और न्याय मिलने तक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। इस किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में समितियों का गठन कर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सर्वजाति और सर्वसमाज के लोग एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से समर्थन की अपील की है, साथ ही यह निर्णय भी लिया गया है कि जो जनप्रतिनिधि किसानों के इस न्यायपूर्ण संघर्ष में साथ नहीं देंगे, उनका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा।1
- चौथकाबरवाड़ा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भगवतगढ़ के पास एक सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में एक ट्रक नीचे गिर गया, जिसके परिणामस्वरूप एक व्यक्ति की मौत हो गई और दूसरा व्यक्ति घायल हो गया।1
- राजस्थान की राजधानी जयपुर में आज चल रहे एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके को एक व्यक्ति ने सबके सामने थप्पड़ जड़ दिया। मिली जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ किसी खास मुद्दे को लेकर जयपुर में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच, भीड़ में से एक अज्ञात शख्स अचानक आगे आया और बहसबाजी के दौरान उसने दीपके को थप्पड़ मार दिया। इस घटना के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित किया और हमलावर को हिरासत में ले लिया। इस वाकये के बाद प्रदर्शन स्थल पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।1