*छात्राओं के सभी सुविधाओं का ध्यान रखती है हमारी सरकार - विकास केडिया* शिक्षा ग्रहण करने वाली बालिकाओं को विद्यालय आने में कोई दिक्कत न हो और इस परेशानी से कोई बालिका शिक्षा से वंचित न रह जाए इसको भी हमारी सरकार सोचती है और इसी सोच का नतीज़ा है जो आज हम संब यंहा पर बालिकाओं को सायकल बांट रहे हैं उपरोक्त उदगार विकास केडिया ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटाईपाली सी में में सायकल वितरण समारोह को संबोधित करते हुए हुए कहा। आगे उन्होंने कहा कि विद्यालय का अनुशासन,यहां का सौंदर्यीकरण, यहाँ का वातावरण सभी चीजें मन को प्रसन्न करने वाले है। गुरुकुल आश्रम तुरंगा के आचार्य राकेश शास्त्री को ने विद्यालय के सभी व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस विद्यालय के बच्चे अनुशासित होने के साथ साथ सेवाभावी भी है ऐसे बच्चों को गढ़ने वाले विद्यालय के प्राचार्य सहित सभी स्टॉफ को मैं बधाई देता हूं। आगे उन्होंने कहा कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्र में संचालित विद्यालय कटाईपाली सी को यहां के शिक्षकों की सोच ने जिले की अग्रिम पंक्ति में ला कर खड़ा कर दिया है बारिश की बूंदों के बीच बच्चे अपने दृढ़ संकल्प का परिचय दे रहे हैं उन बच्चों को भी उनकी सफलता के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएं। टी आर एन एनर्जी के सुरक्षा अधिकारी एवं प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष वायुनंदन पांडेय ने सायकल को शिक्षा ग्रहण करने की कड़ियों में एक महत्वपूर्ण साधन बताते हुए कहा कि अब आने जाने के लिए कोई असुविधा भी नहीं होगी और न ही कोई बहाना बनाना पड़ेगा । इस अवसर पर झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के अरुण सिंह, ग्राम पंचायत तुरंगा सरपंच विभूति जी, उपसरपंच विवेक जी ,शाला विकास समिति के अध्यक्ष हरिशरण राठिया सरपंच भोलेश्वर राठिया, फागुलाल डनसेना, जहाज राम राठिया, मानसिंह राठिया, संतराम राठिया, राजकुमार बेहरा, दिगंबर बेहरा , बालाराम राठिया, अजय डनसेना, धनीराम कमलवंशी सहित विद्यालय के प्राचार्य श्रीमती नीलिमा तम्बोली, व्याख्याता गिरधारी पटेल, राधेश्याम गुप्ता, कु गीता ठाकुर, शीतेष शुक्ला, श्रीमती इंदिरा राठिया, श्रीमती हेमन कुमारी राठिया, रेवा लाल कमलवंशी सहित पालक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन राजीव आर्य के द्वारा किया गया।
*छात्राओं के सभी सुविधाओं का ध्यान रखती है हमारी सरकार - विकास केडिया* शिक्षा ग्रहण करने वाली बालिकाओं को विद्यालय आने में कोई दिक्कत न हो और इस परेशानी से कोई बालिका शिक्षा से वंचित न रह जाए इसको भी हमारी सरकार सोचती है और इसी सोच का नतीज़ा है जो आज हम संब यंहा पर बालिकाओं को सायकल बांट रहे हैं उपरोक्त उदगार विकास केडिया ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटाईपाली सी में में सायकल वितरण समारोह को संबोधित करते हुए हुए कहा। आगे उन्होंने कहा कि
विद्यालय का अनुशासन,यहां का सौंदर्यीकरण, यहाँ का वातावरण सभी चीजें मन को प्रसन्न करने वाले है। गुरुकुल आश्रम तुरंगा के आचार्य राकेश शास्त्री को ने विद्यालय के सभी व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस विद्यालय के बच्चे अनुशासित होने के साथ साथ सेवाभावी भी है ऐसे बच्चों को गढ़ने वाले विद्यालय के प्राचार्य सहित सभी स्टॉफ को मैं बधाई देता हूं। आगे उन्होंने कहा कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्र में संचालित विद्यालय कटाईपाली सी को यहां के शिक्षकों की सोच ने जिले की अग्रिम पंक्ति में
ला कर खड़ा कर दिया है बारिश की बूंदों के बीच बच्चे अपने दृढ़ संकल्प का परिचय दे रहे हैं उन बच्चों को भी उनकी सफलता के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएं। टी आर एन एनर्जी के सुरक्षा अधिकारी एवं प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष वायुनंदन पांडेय ने सायकल को शिक्षा ग्रहण करने की कड़ियों में एक महत्वपूर्ण साधन बताते हुए कहा कि अब आने जाने के लिए कोई असुविधा भी नहीं होगी और न ही कोई बहाना बनाना पड़ेगा । इस अवसर पर झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के अरुण सिंह,
ग्राम पंचायत तुरंगा सरपंच विभूति जी, उपसरपंच विवेक जी ,शाला विकास समिति के अध्यक्ष हरिशरण राठिया सरपंच भोलेश्वर राठिया, फागुलाल डनसेना, जहाज राम राठिया, मानसिंह राठिया, संतराम राठिया, राजकुमार बेहरा, दिगंबर बेहरा , बालाराम राठिया, अजय डनसेना, धनीराम कमलवंशी सहित विद्यालय के प्राचार्य श्रीमती नीलिमा तम्बोली, व्याख्याता गिरधारी पटेल, राधेश्याम गुप्ता, कु गीता ठाकुर, शीतेष शुक्ला, श्रीमती इंदिरा राठिया, श्रीमती हेमन कुमारी राठिया, रेवा लाल कमलवंशी सहित पालक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन राजीव आर्य के द्वारा किया गया।
- "बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें" - जशपुर पुलिस ने स्कूली विद्यार्थियों को यातायात, साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक "बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें" - जशपुर पुलिस ने स्कूली विद्यार्थियों को यातायात, साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर जिले के शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता अभियान जारी। सेंट जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल (शांति भवन) में छात्र-छात्राओं को दी गई यातायात नियमों, साइबर अपराधों से बचाव और महिला-बाल सुरक्षा की जानकारी। अभिभावकों से पुलिस कप्तान की विशेष अपील: नाबालिगों को वाहन चलाने न दें, सुरक्षित बचपन से ही जिम्मेदार भविष्य की नींव रखें। विस्तृत समाचार: जशपुर जिले के पुलिस कप्तान, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशानुसार जशपुर पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को यातायात नियमों, साइबर सुरक्षा तथा महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के प्रति जागरूक करना है। इसी क्रम में यातायात पुलिस जशपुर द्वारा सेंट जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल (शांति भवन) में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान डीएसपी ट्रैफिक श्री कुंज राम चौहान और ट्रैफिक प्रभारी (उप निरीक्षक) श्री खेमराज ठाकुर ने छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व और यातायात संकेतों के पालन की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, बच्चों को साइबर ठगी से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की स्थिति में वे बिना डरे तत्काल पुलिस को सूचित करें। नाबालिगों के वाहन चलाने पर सख्त चेतावनी: जशपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 18 वर्ष से कम आयु के नाबालिगों द्वारा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में केवल नाबालिग ही नहीं, बल्कि उसके अभिभावक और वाहन स्वामी भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। मोटर व्हीकल एक्ट के कड़े प्रावधानों के तहत: सजा: ₹25,000 तक का जुर्माना अथवा 3 वर्ष तक का कारावास। लाइसेंस व पंजीयन: वाहन का पंजीयन निरस्त किए जाने की कार्रवाई होगी तथा संबंधित नाबालिग को 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। अभिभावकों एवं आमजन से अपील: डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिले के सभी अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। उन्होंने अपना संदेश देते हुए कहा, "बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें। सुरक्षित बचपन ही सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।" जशपुर पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट पहनें, साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहें और एक सुरक्षित व जिम्मेदार समाज के निर्माण में पुलिस का सहयोग करें।3
- अधूरी पुलिया बनी आफत: उफनती नदी में जान हथेली पर रखकर स्कूल पहुंच रहे मासूम, जिम्मेदारों की लापरवाही कब लेगी किसी की जान? *निर्माण कार्य में सुस्ती से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, ठेकेदार और अधिकारियों पर गंभीर सवाल* *बरसात में पितनी नदी बनी मौत का रास्ता, रोजाना जोखिम उठाने को मजबूर स्कूली बच्चे और ग्रामीण* कोरबा। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उतरदा और रामपुर के बीच बहने वाली पितनी नदी पर निर्माणाधीन पुल की धीमी रफ्तार अब आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। बरसात के मौसम में नदी उफान पर है, लेकिन पुल निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने से स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। हालात इतने भयावह हैं कि तेज बहाव के बीच बच्चों का स्कूल जाना किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल का निर्माण महीनों पहले शुरू हुआ था, लेकिन कार्य की गति इतनी धीमी रही कि बरसात आने से पहले इसे पूरा नहीं किया जा सका। अब आधा-अधूरा पुल ग्रामीणों के किसी काम का नहीं है। दूसरी ओर नदी पूरे उफान पर है और मजबूरी में लोगों को तेज बहाव के बीच नदी पार करनी पड़ रही है। सबसे अधिक चिंता उन मासूम बच्चों की है, जो शिक्षा हासिल करने के लिए हर सुबह मौत से मुकाबला कर स्कूल पहुंचते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई बार छोटे-छोटे बच्चे एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी पार करते देखे गए। कई बच्चों के कंधों पर स्कूल बैग और पैरों के नीचे फिसलन भरे पत्थर—ऐसा दृश्य देखकर हर किसी की सांसें थम जाती हैं। जरा सी चूक किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और निर्माण एजेंसी अब भी गहरी नींद में दिखाई दे रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही ने पूरे क्षेत्र को संकट में डाल दिया है। यदि कार्य समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाता तो आज लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं करनी पड़ती। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार की सुस्त कार्यशैली पर किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है। हर दिन बना रहता है हादसे का डर बरसात के दौरान पितनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नदी पार करना बेहद खतरनाक हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पानी का बहाव अचानक तेज हो जाता है, जिससे बच्चों और महिलाओं को संभालना मुश्किल हो जाता है। गांव के लोग एक-दूसरे का सहारा लेकर नदी पार करते हैं, लेकिन यह व्यवस्था कब तक चलेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से नाराजगी ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि कागजों में विकास कार्य तेजी से पूरे होने का दावा किया जाता है, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। अधूरी पुलिया आज पूरे क्षेत्र के लिए आफत बन चुकी है। शिक्षा पर भी पड़ रहा असर माता-पिता का कहना है कि बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल भेजना मजबूरी बन गया है। कई अभिभावक डर के कारण बच्चों को घर पर ही रोक लेते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के अधिकार की बात करने वाला प्रशासन पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। ग्रामीणों की चेतावनी ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा कराया जाए। साथ ही निर्माण में हुई देरी की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी और कोई बड़ा हादसा हो गया, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की होगी। *बड़ा सवाल...* *क्या प्रशासन किसी मासूम की जान जाने का इंतजार कर रहा है?* क्या अधूरी पुलिया की कीमत ग्रामीणों की जिंदगी से चुकाई जाएगी? क्या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सिर्फ फाइलों तक सीमित है? पितनी नदी पर अधूरी पुलिया आज सिर्फ एक अधूरा निर्माण कार्य नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन समय रहते चेतता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद केवल जांच और कार्रवाई का आश्वासन ही मिलता है।2
- त्योहार से पहले सरकार सख्त, चीनी की जमाखोरी पर लगेगी रोक अब एक जगह 4 हजार क्विंटल से ज्यादा चीनी रखने पर कार्रवाई, हर सप्ताह देना होगा स्टॉक का ब्योरा1
- जम्मू-कश्मीर के कुलगाम आतंकी हमले में सक्ती के युवक की मौत, परिवार में पसरा मातम, जम्मू-कश्मीर के कुलगाम आतंकी हमले में सक्ती के युवक की मौत, परिवार में पसरा मातम, जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार रात हुए आतंकवादी हमले में सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड के ग्राम बुंदेली निवासी 21 वर्षीय दीपक रात्रे की मौत हो गई। वह करीब एक वर्ष से अपने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर में ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर रहा था। घटना की सूचना मिलते ही बुंदेली और हरदीडीह गांव में शोक की लहर दौड़ गई। दीपक बचपन से हरदीडीह में रहकर पढ़ाई करता था और उसकी शादी भी वहीं हुई थी। सूचना मिलने पर जैजैपुर पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार में मातम छा गया। दीपक अपने पीछे पत्नी और एक मासूम बच्चे को छोड़ गया है। मृतक के नाना और मामा ने छत्तीसगढ़ एवं जम्मू-कश्मीर सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता देने की मांग की है। वहीं, पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।1
- *बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने वाला आरोपी साहिल एक्का झारसुगुड़ा से गिरफ्तार* 🚨 *अभियान ‘संवेदना’ : 14 वर्षीय गुम नाबालिग बालिका सकुशल दस्तयाब* 🚨 *पॉक्सो एक्ट सहित अपहरण की धाराओं में कार्रवाई, आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजा गया* 🚨 *चक्रधरनगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिजनों को मिली राहत* *रायगढ़, 1 अगस्त* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में संचालित 'अभियान संवेदना' के तहत चक्रधरनगर पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। थाना क्षेत्र से लापता हुई 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को पुलिस ने ओडिशा से सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों के सुपुर्द किया है। वहीं, बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने वाले आरोपी साहिल एक्का को झारसुगुड़ा से गिरफ्तार कर अपहरण एवं पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। जानकारी के अनुसार 31 मई 2026 को महिला ने थाना चक्रधरनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री 30 मई 2026 की दोपहर करीब 3 बजे मेडिकल स्टोर से दवा लेने जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा रिश्तेदारों एवं आसपास काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। शिकायत के आधार पर थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 282/2026 के तहत धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने लगातार तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर सूचना के आधार पर तलाश जारी रखे हुए थी कि 11 जून को नाबालिग बालिका को ट्रांसपोटनगर जूटमिल के पास सकुशल बरामद कर लिया। बालिका का कथन महिला पुलिस अधिकारी उप निरीक्षक वीणा साहू एवं माननीय न्यायालय के समक्ष दर्ज कराया गया तथा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के माध्यम से उसकी काउंसलिंग भी कराई गई। जांच में यह सामने आया कि आरोपी साहिल एक्का ने बालिका को उसके अभिभावकों की सहमति एवं जानकारी के बिना अपने साथ रखा था। तथ्यों के आधार पर प्रकरण में धारा 18 पॉक्सो एक्ट भी जोड़ी गई। हालांकि बालिका ने उसके साथ दुष्कर्म जैसी घटना से इंकार की । विवेचना के दौरान आरोपी के झारसुगुड़ा (ओडिशा) में होने की सूचना मिलने पर 30 जुलाई 2026 को चक्रधरनगर पुलिस, झारसुगुड़ा पहुंची, जहां आरोपी को बाजार, रेल्वे स्टेशन पर तालाश किया गया, तभी जानकारी मिला कि आरोपी साहिल एक्का झारसुगुडा स्टेशन के आसपास घूमता रहता है । पुलिस टीम ने स्टेशन पर घात लगाकर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी साहिल एक्का पिता स्वर्गीय सुनील एक्का, उम्र 23 वर्ष, निवासी रामभांठा जवाहर नगर, थाना सिटी कोतवाली, जिला रायगढ़ के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। गुम नाबालिग बालिका की सकुशल बरामदगी एवं आरोपी की गिरफ्तारी में उप निरीक्षक दिनेश मिंज, प्रधान आरक्षक संजय तिवारी एवं आरक्षक दिलीप भानू की विशेष भूमिका रही। रायगढ़ पुलिस द्वारा 'अभियान संवेदना' के तहत गुमशुदा बच्चों की तलाश एवं उनके विरुद्ध अपराध करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है। 👉🏻 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* *"रायगढ़ पुलिस के लिए प्रत्येक गुमशुदा बालक-बालिका की सुरक्षित वापसी सर्वोच्च प्राथमिकता है। 'अभियान संवेदना' के माध्यम से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ उन्हें बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।"*2