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देश के नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा की अव्यवस्थाओं को लेकर आम यात्रियों और वाहन चालकों में भारी रोष है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियमों के मुताबिक, यदि टोल बूथ पर 100 मीटर से अधिक लंबी लाइन लगती है तो वाहनों को बिना टोल दिए पास कराया जाना चाहिए, लेकिन टोल कर्मचारी इसका पालन नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा, FASTag व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद भी टोल प्लाजा पर 'कैश लाइन' के नाम पर मनमानी के आरोप लग रहे हैं। देश भर से टोल व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और टोल वसूली पर रोक लगाने की मांग उठ रही है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं और उनसे इस्तीफे की मांग की जा रही है।

4 hrs ago
user_@liveatn
@liveatn
Classified ads newspaper publisher हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

देश के नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा की अव्यवस्थाओं को लेकर आम यात्रियों और वाहन चालकों में भारी रोष है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियमों के मुताबिक, यदि टोल बूथ पर 100 मीटर से अधिक लंबी लाइन लगती है तो वाहनों को बिना टोल दिए पास कराया जाना चाहिए, लेकिन टोल कर्मचारी इसका पालन नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा, FASTag व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद भी टोल प्लाजा पर 'कैश लाइन' के नाम पर मनमानी के आरोप लग रहे हैं। देश भर से टोल व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और टोल वसूली पर रोक लगाने की मांग उठ रही है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं और उनसे इस्तीफे की मांग की जा रही है।

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  • देश के नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा की अव्यवस्थाओं को लेकर आम यात्रियों और वाहन चालकों में भारी रोष है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियमों के मुताबिक, यदि टोल बूथ पर 100 मीटर से अधिक लंबी लाइन लगती है तो वाहनों को बिना टोल दिए पास कराया जाना चाहिए, लेकिन टोल कर्मचारी इसका पालन नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा, FASTag व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद भी टोल प्लाजा पर 'कैश लाइन' के नाम पर मनमानी के आरोप लग रहे हैं। देश भर से टोल व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और टोल वसूली पर रोक लगाने की मांग उठ रही है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं और उनसे इस्तीफे की मांग की जा रही है।
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    देश के नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा की अव्यवस्थाओं को लेकर आम यात्रियों और वाहन चालकों में भारी रोष है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियमों के मुताबिक, यदि टोल बूथ पर 100 मीटर से अधिक लंबी लाइन लगती है तो वाहनों को बिना टोल दिए पास कराया जाना चाहिए, लेकिन टोल कर्मचारी इसका पालन नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा, FASTag व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद भी टोल प्लाजा पर 'कैश लाइन' के नाम पर मनमानी के आरोप लग रहे हैं।

देश भर से टोल व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और टोल वसूली पर रोक लगाने की मांग उठ रही है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं और उनसे इस्तीफे की मांग की जा रही है।
    user_@liveatn
    @liveatn
    Classified ads newspaper publisher हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • देश में टोल टैक्स को लेकर बहस तेज होती जा रही है। जनता का कहना है कि पहले से ही रोड टैक्स, जीएसटी, पेट्रोल पर टैक्स और अन्य शुल्क चुकाने के बाद टोल टैक्स देना अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर लोग टोल वसूली की अवधि, सड़कों की गुणवत्ता और बढ़ते खर्च को लेकर सवाल उठा रहे हैं। सरकार का तर्क है कि टोल टैक्स से सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए संसाधन जुटाए जाते हैं। हालांकि, जनता का मानना है कि टोल वसूली के बावजूद सड़कों की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है। लोग यह भी सवाल कर रहे हैं कि आखिर टोल टैक्स की राशि कहाँ जा रही है और सड़कों की हालत में सुधार क्यों नहीं हो रहा है। यह बहस थमने का नाम नहीं ले रही है और जनता की नाराजगी बढ़ती जा रही है। अलग-अलग पक्षों की अपनी-अपनी राय और तर्क हैं, लेकिन टोल टैक्स को लेकर जनता की चिंताएँ बढ़ती ही जा रही हैं।
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    देश में टोल टैक्स को लेकर बहस तेज होती जा रही है। जनता का कहना है कि पहले से ही रोड टैक्स, जीएसटी, पेट्रोल पर टैक्स और अन्य शुल्क चुकाने के बाद टोल टैक्स देना अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर लोग टोल वसूली की अवधि, सड़कों की गुणवत्ता और बढ़ते खर्च को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

सरकार का तर्क है कि टोल टैक्स से सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए संसाधन जुटाए जाते हैं। हालांकि, जनता का मानना है कि टोल वसूली के बावजूद सड़कों की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है। लोग यह भी सवाल कर रहे हैं कि आखिर टोल टैक्स की राशि कहाँ जा रही है और सड़कों की हालत में सुधार क्यों नहीं हो रहा है।

यह बहस थमने का नाम नहीं ले रही है और जनता की नाराजगी बढ़ती जा रही है। अलग-अलग पक्षों की अपनी-अपनी राय और तर्क हैं, लेकिन टोल टैक्स को लेकर जनता की चिंताएँ बढ़ती ही जा रही हैं।
    user_Naved khan
    Naved khan
    हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • भारत में सड़कों का विकास और टोल टैक्स का मुद्दा एक दिलचस्प विरोधाभास प्रस्तुत करता है। एक ओर सरकार और नितिन गडकरी जैसे मंत्री सड़कों के विकास और नई परियोजनाओं की घोषणा करते हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता को इन सड़कों पर चलने के लिए बार-बार भुगतान करना पड़ता है। गाड़ी खरीदते समय रोड टैक्स, गाड़ी पर जीएसटी, पेट्रोल पर टैक्स, इंश्योरेंस, फिटनेस और प्रदूषण प्रमाणपत्र के अलावा, सड़क पर निकलते ही टोल टैक्स अलग से देना पड़ता है। ऐसा लगता है कि गाड़ी सड़क पर कम और टैक्स के जंगल में ज़्यादा दौड़ रही है। टोल प्लाज़ा पर अक्सर ऐसा देखा जाता है कि पांच मिनट का रास्ता बचाने के लिए दस मिनट की लाइन में लगना पड़ता है, जबकि बोर्ड पर 'सुगम यात्रा' लिखा होता है। सरकार का दावा है कि टोल से सड़क का रखरखाव होता है, लेकिन जनता का सवाल है कि फिर हर बरसात में सड़कें गड्ढों में क्यों बदल जाती हैं? टोल वसूली की अवधि बढ़ती ही क्यों जा रही है? जनता को लगता है कि सड़क का खर्च कभी न कभी पूरा हो जाएगा, लेकिन टोल प्लाज़ा बताते हैं कि विकास की कहानी का अंतिम अध्याय अभी लिखा ही नहीं गया है। हाल ही में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे ने राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है, और अब यह चर्चा होने लगी है कि टोल टैक्स का मुद्दा भी ऐसा न बन जाए कि विपक्ष के भाषणों का मुख्य विषय और जनता के गुस्से का नया केंद्र बन जाए। राजनीति में कुर्सियां कई बार बड़े-बड़े मुद्दों से नहीं, छोटे-छोटे जनाक्रोश से भी हिल जाती हैं। गडकरी जी को लोग काम करने वाला मंत्री मानते हैं, लेकिन राजनीति केवल काम से नहीं, जनता की धारणा से भी चलती है। यदि जनता को यह लगने लगे कि सड़कें तो शानदार हैं, लेकिन उन पर चलना महंगा होता जा रहा है, तो विरोध की रफ्तार भी एक्सप्रेसवे से कम नहीं होगी। विकास और वसूली के बीच संतुलन भी जरूरी है। जनता अच्छी सड़कें चाहती है, लेकिन हर मोड़ पर जेब हल्की होने का अहसास नहीं। आखिर सड़क पर चलने वाला वही नागरिक है जिसने टैक्स देकर सरकार बनाई, गाड़ी खरीदी, पेट्रोल खरीदा और फिर उसी सड़क पर चलने के लिए दोबारा भुगतान भी किया। इसलिए गडकरी जी, देश को अच्छी सड़कें दीजिए, आधुनिक पुल बनाइए, एक्सप्रेसवे का जाल बिछाइए, लेकिन जनता को यह भरोसा भी दिलाइए कि विकास केवल टोल की रसीदों से नहीं मापा जाएगा। वरना कहीं ऐसा न हो कि आने वाले दिनों में लोग सड़क की गुणवत्ता से कम और टोल की रसीद से ज़्यादा परेशान दिखाई दें।
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    भारत में सड़कों का विकास और टोल टैक्स का मुद्दा एक दिलचस्प विरोधाभास प्रस्तुत करता है। एक ओर सरकार और नितिन गडकरी जैसे मंत्री सड़कों के विकास और नई परियोजनाओं की घोषणा करते हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता को इन सड़कों पर चलने के लिए बार-बार भुगतान करना पड़ता है। गाड़ी खरीदते समय रोड टैक्स, गाड़ी पर जीएसटी, पेट्रोल पर टैक्स, इंश्योरेंस, फिटनेस और प्रदूषण प्रमाणपत्र के अलावा, सड़क पर निकलते ही टोल टैक्स अलग से देना पड़ता है। ऐसा लगता है कि गाड़ी सड़क पर कम और टैक्स के जंगल में ज़्यादा दौड़ रही है।

टोल प्लाज़ा पर अक्सर ऐसा देखा जाता है कि पांच मिनट का रास्ता बचाने के लिए दस मिनट की लाइन में लगना पड़ता है, जबकि बोर्ड पर 'सुगम यात्रा' लिखा होता है। सरकार का दावा है कि टोल से सड़क का रखरखाव होता है, लेकिन जनता का सवाल है कि फिर हर बरसात में सड़कें गड्ढों में क्यों बदल जाती हैं? टोल वसूली की अवधि बढ़ती ही क्यों जा रही है? जनता को लगता है कि सड़क का खर्च कभी न कभी पूरा हो जाएगा, लेकिन टोल प्लाज़ा बताते हैं कि विकास की कहानी का अंतिम अध्याय अभी लिखा ही नहीं गया है।

हाल ही में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे ने राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है, और अब यह चर्चा होने लगी है कि टोल टैक्स का मुद्दा भी ऐसा न बन जाए कि विपक्ष के भाषणों का मुख्य विषय और जनता के गुस्से का नया केंद्र बन जाए। राजनीति में कुर्सियां कई बार बड़े-बड़े मुद्दों से नहीं, छोटे-छोटे जनाक्रोश से भी हिल जाती हैं। गडकरी जी को लोग काम करने वाला मंत्री मानते हैं, लेकिन राजनीति केवल काम से नहीं, जनता की धारणा से भी चलती है। यदि जनता को यह लगने लगे कि सड़कें तो शानदार हैं, लेकिन उन पर चलना महंगा होता जा रहा है, तो विरोध की रफ्तार भी एक्सप्रेसवे से कम नहीं होगी।

विकास और वसूली के बीच संतुलन भी जरूरी है। जनता अच्छी सड़कें चाहती है, लेकिन हर मोड़ पर जेब हल्की होने का अहसास नहीं। आखिर सड़क पर चलने वाला वही नागरिक है जिसने टैक्स देकर सरकार बनाई, गाड़ी खरीदी, पेट्रोल खरीदा और फिर उसी सड़क पर चलने के लिए दोबारा भुगतान भी किया। इसलिए गडकरी जी, देश को अच्छी सड़कें दीजिए, आधुनिक पुल बनाइए, एक्सप्रेसवे का जाल बिछाइए, लेकिन जनता को यह भरोसा भी दिलाइए कि विकास केवल टोल की रसीदों से नहीं मापा जाएगा। वरना कहीं ऐसा न हो कि आने वाले दिनों में लोग सड़क की गुणवत्ता से कम और टोल की रसीद से ज़्यादा परेशान दिखाई दें।
    user_Mohammad faisal
    Mohammad faisal
    हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • भोपाल के राजधानी यादव समाज के चुनाव में अध्यक्ष पद पर रामस्वरूप यादव ने तीसरी बार भारी मतों से जीत हासिल की है। समाज ने उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें भारी मतों से विजयी बनाया। इस चुनाव में रामस्वरूप यादव ने अध्यक्ष पद पर हैट्रिक लगा दी है। समाज के सदस्यों ने उनके कार्यों की सराहना की और उन्हें पुनः अध्यक्ष निर्वाचित किया।
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    भोपाल के राजधानी यादव समाज के चुनाव में अध्यक्ष पद पर रामस्वरूप यादव ने तीसरी बार भारी मतों से जीत हासिल की है। समाज ने उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें भारी मतों से विजयी बनाया। इस चुनाव में रामस्वरूप यादव ने अध्यक्ष पद पर हैट्रिक लगा दी है। समाज के सदस्यों ने उनके कार्यों की सराहना की और उन्हें पुनः अध्यक्ष निर्वाचित किया।
    user_Pradesh Prasar
    Pradesh Prasar
    Media house हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मध्य प्रदेश में स्थित भोपाल के हुज़ूर में नागरिक स्वतंत्रता परियोजना (CJP) ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। CJP का दावा है कि सरकार ने उनके साथ धोखा किया है और गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को अभी तक रिहा नहीं किया गया है। CJP ने एक वीडियो में यह बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने पूरी खबर और अपने बड़े आरोपों का जिक्र किया है। CJP ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सरकार ने उनके साथ धोखा किया है और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को नहीं छोड़ा है।
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    मध्य प्रदेश में स्थित भोपाल के हुज़ूर में नागरिक स्वतंत्रता परियोजना (CJP) ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। CJP का दावा है कि सरकार ने उनके साथ धोखा किया है और गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को अभी तक रिहा नहीं किया गया है।

CJP ने एक वीडियो में यह बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने पूरी खबर और अपने बड़े आरोपों का जिक्र किया है। CJP ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सरकार ने उनके साथ धोखा किया है और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को नहीं छोड़ा है।
    user_HIGH NEWS LIVE
    HIGH NEWS LIVE
    Media house हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर सनवर पटेल ने बुरहानपुर की एक वायरल बच्ची की मदद के लिए मानवता की एक बेहद सराहनीय मिसाल पेश की है। इस बच्ची के कान की मशीन के लिए करीब साढ़े चार लाख रुपए की राशि जुटाई गई, जिससे बच्ची को सुनने में मदद मिल सकेगी। डॉक्टर सनवर पटेल के इस उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य की भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष अब्दुल सलीम ने जमकर सराहना की। अब्दुल सलीम ने डॉक्टर सनवर पटेल का जोरदार स्वागत करते हुए उनके इस नेक और मानवीय कार्य की प्रशंसा की। मुश्किल वक्त में जरूरतमंद बच्ची की मदद के लिए आगे आकर डॉक्टर सनवर पटेल ने समाज के सामने इंसानियत और सेवा की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। वक्फ़ बोर्ड अध्यक्ष डॉ सनवर पटेल और जिला भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा उपाध्यक्ष ए आर राजू ने भी इस नेक काम में अपना योगदान दिया।
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    मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर सनवर पटेल ने बुरहानपुर की एक वायरल बच्ची की मदद के लिए मानवता की एक बेहद सराहनीय मिसाल पेश की है। इस बच्ची के कान की मशीन के लिए करीब साढ़े चार लाख रुपए की राशि जुटाई गई, जिससे बच्ची को सुनने में मदद मिल सकेगी। डॉक्टर सनवर पटेल के इस उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य की भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष अब्दुल सलीम ने जमकर सराहना की। अब्दुल सलीम ने डॉक्टर सनवर पटेल का जोरदार स्वागत करते हुए उनके इस नेक और मानवीय कार्य की प्रशंसा की। मुश्किल वक्त में जरूरतमंद बच्ची की मदद के लिए आगे आकर डॉक्टर सनवर पटेल ने समाज के सामने इंसानियत और सेवा की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

वक्फ़ बोर्ड अध्यक्ष डॉ सनवर पटेल और जिला भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा उपाध्यक्ष ए आर राजू ने भी इस नेक काम में अपना योगदान दिया।
    user_शाहिद खान रिपोर्टर
    शाहिद खान रिपोर्टर
    Journalist हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • CJP के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर एक 70 वर्षीय महिला ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यह घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। महिला ने प्रदर्शनकारियों की टिप्पणियों की तीखी आलोचना की और उन्हें अनुचित बताया। इस वीडियो को देखने के बाद लोग सोशल मीडिया पर अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। कुछ लोग महिला की प्रतिक्रिया का समर्थन कर रहे हैं, जबकि अन्य प्रदर्शनकारियों के पक्ष में हैं। इस घटना ने राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर बहस छेड़ दी है।
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    CJP के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर एक 70 वर्षीय महिला ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यह घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। महिला ने प्रदर्शनकारियों की टिप्पणियों की तीखी आलोचना की और उन्हें अनुचित बताया। इस वीडियो को देखने के बाद लोग सोशल मीडिया पर अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। कुछ लोग महिला की प्रतिक्रिया का समर्थन कर रहे हैं, जबकि अन्य प्रदर्शनकारियों के पक्ष में हैं। इस घटना ने राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर बहस छेड़ दी है।
    user_Naved khan
    Naved khan
    हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के आनंदनगर इलाके में एक मामूली ओवरटेक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। जानकारी के मुताबिक, एक युवक ने महिला एक्टिवा चालक को ओवरटेक किया, जिससे नाराज़ महिला और उसके सगे भाई ने युवक से विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह विवाद एक जानलेवा हमले में बदल गया। दोनों ने मिलकर युवक पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घायल युवक का अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
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    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के आनंदनगर इलाके में एक मामूली ओवरटेक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। जानकारी के मुताबिक, एक युवक ने महिला एक्टिवा चालक को ओवरटेक किया, जिससे नाराज़ महिला और उसके सगे भाई ने युवक से विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह विवाद एक जानलेवा हमले में बदल गया। दोनों ने मिलकर युवक पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घायल युवक का अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
    user_K K D NEWS MP/CG
    K K D NEWS MP/CG
    TV News Anchor हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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